: सीताकुंड स्थित जगन्नाथ पैलेस का भव्य उद्घाटन
Mon, Apr 14, 2025
सीताकुंड स्थित जगन्नाथ पैलेस का भव्य उद्घाटनमहापौर गिरीशपति त्रिपाठी ने फीता काटकर किया शुभारंभ,हुआ विधिवत पूजन अर्चनअयोध्या तीर्थ ही नहीं सेवा और समर्पण की भूमि है: गिरीशपति त्रिपाठी महापौरअयोध्या। रामनगरी अयोध्या में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निकट सीता कुंड के पास जगन्नाथ पैलेस होटल का भव्य उद्घाटन सोमवार को किया गया। होटल का शुभारंभ अयोध्या के महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर अयोध्या के अनेक संत, महंत और श्रद्धालु उपस्थित रहे। होटल के प्रोपराइटर महेंद्र नाथ दुबे ने बताया कि यह होटल विशेष रूप से श्रद्धालुओं की सेवा और उनके ठहराव को ध्यान में रखते हुए स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा, हमारा उद्देश्य है कि अयोध्या आने वाले किसी भी श्रद्धालु को रुकने और दर्शन में कोई कठिनाई न हो। होटल में आधुनिक सुविधाओं से युक्त ‘वीआईपी रूम’ कम खर्च में उपलब्ध कराए जाएंगे। महेंद्र नाथ दुबे ने यह भी बताया कि अगर कोई आर्थिक रूप से कमजोर श्रद्धालु अयोध्या दर्शन के लिए आता है, तो उसे नि:शुल्क रूम की सुविधा दी जाएगी। इसके साथ ही मंदिर दर्शन के लिए दो वाहनों की भी विशेष व्यवस्था की गई है। इसमें मेरे भाइयों, देवेंद्र नाथ दुबे, उपेंद्रनाथ दुबे का भी विशेष सहयोग रहा मेयर गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि अयोध्या तीर्थ ही नहीं सेवा और समर्पण की भूमि है। ऐसे प्रयास अयोध्या की गरिमा को और बढ़ाते हैं। जगन्नाथ पैलेस होटल राम नगरी क्षेत्र में स्थित है, जो श्रद्धालुओं के लिए एक नई और सुलभ ठहराव की जगह बनकर उभर रहा है। इस दौरान आचार्य पंकज पाण्डेय,आचार्य द्वारकानाथ मिश्र, ऋषभ दूबे,दीपक दूबे,सौरभ दूबे,हनुमान प्रसाद शुक्ला,विजय कुमार, आदि लोग उपस्थित रहे।
: वेद मंत्रों की मंगल ध्वनि के बीच सम्पन्न हुआ 108 बटुकों का यज्ञोपवीत संस्कार
Mon, Apr 14, 2025
वेद मंत्रों की मंगल ध्वनि के बीच सम्पन्न हुआ 108 बटुकों का यज्ञोपवीत संस्कारआचार्यपीठ श्री लक्ष्मणकिला में 108 बटुकों का उपनयन संस्कार श्रीलक्ष्मणकिलाधीश की अध्यक्षता में हुआसनातन धर्म में यज्ञोपवीत संस्कार महत्वपूर्ण है। जिसका आज निर्वाहन इन सभी बटुकों द्वारा किया गया: महंत मैथिली रमण शरणअयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की नगरी के मां सरयू तट पर सुशोभित आचार्य पीठ श्री लक्ष्मणकिला में सोमवार की सुबह शुभ यज्ञोपवीत संस्कार का आयोजन श्री किलाधीश महंत मैथिली रमण शरण जी की अध्यक्षता वा अधिकारी सूर्यप्रकाश शरण के संयोजन में श्री रामलला वैदिक गुरुकुल पाठशाला के बटुक गणों के द्वारा वा संस्थापक आचार्य सदाशिव तिवारी जी के आचार्यत्व में सनातनीय परंपरा अनुसार बटुकों का वेद विहित विधि से आचार्यों द्वारा 108 बटुकों का शुभ यज्ञोपवीत संस्कार वेद मंत्रों की मंगल ध्वनि के बीच सम्पन्न कराया गया। सनातनीय परंपरा अनुसार सम्पन्न यज्ञोपवीत संस्कार का नजारा देखने लायक था, सभी बटुक पीले वस्त्र धारण किए हुए थे और उन्होंने सनातनीय परंपरा का निर्वाह पूरे विधि विधान से किया। इसके उपरांत सभी बटुकों ने आचार्य पीठ श्री लक्ष्मणकिला के किलाधीश महंत मैथली रमण शरण महाराज व उपस्थित अन्य आचार्य गणों से आशीर्वाद प्राप्त किया।लक्ष्मणकिला के किलाधीश महंत मैथली रमण शरण महाराज ने कहा कि सनातन धर्म में यज्ञोपवीत संस्कार महत्वपूर्ण है। जिसका आज निर्वाहन इन सभी बटुकों द्वारा किया गया है।आचार्य पीठ श्री लक्ष्मणकिला के अधिकारी सूर्य प्रकाश शरण ने बताया गुरूदेव भगवान ने सभी को कृपा करके सभी बटुकों को मंत्र दीक्षा दी उपनयन का शास्त्रों में कितना महत्व है। यह यज्ञोपवीत जो बहुत पवित्र है और शुरुआत में प्रजापति से उत्पन्न हुआ है,जो दीर्घायु देने में सबसे प्रमुख है, यह यज्ञोपवीत जिसे सफेद धागे के रूप में पहना जाता है,जो शक्ति (बल) देता है और वैभव (तेजस)से भर देता है ,जो नौ धागों को मिलाकर बनाया गया है,जो तीन गुणों (त्रिगुणों) का प्रतिनिधित्व करता है और देवताओं को समाहित करता है ,मेरे द्वारायह (पवित्र) उपवीत , कृपया हे गणनायक (गणों के नेता) स्वीकार करें। उन्होंने कहा कि 16 संस्कार में से एक प्रमुख संस्कार उपनयन संस्कार है। इस मौके पर उपस्थित कानपुर से महंत सीताकांत शरण,सतगुरु कुटी के महंत अवध किशोर शरण, महंत अमित कुमार दास, आचार्य शिव शंकर बाजपेई, महंत अवध बिहारी शरण, आचार्य ऋषि शरण, काशी से पधारे आचार्य प्रियांश धर द्विवेदी, आचार्य आलोक मिश्र, वशिष्ठ दास वा सैकड़ो श्रद्धालु शिष्य परिकर मौजूद रहें।
: हमें युवाओं तक भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र को पहुंचाना है: पृथीवर्धन
Mon, Apr 14, 2025
हमें युवाओं तक भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र को पहुंचाना है: पृथीवर्धनकहा, इस्कॉन का उद्देश्य पूरे विश्व में भ्रमण कर सनातन धर्म का प्रचार प्रसार करना हैकृष्ण चेतना के लिए अंतर्राष्ट्रीय सोसायटी के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय अयोध्या धाम की यात्रा चार सौ भक्त के साथ के साथ हुई पूरीअयोध्या। कृष्ण भक्ति से ओतप्रोत इस्कॉन मंदिर की शाखा इस्कॉन मंदिर उज्जैन के भक्ति प्रेम स्वामी महाराज ने रविवार को रामनगरी के माधव भवन में पत्रकारों से मुखातिब होते कहा कि चार सौ भक्त के साथ हम लोग तीन दिवसीय अयोध्या धाम की यात्रा पर आए हुए थे। हमारी अयोध्या धाम यात्रा पूर्ण हुई। इन तीन दिनों में हम सबने श्रीरामलला, हनुमानगढ़ी, कनक भवन व मां सरयू आदि जगहों पर दर्शन किया। इसके अलावा हरेराम हरे कृष्ण कीर्तन के साथ पूरे नगर का भ्रमण भी किया गया। हरेराम हरे कृष्ण नाम संकीर्तन से सबका कल्याण होता है। सीकर, उज्जैन, गुरुग्राम, वाराणसी, कोलकाता, सूरत, पुणे, बड़ौदा आदि जगहों के भक्तजन हमारे साथ श्री अयोध्या धाम यात्रा पर थो। उन्होंने कहा कि इस्कॉन का उद्देश्य पूरे विश्व में भ्रमण कर सनातन धर्म का प्रचार प्रसार करना है। हमारा सनातन धर्म वसुधैव कुटुंबकम का है। इस कैंप का उद्देश्य था कि भगवान राम के जीवन चरित्र को कैसे अपने अंदर उतारें। धाम में जो भक्त है वह कोई साधारण भक्त नही है। भगवान श्रीराम हमें मनुष्य बनने की शिक्षा देते हैं। भक्ति आर्जव पृथीवर्धन स्वामी महाराज ने कहा कि अयोध्या धाम बहुत ही शक्तिशाली जगह है। मैं यहां से बड़ा प्रभावित और प्रसन्न हूं। अयोध्या धाम में बहुत सारे मंदिर हैं। वृंदावन में राधा-कृष्ण हैं तो अयोध्या में सीता-राम। हमें युवाओं तक भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र को पहुंचाना है। मैंने अयोध्या में बहुत सारे गुरुकुल देखे हैं। जो मेरे लिए प्रेरणादायक है। हमें सिर्फ रामायण पढ़ना ही नही, बल्कि उसके अनुसार जीवन-यापन भी करना चाहिए। प्रभु श्रीराम हम लोगों को यहां सिखाने के लिए आए थे। हमें श्रीराम की शिक्षाओं का पालन करना चाहिए। भगवान राम की शिक्षाओं को भारत में ही नही, बल्कि समूचे विश्व में पहुंचाना है। अयोध्या पूरे विश्व में विख्यात हो। यही हमारा लक्ष्य है। इस्कॉन मंदिर उज्जैन के अध्यक्ष बृजेंद्र कृष्ण प्रभु ने कहा कि यह इस्कॉन कोई साधारण नहीं, बल्कि 5 सौ वर्ष पुराना है। इसका लक्ष्य सारी दुनिया में श्रीराम की महिमा का प्रचार-प्रसार करना है। इस्कॉन मंदिर उज्जैन के शहर अध्यक्ष धीर गौर दास ने कहा कि हम अयोध्या धाम में वानप्रस्थ आश्रम और गुरुकुल बहुत जल्द ही शुरू करने जा रहे हैं। भगवान राम कृष्ण में कोई भेद नही है। हम भगवान को मर्यादाओं में नही बांट सकते हैं। प्रेसवार्ता में इस्कॉन मंदिर अयोध्या के भी लोग मौजूद रहे।