: अयोध्या में पहली बार 4डी मंदिर से “लक्ष्मी-नारायण“ के दर्शन का अवसर
Sun, Apr 21, 2024
कलर्स ने स्थापित किया अद्भुत मंदिर
अयोध्या। प्रभु श्री राम की पावन नगरी आयोध्या में पहली बार ऐसी धार्मिक स्थापना हुई है जिसने आराधना और पारलौकिक अनुभव को एक नई गतिशीलता प्रदान की है। कलर्स टीवी चैनल ने अपने दर्शकों को ’लक्ष्मी नारायण’ के दिव्य दर्शन देने के लिए राम की पैड़ी घाट पर एक नवीन और बहु-आयामी 4डी एंगेजमेंट मंदिर की स्थापना की है, ताकि लोगों को भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के अद्भुत दर्शन का विविध अनुभव प्राप्त हो सके। इस अद्भुत 4डी मंदिर की स्थापना के बाद, अयोध्या आने वाले तीर्थयात्रियों और प्रयात्रियों को पहली बार भगवान लक्ष्मी-नारायण के अनोखे दर्शन करने का अनुभव मिलेगा। इस मनमोहक मंदिर के रूप में, एक विशाल 12 फीट का 4डी लक्ष्मी नारायण मंदिर निर्मित किया गया है और दर्शक इसका आनंद 20 अप्रैल से 23 अप्रैल तक केवल राम की पैड़ी घाट पर उठा सकते हैं। इस बात पर दृढ़ विश्वास रखते हुए कि “हर घर में लक्ष्मी नारायण का वास है“, कलर्स का आगामी पौराणिक शो ’लक्ष्मी नारायण’ 22 अप्रैल से सोमवार से शुक्रवार तक रात 10 बजे प्रसारित होगा, और यह अपने दर्शकों को सुख, सामर्थ्य और संतुलन का खजाना हासिल करने की कुंजी प्रदान करेगा, तथा उन्हें अपने घरों में समृद्धि का स्वागत करने के लिए प्रेरित करेगा। शो दर्शकों को ’लक्ष्मी’ और ’नारायण’ के दिव्य अवतार की यात्रा से रूबरू कराएगा, जिसमें उन्हें उनकी अनसुनी कथाओं के दर्शन होंगे, जहां वे स्वयं परमेश्वर होने के बावजूद समकालीन चुनौतियों और आकांक्षाओं से गुजरते हैं, जिससे दर्शकों को आज की आधुनिक दुनिया के लिए प्रासंगिक अनुभव प्राप्त होगा। भव्यता का परिचायक बनने वाले सेट डिजाइन और श्रेष्ठ वी.एफ.एक्स के साथ, इस शो में श्रीकांत द्विवेदी और शिव्या पठानिया क्रमशः भगवान नारायण और देवी लक्ष्मी की भूमिका में हैं।बहुत से लोगों के लिए, अयोध्या की यात्रा एक आनंदमय अनुभव होती है। इस विशेष दिन पर, कई लोगो ने अपने धार्मिक समूहों के साथ लक्ष्मी नारायण के 4क् मंदिर का अनुभव लिया । एडी डांस एकेडमी ने एक विशेष धार्मिक नृत्य प्रस्तुत किया, और अयोध्या के पुलिस अधिकारी भी लक्ष्मी नारायण का विशेष दर्शन किया। आयोध्या के निवासियों के लिए यह एक बहुत बड़ी खुशी की बात है कि उनकी धरती पर ऐसी एक विशिष्ट स्थापना हुई है जो धार्मिक परंपरा के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग करती है। यह स्थान न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का संरक्षण करेगा, बल्कि नवीन आरामदायक तरीकों से पवित्र अनुभव भी प्रदान करेगा।
: राम भक्तों की सेवा करने का सौभाग्य प्रभु की कृपा से मिलाःबाबा महेंद्र सिंह
Sun, Apr 21, 2024
ऐतिहासिक गुरुद्वारा नजरबाग विगत 16 वर्षों से खालसा फाउंडेशन ट्रस्ट द्धारा रामनवमी पर रामभक्तों की कर रहा सेवा
सेवादारों और बाबा महेंद्र सिंह जी का मूल धर्म और स्वभाव बनकर हम सभी को ऊर्जा और मनुष्यता की सेवा करने की प्रेरणा देता है: सांसद लल्लू सिंह
अयोध्या। सिख धर्म का भी अयोध्या से गहरा नाता है। रामनगरी के गुरुद्वारा नजरबाग में गूंजती गुरुबाणी इसका प्रमाण है। अयोध्या के संत भी यह मानते हैं कि सनातन धर्म और सिख धर्म के संबंध का गहरा नाता भगवान राम से हैं। गुरुबाणी में बार-बार राम के नाम का प्रयोग मिलता है तो गुरुग्रंथ साहिब में कहा गया है कि निर्गुण ब्रह्म सर्वव्यापक है। निर्गुण ब्रह्म को ही राम के नाम से पुकारा गया है। अपनी सेवा रुपी अमिट छाप छोड़ते हुए इस बार 17 वर्ष भी ऐतिहासिक गुरुद्वारा नजरबाग अयोध्या खालसा फाउंडेशन ट्रस्ट के द्वारा प्रसाद वितरण कार्यक्रम रामनवमी के पावन अवसर पर कर रामभक्तों की सेवा किये।यह आयोजन सिख समाज द्धारा परंपरागत रुप से किया जाता है। प्रसाद वितरण जत्थेदार बाबा महेंदर सिंह जी व समूह सेवादारों करते है। इस वितरण कार्यक्रम में सांसद लल्लू सिंह भी शामिल हुए। सांसद ने रामभक्तों को प्रसाद वितरण करते हुए कहा कि गुरुद्वारा नजर बाग पिछले कई वर्षों से अयोध्या आने वाले दर्शनार्थियों के साथ साथ जरूरतमंदों और नगरवासियों की सेवा में हम सब के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है। उन्होंने कहा कि सेवाभाव इस स्थान और यहां के सेवादारों और बाबा महेंद्र सिंह जी का मूल धर्म और स्वभाव बनकर हम सभी को ऊर्जा और मनुष्यता की सेवा करने की प्रेरणा देता रहता है।
बाबा महेंदर सिंह जी ने सभी को बधाई देते हुए कहा की प्रभु राम का जन्मोत्सव मनुष्यता के लिए सकारात्मक ऊर्जा के साथ साथ जीवन में वैराग- वैभव,परिवार धर्म, मनुष्यता न्याय धर्म प्रायोगिकता में संतुलन बनाने की कला प्रदान करता है। प्रभु राम हम सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें।
गुरुद्वारे के सेवादार नवनीत सिंह ने कहा कि लंगर में प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग लंगर प्रसाद ग्रहण करते हैं। श्री राम जन्म भूमि के निकट गुरुनानक देव जी और गुरु गोविंद सिंह जी महराज की चरण रज प्राप्त यह स्थान ऐतिहासिक महत्व रखता है।सेवादार नवनीत ने अयोध्या फैज़ाबाद की समूह साध संगत और प्रशासन के सहयोग के लिए धन्यवाद।
: सियारामशरण सखी बाबा को संतो ने किया नमन
Sat, Apr 20, 2024
अयोध्या। अयोध्या सिद्ध और भजनानंदी संतो की गढ़ रही है। इसी नगरी में लगभग पांच दशक पहले मां सरयू तट के किनारे सरयू कुंज मंदिर वशिष्ठ कुंड दुराही कुआं के संस्थापक साकेत वासी सिद्ध संत सियारामशरण सखी बाबा की पुण्यतिथि बड़े ही धूमधाम से मनाई गई। सियारामशरण महाराज सिद्ध संत थे सरयू के तट पर आश्रम बना कर संतो, वृद्धों, असहायों और गौ सेवा निरंतर किया करते थें। उनका कहना था कि मानव जीवन पाना बहुत ही दुर्लभ है और मनुष्य को जब यह जीवन प्राप्त हो जाय तो उसको निरंतर सेवा ही करनी चाहिए सेवा से ही भगवत की प्राप्ति हो सकती है।सरयू कुंज के वर्तमान महंत राममिलन शरण ने बताया कि श्री महाराज जी सेवा के प्रतिमूर्ति थे और पूरे दिन जाड़ा, गर्मी, बरसात निरंतर लोगों की सेवा करते रहते थे। आश्रम में जो भी व्यक्ति आया वह कभी निराश होकर नहीं गय है। कम संसाधनों में सेवा कैसे की जाती है यह उनके जीवन से सीखा जा सकता हैं। उन्होंने बताया कि लगभग 5 दशक पहले श्री महाराज जी अयोध्या में आये और आश्रम की स्थापना कर सेवा करने लगी तब से आज तक आश्रम में निरंतर सेवा चलती रहती है। श्री महाराज जी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा व विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। श्री महाराज जी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए अयोध्या के नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास, महंत जयरामदास, महंत गणेशानंद दास, महंत उद्धव शरण,महंत बाल योगी महंत रामदास सहित सैकड़ों संतों महंतों मंदिर परिसर से जुड़े शिष्य परिकर श्री महाराज जी को श्रद्धांजलि अर्पित किए। महंत राम मिलन शरण ने सभी महंतों का स्वागत सत्कार किया है।