: हनुमानगढ़ी में हुआ अखाड़े का वार्षिक भंडारा
Thu, Feb 10, 2022
जुटे रामनगरी के साधु संत, संतो का गद्दीनशीन श्रीमहंत प्रेमदास व महंत डा महेश दास ने किया स्वागत
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के प्रतिष्ठित पीठ श्री हनुमानगढ़ी में प्रति वर्ष होने वाले बड़ा भंडारा आज समारोह पूर्वक हुआ। यह भंडारा माघ शुक्ल पक्ष नवमी यानि आज गुरुवार को बड़े ही हाव भाव के साथ हुआ। जिसमें रामनगरी अयोध्या से साधु संत समेत हनुमानगढ़ी के चारों पट्टी के वरिष्ठ नागा तीत सहित पूरे नागा साधु शामिल हुए। यह आयोजन हनुमानगढ़ी के गद्दी नशीन श्रीमहंत प्रेमदास महाराज के पावन सानिध्य में सम्पादित हुआ। कार्यक्रम के संयोजक संचालक हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य महंत डा महेश दास जी रहें। महंत डा महेश दास ने बताया कि यह भंडारा प्रतिवर्ष माघ शुक्ल पक्ष नवमी को होता है। भगवान श्री सीताराम जी के भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव व समस्त पूर्वाचार्यों की पावन स्मृति में यह आयोजन होता है। जो हमारे गुरुदेव परमपूज्य गद्दी नशीन श्रीमहंत प्रेमदास जी महाराज के पावन सानिध्य में होता है। जिसमें हनुमानगढ़ी समेत पूरी रामनगरी के साधु संत शामिल होते है। सभी का आदर सत्कार किया जाता है। विशाल भंडारे की व्यवस्था में गद्दी नशीन जी के शिष्य मामा दास लगे रहें। कार्यक्रम में मुख्य रुप से दशरथ राजमहल बड़ा स्थान के बिंदुगाद्याचार्य स्वामी महंत देवेन्द्रप्रसादाचार्य,दिग्म्बर अखाड़ा के महंत सुरेश दास,चौबृजी मंदिर के महंत बृजमोहन दास, संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास, महंत मुरली दास,महंत रामकुमार दास, महंत इंद्र देव दास, महंत सत्यदेव दास, महंत त्रियुगी दास, महंत नन्दराम दास, संजय शुक्ला,अभय दास, प्रेममूर्ति कृष्ण कांत दास समेत बड़ी संख्या में साधु संत मौजूद रहें।
: मौका मिला तो सबका सम्मान और क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं रहेगी: गब्बर
Wed, Feb 9, 2022
सपा प्रत्याशी फिरोज खान गब्बर ने कार्यकर्ताओं के साथ किया बैठक
सोहावल-अयोध्या। बीकापुर विधान सभा का समाजवादी पार्टी से टिकट मिलने के बाद चुनाव मैदान में उतरे उत्साह से लबरेज लोकप्रिय नेता समाजसेवी फिरोज खान गब्बर के समर्थन में सपा का संगठन सक्रिय हो गया है। पार्टी की बुलाई गई बूथ और सेक्टर कमेटियों की बैठक में समर्थकों की इतनी भीड़ जमा हो गयी कि नेताओं को इन्हें सम्हालना मुश्किल होने लगा। इनमे भदरसा और बीकापुर दोनों नगर पंचायतों के चेयरमैन सभासद और सपा के फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारी शामिल रहे। बुधवार को सोहावल चौराहे के पास बनाये गए चुनाव कार्यालय पर गब्बर और सपा समर्थक नेताओ की भारी भीड़ इकट्ठा हुई। जिला महासचिव वख्तियार खान की मौजूदगी में बूथ और सेक्टर कमेटियों के पदाधिकारी सयुस, यूथ बिग्रेड, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ, जैसे सपा के फ्रंटल संगठनों के नेता कार्यकर्ता बिधान सभा प्रभारी, अध्यक्ष कई प्रधान बीडीसी सदस्य और जाति गत संगठनों के नेता सहित फिरोज खान गब्बर समर्थक कार्यकर्ता बैठक में शामिल हुये।जंहा चुनाव जीतने का टिप्स देते हुये नेताओं ने मतदान तक सोशल मीडिया पर हो रहे अनर्गल प्रचार से बचने का कार्यकर्ताओ को निर्देश दिया। जिला महासचिव ने एक बूथ 10 यूथ की जिम्मेदारी का एहसास दिलाते हुए जीत की गणित समझायी। वक्ताओं ने इस बात पर बल दिया कि पार्टी के घोषणापत्र को लेकर किये गये कार्यो को जनता के बीच कार्यकर्ता ले जायें।भाजपा के हिन्दू मुस्लिम करने के प्रयास से बचें। बदलाव की चल रही हवा को आंधी में बदल कर चुनाव को बड़े अन्तर से जीते। प्रत्याशी गब्बर खान ने सहयोग की अपील करते हुये इस बात का विश्वास दिलाया कि मौका मिला तो सबका सम्मान और क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं रहेगी।सम्बोधित करने वालो में प्रत्याशी गब्बर खान नगर पंचायतों के चेयरमैन राशिद व जुग्गी लाल जय सिंह यादव के के पटेल राशिद जमील रालोद के प्रदेश महासचिव सुड्डू मिश्रा राम अचल यादव डा0 राम प्रताप यादव एजाज अहमद अब्दुल कादिर शामिल रहे । मौजूद लोगों में शोएब खान फिरदोश खान मेराज अहमद अशोक पासी दयानंद अजय रावत पवन प्रजापति अल्लन प्रधान खुर्शीद एहमद कल्लू खान सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
: बाइक से दूर गिरने के कारण बाद में हथौड़े से की थी हत्या
Wed, Feb 9, 2022
एक्सीडेंट कर मारने के लिए खरीदी थी पुरानी गाड़ी
सूर्य प्रकाश दूबे हत्याकांड का खुलासा, तीन और आरोपी गिरफ्तार
अयोध्या। पाराकैल के सूर्यप्रकाश दुबे हत्याकांड का पर्दाफाश एसएसपी शैलेश पांडेय ने बुधवार को प्रेसवार्ता में किया। बताया कि जमीन विवाद में आरोपी चार पहिया से कुचलकर मारना चाहते थे जिसे हादसा दिखाया जा सके। यह खुलासा तीन और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हुआ है।एसएसपी शैलेश पांडेय ने बताया कि मामला भूमिविवाद से जुड़ा है। मृतक सूर्यप्रकाश दुबे निवासी पाराकैल थाना पूराकलंदर सात भाई हैं। माता ने अपने हिस्से की कुछ जमीन रामसुधारे पक्ष को बेच दी थी। जिसे लेकर भाइयों ने विरोध जताया। मृतक सूर्य प्रकाश दुबे इस मामले में बढ़चढ़ कर पैरवी कर रहे थे। विपक्षियों ने उन्हें रास्ते से हटाने के लिए एक्सीडेंट कर मारने की योजना बनाई। गत सोमवार को जब सूर्य प्रकाश भतीजे के साथ बाइक से पेशी पर आ रहे थे तभी योजनानुसार क्वालिस गाड़ी से एक्सीडेंट कर मारना चाह रहे थे। लेकिन ठोकर मारते से बाइक से दूर गिरे सूर्यप्रकाश घायल हुए थे। ऐसी स्थिति में हथौड़े से सिर पर प्रहार कर उनकी हत्या कर दी गई जबकि घायल भतीजे ने हल्ला गुहार मचाकर अपनी जान बचाई। मदद में दौड़े लोगों ने लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस के हवाले कर दिया था।एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दिनेश कुमार यादव निवासी टकसरा थाना इनायत नगर, रामकुमार वर्मा निवासी छत्ता का पुरवा मऊ शिवाला और ओमप्रकाश पांडेय निवासी कैलपारा थाना पूराकलंदर से हुई पूछताछ में एक बड़ा रहस्य सामने आया। मुख्य आरोपी रामकुमार के गांव में क्वालिस के मालिक रामसुधारे की रिश्तेदारी है। दोनों में तीन चार महीने पहले संबंध प्रगाढ़ हुए। रामकुमार ने प्लानिंग के तहत रामसुधारे की क्वालिस गाड़ी खरीद ली और उसी से अपने साथियों के साथ घटना को अंजाम दिया।एसएसपी ने बताया कि राम सुधारे और ओमप्रकाश पांडेय दोस्त हैँ। मृतक सूर्य प्रकाश की हत्या के पूर्व ओमप्रकाश पांडेय को नई सिम देकर सूर्य प्रकाश के घर से निकलने और अन्य सूचनाओं के लिए लगा दिया था। घर से जब पेशी के लिए सूर्य प्रकाश दुबे भतीजे के साथ बाइक से निकले तो ओमप्रकाश पांडेय ही पूरी लोकेशन देते रहे। वहीं प्रत्यक्षदर्शियों से बातचीत और विवेचना में एक अन्य अंशू नामक व्यक्ति का पता चला है जो इस हत्याकांड में शामिल था। पुलिस टीम उसकी गिरफ्तारी के लगी हुई है। एसएसपी शैलेश पांडेय ने बताया कि सभी आरोपियों पर गैंगेस्टर की कार्रवाई भी की जाएगी।हत्याकांड का खुलासा कर रहे एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तारी के लिए पूराकलंदर प्रभारी राजेश सिंह की टीम और एसओजी प्रभारी रतन शर्मा की टीम लगातार प्रयास में थी। जिसके बाद मुखबिर की सूचना पर अभियुक्त दिनेश कुमार यादव को मंडलीय चिकित्सालय दर्शननगर अयोध्या से, रामकुमार वर्मा को मसौधा बाजार से और ओम प्रकाश पाण्डेय को चौकी भदरसा से गिरफ्तार किया गया। घटना मे प्रयुक्त क्वालिस गाड़ी, डंडा और एंड्राएड फोन मय सिम बरामद हुआ है। अभियुक्तों से पूछताछ से प्राप्त जानकारी की घटना में प्रकाश में आए ओमप्रकाश पाण्डेय, हरिपाल वर्मा, रामसेवक यादव और अंशू यादव का मृतक सूर्यप्रकाश दुबे का जमीन विवाद चल रहा था। जिस कारण दाखिल कब्जा नहीं पा रहे थे। इसी उद्देश्य से 07 फरवरी 22 को सूर्यप्रकाश दूबे की हत्या कर दी।