: महंत विजयराम दास योगीराज को संतो ने किया नमन
Fri, Apr 26, 2024
अयाेध्यानगरी के संत-महंताें ने साधुशाही परंपरानुसार बालयोगी रामदास को कंठी, चद्दर, तिलक देकर महंती की दी मान्यता
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की जन्मस्थली अयोध्या से बाल्यकाल से वैराग्य का जीवन प्रारंभ करने वाले भजनानंदी संत, मां सरयू के पावन तट पर विराजमान सिद्धपीठ करतलिया आश्रम के साथ भारत और नेपाल में स्थित दर्जनों आश्रमों के पीठाधीश्वर महंत विजयराम दास योगीराज महराज को संतो ने नमन किया।
करतलिया बाबा आश्रम में गुरुवार को एक महंताई समाराेह के दरम्यान अयाेध्यानगरी के संत-महंताें ने साधुशाही परंपरानुसार महंत बालयोगी रामदास को कंठी, चद्दर, तिलक देकर महंती की मान्यता दी। साथ ही साथ महज्जरनामा पर हस्ताक्षर भी किया। आश्रम के महंत रहे विजयराम दास योगीराज महाराज का कुछ दिनाें पहले साकेतवास हाे गया था। जिस पर राम दास बालयोगी चेला स्व. महंत विजयराम दास योगीराज की ताजपाेशी की गई। योगीराज बाबा ने अपने जीवनकाल में ही पंजीकृत वसीयत द्वारा सुयाेग्य शिष्य रामदास बालयोगी काे अपना उत्तराधिकारी नामित कर दिया था। गुरुवार को योगीराज बाबा का तेरहवीं भंडारा भी रहा। इस अवसर पर मंदिर प्रांगण में महंताई समाराेह का आयोजन हुआ, जिसमें संताें व सद् गृहस्थाें ने रामदास बालयोगी काे करतलिया बाबा आश्रम मंदिर का महंत एवं सर्वराहकार घाोषित किया। महंत रामदास बालयोगी ने कहा कि वह अपने समस्त दायित्वों का कुशलता पूर्वक निर्वहन करते आ रहें है और आगे भी रहते रहेंगे। साथ ही मंदिर की सम्पूर्ण सम्पत्तियाें काे अक्षुण्ण बनाए रखने का आजीवन सतत प्रयत्न करते रहेंगे। अंत में बालयोगी जी ने आए हुए संताें का अंगवस्त्र भेंटकर स्वागत-सत्कार किया। महंताई समाराेह में मणिरामदास छावनी उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास, रसिक पीठाधीश्वर महंत जन्येजय शरण, खाकी अखाड़ा के महंत जी, महंत सीताराम दास त्यागी,हनुमत सदन महंत अवधकिशाेर शरण, धर्मसम्राट श्रीमहंत ज्ञानदास महाराज के शिष्य संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास व वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास, सरपंच रामकुमार दास, महंत बलराम दास, महंत परशुराम दास, महंत विनोद दास, महंत आनंद दास, डाड़िया महंत गिरीश दास, महंत अर्जुन दास, महंत रामनारायण दास, महंत पुरूषाेत्तम दास, महंत रामकिशाेर दास, महंत धर्मदास, महंत विजयराम दास, महंत कन्हैया दास सहित योगीराज बाबा के गुजरात, राजस्थान, बिहार, मध्यप्रदेश के सौकड़ों शिष्य आदि उपस्थित रहे।
: भक्त की श्वास-प्रश्वास आराध्य विग्रह के साथ धड़कती है: किलाधीश
Wed, Apr 24, 2024
आचार्य पीठ श्री लक्ष्मणकिला में महंत मैथलीरमण शरण जी के अध्यक्षता में छठ्योत्सव की बिखरी रही छटा
भगवान को कढ़ी-चावल, दही बड़ा जैसे पारंपरिक व्यंजनों का लगा भोग
अयोध्या। चैत्र शुक्ल नवमी यानी 17 अप्रैल को राम जन्मोत्सव मनाए जाने के बाद मंगलवार को उल्लास के साथ रामनगरी के मंदिरों में छठ्योत्सव मनाया गया। इस अवसर पर न सिर्फ रीति रिवाज के अनुरूप भगवान को कढ़ी-चावल, दही बड़ा जैसे पारंपरिक व्यंजनों का भोग लगाया गया, बल्कि भोज- भंडारा व प्रसाद वितरण हुआ। विशेष आयोजन आचार्य पीठ श्री लक्ष्मणकिला में हुआ। लक्ष्मणकिला में महंत मैथलीरमण शरण जी की अध्यक्षता व उनके शिष्य युवा संत मंदिर के अधिकारी सूर्य प्रकाश शरण के संयोजन में छठ्योत्सव की छटा बिखरी रही। मंदिर में स्थापित आराध्य विग्रह के पूजन-अनुष्ठान का क्रम सुबह से ही शुरू हुआ। पूर्वाह्न की दस्तक के साथ आराध्य से आत्मीयता ज्ञापित करते गीतों ने संतों एवं श्रद्धालुओं को विभोर किया।
आचार्य पीठ के महंत मैथलीरमण शरण जी ने कहा कि उत्सव को शिखर का स्पर्श दिया। कहा, यही भक्ति का वैशिष्ट्य है। किसी समीक्षक के लिए भगवान पत्थर के हों तो हों, भक्त के लिए वे चिन्मय - चैतन्य विग्रह हैं। भक्त की श्वास-प्रश्वास आराध्य विग्रह के साथ धड़कती है। वह समर्पित प्रेमी की तरह प्रेमास्पद की चिंता करता है और उनके जीवन के दिव्य दैवी प्रवाह में अपने जीवन की तलाश करता है। श्रीराम का छठ्योत्सव भक्ति की इसी लीनता का परिचायक है। और यही लीनता भक्त को भगवान से अभिन्न बनाती है। आये हुए संगीतकार व कलाकारों का स्वागत मंदिर के अधिकारी सूर्य प्रकाश शरण ने किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।
: साधना शुचिता और वैराग्य के अमृतपुंज अयोध्या में शिद्दत से शिरोधार्य हुए हनुमानजी
Wed, Apr 24, 2024
हनुमान जयंती पर हनुमान बाग मंदिर में हुआ विशेष पूजन अर्चन, लगा भगवान को भोग, हनुमानबाग में सायं गोधुरिया बेला में हनुमान जन्मोत्सव मनाया गया
आदित्य भवन पर स्थापित हुए पंचमुखी हनुमानजी, हुआ विधिवत पूजन प्राण प्रतिष्ठा में संतो का हुआ अभिनन्दन
अयोध्या। रामनगरी में मंगलवार को हनुमान जी के जयंती श्रद्धा भाव के साथ मनाया गया। वैसे तो हनुमान जयंती बहुत बड़े पैमाने पर कार्तिक में मनाई जाती है लेकिन चैत्र की भी जयंती हनुमानजी का मठ मंदिरों में मनाई गई।
रामनगरी में अपनी सेवा समर्पण के रुप में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले आदित्य भवन चल रहे प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आज समारोह पूर्वक समापन हुआ। वैदिक आचार्यों द्धारा सुंदर कांड व नवाह परायण पाठ किया गया। इसके बाद पंचमुखी हनुमानजी का भव्य प्राण प्रतिष्ठा हुआ। आये संतों का स्वागत अभिनन्दन भी किया गया। इस दौरान पूरा मंदिर विशेष रुप से सजाया गया था।आदित्य भवन से जुड़े हरिओम राय ने बताया कि श्री महारुद्र यज्ञ एवं मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव 19 अप्रैल से शुरु हुआ था। जिसका समापन आज पंचमुखी हनुमानजी के प्राण प्रतिष्ठा के साथ हुआ। इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें रामनगरी के विशिष्ट संतों का अभिनन्दन भी हुआ।
तो वही वासुदेवघाट स्थित हनुमानबाग में सायं गोधुरिया बेला में हनुमान जन्मोत्सव मनाया गया। मंदिर के महंत जगदीश दास ने बताया कि अयोध्या में सिर्फ हनुमानबाग में गोधूरिया बेला में बजरंगबली का प्राकटोत्सव मनाया जाता है। हनुमानबाग मंदिर समेत अयोध्या के विभिन्न मठ मंदिरों में हनुमान जयंती का यह पर्व पूरी आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया गया। साधना शुचिता और वैराग्य के अमृतपुंज भगवान महाबीर की आध्यात्मिक स्थली श्रीअयोध्याजी के मर्यादित आश्रमों में सिद्धपीठ श्रीहनुमानबाग गरीबों मजलूमों की सेवा कर अपने परिकल्पना को परिलक्षित कर रहा है। हनुमान बाग रामनगरी के प्रतिष्ठित मंदिरों में शुमार है। वर्तमान परम्परावाहक म. श्रीजगदीशदासजी महाराज उक्त विरासत को समेटे हुए गौसेवा सन्तसेवा एवं आश्रम संचालन से सम्पूर्ण विश्व में सनातन ध्वजा लहरा रहे हैं। कार्यक्रम में पुजारी योगेंद्र दास,सुनील दास, रोहित शास्त्री,नितेश शास्त्री मौजूद रहे।