: आदित्य भवन के गौशाला में हुआ पूजन, दिलाया गया संकल्प
Tue, Apr 29, 2025
आदित्य भवन के गौशाला में हुआ पूजन, दिलाया गया संकल्पअयोध्या के आदित्य भवन के महाराज जी के साथ रामनगरी अयोध्या के विशिष्ट संतों ने किया गौशाला पूजन,संतों का हुआ अभिनन्दनअयोध्या। रामनगरी के आदित्य भवन समाजसेवी में अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आदित्य भवन ट्रस्ट की ओर से एक विशाल गौशाला का विधिवत पूजन किया गया। यह गौशाला करीब 8 एकड़ में बना है जो पूर्णता आधुनिक रुप से बना है,जहां पर सौकड़ों गौवंश की सेवा की जा रही है।आदित्य भवन के महाराज जी ने गौवंशों का पूजन अर्चन कर गौ सेवा और गौ रक्षा का संकल्प भी लिया। इस पूजन के कार्यक्रम में लगातार दो दिनों तक रामनगरी के विशिष्ट संतों का समागम हुआ। आदित्य भवन के ओर से आये हुए अतिथियों का स्वागत भी किया गया। आदित्य भवन से जुड़े हरिओम राय कहते है हमारे महाराज जी कहते है भगवान सभी जगह है जीवों में भी भगवान है। सभी की सेवा करनी चाहिए।उन्होंने कहा कि इस पूजन कार्यक्रम में आये सभी संतों का विशेष सम्मान किया गया। इस मौके पर हनुमान बाग पीठाधीश्वर श्रीमहंत जगदीश दास, निर्वाणी अनि अखाड़ा के महासचिव महंत नंदराम दास, जगद्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य, मंगल भवन पीठाधीश्वर श्रीअर्जुनद्वाराचार्य स्वामी कृपालु रामभूषणदेवाचार्य, रसिक पीठाधीश्वर महंत जन्मेजय शरण, महंत अवधेश दास,महंत रामकुमार दास, महंत गिरीश दास, महंत हरिभजन दास, महंत जनार्दन दास, संत रामनंदन दास सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।
: राम मंदिर की पहली परिक्रमा करेंगे हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन: महंत डा महेश दास
Tue, Apr 29, 2025
राम मंदिर की पहली परिक्रमा करेंगे हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन: महंत डा महेश दास इतिहास के स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगा यह ऐतिहासिक शाही यात्रा: मामा दासअयोध्या। श्रीहनुमानगढ़ी की सदियों पुरानी परंपरा में एक नया आयाम आज जुड़ने जा रहा है। आज अक्षय तृतीया के पुनीत पर्व पर श्रीहनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन श्रीमहंत प्रेमदास जी हनुमान जी महाराज के प्रतिनिधि के रूप में रामलला के दर्शन करने जाएंगे। यह दर्शन सामान्य नहीं होगा। राजसी वैभव के साथ गद्दीनशीन करीब एक हजार साधु-संतों व भक्तों के साथ भव्य शोभायात्रा के माध्यम से रामलला के दरबार में पहुंचेगे। वे राम मंदिर की पहली परिक्रमा भी करेंगे। इसी दिन से मंदिर के परिक्रमा की शुरूआत होगी।श्रीहनुमानगढ़ी की परंपरा में 52 बीघा के बाहर कोई भी गद्दीनशीन महंत नहीं जा सकता। यह पहला अवसर होगा जब गद्दीनशीन शाही अंदाज में हनुमानगढ़ी परिसर से बाहर निकलेंगे। हनुमानगढ़ी में गद्दीनशीन महंत को बजरंग बली का प्रतिनिधि माना जाता है। चूंकि बजरंगबली अयोध्या के राजा के रूप में पूजित प्रतिष्ठित हैं। इसलिए गद्दीनशीन महंत जब रामलला के दर्शन को निकलेंगे तो व्यवस्था शाही अंदाज में होगी। आयोजन को लेकर हनुमानगढ़ी अखाड़ा के संतों ने सारी तैयारियां पूरी कर ली है।गद्दीनशीन श्री महंत प्रेमदास जी महाराज के प्रधान सेवक महंत डा महेश दास ने बताया कि गद्दीनशीन श्रीमहंत जी महाराज आज अक्षय तृतीया को सुबह सात बजे हजारों की संख्या में नागा साधुओं व भक्तों के साथ हनुमानगढ़ी से बाहर निकलकर रामलला के दर्शन करेंगे। हनुमानगढ़ी से एक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो सरयू तट तट पहुंचेगी। शोभायात्रा में हाथी, घोड़े, ऊंट, बैंड-बाजा सहित हनुमानगढ़ी का शाही निशान शामिल होगा। सरयू तट पर पूजन-अर्चन के बाद शोभायात्रा रामपथ होते हुए क्षीरेश्वरनाथ मंदिर पहुंचेगी। यहां हनुमानगढ़ी के निशान की पूजा-अर्चना की जाएगी। 20 से 25 विशिष्ट महंत गेट नंबर तीन से राम मंदिर में प्रवेश करेंगे। बाकी नागा साधुओं को बिड़ला धर्मशाला के सामने से राम मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। सुरक्षा के लिहाज से केवल ध्वज पताका, छड़ी व निशान ही मंदिर में जाएगा, बाकी शस्त्र नहीं जाएंगे। हनुमानगढ़ी के संत समाजसेवी प्रभु दास उर्फ मामा दास महाराज ने बताया कि हनुमानगढ़ी ही नहीं अयोध्या के इतिहास में आज बुधवार यानि 30 अप्रैल अक्षय तृतीया का दिन स्वर्णिम अक्षरों से दर्ज होने जा रहा है क्योंकि अभी तक हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीनजी जी शाही निशान के साथ भगवान रामलला का दर्शन करेंगे।श्री महाराज जी के दर्शन और स्वागत की तैयारी हनुमानगढ़ी के नागा संत ही नहीं बल्कि पूरी अयोध्या के लोगों ने किया है, क्योंकि यह अपने आप दर्शन की योजना नहीं है, हनुमान जी महाराज ने गद्दी नशीन महाराज जी को प्रेरित किया अब यह तैयारी चल रही हैं। उन्होंने बताया यह शोभायात्रा सभी मामलों में ऐतिहासिक होगी क्योंकि इसकी तैयारी स्वयं हनुमान जी महाराज करा रहे हैं। हनुमान जी महाराज से बड़ा राम जी का कोई सेवक नहीं है। हम नागा संत हनुमानजी की सेवा करते हैं, क्योंकि वह अयोध्या के राजा हैं तो राजा के सैनिक के रूप में हम सभी कार्य करते हैं और हमारे मुखिया गद्दी नशीन जी महाराज है। साथ ही अखाड़े के मुख्तार जयप्रकाश श्रीवास्तव भी मौजूद रहें।
: श्रीराम मंदिर के शिखर पर विधि विधान से स्थापित हुआ ध्वज दंड
Tue, Apr 29, 2025
श्रीराम मंदिर के शिखर पर विधि विधान से स्थापित हुआ ध्वज दंडतीन महीने में बनाया गया 42 फिट ऊंचा ध्वज दंडअयोध्या। वैशाख शुक्ल द्वितीया मंगलवार को प्रातः आठ बजे श्री राम जन्मभूमि मन्दिर के मुख्य शिखर पर विधि विधान पूर्वक ध्वज दंड स्थापित किया गया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि हिंदी महीने के अनुरूप वैशाख शुक्ल द्वितीया परशुराम जयंती दिन मंगलवार 29 अप्रैल 2025 को राम मंदिर के मुख्य शिखर पर ध्वज दंड स्थापित कर दिया गया। ध्वज दंड लगाने की प्रक्रिया प्रातः 6ः30 बजे प्रारंभ हुई और 8ः00 बजे संपन्न हुई।इस मौके पर लार्सन एंड टुब्रो व टाटा कंसल्टेंसी के इंजीनियर के साथ ध्वज दंड निर्माता गुजरात निवासी भरत भाई, पत्थरों की नक्काशी करने वाले ठेकेदार नरेश मालवीय, पत्थरों के कार्य का सुपरविजन करने वाले चंद्रशेखर सोमपुरा के साथ एक बड़ी टीम मौजूद रही। 160 फीट की ऊंचाई पर शिखर के पास लार्सन एंड टुब्रो व टाटा कंसलटेंसी के इंजीनियर ऊपर चढ़कर मौजूद रहे। दो क्रेन की सहायता से ध्वज दंड को ट्राला के ऊपर से उठाया गया। धीरे-धीरे वर्टिकल खड़ा हुआ। इसके बाद टावर क्रेन के माध्यम से ध्वज दंड को शिखर पर स्थापित कर दिया गया। आने वाले युगों तक यह ध्वज दंड प्रभु श्रीराम के आदर्शों का स्मरण कराता रहेगा और भक्तों को भक्ति-पथ पर अग्रसर करने के लिए प्रेरणा देता रहेगा। राम मंदिर में स्थापित किया गया 42 फिट ऊंचा ध्वज दंड साढ़े 5 टन के कांस्य से बना है। इसे गुजरात के अहमदाबाद में तीन महीने में बनाया गया था। 161 फिट ऊंचे मंदिर के शिखर पर 42 फिट ऊंचा ध्वज दंड की स्थापना मंगलवार को की गई।