: अयोध्या की धरती पूज्यनीय, सभी संत हमारे पूज्य: बृजभूषण शरण सिंह
बमबम यादव
Thu, Apr 3, 2025
अयोध्या की धरती पूज्यनीय, सभी संत हमारे पूज्य: बृजभूषण शरण सिंह
जिनके कर्म श्रेष्ट होते है वो संसार को सुंदर बनाते है: डॉ मनोज मोहन
चक्रवर्ती महाराज दशरथ जी का राजमहल बड़ास्थान में श्री रामजन्मोत्सव का छाया उल्लास
कथा में रामनगरी के विशिष्ट संतो का हो रहा समागम, कैसरगंज के लोकप्रिय नेता बृजभूषण शरण सिंह का हुआ सम्मान
महोत्सव की अध्यक्षता विंदुगाद्याचार्य महंत देवेंद्र प्रसादाचार्य व संयोजन मंगल भवन पीठाधीश्वर श्रीमज्जगदुरु श्रीअर्जुनद्वाराचार्य स्वामी कृपालु रामभूषणदेवाचार्य कर रहें
अयोध्या। अयोध्या। रामनगरी में भगवान श्रीराम के पावन जन्मोत्सव को लेकर उल्लास छाने लगा है।चक्रवर्ती महाराज दशरथ जी का राजमहल बड़ास्थान, रामकोट में रामजन्मोत्सव का उल्लास अपने चरम पर है। मंदिर में चल रहे सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस श्रीधाम वृंदावन से पधारे कथाव्यास डॉ. मनोज मोहन शास्त्री महाराज ने प्रभु के वामन अवतार के वृतांत का विस्तार पूर्वक वर्णन भक्तों को करवाया एवं कृष्ण जन्मोत्सव को बड़ी धूमधाम से मनाया। कथा के चौथे दिन संत साधकों ने डॉ. मनोज जी के श्रीमुख से कथा का श्रवण किया। भागवत कथा के चतुर्थ दिवस की शुरुआत भागवत आरती के साथ की गई।जिनके कर्म श्रेष्ट होते है वो संसार को सुंदर बनाते है। आचार्य जी ने कथा प्रसंग का वृतांत सुनाते हुए बताया कि वामन अवतार भगवान विष्णु के दशावतारो में पांचवा अवतार और मानव रूप में अवतार था। जिसमें भगवान विष्णु ने एक वामन के रूप में इंद्र की रक्षा के लिए धरती पर अवतार लिया। वामन अवतार की कहानी असुर राजा महाबली से प्रारम्भ होती है। महाबली प्रहलाद का पौत्र और विरोचना का पुत्र था। महाबली एक महान शासक था जिसे उसकी प्रजा बहुत स्नेह करती थी। उसके राज्य में प्रजा बहुत खुश और समृद्ध थी। उसको उसके पितामह प्रहलाद और गुरु शुक्राचार्य ने वेदों का ज्ञान दिया था। इसके बाद भैया जी के सानिध्य में सभी भक्तों ने श्री कृष्ण जन्मोत्सव को बड़ी धूमधाम से मनाया।महोत्सव की अध्यक्षता विंदुगाद्याचार्य महंत देवेंद्र प्रसादाचार्य महाराज कर रहे तथा संयोजन मंगल भवन पीठाधीश्वर श्रीमज्जगदुरु श्रीअर्जुनद्वाराचार्य स्वामी कृपालु रामभूषणदेवाचार्य महाराज कर रहें। आज की कथा में कैसरगंज के लोकप्रिय नेता पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह संतों का आशीर्वाद लेने पहुंचे। कथा को सम्बोधित करते हुए नेता जी ने कहा कि अयोध्या की पवित्र धरती मेरे लिए पूज्यनीय है ये मेरा घर है और यहां के सभी संत मेरे लिए पूज्य है। उन्होंने कहा कि हमेशा मेरा घर नन्दनी नगर अयोध्या वासियों के लिए खुला है।इस मौके पर हनुमानगढ़ी के वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास भी मौजूद रहें। कथा में रामनगरी के विशिष्ट संतों का समागम हुआ, कथा श्रवण करने आए सभी संतो महंतों का अभिनन्दन मंगल भवन पीठाधीश्वर श्रीमज्जगदुरु श्रीअर्जुनद्वाराचार्य स्वामी कृपालु रामभूषणदेवाचार्य महाराज ने स्वागत किया। इस मौके पर महंत उद्धव शरण, महंत गणेशानंद, रामकोट के पार्षद प्रतिनिधिप्रियेश दास, नेताजी के प्रभारी नीलेश सिंह, अयोध्या प्रभारी महेंद्र त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।
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