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: हमें युवाओं तक भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र को पहुंचाना है: पृथीवर्धन

बमबम यादव

Mon, Apr 14, 2025
हमें युवाओं तक भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र को पहुंचाना है: पृथीवर्धन कहा, इस्कॉन का उद्देश्य पूरे विश्व में भ्रमण कर सनातन धर्म का प्रचार प्रसार करना है कृष्ण चेतना के लिए अंतर्राष्ट्रीय सोसायटी के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय अयोध्या धाम की यात्रा चार सौ भक्त के साथ के साथ हुई पूरी अयोध्या। कृष्ण भक्ति से ओतप्रोत इस्कॉन मंदिर की शाखा इस्कॉन मंदिर उज्जैन के भक्ति प्रेम स्वामी महाराज ने रविवार को रामनगरी के माधव भवन में पत्रकारों से मुखातिब होते कहा कि चार सौ भक्त के साथ हम लोग तीन दिवसीय अयोध्या धाम की यात्रा पर आए हुए थे। हमारी अयोध्या धाम यात्रा पूर्ण हुई। इन तीन दिनों में हम सबने श्रीरामलला, हनुमानगढ़ी, कनक भवन व मां सरयू आदि जगहों पर दर्शन किया। इसके अलावा हरेराम हरे कृष्ण कीर्तन के साथ पूरे नगर का भ्रमण भी किया गया। हरेराम हरे कृष्ण नाम संकीर्तन से सबका कल्याण होता है। सीकर, उज्जैन, गुरुग्राम, वाराणसी, कोलकाता, सूरत, पुणे, बड़ौदा आदि जगहों के भक्तजन हमारे साथ श्री अयोध्या धाम यात्रा पर थो। उन्होंने कहा कि इस्कॉन का उद्देश्य पूरे विश्व में भ्रमण कर सनातन धर्म का प्रचार प्रसार करना है। हमारा सनातन धर्म वसुधैव कुटुंबकम का है। इस कैंप का उद्देश्य था कि भगवान राम के जीवन चरित्र को कैसे अपने अंदर उतारें। धाम में जो भक्त है वह कोई साधारण भक्त नही है। भगवान श्रीराम हमें मनुष्य बनने की शिक्षा देते हैं। भक्ति आर्जव पृथीवर्धन स्वामी महाराज ने कहा कि अयोध्या धाम बहुत ही शक्तिशाली जगह है। मैं यहां से बड़ा प्रभावित और प्रसन्न हूं। अयोध्या धाम में बहुत सारे मंदिर हैं। वृंदावन में राधा-कृष्ण हैं तो अयोध्या में सीता-राम। हमें युवाओं तक भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र को पहुंचाना है। मैंने अयोध्या में बहुत सारे गुरुकुल देखे हैं। जो मेरे लिए प्रेरणादायक है। हमें सिर्फ रामायण पढ़ना ही नही, बल्कि उसके अनुसार जीवन-यापन भी करना चाहिए। प्रभु श्रीराम हम लोगों को यहां सिखाने के लिए आए थे। हमें श्रीराम की शिक्षाओं का पालन करना चाहिए। भगवान राम की शिक्षाओं को भारत में ही नही, बल्कि समूचे विश्व में पहुंचाना है। अयोध्या पूरे विश्व में विख्यात हो। यही हमारा लक्ष्य है। इस्कॉन मंदिर उज्जैन के अध्यक्ष बृजेंद्र कृष्ण प्रभु ने कहा कि यह इस्कॉन कोई साधारण नहीं, बल्कि 5 सौ वर्ष पुराना है। इसका लक्ष्य सारी दुनिया में श्रीराम की महिमा का प्रचार-प्रसार करना है। इस्कॉन मंदिर उज्जैन के शहर अध्यक्ष धीर गौर दास ने कहा कि हम अयोध्या धाम में वानप्रस्थ आश्रम और गुरुकुल बहुत जल्द ही शुरू करने जा रहे हैं। भगवान राम कृष्ण में कोई भेद नही है। हम भगवान को मर्यादाओं में नही बांट सकते हैं। प्रेसवार्ता में इस्कॉन मंदिर अयोध्या के भी लोग मौजूद रहे।

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