Tuesday 5th of May 2026

ब्रेकिंग

संतों के सानिध्य में 6 दिवसीय आयोजन सम्पन्न, कथा व रासलीला ने भक्तों को किया भावविभोर

अयोध्या में पार्किंग व्यवस्था पर सवाल, श्रद्धालुओं से अवैध वसूली के आरोप

सृष्टि एक अनुशासित और मेधावी छात्रा रही: प्रबंध निदेशक रवि यादव 

सौरभ कुमार ने 98.10 व सुमित तिवारी ने 96.64 अंक प्राप्त कर जिले का मान बढ़ाया 

संतों के सान्निध्य में वैष्णव परंपरा के अनुसार विधिवत अनुष्ठान कर अमित कुमार दास को कंठी, चादर और तिलक देकर महंत पद की

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

: अपनी बेबाकी, सरलता व सहजता से राष्ट्रीय फलक पर हुए शिरोधार्य

बमबम यादव

Tue, Apr 29, 2025
अपनी बेबाकी, सरलता व सहजता से राष्ट्रीय फलक पर हुए शिरोधार्य
फलाहारी बाबा को तर्कशील युवा महंतों ने उन्हें अपने गुरू के रूप में स्वीकार कर खुद को धन्य माना
अयोध्या। संतों की सराह कही जाने वाली रामनगरी अयोध्या में अनेक भजनानंदी संत हुए है जिन्होंने नगरी ही नही सम्पूर्ण भारत वर्ष में रामभक्ति धारा की अलक जगाईं। ऐसे ही एक संत हुए कौशल किशोर शरण जो फलाहारी बाबा के नाम से सुविख्यात हुए।अयोध्या के पड़ोसी जनपद बलरामपुर के ब्राह्मण परिवार में जन्म लेने वाले फलाहारी बाबा ने स्वर्गद्वार के हनुमत सदन मंदिर में दशको हनुमान जी की कठिन साधना की। एक समय उनके दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहता। कालांतर में अयोध्या के महंतों ने उन्हें राजगोपाल मंदिर की सम्पत्ति की रक्षा के लिए इस प्रसिद्ध मंदिर का महंत बना दिया। फकीर स्वभाव वाले फलाहारी बाबा इसके लिए अपने लोगों को मना तो नहीं कर सके पर यह दायित्व उनकी आत्मा सहज स्वीकार न कर सकी।राम मंदिर के विवाद में उन्हें केंद्र सरकार द्वारा अयोध्या के कई महंतों के साथ अयोध्या बुलाया गया। उनकी बेबाकी, ब्रह्मज्ञान को सुनने वाले उन्हें चकित होकर देखते रह जाते। कड़ी साधना से उपजा उनका ज्ञान बड़े से बड़े विद्वानों को भी चकित करने वाला रहा। आडंबर से परे अत्यंत सात्विक एवं तपश्चर्या का जीवन जीते हुए महाराज जी ने अयोध्या धाम का प्रतिनिधित्व लंबे समय तक किया। अति सामान्य व्यक्ति से लेकर भारत के प्रधानमंत्री तक अपनी विशेष छाप फलाहारी महाराज जी की रही। उनकी इसी ज्ञान से प्रभावित होकर तर्कशील युवा महंतों ने उन्हें अपने गुरू के रूप में स्वीकार कर खुद को धन्य मानते थे। महंत कौशल किशोर शरण फलाहारी बाबा की द्धितीय पुण्यतिथि गुरुवार को समारोह पूर्वक मनाई जाएगी जिसमें रामनगरी ही नही बल्कि उनके चाहने वाले संत साधक हजारों की तादात में अपनी पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। जन्म जन्मांतर के पुण्य अर्जित होते है तो संत समाज का दर्शन और सानिध्य प्राप्त होता है। यह शुभ अवसर संतसेवी गौ सेवी ब्राह्मण व दरिद्र नारायण की सेवा करने वाले और सेवा को ही धर्म मानने वाले श्री राजगोपाल मंदिर के पूर्वाचार्य महंत कौशल किशोर शरण जी फलाहारी बाबा के द्धितीय पुण्यतिथि पर संत नमन करेंगे। उनकी द्धितीय पुण्यतिथि महोत्सव पर मंगलवार से राजगोपाल में उनके तीन दिवसीय दूसरे स्मृति पर्व का आरंभ हो गया। दूसरे पुण्यतिथि की इस बेला में राजगोपाल मंदिर प्रागंण में संगीतमय प्रस्तुति से जीवंत हुए रामकथा के प्रसंग। रामचरितमानस स्वयं में लयबद्ध है और संगीत का पुट समाहित होने पर इसका माधुर्य अवर्णनीय हो जाता है। यह सत्य रामनगरी की प्रसिद्ध पीठ राजगोपाल मंदिर में प्रतिपादित हो रहा। इस पाठ का बुधवार को सायंकाल 7 बजे समापन होगा,इसके पश्चात गुरुवार 1 मई को रामनगरी के संत फलाहारी जी महाराज को पुष्पांजलि अर्पित कर नमन करेंगे। विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया है।महोत्सव की अध्यक्षता मंदिर के महंत सीताराम शरण कर रहें है।राजगोपाल मंदिर से जुड़े फलाहारी बाबा के कृपापात्र शिष्य डा सर्वेश्वर दास शरद जी ने बताया कि सनातन परंपरा का यह वैभव है कि हम प्रतिदिन गुरुदेव भगवान की पूजा करते हैं। उनकी पुण्यतिथि पर संतो के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त होगे हैं। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर श्रद्धांजलि सभा का भी आयोजन किया जायेगा। शरद जी ने कहा कि पुण्यतिथि महोत्सव राजगोपाल मंदिर के वर्तमान महंत सीताराम शरण के देखरेख में हो रहा है। आज पाठ में व्यास पीठ का पूजन कर आगरा से पधारे दादा के नाम से प्रसिद्ध योगेश शर्मा द्वारा किया गया। यजमान के रूप में ज्योति एवं अजय अग्रवाल रघुवंश दूबे, अनिल गर्ग, मनोज मिश्र, योगेश पाठक, अजय जी आगरा रहे।पाठ आरम्भ के समय मिथिला कुंज के महंत  राम बिहारी शरण, हनुमत सदन के महंत अवध किशोर शरण, जानकी कुंज के महंत वीरेंद्र दास राम लखन शरण, परसराम दास आदि उपस्थित रहे।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें