: जय शाह पहुंचे अयोध्या, भगवान रामलला और हनुमानगढ़ी का दर्शन कर भाविभोर हुए
Thu, Mar 13, 2025
जय शाह पहुंचे अयोध्या, भगवान रामलला और हनुमानगढ़ी का दर्शन कर भाविभोर हुए
जय शाह ने की हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा अर्चना, ICC के चेयरमैन बनने के बाद पहुंचे अयोध्यासंकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास का लिया आशीर्वाद, पुजारी हेमंत दास ने स्मृति चिन्ह भेंट कर किया स्वागतअयोध्या। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के पुत्र जय शाह आईसीसी के चेयरमैन बनने के बाद पहली बार अयोध्या पहुंचे।उन्होंने भगवान रामलला सहित राम मंदिर का दर्शन कर निर्माण की बारीकियों को देखा।इसके बाद वे हनुमानगढ़ी पहुंवे जहां उन्होंने दर्शन-पूजन और परिक्रमा की।अपनी इस धार्मिक यात्रा के दौरान वे पूरी तरह भाव विभोर दिखाई पड़े। हनुमानगढ़ी में जय शाह ने संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास का आशीर्वाद लिया तो पुजारी हेमंत दास ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन के दौरान जय शाह ने कहा कि अयोध्या आकर उनकी आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ी है। उन्होंने अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत की सराहना की और इसे देश की आस्था का केंद्र बताया। इस मौके पर महंत संजय दास के निजी सचिव शिवम श्रीवास्तव भी मौजूद रहें।
: हनुमान बाग में श्री महालक्ष्मी माता की मूर्ति का प्राण प्रतिष्ठा समारोह संपन्न
Mon, Mar 10, 2025
हनुमान बाग में श्री महालक्ष्मी माता की मूर्ति का प्राण प्रतिष्ठा समारोह संपन्नमंदिर परिसर में बनाए गए श्री महालक्ष्मी मंदिर में अष्टधातु की स्वर्ण जड़ित श्री महालक्ष्मी माता की मूर्ति का पांच दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा समारोह सोमवार को संपन्न हो गयालक्ष्मी स्वयं ‘रोग निरोधक शक्ति’ के रूप में प्रत्येक व्यक्ति के शरीर में विद्यमान रहती हैं: श्रीमहंत जगदीश दासअयोध्या। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग मंदिर परिसर में बनाए गए श्री महालक्ष्मी मंदिर में अष्टधातु की स्वर्ण जड़ित श्री महालक्ष्मी माता की मूर्ति का पांच दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा समारोह सोमवार को संपन्न हो गया। प्राण प्रतिष्ठा वाराणसी व अयोध्या से पहुंचे आचार्यों ने कराई। प्राण प्रतिष्ठा होते ही माता का दर्शन करने के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े। घंटों मंदिर परिसर श्री महालक्ष्मी माता की जय के उद्घोष से गूंजता रहा। मंदिर में भगवान सीताराम जी, भगवान शिव शंकर, माता दुर्गा के साथ हनुमानजी महाराज का भव्य मंदिर बना हुआ है। माता के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह इस कदर था कि सुबह नौ बजे से पहुंचने शुरू हो गए थे जबकि प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम सुबह 11 बजे से था। 10 बजते-बजते मंदिर परिसर भर गया था। निर्धारित समय पर आचार्यों ने मुख्य यजमान राजेश सनेही व श्रीमती सीमा सनेही कलकत्ता के हाथों पूजन कराना शुरू कराया। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चारण से पूरा परिसर गूंज उठा। निर्धारित समय पर ही ठीक 11 बजे माता की पहली आरती हुई। पहली आरती। हनुमान बाग मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत जगदीश दास जी महाराज ने किया।प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का संयोजन हनुमान बाग सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के मुख्य यजमान के रुप में राजेश सनेही व श्रीमती सीमा सनेही कलकत्ता ने पूजन किया, पूजन के आचार्य सुरेश शास्त्री रहें।कार्यक्रम की देखरेख पुजारी योगेंद्र दास, सुनील शास्त्री, रोहित शास्त्री व नितेश शास्त्री ने किया।श्रीमहंत जगदीश दास के दिशानिर्देशन में विगत 50 वर्षों से लगातार हनुमान बाग मंदिर अपने उतरोत्तर विकास की ओर अग्रसर है। हनुमानजी के भव्य मंदिर का सौन्दर्यीकरण करने के बाद महंत जी ने भगवान सीताराम, भगवान शंकर व मां दुर्गा जी का भव्य मंदिर बनवाया और दिव्य अलौकिक प्राण प्रतिष्ठा करायी जिसकी ध्वज पताका लहरा रही है। मंदिर में लगातार अखंड सीताराम नाम संकीर्तन के साथ दीन दुखियों असहायों को भोजन वस्त्र आदि वितरण किया जाता है। पिछले दस वर्षों से लगातार सायंकालीन अन्नक्षेत्र चलाया जा रहा है जिसमें सैकड़ों लोग प्रसाद ग्रहण करते है।
श्रीमहंत जगदीश दास महाराज कहते हैं कि महालक्ष्मी माता जी को धन, सुख, समृद्धि एवं ऐश्वर्य की देवी माना गया है और प्राचीन काल से ही उनके पूजन की परम्परा चली आ रही है। भारतीय शास्त्रों में यह भी माना गया है कि लक्ष्मी स्वयं ‘रोग निरोधक शक्ति’ के रूप में प्रत्येक व्यक्ति के शरीर में विद्यमान रहती हैं और शरीर के समस्त रोगों एवं विकारों को दूर कर उसे आंतरिक तथा बाह्य भोगों का आनंद लेने योग्य बनाती हैं। हिन्दू धर्म ग्रंथों एवं शास्त्रों में यह भी माना गया है कि लक्ष्मी चंचल स्वभाव की होती है, इसलिए यह कभी भी अधिक समय तक किसी एक निश्चित स्थान पर टिककर नहीं रह सकती। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भवर लाल सनेही,पुष्पा सहित कलकत्ता सहित देश के अन्य शहरों से सौकड़ों भक्त आये थे।
: श्री सरयू निकुंज मंदिर का 20 वां वार्षिकोत्सव का छाया उल्लास
Mon, Mar 10, 2025
श्री सरयू निकुंज मंदिर का 20 वां वार्षिकोत्सव का छाया उल्लास
मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा, मां सरयू के तट पर हुआ पूजन अर्चन
अयोध्या। श्रीराम लला के परकोटे रामकोट में स्थिति श्री सरयू निकुंज मंदिर में भगवान श्रीराम जानकी जी महाराज का 20 वां वार्षिकोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। भगवान के 20 वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर रविवार से मंदिर में श्री सीताराम नाम अखंड संकीर्तन का शुभारंभ हुआ और प्रतिदिन ठाकुर जी का अभिषेक पट्टा अभिषेक किया गया। जिसमें देश के कोने-कोने से आश्रम से जुड़े श्रद्धालु भक्तों ने भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया और आज यानि 10 मार्च को रंगभरी एकादशी के दिन भगवान की भव्य शोभायात्रा श्री सरयू निकुंज मंदिर से मां सरयू के तट तक निकली जिसमें सैकड़ों की संख्या श्रद्धालु संत महंत ठाकुर जी की शोभायात्रा में भाग लिये। श्रीपीठम चैरिटेबल सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष व श्रीसरयू निकुंज मंदिर के महंत अनंत विभूषित श्री जगतगरु रामानुजाचार्य स्वामी रघुनाथ देशिक जी महाराज ने बताया की प्रत्येक वर्ष श्री ठाकुर जी का वार्षिकोत्सव फागुन शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि से रंगभरी एकादशी तक मनाया जाता है और रंगभरी एकादशी के दिन भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है शोभायात्रा मंदिर परिसर से मां सरयू के तट तक निकलती है और शोभायात्रा के साथ भगवान का 20 वां वार्षिकोत्सव संपन्न हो जाता है।
जगतगुरु महाराज जी ने बताया कि श्री ठाकुर जी का वार्षिकोत्सव प्रत्येक वर्ष हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है और ठाकुर जी के वार्षिकोत्सव के साथ मंदिर परिसर में अनेकों सेवाएं भी संपादित होती है।ठाकुर जी का वार्षिकोत्सव 5 दिन तक मनाया जाता है जिसमें ठाकुर जी का पूजन अर्चन पट्टा अभिषेक अखंड संकीर्तन और अयोध्या के संतो महंतों और अयोध्या वासियों के साथ साथ मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं को ठाकुर जी का प्रसाद पवाया जाता है। ठाकुर जी के इस वार्षिक उत्सव में जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी रत्नेश प्रपन्नाचार्य जी महाराज, हनुमानगढ़ी के महंत राम कुमार दास जी महाराज, महंत नरसिंह दास जी महाराज, रामकोट के पार्षद हनुमानगढ़ी के पुजारी रमेश दास जी महाराज सहित सैकड़ों संतों महंतों ने ठाकुर जी के वार्षिकोत्सव पर प्रसाद ग्रहण किए।