: हनुमत लला को लगा छप्पन भोग, रामनगरी में छाया चहुंओर उल्लास
Tue, Apr 8, 2025
हनुमत लला को लगा छप्पन भोग, रामनगरी में छाया चहुंओर उल्लासपूरी भव्यता व दिव्यता के साथ हनुमान बाग समेत विभिन्न मठ मंदिरों में मनाया गया राम जन्मोत्सवसाधना शुचिता और वैराग्य के अमृतपुंज अयोध्या में शिद्दत से शिरोधार्य हुए हनुमानजीरामजन्मोत्सव पर मंदिर में हुआ विशेष पूजन अर्चन, लगा भगवान को छप्पनभोगअयोध्या। रामनगरी अयोध्या में भगवान राम लला का जन्म महोत्सव हनुमान बाग समेत विभिन्न मंदिरों में पूरी भव्यता व उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मनुष्य जीवन को कृतार्थ करने वाले सीताराम, सीताराम के कर्णप्रिय जप की गूंज चारों तरफ सुनाई दे रही है। अयोध्या के रामजन्मभूमि में भगवान रामलला विराजमान हो गए है,चारों ओर रामभक्तों में उत्साह है। जो भी अयोध्या दर्शन के लिए आता है हनुमानजी का जरूर करने जाता है। राम जन्मोत्सव पर हनुमान बाग में नवाह्पारायण का पाठ, रामकथा का दिव्य आयोजन किया गया था। कार्यक्रम का समापन दिवस भगवान के जन्म महोत्सव के साथ हुआ। जन्म महोत्सव के अगले दिन यानी आज भगवान को छप्पन भोग लगाया गया।पूरे मंदिर परिसर को भव्यता के साथ सजाया संवारा गया है। रंग बिरंगी रोशनी वाली विद्युत झालरों से सजा मंदिर सभी भक्तों को बरबस ही अपनी तरफ आकर्षित कर रही थी। महोत्सव की अध्यक्षता भजनानंदी महंत जगदीश दास महाराज ने किया।साधना शुचिता और वैराग्य के अमृतपुंज भगवान महाबीर की आध्यात्मिक स्थली श्रीअयोध्याजी के मर्यादित आश्रमों में सिद्धपीठ श्रीहनुमानबाग गरीबों मजलूमों की सेवा कर अपने परिकल्पना को परिलक्षित कर रहा है।कार्यक्रम में पुजारी योगेंद्र दास,सुनील दास,रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री, समेत हनुमान बाग सेवा संस्थान से जुड़े शिष्य परिकर मौजूद रहे।
: आचार्य पीठ श्रीलक्ष्मण किला में रंगभरी बधाई पर जमकर उड़े अबीर गुलाल
Tue, Apr 8, 2025
आचार्य पीठ श्रीलक्ष्मण किला में रंगभरी बधाई पर जमकर उड़े अबीर गुलालमिथिली से आई सखियों के गायन और नृत्य की रही धूम, तो अयोध्या के प्रसिद्ध गायकों ने जमकर अपनी कला का जादू बिखेरामहोत्सव को किलाधीश श्रीमहंत मैथलीरमण शरण जी महाराज ने सानिध्यता और मंदिर के युवा संत अधिकारी सूर्य प्रकाश शरण ने अपना संयोजन प्रदान कियाअयोध्या। श्रीरामजन्मोत्सव के बाद भी पूरी अयोध्यानगरी उत्सवी रंग में डूबी रही। जहां मठ-मंदिरों में बधाई, सोहर आदि गीत गाकर कलाकारगण महोत्सव में चार-चांद लगा रहे थे। तो वही आचार्य पीठ श्रीलक्ष्मण किला का उत्सव देखने लायक है। जहां पर मिथिला की सखियां गीत संगीत नृत्य से पूरा महफिल में चार चांद लगा रही है। मौका था लक्ष्मण किला में रंगभरी बधाई का। आचार्य पीठ लक्ष्मण किला में किलाधीश श्री महंत मैथिली रमण शरण की अध्यक्षता में उत्सव की धूम रही। यहां रंगभरी बधाई को भगवान के जन्म के उल्लास की धूम रही। अयोध्या के प्रसिद्ध गायकों में विनोद शरण, एमबी दास, राम नंदन शरण आदि ने जमकर अपनी कला का जादू बिखेरा। इस अवसर पर मिथिली से आई सखियों के गायन और नृत्य की धूम रही। प्रख्यात साहित्यकार चिंतक विचारक हनुमत निवास के महंत मिथिलेश नंदिनी शरण जी महाराज सहित दो दर्जन से ज्यादा प्रमुख महंतों की मौजूदगी रही। इस दौरान संतों ने पुष्प वर्षा और गुलाल लगाकर रामजन्म का उल्लास मनाया।कलाकारों ने उत्सव की महफिल सजा दिया। इससे साधु-संत, भक्तगण मंत्रमुग्ध हो गए। मंदिर में श्रीरामजन्मोत्सव का उल्लास छाया रहा। मध्यान्ह प्रभु श्रीराम के जन्म बाद मंदिर में भजन, बधाई एवं सोहर गीत का सिलसिला देररात्रि तक चला। भगवान श्रीराम के प्राकट्य की खुशी में प्रसाद वितरण हुआ। पूरा मंदिर प्रांगण रंग-बिरंगी रोशनी में नहाया रहा, जिससे अनुपम छटा निखर कर सामने आ रही थी। चारों ओर हर्षोल्लास का वातावरण छाया रहा। भगवान के जन्मोत्सव की खुशी में साधु-संत से लेकर भक्तगण झूमने को आतुर दिखे। उनकी खुशी का कोई ठिकाना नही था। सभी अपनी सुध-बुध खोकर उत्सवी रंग में डूबकर नाच रहे थे। चहुंओर भक्तिमय वातावरण फैला रहा। महोत्सव को किलाधीश श्रीमहंत मैथलीरमण शरण जी महाराज ने सानिध्यता और मंदिर के युवा संत अधिकारी सूर्य प्रकाश शरण ने अपना संयोजन प्रदान किया। आचार्य पीठ में भगवान श्रीराम का प्राकट्योत्सव धूमधाम के साथ मनाया गया। महोत्सव पर भजन, बधाई आदि का कार्यक्रम हुआ। उसके बाद प्रसाद वितरण किया गया। कलाकारों को न्यौछावर भी भेंट किया। किलाधीश श्रीमहंत मैथलीरमण शरण जी महाराज ने कहा कि इस बार श्रीरामनवमी पर्व का बड़ा ही महत्व रहा। क्योंकि हमारे आराध्य श्रीरामलला सरकार पांच सौ वर्षों के लंबे संघर्ष बाद भव्य मंदिर में विराजमान हुए। श्रीरामलला के प्राण प्रतिष्ठा बाद यह श्रीरामजन्मोत्सव का दूसरा पर्व था, जिसको हम सबने बड़े ही हर्षोल्लास पूर्वक मनाया। इस अवसर पर तमाम कार्यक्रम आयोजित किए गए।
: अयोध्या की धरती पूज्यनीय, सभी संत हमारे पूज्य: बृजभूषण शरण सिंह
Thu, Apr 3, 2025
अयोध्या की धरती पूज्यनीय, सभी संत हमारे पूज्य: बृजभूषण शरण सिंहजिनके कर्म श्रेष्ट होते है वो संसार को सुंदर बनाते है: डॉ मनोज मोहनचक्रवर्ती महाराज दशरथ जी का राजमहल बड़ास्थान में श्री रामजन्मोत्सव का छाया उल्लासकथा में रामनगरी के विशिष्ट संतो का हो रहा समागम, कैसरगंज के लोकप्रिय नेता बृजभूषण शरण सिंह का हुआ सम्मानमहोत्सव की अध्यक्षता विंदुगाद्याचार्य महंत देवेंद्र प्रसादाचार्य व संयोजन मंगल भवन पीठाधीश्वर श्रीमज्जगदुरु श्रीअर्जुनद्वाराचार्य स्वामी कृपालु रामभूषणदेवाचार्य कर रहेंअयोध्या। अयोध्या। रामनगरी में भगवान श्रीराम के पावन जन्मोत्सव को लेकर उल्लास छाने लगा है।चक्रवर्ती महाराज दशरथ जी का राजमहल बड़ास्थान, रामकोट में रामजन्मोत्सव का उल्लास अपने चरम पर है। मंदिर में चल रहे सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस श्रीधाम वृंदावन से पधारे कथाव्यास डॉ. मनोज मोहन शास्त्री महाराज ने प्रभु के वामन अवतार के वृतांत का विस्तार पूर्वक वर्णन भक्तों को करवाया एवं कृष्ण जन्मोत्सव को बड़ी धूमधाम से मनाया। कथा के चौथे दिन संत साधकों ने डॉ. मनोज जी के श्रीमुख से कथा का श्रवण किया। भागवत कथा के चतुर्थ दिवस की शुरुआत भागवत आरती के साथ की गई।जिनके कर्म श्रेष्ट होते है वो संसार को सुंदर बनाते है। आचार्य जी ने कथा प्रसंग का वृतांत सुनाते हुए बताया कि वामन अवतार भगवान विष्णु के दशावतारो में पांचवा अवतार और मानव रूप में अवतार था। जिसमें भगवान विष्णु ने एक वामन के रूप में इंद्र की रक्षा के लिए धरती पर अवतार लिया। वामन अवतार की कहानी असुर राजा महाबली से प्रारम्भ होती है। महाबली प्रहलाद का पौत्र और विरोचना का पुत्र था। महाबली एक महान शासक था जिसे उसकी प्रजा बहुत स्नेह करती थी। उसके राज्य में प्रजा बहुत खुश और समृद्ध थी। उसको उसके पितामह प्रहलाद और गुरु शुक्राचार्य ने वेदों का ज्ञान दिया था। इसके बाद भैया जी के सानिध्य में सभी भक्तों ने श्री कृष्ण जन्मोत्सव को बड़ी धूमधाम से मनाया।महोत्सव की अध्यक्षता विंदुगाद्याचार्य महंत देवेंद्र प्रसादाचार्य महाराज कर रहे तथा संयोजन मंगल भवन पीठाधीश्वर श्रीमज्जगदुरु श्रीअर्जुनद्वाराचार्य स्वामी कृपालु रामभूषणदेवाचार्य महाराज कर रहें। आज की कथा में कैसरगंज के लोकप्रिय नेता पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह संतों का आशीर्वाद लेने पहुंचे। कथा को सम्बोधित करते हुए नेता जी ने कहा कि अयोध्या की पवित्र धरती मेरे लिए पूज्यनीय है ये मेरा घर है और यहां के सभी संत मेरे लिए पूज्य है। उन्होंने कहा कि हमेशा मेरा घर नन्दनी नगर अयोध्या वासियों के लिए खुला है।इस मौके पर हनुमानगढ़ी के वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास भी मौजूद रहें। कथा में रामनगरी के विशिष्ट संतों का समागम हुआ, कथा श्रवण करने आए सभी संतो महंतों का अभिनन्दन मंगल भवन पीठाधीश्वर श्रीमज्जगदुरु श्रीअर्जुनद्वाराचार्य स्वामी कृपालु रामभूषणदेवाचार्य महाराज ने स्वागत किया। इस मौके पर महंत उद्धव शरण, महंत गणेशानंद, रामकोट के पार्षद प्रतिनिधिप्रियेश दास, नेताजी के प्रभारी नीलेश सिंह, अयोध्या प्रभारी महेंद्र त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।