: तपस्वी छावनी मंदिर का विवाद फिर गहराया, समर्थन में आया हनुमानगढ़ी
Mon, May 5, 2025
तपस्वी छावनी मंदिर का विवाद फिर गहराया, समर्थन में आया हनुमानगढ़ीहनुमानगढ़ी ने तपस्वी छावनी का समर्थन किया, संतों ने मंदिर की सुरक्षा का संकल्प लिया, प्रशासन ने न्याय दिलाने का आश्वासन दियातपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगदगुरु परमहंस आचार्य ने सुरक्षा में कटौती और मंदिर पर कब्जा करने की कोशिशों के खिलाफ हनुमानगढ़ी से मदद मांगीअयोध्या। अयोध्या के तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर, जगदगुरु परमहंस आचार्य ने आरोप लगाया है कि उनकी सुरक्षा में कटौती कर दी गई है, इसके बाद उन्हें अपने मंदिर तपस्वी छावनी पर कब्जा किए जाने का डर सता रहा है। उसके लेकर वह हनुमानगढ़ी से मदद की मांग की।
हनुमानगढ़ी मंदिर के महंतों और संतों ने तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर का समर्थन करते हुए मंदिर पर कब्जा करने के प्रयासों का विरोध किया। उज्जैनिया पट्टी के श्रीमहंत संत राम दास जी के स्थान पर बकायदा एक बैठक करके नागा संतों ने मंदिर की सुरक्षा का संकल्प लिया साथ ही
प्रशासन ने न्याय दिलाने का आश्वासन भी दिया।और हनुमानगढ़ी के अन्य महंतों ने एकजुट होकर इस मुद्दे पर कदम उठाने की घोषणा की।
तपस्वी छावनी मंदिर पर लंबे समय से विवाद चल रहा है। महंत जगदगुरु परमहंस आचार्य के गुरु महंत सर्वेश्वर दास के निधन के बाद मंदिर पर कब्जा करने की कोशिशें जारी हैं। इसके बाद हनुमानगढ़ी ने महंत को पीठाधीश्वर के रूप में नियुक्त किया था।
जगदगुरु परमहंस आचार्य ने बताया कि उनकी सुरक्षा अचानक हटा दी गई, जिससे उन्हें यह स्पष्ट आभास हुआ कि मंदिर पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि गुजरात के एक व्यक्ति द्वारा मंदिर पर कब्जा करने की लगातार कोशिश हो रही है।
प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन श्रीमहंत प्रेमदास जी महाराज जी के प्रधान शिष्य हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य महंत डा महेश दास ने साफ किया कि वह हर समय तपस्वी छावनी के साथ हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हनुमानगढ़ी ने हमेशा तपस्वी छावनी की गरिमा और सुरक्षा के लिए संघर्ष किया है और वे अब भी साथ खड़े हैं।
तो वही निर्वाणी अनि अखाड़ा के महासचिव महंत नंदरामदास ने बताया कि प्रशासन उनके साथ है और उन्हें न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि यहां के लोग हमेशा विवाद उत्पन्न करने की कोशिश करते हैं, लेकिन प्रशासन न्याय दिलाने में उनकी मदद करेगा। हनुमानगढ़ी के नागा संत समाजसेवी मामा दास ने कहा कि हनुमानगढ़ी ने तपस्वी छावनी की गरिमा को बचाने में अहम भूमिका निभाई है और अब भी इस मुद्दे पर संघर्ष जारी रखे हुए हैं। हनुमानगढ़ी के महंतों ने पुष्टि की है कि वे पूरी तरह से तपस्वी छावनी के पक्ष में खड़े हैं। इस मौके पर कल्याण दास, उपेंद्र दास, सूर्यभान दास, लवकुश दास सहित बड़ी संख्या में नागा साधु संत मौजूद रहें।
: गुरुदेव भजनानंदी हाेने के साथ साथ अप्रतिम प्रतिभा के धनी संत थे: महंत रामकिशोर दास
Sat, May 3, 2025
गुरुदेव भजनानंदी हाेने के साथ साथ अप्रतिम प्रतिभा के धनी संत थे: महंत रामकिशोर दाससिद्धपीठ हनुमानकिला मंदिर के महंत रामभजन दास को संतों ने किया नमनअयोध्या। सिद्धपीठ हनुमानकिला मंदिर रामघाट अयोध्या धाम के साकेतवासी महंत रामभजन दास रामायणी महाराज काे संताें ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी। शुक्रवार को महंत रामभजन दास का त्रयाेदश संस्कार रहा। तेरहवीं भंडारे पर उपस्थित संत-महंतों ने उनके चित्रपट पर श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया। संताें द्वारा महंत के कृतित्व-व्यक्तित्व का बखान भी किया गया। विगत दिनों महंत रामभजन दास रामायणी महाराज का 92 वर्ष की अवस्था में साकेतवास हो गया था। वह पिछले कुछ महीनाें से बीमार चल रहे थे। जिनका क्रिया-कर्म उनके उत्तराधिकारी रामकिशोर दास ने किया। उन्होंने अपने जीवनकाल में ही रामकिशोर दास काे अपना उत्तराधिकारी नियुक्त कर दिया था। तब से रामकिशोर दास ही हनुमानकिला मंदिर की व्यवस्था संभाल रहे हैं और उन्होंने गुरुदेव की खूब सेवा किया। महंत रामकिशोर दास ने कहा कि उनके गुरुदेव भजनानंदी हाेने के साथ साथ अप्रतिम प्रतिभा के धनी संत थे। वह आज हम सबके बीच नही हैं। जिनकी कमी बहुत ही अखर रही है। भविष्य में उस रिक्त स्थान की पूर्ति कभी नही की जा सकती है। उनकी यश और कीर्ति सदैव हम लोगों के साथ रहेगी। गुरुदेव के बतलाए हुए मार्ग का अनुसरण कर आगे बढ़ेंगे। मठ का सर्वांगीण विकास करेंगे। आश्रम में ठाकुरजी की सेवा संग गाै, संत, विद्यार्थी, आगंतुक सेवा सुचार रूप से चलती रहेगी। अंत में महंत रामकिशोर दास व महंत शिवराम दास ने पधारे हुए संत-महंताें काे भेंट-विदाई दिया। त्रयाेदश संस्कार पर महंत कमलनयन दास, जगदगुरु रामानंदाचार्य रामदिनेशाचार्य, जगदगुरु परमहंसाचार्य, महंत जन्मेजय शरण, महंत अवधेश दास, महंत अयोध्या दास, महंत रामानंद दास, महंत उमेश दास,महंत भरत दास शास्त्री, नंदराम दास, महंत अवधकिशाेर शरण, महंत सच्चिदानंद दास, महंत रामलाेचन शरण, महंत गिरीश दास, महंत शशिकांत दास, महंत रामजी शरण,राजगोपाल मंदिर के सर्वेश्वर दास शरद जी, महंत वीरेंद्र दास, महंत प्रियाशरण, महंत प्रियाप्रीतम शरण, महंत राममिलन दास, स्वामी छविराम दास, महंत जनार्दन दास, महंत रामकुमार दास, महंत श्रीधर दास, महंत उत्तम दास, महंत भूषण दास, महंत सीताराम दास, महंत कमलादास, महंत चंद्रशेखर दास, महंत रामअवध दास, महंत धर्मदास, महंत शिवराम दास, पुजारी रमेश दास, महंत अवनीश दास, महंत रामलखन शरण, महंत अशोक दास, महंत रामप्रकाश दास, महंत तुलसीदास दास आदि उपस्थित रहे।
: अयोध्या विश्व स्तरीय धार्मिक पर्यटन नगरी बन रही है: राजकुमार दास
Thu, May 1, 2025
अयोध्या विश्व स्तरीय धार्मिक पर्यटन नगरी बन रही है: राजकुमार दासपरिक्रमा मार्ग के पास श्री रामकृष्ण कृपा धाम का हुआ भूमि पूजनभगवान शंकर की 108 फुट की मूर्ति के अलावा खाटू श्याम जी की मूर्ति स्थापित होगी:बृजेंद्र गुप्ताअयोध्या। पंचकोसी परिक्रमा मार्ग स्थित मौनी बाबा क्षेत्र में श्री रामकृष्ण कृपा धाम का भूमि पूजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अधिकारी राजकुमार दास ने कहा कि रामनगरी में भगवान शिव की 108 फुट की मूर्ति स्थापित होगी। इससे राम व शिव की अभिन्नता भी प्रतिपादित होती नजर आएगी। अयोध्या विश्व स्तरीय धार्मिक पर्यटन नगरी बन रही है। जगद्गुरु रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य ने कहा कि श्री रामकृष्ण कृपा धाम का प्रकल्प साधु-संत व जरूरतमंदों की सेवा का केंद्र बनेगा इसकी पूरी उम्मीद है। महंत रामदास नाका हनुमानगढ़ी ने कहा कि आज अयोध्या नित नए वैभव को प्राप्त कर रही है। यह शिव मंदिर अयोध्या के वैभव में चार लगाने का काम करेगा। विहिप के चांद केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज ने कहा कि राम मंदिर निर्माण से अयोध्या का वैभव बढ़ा है। अब शिव मंदिर भी बनने जा रहा है, इससे अयोध्या में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। ट्रस्ट के प्रधान अध्यक्ष बृजेंद्र गुप्ता ने बताया कि भगवान शंकर की 108 फुट की मूर्ति के अलावा खाटू श्याम जी की मूर्ति स्थापित होगी। यह जयपुर में बन रही है। राधा कृष्ण, राम दरबार, रानी सती कामंदिर भी बनेगा। भूमि पूजन की अध्यक्षता महंत कमलनयन दास ने की। इस अवसर पर महंत रामजी शरण, महंत जनार्दन दास, महंत गिरीश दास, महंत शशिकांत दास, महंत मनीष दास, सत्यनारायण मित्तल, भगवान बंसल, एसके हवेलिया, आचार्य गणेश शर्मा राजकुमार अग्रवाल, अरविंद मिश्र समेट अन्य मौजूद रहे।