: जानकी जीवन सरकार का दो दिवसीय 17वां प्राकट्योत्सव का छाया उल्लास
Wed, Mar 5, 2025
जानकी जीवन सरकार का दो दिवसीय 17वां प्राकट्योत्सव का छाया उल्लासदर्शन भवन से महंत डॉ. ममता शास्त्री के दिशानिर्देशन में गाजे-बाजे, हाथी-घोड़ा, रथ संग निकली विशाल शोभायात्रासरयू मैया का अभिषेक-पूजन, आरती कर चढ़ाई गई चुनरीअयोध्या। रामनगरी की प्रसिद्ध पीठ जगद्गुरु रामानन्दाचार्य जी भगवान का मंदिर दर्शन भवन जानकीघाट से गाजे-बाजे, हाथी-घोड़ा, रथ संग विशाल शोभायात्रा निकाली गई। अवसर मंदिर के गर्भगृह में विराजमान भगवान जानकी जीवन जू के 17वें प्राकट्योत्सव का है। शोभायात्रा को दर्शन भवन की वर्तमान पीठाधीश्वर महंत डॉ. ममता शास्त्री ने अपनी सानिध्यता प्रदान किया। यह शोभायात्रा दर्शन भवन से शुरू होकर तपस्वी छावनी चौराहा, दिगंबर अखाड़ा, हनुमानगढ़ी चौराहा, श्रृंगारहाट, शास्त्रीनगर, तुलसी उद्यान, लता चौक होते हुए पावन सरयू तट पहुंची। जहां सरयू मैया का अभिषेक-पूजन, आरती कर चुनरी चढ़ाई गई। उसके बाद पुनः शोभायात्रा सरयू तट से दर्शन भवन मंदिर को वापस लौटी। वहां मंदिर में विराजमान नर्वदेश्वर भगवान शंकर का विशेष श्रृंगार कर भस्म आरती उतारी गई। उसके बाद सायंकाल दर्शन भवन बिहारी सरकार की भव्य एवं मनोरम फूलबंगला झांकी सजी। झांकी का दर्शन कर भक्तगण धन्य हुए। इस अवसर पर दर्शन भवन की पीठाधिपति महंत डॉ. ममता शास्त्री ने बताया कि आश्रम में जानकी जीवन सरकार का दो दिवसीय प्राकट्योत्सव मनाया जा रहा है। यह भगवान का 17वां प्राकट्य महोत्सव है। महोत्सव के क्रम में प्रथम दिन सुबह तुलसी एवं पुष्प द्वारा ठाकुर जानकी जीवन का सभी भक्तों ने सामूहिक रूप से सहस्रार्चन कर उत्सव का शुभारंभ किया। तत्पश्यात 108 बत्ती से भगवान की भव्य आरती उतारी। उसके बाद मंदिर के मुख्य द्वार से पुण्य सलिला मां सरयू तट तक भव्य, विशाल एवं मनोरम शोभा यात्रा निकाली गई। फिर मोक्षदायिनी एवं पुण्यदायिनी मां सरयू की दिव्य एवं भव्य चुनरी महोत्सव का कार्यक्रम हुआ। तदुपरांत सरयू मैया की दिव्य एवं भव्य आरती उतारी। पुनः शोभा यात्रा सस्यू तट से मंदिर को वापस लौटी। सायंकाल नर्वदेश्वर भगवान शंकर का विशेष श्रृंगारदिव्य भस्म आरती उतारी। दर्शन भवन बिहारी सरकार के फूल बंगला की मनोहारी झांकी सजी। मंदिर के मुख्य द्वार पर भण्डारा प्रसाद का वितरण हुआ। उसके बाद शास्त्रीय संगीत एवं सांस्कृतिक संध्या की महफिल सजी। देररात्रि ठाकुर जानकी जीवन के संग फूलों की होली खेली। उन्होंने बताया मंगलवार को सुबह नर्वदेश्वर भगवान शंकर का रूद्राभिषेक है। फिर विश्वनाथ गौ सेवा दर्शन मंदिर में गौ माता का विशेष पूजनार्चन एवं दिव्य आरती होगी।
: दिगंबर जैन मंदिर में पंचकल्याणक महोत्सव का छाया उल्लास
Wed, Mar 5, 2025
दिगंबर जैन मंदिर में पंचकल्याणक महोत्सव का छाया उल्लासभारत देश की प्राचीनतम संस्कृति में यह अयोध्या नगरी प्रथम तीर्थकर भगवान ऋषभदेव आदि पाँच भगवन्तों की भी जन्मभूमिजैन साध्वी गणिनीप्रमुख आर्यिकाशिरोमणि ज्ञानमती माता की दिव्य सान्निध्य में 1800 प्रतिमाओं का पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव मनाया जा रहाअयोध्या।दिगंबर जैन मंदिर की शीर्ष पीठ रायगंज स्थित भगवान ऋषभदेव मंदिर में इस समय पंचकल्याणक महोत्सव की धूम मची हुई है। पंचकल्याणक महोत्सव से जैन मंदिर का पूरा प्रांगण सराबोर है। जहां धर्म, आध्यात्मिकता और आस्था बैतरणी बह रही है। पूरे देश और दुनिया में अयोध्या को भगवान राम की नगरी से जाना जा रहा है। वहीं भारत देश की प्राचीनतम संस्कृति में यह अयोध्या नगरी प्रथम तीर्थकर भगवान ऋषभदेव आदि पाँच भगवन्तों की भी जन्मभूमि है। ऐसी महान तीर्थभूमि पर जैन धर्म के अनेक जिनमंदिर हैं। इन जिनमंदिरों में रायगंज स्थित भगवान ऋषभदेव दिगंबर जैन मंदिर बड़ी मूर्ति का विशाल प्रांगण अपनी अद्वितीय आभा बिखेरता हुआ जैनधर्म की प्राचीनता और इसके इतिहास को जगजाहिर कर रहा है। यहां इस समय पंचकल्याणक महोत्सव चल रहा है। जिसके क्रम में तीनलोक रचना में सिद्ध भगवन्तों की 727 जिनप्रतिमाएं विराजमान होने जा रही हैं। इसी के साथ भगवान ऋषभदेव से लेकर भगवान महावीर तक की अन्य 1008 प्रतिमाओं का भी पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव मनाया जा रहा है। उक्त महोत्सव सर्वोच्च जैन साध्वी गणिनीप्रमुख आर्यिकाशिरोमणि ज्ञानमती माता की दिव्य सान्निध्य में सम्पन्न होगा रहा है। सम्पूर्ण कार्यक्रम को प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका चंदनामती माता का मार्गदर्शन एवं तीर्थ के अध्यक्ष पीठाधीश स्वस्तिश्री रवीन्द्रकीर्ति स्वामी का कुशल निर्देशन प्राप्त हो रहा है। इस आयोजन में कमेटी द्वारा विशेष रूप से आचार्यश्री भद्रबाहुसागर महाराज ससंघ आमंत्रित किया गया है। जिनके सान्निध्य में उक्त महोत्सव सम्पन्न हो रहा है। साथ ही देश के चिरपरिचित क्षुल्लक ध्यानसागर महाराज एवं श्रवणबेलगोला के भट्टारक स्वस्तिश्री चारुकीर्ति जी महाराज भी अपना सान्निध्य प्रदान कर रहे हैं। 6 मार्च को प्रतिमाओं को भगवान का स्वरूप प्राप्त होगा। एक साथ जैन तीर्थकर एवं सिद्ध भगवन्तों की 1800 प्रतिमाएं पूजनीय बनकर प्रतिष्ठापित की जायेंगी। जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष व पीठाधीश स्वस्तिश्री रवीन्द्रकीर्ति स्वामी ने बताया कि 5 मार्च को भगवानयों को ज्ञान प्राप्त करने वाले दिव्य आत्माओं के समान भगवान को केवलज्ञान की प्राप्ति होगी। इस अवसर पर कमेटी के कार्याध्यक्ष अनिल कुमार जैन, उपाध्यक्ष आदीश कुमार जैन सर्राफ, महामंत्री अमरचंद जैन, कोषाध्यक्ष ऋषभ जैन तथा अन्य पदाधिकारियों में जितेन्द्र जैन, योगेश जैन, निधेश जैन, परमेन्द्र जैन, पंकज जैन, नमन जैन, अंकुर जैन, कमलेश जैन आदि मौजूद रहे।
: हनुमान बाग में महालक्ष्मी की भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव शुरु
Tue, Mar 4, 2025
हनुमान बाग में महालक्ष्मी की भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव शुरु10 मार्च को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होगा महालक्ष्मी जी की प्रतिष्ठाहनुमान बाग में भव्य महोत्सव का हुआ आगाज,हवन पूजन के साथ मंदिर में हो रहा विभिन्न अनुष्ठानमहंत जगदीश दास के दिशानिर्देशन में भगवान सीताराम, भगवान शिव, मां दुर्गा व हनुमानजी का भव्य मंदिर की ध्वज पताका लहरा रहीअयोध्या। रामनगरी के प्रतिष्ठित पीठों में शुमार श्री हनुमान बाग मंदिर में महादेवी महालक्ष्मी जी की भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का दिव्य शुभारंभ हो गया है। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बुधवार से हवन कुंड में पड़ेगी आहुतियां। महोत्सव की अध्यक्षता श्रीमहंत जगदीश दास जी महाराज कर रहें है। महालक्ष्मी जी का मंदिर बनकर पूरी तरह से तैयार हो गया है मंदिर के निर्माण में राजस्थान के पत्थरों का उपयोग किया गया है। प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के संयोजन हनुमान बाग सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित किया गया है। कार्यक्रम के मुख्य यजमान राजेश सनेही व श्रीमती सीमा सनेही कलकत्ता है। कार्यक्रम की देखरेख पुजारी योगेंद्र दास, सुनील शास्त्री, रोहित शास्त्री व नितेश शास्त्री कर रहें है। श्रीमहंत जगदीश दास के दिशानिर्देशन में विगत 50 वर्षों से लगातार हनुमान बाग मंदिर अपने उतरोत्तर विकास की ओर अग्रसर है। हनुमानजी के भव्य मंदिर का सौन्दर्यीकरण करने के बाद महंत जी ने भगवान सीताराम, भगवान शंकर व मां दुर्गा जी का भव्य मंदिर बनवाया और दिव्य अलौकिक प्राण प्रतिष्ठा करायी जिसकी ध्वज पताका लहरा रही है। मंदिर में लगातार अखंड सीताराम नाम संकीर्तन के साथ दीन दुखियों असहायों को भोजन वस्त्र आदि वितरण किया जाता है। पिछले दस वर्षों से लगातार सायंकालीन अन्नक्षेत्र चलाया जा रहा है जिसमें सैकड़ों लोग प्रसाद ग्रहण करते है। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भवर लाल सनेही,पुष्पा सहित कलकत्ता व देश के अन्य शहरों से भक्त आये है।