: मक्खापुर के प्रतिभाओं का पार्षद ने किया सम्मान
Wed, May 24, 2023
इंटरमीडिएट व हाईस्कूल के टापर बच्चों का मिथलेश यादव सोनू ने अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया
अयोध्या। शिक्षा हर किसी के विकास में मील का पत्थर साबित होता है। हर किसी को अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा जरूर देनी चाहिए। उक्त बातें सरदार पटेल वार्ड के शानदार वोटों से नवनिर्वाचित पार्षद इन्दरावती यादव ने टापर बच्चों के सम्मान समारोह को सम्बोधित करते हुई कही। उन्होंने कहा कि बच्चों के विकास समेत पूरे परिवार का विकास की नीवं शिक्षा पर निर्भर होती है। हर किसी को अपने बच्चों को शिक्षित जरूर करना चाहिए। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए पार्षद प्रतिनिधि युवा सपा नेता मिथलेश यादव सोनू ने कहा कि आज मौजूद दौर में भाजपा सरकार शिक्षा को इतना मंहगी कर दे रही है कि गरीब बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहें है। उन्होंने कहा कि हमारे नेता अखिलेश यादव ने हमेशा शिक्षा को बढ़ावा देने का काम किया है। समाजवादी पार्टी ने शिक्षा को निशुल्क करने की बात कही है। जिससे हर घर शिक्षा का उजाला फैल सकें। अयोध्या नगर निगम के सरदार पटेल वार्ड मक्खापुर के टापर आकाश प्रजापति व खुशबू यादव को इंटरमीडिएट व विवेक यादव, बृजमोहन यादव व आकाश को हाईस्कूल में टाप करने पर अंग वस्त्र भेंट कर बच्चों के उज्जवल भविष्य की शुभकामना दिया गया। इस मौके पर छात्रसंघ अध्यक्ष आभास कृष्ण कान्हा, त्रिभुवन प्रजापति, गणेश यादव, अखिलेश पाण्डेय, राजेश वर्मा, लक्षमण वर्मा, जितेंद्र गुप्ता, संग्राम गुप्ता, दयापाल गुप्ता, बलराम गुप्ता, रवि यादव, भानू, राकेश प्रजापति सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहें।
: संकट मोचन सेना द्धारा पूड़ी-छोला, हलुवा
Wed, May 24, 2023
बड़े मंगल पर हनुमानगढ़ी के निकास द्धार पर हो रहा विशाल भंडारा
अयोध्या। रामनगरी की प्रसिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी के श्रीमहंत ज्ञानदास महाराज के आशीर्वाद से उनके उत्तराधिकारी संकटमोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास के नेतृत्व में श्रद्धालुओं को पूड़ी-छोला और हलुवा प्रसाद का वितरण किया गया। मौका था ज्येष्ठ माह के तीसरे मंगलवार का। जिस पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को पूड़ी-छोला, हलुवा बांटा गया। सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी मंदिर निकास द्धार गेट के सामने प्रसाद वितरण का स्टाल लगाया गया था। यहां पर लगातार तीनों बड़े मंगल पर विशाल भंडारा किया जा रहा है। निकास द्धार पर जहां काफी संख्या में भक्तगणों को पूड़ी-छोला एवं हलुवा का वितरण किया गया। प्रसाद वितरण का सिलसिला सुबह से शुरू होकर देरशाम तक चलता रहा। श्रद्धालुओं की भीड़ का तांता टूटने का नाम ले ही नही रहा था। लाखों भक्तगणों ने ज्येष्ठ माह के तीसरे मंगलवार बजरंगबली का प्रसाद पाकर अपना जीवन धन्य बनाया। प्रसाद वितरण कार्यक्रम का सफल संयोजन वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास ने किया था।
संकटमोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास ने कहा कि इस समय ज्येष्ठ का पवित्र माह चल रहा है। इस महीने में ज्येष्ठ के मंगलवार का बड़ा ही महत्व है। ज्येष्ठ के मंगलवार पर हनुमानजी की आराधना करना अत्यंत फलदायक माना गया है। सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी मंदिर में ज्येष्ठ के हर मंगलवार पर लाखों की संख्या में भक्तगण दर्शन पूजन कर मत्था टेकते हैं। जहां तिल रखने भर की जगह नही बचती है। वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास महाराज ने कहा कि संकट मोचन सेना की तरफ से ज्येष्ठ माह के तीसरे मंगलवार पर श्रद्धालुओं को पूड़ी-छोला, हलुवा के प्रसाद का वितरण किया गया है। लाखों की संख्या में भक्तगणों ने प्रसाद ग्रहण किया। प्रसाद वितरण का कार्यक्रम देरशाम तक चलता रहा, जिसमें आश्रम से जुड़े से हुए शिष्य, अनुयायी और परिकरों का विशेष योगदान रहा। जेठ के अंतिम मंगलवार पर भी आश्रम की तरफ से प्रसाद बटा जाएगा।
: तपती गर्मी में भगवान को शीतलता प्रदान करने के लिए होता है फूलबंग्ला झांकीः पीपाद्वाराचार्य
Tue, May 23, 2023
फूलबंग्ले में विराजें कनक बिहारी सरकार, रामलला व हनुमान जी
अयोध्या। वैष्णवनगरी के मंदिरों में ज्येष्ठ मास की तपती गर्मी में भगवान को कूल-कूल रखने के लिए संतों ने फूलबंग्ले की झांकी के आयोजन की परंपरा शुरू की थी। उत्सव के रूप में आयोजित प्राचीन काल की यह परंपरा आधुनिक काल में भी कायम है। वह भी तब जब अधिकांश मंदिरों में पंखे व कूलर की व्यवस्था की जा चुकी है। इसी परंपरा को आज भी बड़ी शिद्दत से निभा रहें वृंदावन से उच्चकोटि के संत जगतगुरु पीपाद्वाराचार्य बलराम देवाचार्य जी महाराज। कनक भवन में बिहारी सरकार की, रामजन्मभूमि में भगवान रामलला की व हनुमानगढ़ी में हनुमानजी महाराज आज फूल बंग्ले में विराजें। जगतगुरु पीपाद्वाराचार्य बलराम देवाचार्य जी महाराज बताते है कि मंदिरों में विराजमान भगवान के विग्रह संत-साधकों के लिए वस्तुतः अर्चावतार की भांति हैं। मंदिरों में प्राण प्रतिष्ठित देव प्रतिमा को सजीव माना जाता है। यही कारण है कि साधक संतों ने उपासना के क्रम में विराजमान भगवान के अष्टयाम सेवा पद्घति अपनाई। इस सेवा पद्घित में भगवान की भी सेवा जीव स्वरूप में ही की जाती है। जिस प्रकार जीव जैसे सोता, जागता है उसी प्रकार भगवान के उत्थापन व दैनिक क्रिया कर्म के बाद उनका श्रृंगार पूजन, आरती भोग-राग का प्रबंध किया जाता है। इसी क्रम में भगवान को गर्मी से बचाने के लिए पुरातन काल में संतों ने फूलबंग्ला झांकी की परंपरा का भी शुभारंभ किया था, जिसका अनुपालन आज भी हम कर रहे है। पीपाद्वाराचार्य ने बताया कि धर्मनगरी वृंदावन व अयोध्या में प्रतिवर्ष दिव्य भव्य फूल बंग्ला झांकी का आयोजन होता है। उन्होंने बताया कि झांकी कोलकाता के कुशल कारीगरों द्वारा तैयार किया गया था। जिसमें उपयोग किए जाने वाले फूल बनारस, लखनऊ, वृन्दावन, कलकत्ता आदि जगहों से मंगवाए गये थे। इसके आलावा कुछ पुष्प विदेशों से भी आयातित किए गये थे। यह आयोजन जगतगुरु पीपाद्वाराचार्य बलराम देवाचार्य जी महाराज वृंदावन और सभी भक्तो द्वारा किया गया।