: गहमागहमी के बीच गब्बर व आनंद सेन ने जीती बाजी
Tue, Feb 8, 2022
सोशल मीडिया पर ट्रोल होते रहे सपा प्रत्याशी, लाखों खर्च कर भी नही कर पाते इतना प्रचार
बीकापुर का सर्वांगीण विकास विकास होगी मेरी प्राथमिकता: फिरोज खान
बीकापुर से सपा प्रत्याशी के तौर पर फिरोज खान गब्बर व रुदौली से पूर्व मंत्री आनंद सेन यादव ने किया नामांकन, कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह
अयोध्या। चुनाव में नामांकन के आखिरी दिन बीकापुर विधानसभा चर्चा का विषय रहा।अयोध्या जिले में बीकापुर और रुदौली विधानसभा को लेकर पूरे दिन चर्चा गरम रही। जितना प्रचार प्रत्याशी लाखों खर्च करके कर पाते उससे ज्यादा प्रचार प्रत्याशी टिकट उलटफेर में हो गया। पूरे दिन दोनों विधानसभाओं की जनता ही नही बल्कि पूरे जिले के सभी दलों के प्रत्याशियों और लाखों जनता इन्हीं दोनो सीट की चर्चा करती रही। सोशल मीडिया पर भी दोनो प्रत्याशी ट्रोल होते रहे। अन्त में बाजी मारी बीकापुर के लोकप्रिय हरदिल अजीज नेता फिरोज खान गब्बर ने व रुदौली विधानसभा से पूर्व मंत्री आनंद सेन यादव ने। चारों खाने चित्त हुए बलराम मौर्या और रुश्दी मिंया ने पार्टी बदलकर हाथी पर हुए सवार और किया नामांकन। फिरोज खान गब्बर ने नामांकन दाखिल करने के बाद कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा से त्रस्त है। समाजवादी पार्टी को इस बार बीकापुर ही नहीं, पूरे प्रदेश में ऐतिहासिक जीत मिलने जा रही है। किसानों के सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा किसानों के खिलाफ काम कर रही है। अब तक 700 किसान शहीद हो गए। अब भाजपा का हर प्रत्याशी 700 बार उठक-बैठक करेगा तो भी किसान माफ नहीं करेगा। गब्बर ने कहा बीकापुर का ऐतिहासिक विकास मेरी प्राथमिकता होगी। इस मौके पर सपा जिलाध्यक्ष गंगा सिंह यादव, प्रवक्ता चौधरी बलराम यादव, वरिष्ठ प्रसपा नेता नान्हू यादव, पूर्व ब्लॉक प्रमुख फिरदौस खान, कपूर यादव, आशिक यादव मुख्य रुप से मौजूद रहे। तो वही रुदौली विधानसभा से बाबू मित्रसेन यादव के लायक पुत्र पूर्व मंत्री आनंद सेन यादव नामांकन दाखिल करने बाद पत्रकारो से रुबरु होते हुए कहा कि प्रदेश में सपा को सर्वाधिक सीटें मिलेंगी। उन्होंने इस बार प्रदेश में सरकार के बदलाव का दावा भी किया। आनंद ने कहा कि जनपद की पांचों सीट ऐतिहासिक वोटों से सपा जीतने जा रही है।
नामांकन दाखिल करते पूर्व मंत्री आनंद सेन यादव साथ में आशिक यादव
: गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल है दरगाह हज़रत शीष
Mon, Feb 7, 2022
दो दिवसीय सालाना उर्स के मौके पर मांगी गई अमनो सुकून की दुआएं
अयोध्या। अयोध्या में हिन्दू मुस्लिम एकता का प्रतीक माने जाने वाली दहगाह हज़रत शीष अलैहिस्सलाम का दो दिवसीय सालाना उर्स आज सम्पन्न हुआ। अयोध्या के मणिपर्वत रोड स्थित पैगम्बर हज़रत शीष अलैहिस्सलाम का दो दिवसीय सालाना उर्स शनिवार से बड़े ही अदबो एहतेराम से मनाया गया। पैग़मर हज़रत शीष अलैहिस्सलाम के सज्जादा नशीन अलौदे मखदुम पीर सैय्यद मोहम्मद आसिफ फिरदौसी ने बताया कि कोविड प्रोटोकॉल के तहत उर्स का अयोजन हुआ। रविवार को सुबह कुरआन ख्वानी के बाद सुबह 10 बजे ग़ुस्ल मज़ार शरीफ का आयोजन हुआ। दूर दराज से आने वाले जायरीनों ने अपने अकीदत के हिसाब से मज़ार पर चादर पोशी व गुल पोशी करते हुए दुआएं मांगी। सज्जादा नशीन हज़रत शीष अलैहिस्सलाम व औलादे मखदूम मौलाना मोहम्मद आसिफ फिरदौसी ने बताया कि हज़रत शीष पैगम्बर वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा आयोजित दो दिवसीय सालाना उर्स अरबी माह के 3 व 4 रजब को मनाया जाता है, जोकि इस फरवरी माह को 5व 6 तारीख को मनाया गया। दो दिवसीय उर्स के मौके पर ऑल इंडिया नातिया मुशायरा का भी आयोजन हुआ, जिसमें बरेली से आज़म रज़ा तहसीनी,बहराइच से ज़ाकिर इस्माइली, कानपुर से नूर अहमद नूर, बनारस से सद्दाम, लखनऊ से ताहिर सहित अन्य मशहूर शायर शामिल होंगे। जबकि उत्तराखंड से मुफ़्ती इरफानुलहक़, सोनभद्र से मुफ़्ती शब्बीर अहमद, केरला से मुफ़्ती जियाउल हक सहित अन्य कई नामी गिरामी उल्माए किराम भी ईदमिलादुन्नबी को खेताब संबोधित किये। कार्यक्रमों के बारे में दरगाह के मोतवल्ली सैय्यद हेलाल अहमद ने बताया कि दो दिन लंगर का भी आयोजन हुआ। उर्स के अंतिम दिन यानी रविवार को देर रात तक आल इंडिया नातिया मुशायरा का आयोजन हुआ।
: लता मंगेशकर का जाना देश के लिए अपूर्णीय क्षति: जगद्गुरु परमहंस आचार्य
Mon, Feb 7, 2022
अयाेध्या। भारत रत्न सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर के निधन पर पूरी अयाेध्यानगरी गमगीन रही। उनके निधन पर साधु-संतों ने शाेक प्रकट किया है। रविवार काे आचार्य पीठ तपस्वी छावनी, रामघाट में जगद्गुरु स्वामी परमहंस आचार्य के नेतृत्व में एक श्रद्धांजलि सभा का आयाेजन किया गया। सभा में संताें ने स्वर काेकिला के चित्रपट पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी और दाे मिनट का माैन रखा। इस अवसर पर जगद्गुरु स्वामी परमहंस आचार्य ने कहा कि भारत रत्न लता मंगेशकर काे हम सबने हमेशा माता सरस्वती के रूप में देखा है। उनका निधन देश के लिए अपूर्णीय क्षति है। पूरे देश में इस समय शाेक की लहर है। अयाेध्या में भी साधु-संत शाेकाकुल हैं। हम संताें ने शाेक सभा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी एवं दाे मिनट का माैन रखा। साथ ही उनकी आत्म शांति के लिए रामलला से प्रार्थना भी किया। परमहंस ने कहा कि सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर भारत की गाैरव रही हैं। जब मुझे पता चला कि वह बहुत बीमार हैं। ताे मैंने उनके स्वास्थ्य लाभ के लिए हवन-पूजन, यज्ञ, अनुष्ठान आदि धार्मिक कार्यक्रम किए। लेकिन जब उनके निधन का समाचार मिला। ताे इससे बहुत दुख हुआ, जिसकाे बयां नही किया जा सकता है। धन्य है यह भारत भूमि जहां लता मंगेशकर का प्राकट्य हुआ। उनके जैसा न काेई हुआ है और न हाेगा। भविष्य में उस रिक्त स्थान की पूर्ति कभी नही की सकती है। भारत ही नही अपितु पूरा विश्व लता मंगेशकर के निधन से दुखी है। उनका जाना हम सबके लिए बेहद दुखद है। ईश्वर उनकी आत्मा काे शांति दे।