: हनुमान बाग में महालक्ष्मी की भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव शुरु
Tue, Mar 4, 2025
हनुमान बाग में महालक्ष्मी की भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव शुरु10 मार्च को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होगा महालक्ष्मी जी की प्रतिष्ठाहनुमान बाग में भव्य महोत्सव का हुआ आगाज,हवन पूजन के साथ मंदिर में हो रहा विभिन्न अनुष्ठानमहंत जगदीश दास के दिशानिर्देशन में भगवान सीताराम, भगवान शिव, मां दुर्गा व हनुमानजी का भव्य मंदिर की ध्वज पताका लहरा रहीअयोध्या। रामनगरी के प्रतिष्ठित पीठों में शुमार श्री हनुमान बाग मंदिर में महादेवी महालक्ष्मी जी की भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का दिव्य शुभारंभ हो गया है। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बुधवार से हवन कुंड में पड़ेगी आहुतियां। महोत्सव की अध्यक्षता श्रीमहंत जगदीश दास जी महाराज कर रहें है। महालक्ष्मी जी का मंदिर बनकर पूरी तरह से तैयार हो गया है मंदिर के निर्माण में राजस्थान के पत्थरों का उपयोग किया गया है। प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के संयोजन हनुमान बाग सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित किया गया है। कार्यक्रम के मुख्य यजमान राजेश सनेही व श्रीमती सीमा सनेही कलकत्ता है। कार्यक्रम की देखरेख पुजारी योगेंद्र दास, सुनील शास्त्री, रोहित शास्त्री व नितेश शास्त्री कर रहें है। श्रीमहंत जगदीश दास के दिशानिर्देशन में विगत 50 वर्षों से लगातार हनुमान बाग मंदिर अपने उतरोत्तर विकास की ओर अग्रसर है। हनुमानजी के भव्य मंदिर का सौन्दर्यीकरण करने के बाद महंत जी ने भगवान सीताराम, भगवान शंकर व मां दुर्गा जी का भव्य मंदिर बनवाया और दिव्य अलौकिक प्राण प्रतिष्ठा करायी जिसकी ध्वज पताका लहरा रही है। मंदिर में लगातार अखंड सीताराम नाम संकीर्तन के साथ दीन दुखियों असहायों को भोजन वस्त्र आदि वितरण किया जाता है। पिछले दस वर्षों से लगातार सायंकालीन अन्नक्षेत्र चलाया जा रहा है जिसमें सैकड़ों लोग प्रसाद ग्रहण करते है। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भवर लाल सनेही,पुष्पा सहित कलकत्ता व देश के अन्य शहरों से भक्त आये है।
: शिद्दत से शिरोधार्य हुए रामानुजाचार्य स्वामी पुरूषाेत्तमाचार्य
Tue, Mar 4, 2025
शिद्दत से शिरोधार्य हुए रामानुजाचार्य स्वामी पुरूषाेत्तमाचार्यमंदिर आंदोलन में उनकी गणना अग्रणी पंक्ति के याेद्धाओं में हाेती थी, रामजन्मभूमि के लिए अपना सर्वस्व न्याैछावर कर दिया: विश्वेश प्रपन्नाचार्यअयाेध्या। श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के महानायक, शलाका पुरुष एवं ऐतिहासिक पीठ सुग्रीवकिला पूर्वाचार्य श्रीमज्जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी पुरूषाेत्तमाचार्य महाराज काे संताें ने छठवीं पुण्यतिथि पर शिद्दत से याद किया। पुण्यतिथि पर संत-महंताें द्वारा मंदिर में स्थापित उनकी प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया गया। संताें ने साकेतवासी महंत के कृतित्व और व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। इस माैके पर सुग्रीवकिला के वर्तमान पीठाधीश्वर जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी विश्वेश प्रपन्नाचार्य महाराज ने कहा कि उनके गुरूदेव विद्वान संत रहे। विद्वता में उन्हें महारथ हासिल था। उनकी गणना विद्वान संताें में हाेती थी। वह विलक्षण प्रतिभा के धनी संत हाेने के साथ-साथ गाै और संत सेवी रहे। उन्होंने आश्रम का सर्वांगीण विकास किया। गुरूदेव का सपना था, श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर का। जाे श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति आंदोलन से जुड़े रहे। उस आंदोलन में उन्होंने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मंदिर आंदोलन में उनकी गणना अग्रणी पंक्ति के याेद्धाओं में हाेती थी। रामजन्मभूमि के लिए उन्होंने अपना सर्वस्व न्याैछावर कर दिया। उनका सपना पूरा हुआ। श्रीरामजन्मभूमि पर दिव्य, भव्य, नूतन मंदिर बनकर तैयार हो गया, जिसमें श्रीरामलला सरकार विराजमान हुए। भव्य राममंदिर निर्माण ही गुरूदेव काे सच्ची श्रद्धांजलि है। इस अवसर पर काफी संख्या में संत-महंत, भक्तगणों ने प्रसाद ग्रहण किया। सुग्रीवकिला के उत्तराधिकारी स्वामी अनंत पद्मनाभाचार्य महाराज द्वारा आए हुए संत-महंत तथा भक्तगणों का स्वागत-सत्कार किया गया।
: महापौर के साथ बड़ा भक्तमाल मंदिर में संतों ने की बैठक
Tue, Mar 4, 2025
महापौर के साथ बड़ा भक्तमाल मंदिर में संतों ने की बैठकमंदिर की सम्पत्ति भगवान के नाम है तो फिर टैक्स कैसा: महंत अवधेश दाससंतों ने उठाया बिजली बिल अधिक आने का मसला, हाउस टैक्स को लेकर संतों में रोषसीवर जल्द से जल्द सफाई के दिए निर्देशअयोध्या। महापौर गिरीशपति त्रिपाठी ने बड़ा भक्तमाल मंदिर परिसर में आयोजित संतों की बैठक में उनकी समस्याएं सुनी और समाधान करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने मंदिरों का गृह कार्य एवं जलकर माफ कर रखा कर दिया है। इस कारण मंदिर परिसर में चलने वाली अन्य गतिविधियों से संबंधित टैक्स लिया जाएगा। उन्होंने संतों को बताया कि मंदिरों से प्रतीकात्मक धनराशि ही ली जाएगी। मंदिर के जगमोहन, गौशाला, धर्मशाला, पाठशाला, यज्ञशाला, पाकशाला, परिक्रमा पथ, महंत का आवासीय परिसर आदि का टैक्स निर्धारित नहीं किया जाएगा। केवल गेस्ट हाउस, बारात घर अथवा दुकानों से संबंधित टैक्स लिया जाएगा।संतों ने बिजली बिल अधिक आने का मसला भी उठाया। इस पर महापौर ने मुख्य अभियंता विद्युत से दूरभाष पर वार्ता की। उन्होंने संतों की समस्याओं के समाधान का निर्देश दिया। बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर महंत अवधेश दास ने कहा कि मंदिर की सम्पत्ति भगवान के नाम है उसका बैक भी वैल्यू नही लगाता है तो फिर टैक्स कैसा। हाउस टैक्स को लेकर संतों में रोष रहा। इस मौके पर माघ मेले में हनुमानगढ़ी, अमावा मंदिर, रामकचहरी, रामनिवास मंदिर आदि इलाके में सीवर की सफाई का भी मुद्दा सामने आया, जिसे जल्द से जल्द समाधान का वादा महापौर ने किया। इस मौके पर महंत अवधेश दास, संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास, महंत वैदेही बल्लभ शरण,महंत शशिकांत दास, महंत राम लखन दास, नागा रामलखन दास, वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास,शिवम श्रीवास्तव सहित कई संत मौजूद थे।