: रामविवाह व रामकलेवा की लीला मंचन देख भावविभोर हुए भक्त
Tue, Oct 17, 2023
अंतर्राष्ट्रीय आदर्श रामलीला मंडल, पत्थर मंदिर की लीला निपुण कलाकारों द्वारा श्री राम विवाह, कलेवा की मनोहारी लीला का मंचन हुआ
अयोध्या। रामनगरी के भगवताचार्य स्मारक सदन की श्री संत तुलसी दास रामलीला समिति की ओर से स्मारक सदन पर संचालित सुभव्य रामलीला मंचन लीला प्रेमियों-भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
लीला मंचन दर्शनार्थ भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। लीला मंचन के क्रम में अंतरराष्ट्रीय श्री आदर्श रामलीला मंडल, पत्थर मंदिर अयोध्या के लीला निपुण कलाकारों द्वारा श्री राम विवाह, कलेवा की मनोहारी लीला का मंचन किया गया। स्मारक सदन पर हुई रामलीला मंचन में भगवान राम ने धनुष भंग कर माता सीता के साथ विवाह किया। भगवान राम चारों भाइयों संग बारात लेकर जनकपुर पहुंचे यहां महाराज जनक ने बारातियों का स्वागत किया। रामविवाह के बाद रामकेलवा की लीला आकर्षण का केंद्र रही।
कलेवा महोत्सव के अवसर पर कुअंरि कुअंरि कल भांवरि देहीं। नयन लाभु सब सादर लेही। जाइ न बरनि मनोहर जोरी, जो उपमा कुछ कहां सो धोरी… गुंजायमान होता रहा। समिति के पदाधिकारियों द्वारा भगवान राम सहित चारों भाइयों को कलेवा खिलाया गया तो भक्त अपने आराध्य के विवाहोत्सव की लीला का मंचन देखकर भावविभोर हो उठे। रामलीला का शुभारंभ भगवान के स्वरुप की आरती से हुई। समिति के कोषाध्यक्ष बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर श्रीमहंत अवधेश दास महाराज के सानिध्य में निर्वाणी अनी अखाड़ा के श्रीमहंत मुरली दास,आचार्य पीठ श्री लक्षमणकिला पीठाधीश्वर महंत मैथली रमण शरण, रंग महल पीठाधीश्वर महंत रामशरण दास, महंत सत्यदेव दास, राजेश पहलवान, महंत जनार्दन दास, महंत शशिकांत दास, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रोहित सिंह,आलोक जी, अजीत जी, भाजपा नेता डिप्पुल पाण्डेय का स्वागत समिति के महामंत्री संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजयदास महाराज ने किया। स्वागत समिति से जुड़े वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास, मृदंग वादक राजीव रंजन व शिवम श्रीवास्तव सभी का आभार प्रकट किया।
: केशव बिहार सदन के महंत केशव दास को संतों ने किया नमन
Sun, Oct 15, 2023
अयोध्या। अयाेध्याधाम में रामघाट स्थित केशव बिहार सदन के पूर्वाचार्य महंत केशव दास महाराज मौनी बाबा काे 30वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धापूर्वक याद किया गया। शनिवार को मंदिर प्रांगण में एक श्रद्धांजलि सभा आयाेजित हुई। सभा में रामनगरी के विशिष्ट संत-महंत एवं धर्माचार्यों ने पूर्वाचार्य के चित्रपट पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। संताें ने उनके कृतित्व और व्यक्तित्व पर प्रकाश भी डाला। इसकी अध्यक्षता महंत सच्चिदानन्द दास महाराज ने किया।इस अवसर पर केशव बिहार सदन के वर्तमान युवा महंत शिवराम दास महाराज ने कहा कि पूज्य महाराज जी संत और गाै सेवी रहे। वह विलक्षण प्रतिभा के धनी संत थे। उनकी गणना विद्वान संताें में हाेती थी। उसके पश्चात साकेतवासी महंत के चित्रपट पर पूजन-अर्चन किया गया। शिवराम दास ने पधारे हुए संत-महंत, धर्माचार्यों का स्वागत-सम्मान किया। पुण्यतिथि पर महंत कमल दास,महंत मधुसूदन दास,महंत रामकिशोर दास आदि संत-महंताें ने पूर्वाचार्य काे श्रद्धासुमन अर्पित किया।
: रामलीला में भगवान राम का प्राकट्य, लगे जयजयकार के नारे
Sun, Oct 15, 2023
अंतर्राष्ट्रीय आदर्श रामलीला मंडल पत्थर मंदिर की रामलीला देख दर्शक हुए भाव विभोर
अयोध्या। भगवान श्री राम की जन्मस्थली अयोध्या जी की सबसे प्राचीन रामलीला स्थल श्री भगवदाचार्य स्मारक सदन में संत श्री तुलसीदास रामलीला समिति द्वारा अंतर्राष्ट्रीय आदर्श रामलीला मंडल पत्थर मंदिर द्वारा भगवान के जन्म का अद्भुत मंचन किया गया जिसको देखकर उपस्थित सभी लोग मंत्र मुक्त हो गए। सर्वप्रथम रामलीला समिति के कोषाध्यक्ष बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर श्रीमहंत अवधेश दास जी महाराज, हनुमत सदन पीठाधीश्वर महंत अवध किशोर शरण,सार्वभैम मंदिर के महंत जनार्दन दास, महंत पवन कुमार दास, तुलसीदास छावनी पीठाधीश्वर महंत जनार्दन दास, महंत शशिकांत दास समिति के महामंत्री संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास महाराज के साथ स्वरूप के रूप में विराजमान भगवान की आरती उतारी और लीला का मंचन प्रारंभ हुआ।
पृथ्वी पर निरंतर राक्षसों का अत्याचार बढ़ रहा था जिससे वह दुखी होकर के गौ माता का रूप धारण करके सभी देवताओं से आग्रह करने पहुंची श्री ब्रह्मा जी आदि देव महादेव शंकर जी महाराज सहित सभी देवताओं ने भगवान विष्णु की प्रार्थना की और तब आकाशवाणी हुई की ही देवताओं में पृथ्वी से अत्याचार समाप्त करने के लिए अपने अंशो के साथ अयोध्या में राजा दशरथ के यहां राम के रूप में अवतार लूंगा और पृथ्वी से राक्षसों का विनाश करूंगा। यह सुनकर सभी देवताओं ने अपने-अपने अंश से वानर भालू को उत्पन्न किया। एक दिन राजा दशरथ बहुत दुखी थे वह गुरु वशिष्ट के पास पहुंचे गुरु वशिष्ठ ने श्रृंगी ऋषि को बुलाया और श्रृंगी ऋषि ने मख क्षेत्र मखौड़ा में पुत्रेष्टि यज्ञ कराई अग्नि देवता प्रगट हुए और राजा दशरथ को खीर का प्रसाद दिया उन्होंने सभी रानियां में वितरित किए और समय बीतने के बाद राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न का अयोध्या में जन्म हुआ। अयोध्या में चारों ओर खुशियां छा गई राजा दशरथ ने सभी को दान दिए। बालकों की बाल लीला देखकर राजा दशरथ माता कौशल्या सहित सभी रानियां खुश हो रही थी इसी बीच महल में विश्वामित्र जी का आगमन हुआ उन्होंने राजा दशरथ से यज्ञ रक्षा के लिए श्री राम लक्ष्मण को मांगा राजा दशरथ बहुत दुखी हुए लेकिन विश्वामित्र जी के समझाने के बाद उन्होंने राम लक्ष्मण को यज्ञ रक्षा के लिए ऋषि विश्वामित्र को सौंप दिया। सभी अतिथियों का स्वागत संकट मोचन सेवा के कार्यवाहक अध्यक्ष वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास महाराज, मृदंग वादक राजीव रंजन व शिवम श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर लोग राम लखन दास सहित सैकड़ो संत महंत भक्तजन उपस्थित होकर लीला देखी।