: दिगंबर जैन मंदिर में पंचकल्याणक महोत्सव का छाया उल्लास
बमबम यादव
Wed, Mar 5, 2025
दिगंबर जैन मंदिर में पंचकल्याणक महोत्सव का छाया उल्लास
भारत देश की प्राचीनतम संस्कृति में यह अयोध्या नगरी प्रथम तीर्थकर भगवान ऋषभदेव आदि पाँच भगवन्तों की भी जन्मभूमि
जैन साध्वी गणिनीप्रमुख आर्यिकाशिरोमणि ज्ञानमती माता की दिव्य सान्निध्य में 1800 प्रतिमाओं का पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव मनाया जा रहा
अयोध्या।दिगंबर जैन मंदिर की शीर्ष पीठ रायगंज स्थित भगवान ऋषभदेव मंदिर में इस समय पंचकल्याणक महोत्सव की धूम मची हुई है। पंचकल्याणक महोत्सव से जैन मंदिर का पूरा प्रांगण सराबोर है। जहां धर्म, आध्यात्मिकता और आस्था बैतरणी बह रही है। पूरे देश और दुनिया में अयोध्या को भगवान राम की नगरी से जाना जा रहा है। वहीं भारत देश की प्राचीनतम संस्कृति में यह अयोध्या नगरी प्रथम तीर्थकर भगवान ऋषभदेव आदि पाँच भगवन्तों की भी जन्मभूमि है। ऐसी महान तीर्थभूमि पर जैन धर्म के अनेक जिनमंदिर हैं। इन जिनमंदिरों में रायगंज स्थित भगवान ऋषभदेव दिगंबर जैन मंदिर बड़ी मूर्ति का विशाल प्रांगण अपनी अद्वितीय आभा बिखेरता हुआ जैनधर्म की प्राचीनता और इसके इतिहास को जगजाहिर कर रहा है। यहां इस समय पंचकल्याणक महोत्सव चल रहा है। जिसके क्रम में तीनलोक रचना में सिद्ध भगवन्तों की 727 जिनप्रतिमाएं विराजमान होने जा रही हैं। इसी के साथ भगवान ऋषभदेव से लेकर भगवान महावीर तक की अन्य 1008 प्रतिमाओं का भी पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव मनाया जा रहा है। उक्त महोत्सव सर्वोच्च जैन साध्वी गणिनीप्रमुख आर्यिकाशिरोमणि ज्ञानमती माता की दिव्य सान्निध्य में सम्पन्न होगा रहा है। सम्पूर्ण कार्यक्रम को प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका चंदनामती माता का मार्गदर्शन एवं तीर्थ के अध्यक्ष पीठाधीश स्वस्तिश्री रवीन्द्रकीर्ति स्वामी का कुशल निर्देशन प्राप्त हो रहा है। इस आयोजन में कमेटी द्वारा विशेष रूप से आचार्यश्री भद्रबाहुसागर महाराज ससंघ आमंत्रित किया गया है। जिनके सान्निध्य में उक्त महोत्सव सम्पन्न हो रहा है। साथ ही देश के चिरपरिचित क्षुल्लक ध्यानसागर महाराज एवं श्रवणबेलगोला के भट्टारक स्वस्तिश्री चारुकीर्ति जी महाराज भी अपना सान्निध्य प्रदान कर रहे हैं। 6 मार्च को प्रतिमाओं को भगवान का स्वरूप प्राप्त होगा। एक साथ जैन तीर्थकर एवं सिद्ध भगवन्तों की 1800 प्रतिमाएं पूजनीय बनकर प्रतिष्ठापित की जायेंगी। जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष व पीठाधीश स्वस्तिश्री रवीन्द्रकीर्ति स्वामी ने बताया कि 5 मार्च को भगवानयों को ज्ञान प्राप्त करने वाले दिव्य आत्माओं के समान भगवान को केवलज्ञान की प्राप्ति होगी। इस अवसर पर कमेटी के कार्याध्यक्ष अनिल कुमार जैन, उपाध्यक्ष आदीश कुमार जैन सर्राफ, महामंत्री अमरचंद जैन, कोषाध्यक्ष ऋषभ जैन तथा अन्य पदाधिकारियों में जितेन्द्र जैन, योगेश जैन, निधेश जैन, परमेन्द्र जैन, पंकज जैन, नमन जैन, अंकुर जैन, कमलेश जैन आदि मौजूद रहे।
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