: ऐश्वर्य से जो परिपूर्ण है वही परब्रह्म है: श्री धराचार्य जी
Sat, Oct 28, 2023
कहा, जीव और आत्मा का संबंध नहीं बदल सकता गोपियों के तर्क को सुनकर प्रभु मौन हो गए
अयोध्या। अलीपुरद्वार पश्चिम बंगाल से पधारे बजाज परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में व्यास पीठ पर विराजमान स्वामी श्री धराचार्य जी महाराज ने कथा का विस्तार करते हुए कहा शरणागत रक्षक हैं प्रभु। इंद्र वरुण आदि ने प्रभु चरणों में शरणागति कि प्रभु शरण में आए इंद्र ब्रम्हा वरुण आदि को पुनः अपना लेते हैं इससे सिद्ध होता है प्रभु पुरुषोत्तम है। उन्होंने कहा कि ऐश्वर्य से जो परिपूर्ण है वही परब्रह्म है। वही भगवान है अपने सभी इंद्रियों से जो कृष्ण रस का पान करें वही गोपी है प्रभु श्री कृष्ण ने गोपियों के साथ बिहार तो किया लेकिन मन को उन्नत अवस्था में स्थिर कर दिया। भगवान श्री कृष्ण गोपियों के मन की बात को जानकर सभी गोपियों को आनंद देने हेतु शरद ऋतु में कदंब वृक्ष के ऊपर बैठकर बंसी निनाद करते हैं। जीव रूपी गोपियां प्रभु कृष्ण के आमंत्रण पर सभी कार्यों को छोड़कर प्रभु के समीप जाती हैं भगवान श्री कृष्ण गोपियों को लौटने के लिए तर्क देते हैं। सभी गोपियां कन्हैया के तर्कों को सुनकर कहती हैं प्रभु संसार के जो संबंध आपने हमें बताए हैं वह संबंध केवल शरीर से हैं और शरीर तक ही सीमित हैं। यह संबंध बदल सकते हैं लेकिन जीव और आत्मा का संबंध नहीं बदल सकता गोपियों के तर्क को सुनकर प्रभु मौन हो गए। गोपियों की अनन्य भक्ति देखकर रास रचैया श्री कृष्ण प्रभु सभी गोपियों के साथ दिव्य रास करते हैं पापी कंस के बढ़ते अत्याचार को देख कर देवर्षि नारद कंस के पास जाते हैं अक्रूर जी को दूत बनाकर कंस भगवान श्रीकृष्ण को गोकुल से मथुरा बुलाते हैं पापी कंस के पास रहकर भी अक्रूरजी कन्हैया को सारी बात सच सच बता देते हैं भगवान श्रीकृष्ण मां देवकी और वसुदेव को कारागृह से मुक्त कराने के लिए मथुरा जाने को तैयार हो जाते हैं भगवान कृष्ण के जाने का समाचार सुनकर सभी ग्वाल बाल गोपियां रुदन करने लगती हैं प्रभु मथुरा नगरी पधारते हैं। सभी मथुरा नगर वासी कान्हा का दर्शन पाकर प्रसन्न हो जाते हैं अनेकों जन्मों से प्रभु का इंतजार कर रही कुब्जा प्रभु को चंदन लगाती है कान्हा का स्पर्श करने से कुब्जा नवीन रूप पा जाती है। प्रभु कंस के महल में पहुंचते हैं द्वार पर कंस ने प्रभु को मारने के लिए अनेकों योद्धा खड़े किए हैं। कन्हैया सभी का वध करते हुए महल में प्रवेश करते हैं पापी कंस को प्रभु काल के रूप में ऋषि जनों को ब्रह्म के रूप में मथुरा वासियों को प्रभु कन्हैया के रूप में जिसका जो भाव है प्रभु उसी रूप में दिखाई दे रहे हैं प्रभु पापी कंस का संहार करते हैं। पिता वसुदेव मां देवकी को कारागृह से मुक्त कराते हैं कंस के पिता उग्रसेन को राजगद्दी पर बिठाते हैं। प्रभु गुरुदेव की महिमा को बताने हेतु संदीपन ऋषि के आश्रम में विद्या अध्ययन करने जाते हैं 64 दिन में सारी विद्या का अध्ययन करके प्रभु वापस आते हैं विश्वकर्मा को आदेश देकर समुद्र के समीप दिव्य द्वारिकापुरी का निर्माण कराते हैं।
: मां सरयू के तट पर होगा प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव पर श्रीराम महायज्ञ: श्रीमहंत धर्मदास
Thu, Oct 26, 2023
बाबा अभिराम दास वेदांग शिक्षण-प्रशिक्षण विद्यापीठम विश्वविद्यालय प्रांगण में धार्मिक अनुष्ठान का हुआ शुभारंभ
अयोध्या । सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी मंदिर श्रीमहंत धर्मदास महाराज ने बताया कि राजघाट के समीप स्थित बाबा अभिराम दास वेदांग शिक्षण-प्रशिक्षण विद्यापीठम विश्वविद्यालय प्रांगण में धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ हो चुका है। वैदिक आचार्य व विद्वानगण अनेकों अनुष्ठान कर रहे हैं। वेद मंत्राेच्चार से पूरी अयाेध्यानगरी गुंजायमान है। यह अनुष्ठान श्रीरामलला के प्राण-प्रतिष्ठा महाेत्सव पूर्व से प्रारंभ हो गया है। प्राण-प्रतिष्ठा महाेत्सव के क्रम में 15 जनवरी से 25 जनवरी तक श्रीराम महायज्ञ का कार्यक्रम है। इसकाे लेकर विजयादशमी काे ध्वजा पूजन हुआ। अयोध्याधाम माेक्षदायिनी नगरी है, जिसे सप्तपुरियाें में मस्तक कहा गया है। जहां मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम ने अवतार लिया। भगवान श्रीराम जो धर्म स्वरूप है। वह जनवरी माह में श्रीरामजन्मभूमि पर विराजमान होने जा रहे हैं। उनका दिव्य भव्य मंदिर 90 प्रतिशत से ज्यादा बनकर तैयार हो गया है। जाे हम सबके लिए खुशी की बात है। इस दरम्यान पूरे देशभर में भव्य उत्सव मनाया जायेगा। जाे ऐतिहासिक और अद्भुत हाेगा। हम लाेगाें के लाखाें वर्षाें का सपना साकार हाेने जा रहा है। जब श्रीरामलला सरकार अपने दिव्य भव्य भवन में विराजमान हाेंगे। मां सरयू के तट पर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव पर श्रीराम महायज्ञ का आयोजन किया गया है। पूरे विश्व के लोग धर्म स्वरूप मर्यादा पुरुषोत्तम के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में सम्मिलित होकर पुण्य के भागी बनेंगे। जब मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम भव्य मंदिर में विराजमान होंगे। तो जगह-जगह आयोजन होगा, प्रसाद बांटा जायेगा। चहुंओर खुशी का माहौल हाेगा, जिसमें रमकर रामभक्त भक्तिमय माहाैल में सराबाेर हाेंगे। प्रत्येक व्यक्ति इस खुशी के माहाैल में सम्मिलित होकर अपने-अपने घराें, गांवों, शहराें व अन्यत्र जगह उत्सव मनाएं। दीप जलाकर दीवाली मनाएं।
: श्रीराम ने कुंभकरण और लक्ष्मण ने मेघनाद का किया वध
Tue, Oct 24, 2023
भगवताचार्य स्मारक सदन की ऐतिहासिक रामलीला में सोमवार को कुंभकरण-मेघनाद वध और सुलोचना सती लीला का मंचन किया गया, श्रीराम-कुंभकरण में भयंकर युुद्ध हुआ
कैसरगंज के सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने भगवान के स्वरुपों का किया पूजन,संतों का किया अभिनन्दन
अयोध्या। रामनगरी की प्राचीनतम भगवताचार्य स्मारक सदन की ऐतिहासिक व पौराणिक संत तुलसीदास रामलीला समिति की रामलीला में सोमवार को कुंभकरण-मेघनाद वध और सुलोचना सती लीला का मंचन किया गया। लीला का मंचन देखने के लिए नगरी के साधु संतों के साथ बड़ी संख्या में लीला प्रेमी स्मारक सदन पहुंचे।
रामलीला स्थल पर सोमवार को लीला मंचन के दौरान दिखाया गया कि कुंभकरण को गहरी नींद से जगाया जाता है और रावण सारा घटनाक्रम कुंभकरण को बताता है। इस पर कुंभकरण, रावण से कहता है कि श्रीराम नारायण के अवतार और सीता स्वयं मां जगदंबा हैं। भगवान विष्णु ने राक्षसों का नाश करने के लिए अयोध्या में नर रूप में जन्म लिया है। इस पर रावण क्रोधित हो जाता है। यह देख कुंभकरण, श्रीराम के हाथों मरना उचित समझता है और युद्ध में लड़ने के लिए चला जाता है। श्रीराम-कुंभकरण में भयंकर युुद्ध होता है। अंत में कुंभकरण मारा जाता है। कुंभकरण वध के बाद मेघनाद युद्ध में जाता है। लक्ष्मण वानरों की सेना समेत निकुमला देवी का यज्ञ विध्वंस कर देते हैं। लक्ष्मण मेघनाथ के बीच में भयंकर युद्ध होता है। बाद में लक्ष्मण मेघनाद का वध कर देते है। सुलोचना मेघनाथ का सिर गोद में रखकर सती हो जाती हैं। अंतर्राष्ट्रीय अवध आदर्श रामलीला मंडल पत्थर मंदिर की ये लीला दर्शकों का मन मोह लिया। सोमवार को लीला का यही पर विराम दिया गया। लीला में कैसरगंज के लोकप्रिय सांसद बृजभूषण शरण सिंह शामिल हुए। सांसद जी ने भगवान के स्वरूप की भव्य आरती की। इसके पश्चात भगवताचार्य स्मारक सदन में मौजूद सभी संतो का अभिनन्दन सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने किया। संत तुलसीदास रामलीला समिति के कोषाध्यक्ष बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर महंत अवधेश दास महाराज व समिति के महामंत्री संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजयदास महाराज समेत महंत सत्यदेव दास, महंत हरिभजन दास, सरपंच महंत रामकुमार दास, सरयू आरती समिति के आयोजक महंत शशिकांत दास, व्यास सरोज दास, रामायणी अजीत दास, नागा रामलखन दास ने भगवान की आरती की। समिति के व्यवस्थापक वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास ने सभी अतिथियों का आभार प्रकट किया। रामलीला की देखरेख मृदंग वादक राजीव रंजन व शिवम श्रीवास्तव कर रहें है।