: रामलीला मंचन: प्रभु श्रीराम की शरण में आए विभीषण
Sun, Oct 22, 2023
अंतर्राष्ट्रीय अवध आदर्श रामलीला मंडल पत्थर मंदिर की मर्यादित रामलीला हो
अयोध्या। रामलीला मंचन में अलग-अलग लीलाओं का मंचन किया गया। रामनगरी में चार स्थानों पर रामलीला मंचन का आयोजन किया जा रहा है। नगरी की ऐतिहासिक व पौराणिक लीला स्थल भगवताचार्य स्मारक सदन की संत तुलसीदास रामलीला समिति द्धारा अंतर्राष्ट्रीय अवध आदर्श रामलीला मंडल पत्थर मंदिर की मर्यादित रामलीला हो रही है। जिसमें शनिवार रात विभीषण शरणागति, सेतु बंधन आदि लीलाओं का मंचन किया गया। रात विभीषण द्वारा रावण को समझाने और इस पर रावण द्वारा विभीषण पर चरण प्रहार कर दरबार से निकाले जाने के बाद विभीषण के प्रभु श्रीराम की शरण में आने की लीला का मंचन किया गया। इसके बाद सुकसारन, सेतुबंधन और रामेश्वर स्थापना की लीला का मंचन किया गया।संत तुलसीदास रामलीला समिति के कोषाध्यक्ष बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर महंत अवधेश दास व समिति के महामंत्री संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजयदास ने रामलीला में पधारे जगद्गुरू परमहंस आचार्य का स्वागत किया। इस अवसर पर समिति के मंत्री तुलसीदास जी की छावनी पीठाधीश्वर महंत जनार्दन दास ने सभी के प्रति आभार प्रकट किया। रामलीला का देखरेख व व्यवस्था वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास कर रहे। इस मौके पर महंत सत्यदेव दास, रामलीला के संयोजक महंत शशिकांत दास, नागा रामलखन दास,राजीव रंजन, शिवम श्रीवास्तव आदि लोग मौजूद रहें।
: रामनगरी में धू-धूकर जली रावण की लंका, सुग्रीव और बाली के युद्ध का हुआ मंचन
Sat, Oct 21, 2023
भगवताचार्य स्मारक सदन की रामलीला में राम और लक्ष्मण का सीता की खोज में बन बन भटक रहे श्री राम का माता शबरी के आश्रम में जाना और सुग्रीव मित्रता बाली वध सीता खोज और लंका दहन तक की लीला का मंचन हुआ
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या इन दोनों रामलीला की धूम मची हुई है। संतों की इस नगरी में अपनी ऐतिहासिकता पौराणिकता समेटे मर्यादित रामलीला भगवताचार्य स्मारक सदन की संत तुलसीदास रामलीला समिति की बात ही निराली है।रामलीला के 9वें शुक्रवार को रामलीला में राम-सुग्रीव मित्रता, वाली वध व लंका दहन का मंचन किया गया। तीनों ही स्थानों पर राम और लक्ष्मण का सीता की खोज में बन बन भटक रहे श्री राम का माता शबरी के आश्रम में जाना और सुग्रीव मित्रता बाली वध सीता खोज और लंका दहन तक की लीला का मंचन किया।
रामलीला में भटकते भटकते माता शबरी के आश्रम में पहुंचते हैं और वहां सबरी उनका स्वागत करती हैं और उन्हें फल बेर खिलाती हैं और वह राम को बताती हैं कि ऋषि मुख पर्वत पर कुछ बांदर रहते हैं वहां आप जाओ वह आपकी अवश्य सहायता करेंगे। वहां श्री राम की सुग्रीव से मित्रता होती है। हनुमान से परिचय होता है उसके बाद वाली वध किया गया। संत तुलसीदास रामलीला समिति के कोषाध्यक्ष बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर महंत अवधेश दास व समिति के महामंत्री संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजयदास ने रामलीला में पधारे जगद्गुरू स्वामी रामदिनेशाचार्य व हनुमान बाग पीठाधीश्वर महंत जगदीश दास का स्वागत किया।इस अवसर पर समिति के मंत्री तुलसीदास जी की छावनी पीठाधीश्वर महंत जनार्दन दास ने सभी के प्रति आभार प्रकट किया। रामलीला का देखरेख व व्यवस्था वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास कर रहे। इस मौके पर महंत सत्यदेव दास, रामलीला के संयोजक महंत शशिकांत दास, नागा रामलखन दास,राजीव रंजन, शिवम श्रीवास्तव आदि लोग मौजूद रहें।
: राम मंदिर के लिए अब विदेश से भी रामभक्त कर सकेंगे दान
Thu, Oct 19, 2023
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने जारी किया एकाउंट नम्बर
अयोध्या। विदेश में बैठे श्रीराम भक्तों के लिए अच्छी खबर है। अब वो भी श्रीराम मंदिर निर्माण के साथ-साथ रामलला को दान कर सकेंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बीते सप्ताह एफसीआरए की स्वीकृति के लिए आवेदन किया था। जिसको केंद्र सरकार ने सशर्त स्वीकृति दे दी है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बुधवार को जारी संदेश में बताया कि विदेशी मुद्रा दान प्राप्त करने के लिए विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम 2010 के अंतर्गत एफसीआरए की मान्यता मिल गई है। इसके तहत लेकिन विदेशी स्रोतों से प्राप्त होने वाला कोई भी स्वैच्छिक योगदान केवल भारतीय स्टेट बैंक की 11 संसद मार्ग नई दिल्ली की मुख्य शाखा के खाता संख्या में ही स्वीकार होगा। अन्य किसी बैंक और भारतीय स्टेट बैंक की अन्य किसी शाखा में भेजा गया धन स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा राममंदिर निर्माण की आधारशिला रखे जाने के साथ ही देश भर के लोगों से मंदिर निर्माण में सहयोग की अपील की थी। जिसके बाद जनवरी 2021 में 45 दिवसीय निधि समर्पण अभियान पूरे देश भर में चलाया गया। जिससे 11 करोड़ लोग जुड़े और 3000 करोड़ से अधिक दान देशभर राम भक्तों ने दिया।बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीयों ने भी राम मंदिर में अपना सहयोग स्वरूप समर्पण करने की इच्छा जताई थी, लेकिन विदेशी दान अधिनियम के तहत ट्रस्ट की मान्यता पूरा न होने के कारण यह स्वीकृति नहीं मिल सकी थी। अब भारत सरकार ने विदेशी मुद्रा दान प्राप्त करने की स्वीकृति प्रदान कर दुनिया भर के रामभक्तों के लिए बड़ी सौगात दी है।
इस खाते में कर सकेंगे दान
भारतीय स्टेट बैंक की शाखा 11, संसद मार्ग नई दिल्ली
खाता संख्या :-42162875158
आईएफएससी कोड : - एसबीआईएन0000691
खाताधारक का नाम :- श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र
स्विफ्ट कोड : - एसबीआईएनआईएनबीबी104