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: राम मंदिर की पहली परिक्रमा करेंगे हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन: महंत डा महेश दास

बमबम यादव

Tue, Apr 29, 2025
राम मंदिर की पहली परिक्रमा करेंगे हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन: महंत डा महेश दास
 इतिहास के स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगा यह ऐतिहासिक शाही यात्रा: मामा दास
अयोध्या। श्रीहनुमानगढ़ी की सदियों पुरानी परंपरा में एक नया आयाम आज जुड़ने जा रहा है। आज अक्षय तृतीया के पुनीत पर्व पर श्रीहनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन श्रीमहंत प्रेमदास जी हनुमान जी महाराज के प्रतिनिधि के रूप में रामलला के दर्शन करने जाएंगे। यह दर्शन सामान्य नहीं होगा। राजसी वैभव के साथ गद्दीनशीन करीब एक हजार साधु-संतों व भक्तों के साथ भव्य शोभायात्रा के माध्यम से रामलला के दरबार में पहुंचेगे। वे राम मंदिर की पहली परिक्रमा भी करेंगे। इसी दिन से मंदिर के परिक्रमा की शुरूआत होगी।श्रीहनुमानगढ़ी की परंपरा में 52 बीघा के बाहर कोई भी गद्दीनशीन महंत नहीं जा सकता। यह पहला अवसर होगा जब गद्दीनशीन शाही अंदाज में हनुमानगढ़ी परिसर से बाहर निकलेंगे। हनुमानगढ़ी में गद्दीनशीन महंत को बजरंग बली का प्रतिनिधि माना जाता है। चूंकि बजरंगबली अयोध्या के राजा के रूप में पूजित प्रतिष्ठित हैं। इसलिए गद्दीनशीन महंत जब रामलला के दर्शन को निकलेंगे तो व्यवस्था शाही अंदाज में होगी। आयोजन को लेकर हनुमानगढ़ी अखाड़ा के संतों ने सारी  तैयारियां पूरी कर ली है।गद्दीनशीन श्री महंत प्रेमदास जी महाराज के प्रधान सेवक महंत डा महेश दास ने बताया कि गद्दीनशीन श्रीमहंत जी महाराज आज अक्षय तृतीया को सुबह सात बजे हजारों की संख्या में नागा साधुओं व भक्तों के साथ हनुमानगढ़ी से बाहर निकलकर रामलला के दर्शन करेंगे। हनुमानगढ़ी से एक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो सरयू तट तट पहुंचेगी। शोभायात्रा में हाथी, घोड़े, ऊंट, बैंड-बाजा सहित हनुमानगढ़ी का शाही निशान शामिल होगा। सरयू तट पर पूजन-अर्चन के बाद शोभायात्रा रामपथ होते हुए क्षीरेश्वरनाथ मंदिर पहुंचेगी। यहां हनुमानगढ़ी के निशान की पूजा-अर्चना की जाएगी। 20 से 25 विशिष्ट महंत गेट नंबर तीन से राम मंदिर में प्रवेश करेंगे। बाकी नागा साधुओं को बिड़ला धर्मशाला के सामने से राम मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। सुरक्षा के लिहाज से केवल ध्वज पताका, छड़ी व निशान ही मंदिर में जाएगा, बाकी शस्त्र नहीं जाएंगे। हनुमानगढ़ी के संत समाजसेवी प्रभु दास उर्फ मामा दास महाराज ने बताया कि हनुमानगढ़ी ही नहीं अयोध्या के इतिहास में आज बुधवार यानि 30 अप्रैल अक्षय तृतीया का दिन स्वर्णिम अक्षरों से दर्ज होने जा रहा है क्योंकि अभी तक हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीनजी जी शाही निशान के साथ भगवान रामलला का  दर्शन करेंगे।श्री महाराज जी के दर्शन और स्वागत की तैयारी हनुमानगढ़ी के नागा संत ही नहीं बल्कि पूरी अयोध्या के लोगों ने किया है, क्योंकि यह अपने आप दर्शन की योजना नहीं है, हनुमान जी महाराज ने गद्दी नशीन महाराज जी को प्रेरित किया अब यह तैयारी चल रही हैं। उन्होंने बताया यह शोभायात्रा सभी मामलों में ऐतिहासिक होगी क्योंकि इसकी तैयारी स्वयं हनुमान जी महाराज करा रहे हैं। हनुमान जी महाराज से बड़ा राम जी का कोई सेवक नहीं है। हम नागा संत हनुमानजी की सेवा करते हैं, क्योंकि वह अयोध्या के राजा हैं तो राजा के सैनिक के रूप में हम सभी कार्य करते हैं और हमारे मुखिया गद्दी नशीन जी महाराज है। साथ ही अखाड़े के मुख्तार जयप्रकाश श्रीवास्तव भी मौजूद रहें।

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