: सद्गुरु कबीर के विचार आज भी प्रासंगिक: जस्टिस सुभाषचंद्र शर्मा
Sun, Nov 5, 2023
अयोध्या। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सुभाष चंद्र शर्मा शनिवार की देर शाम अयोध्या पहुंचे। जहां वह महाेबरा बाजार स्थित श्रीकबीर धर्म मंदिर जियनपुर गए। वहां मंदिर के संस्थापक रामसूरत साहेब, निर्माणकर्ता उदार साहेब की सामाधि स्थली पर जाकर श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया। श्रीकबीर धर्म मंदिर सेवा समिति जियनपुर के अध्यक्ष महंत उमाशंकर दास, मंत्री विवेक ब्रह्मचारी द्वारा न्यायाधीश श्री शर्मा का सद्गुरु कबीर साहेब का चित्रपट, बीजक भेंट एवं शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया गया। कबीर मठ पहुंचकर न्यायाधीश सुभाष चंद्र शर्मा बहुत ही अभिभूत दिखे। उन्होंने कहा कि हम सब कबीर के अनुयायी और मानने वाले लोग हैं। सद्गुरु कबीर साहेब के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। वह संपूर्ण मानव एकता के पुजारी थे। उन्होंने समाज में फैली कुरीतियों-विसंगतियाें के खिलाफ लड़ाई लड़ी। समाज काे एकसूत्र में पिराेने का काम किय। कबीर साहेब ने अनेकों पद्य की रचना किया। इसके माध्यम से समाज में छुआछूत-भेदभाव काे दूर करने का प्रयास किया गया। संत कबीर दास वाह्य आडंबरों, छुआछूत व सामाजिक कुरीतियों का हमेशा विरोध किया करते थे। उनके बारे में जितना कहा जाए वह कम ही हाेगा। हमें आज सद्गुरू कबीर साहेब से प्रेरणा लेने और उनके बतलाए हुए मार्ग पर चलने की जरूरत है। उन्हीं का अनुसरण करना हाेगा। तभी एक अच्छे समाज की परिकल्पना हाे सकती है। अच्छे समाज का तात्पर्य जहां छुआछूत, भेदभाव, सामाजिक विसंगतियां, वाह्य आडंबर आदि न हाे। श्रीकबीर धर्म मंदिर सेवा समिति जियनपुर के अध्यक्ष महंत उमाशंकर दास ने कहा कि जस्टिस साहब का पूरा परिवार कबीर पंथी एवं अनुयायी है। यह सद्गुरु कबीर काे मानने वाले लोग हैं। कबीर मठ में इनका आगमन हुआ। जाे हम लाेगाें के लिए बहुत ही खुशी की बात है। इस अवसर पर प्राे. अनिल कुमार विश्वकर्मा, पूर्व सदस्य इस्पात मंत्रालय जैस वर्मा, अनुसूचित खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रसाधन विभाग राजेश्वरी प्रसाद विश्वकर्मा, डा. अमित पटेल, समिति के काेषाध्यक्ष निर्मल कुमार वर्मा, उच्च न्यायालय लखनऊ के अधिवक्ता मंदीप पांडेय, एडवोकेट अमिताभ श्रीवास्तव, हृदयराम वर्मा, मनाेज तिवारी, साैरभ पांडेय, मुलायम यादव, अजीत यादव, अतुल विश्वकर्मा, दुर्गेश शर्मा, चंद्रगुप्त माैर्य, डा. सुनीता बाैद्ध, अमरनाथ वर्मा, रामप्रकाश दास, अवनीश सिंह, अनूप जायसवाल आदि माैजूद रहे।
: समारोह पूर्वक हुआ श्री रामकिंकर जन्म शताब्दी महोत्सव का समापन
Sun, Nov 5, 2023
रामकिंकर सम्मान तीन मूर्धन्य विद्वानों को अपने-अपने कार्य क्षेत्र में श्री राम के आदर्शों का अनुशीलन करने के लिए दिया गया
डॉक्टर विश्वनाथ कराड, नृपेन्द्र मिश्र राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष,ओपी श्रीवास्तव आईएएस अधिकारी को मिला रामकिंकर सम्मान
अयोध्या। श्रीरामायण आश्रम अयोध्या में श्री रामकिंकर शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में 1 नवंबर से पंचदिवसीय शतारंभ दिव्योत्सव मनाया जा रहा है। इस कार्यक्रम में पांचों दिन अलग अलग प्रकार के धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। आज रामकिंकर सम्मान समारोह 2023 का आयोजन किया गया है। इस वर्ष का रामकिंकर सम्मान तीन मूर्धन्य विद्वानों को अपने-अपने कार्य क्षेत्र में श्री राम के आदर्शों का अनुशीलन करने के लिए दिया गया है। यह विद्वान हैं, प्रथम डॉक्टर विश्वनाथ कराड पूना। डॉक्टर कराड के द्वारा विश्व शांति गुंबद की स्थापना की गई है। भारतवर्ष में निजी क्षेत्र में उच्च शिक्षा विशेष का इंजीनियरिंग शिक्षा की शुरुआत करने का श्रेय डॉक्टर कराड को है। लगभग 70 शैक्षणिक संस्थानों के साथ साथ चार विश्वविद्यालयों की डा कराड़ द्वारा स्थापना की गई है। अनेक अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त डॉक्टर कराड को विश्व धर्मी उपाधि से भी विभूषित किया गया है। डा कराड़ द्वारा स्थापित विश्वविद्यालयों में एमआईटी विश्वविद्यालय की गणना विश्व के अग्रतम शैक्षणिक संस्थानों में होती है। डॉक्टर कराड के साथ उनके संस्थान के कुलपति मिलिंद पांडे भी उनके साथ अयोध्या पधारे हैं।
इसी प्रकार इस वर्ष प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव रहे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नृपेन्द्र जी मिश्र को यह सम्मान दिया गया है। ज्ञातव्य हो की श्री नृपेन्द्र मिश्र जी वर्तमान में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष हैं और उनकी देखरेख में श्रीराम मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है। श्री नरेंद्र मिश्रा सपत्नीक आश्रम में आज उपस्थित होकर सम्मान प्राप्त किया। इस अवसर पर श्री मिश्रा ने युगतुलसी महाराज श्री रामकिंकर की शोधपरक कथा और उनकी अनूठी प्रस्तुति का भावपूर्ण स्मरण किया।
इस कड़ी में तीसरे विद्वान मध्य प्रदेश शासन में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ओपी श्रीवास्तव दंपति को रामकिंकर सम्मान दिया गया है। ओ पी श्रीवास्तव ने मानस शब्द नाम का एक वृहद ग्रंथ तैयार किया है जिसमें श्री रामचरितमानस में उपयोग किए गए प्रत्येक शब्द का अर्थ और उसका संदर्भ समझाया गया है। यह पुस्तक पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है।
कार्यक्रम के अंत में आश्रम की अध्यक्ष परम विदुषी दीदी मंदाकिनी श्रीरामकिंकर जी ने अपना अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए श्री रामायण आश्रम की विभिन्न आगामी योजनाओं का विवरण प्रस्तुत किया एवं इस कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों का के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित किया। इस प्रकार इस पंचदिवसीय शतारंभ दिव्योत्सव की आज पूर्णाहुति हो हो गई। श्री रामकिंकर जन्म शताब्दी वर्ष के अंतर्गत वर्ष पर्यंत विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम श्री रामायण आश्रम द्वारा देश के विभिन्न शहरों में भी आयोजित करने का प्रस्ताव है जिनकी जानकारी समय-समय पर भक्तों को दी जायेगी।
: पूजित अक्षत भगवान श्रीराम का प्रसाद व उनकी ओर से निमंत्रण पत्र : चम्पत राय
Sun, Nov 5, 2023
45 प्रांतो के 100 प्रतिनिधियों को पीतल के कलश में दिया गया है पूजित अक्षत
विहिप कार्यकर्ता एक से 15 जनवरी तक घर-घर देगें पूजित अक्षत
अयोध्या। रामलला के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के पूर्व विहिप के कार्यकर्ता घर-घर जाकर पूजित अक्षत देंगे। पीतल के कलश में हल्दी व घी से रंगे हुए पांच किलों पूजित अक्षत 45 प्रांतों के 100 प्रतिनिधियों को सौपा गया। इसके बाद अक्षत को गांवों तक भेजवाया जाएगा। जिसे विहिप कार्यकर्ता घर-घर जाकर देंगे। श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि पूजित अक्षत भगवान श्रीराम का प्रसाद है। भगवान की ओर से निमंत्रण पत्र है। 22 जनवरी दिन सोमवार को 11 बजे से पूर्व अपने आस-पास के मंदिरों में एकत्र हों। भजन कीर्तन करें। एलईडी स्कीन लगाकर अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन आनंदपूर्वक देखें। घंटा घडियाल बजाएं। प्रसाद का वितरण करें। चंपत राय ने बताया कि पांच किलो पीले अक्षत घी व हल्दी में रंगे हुए पीतल के कलश में दिए गए है। ये देश के 100 स्थानों पर जाएंगे। सौ स्थानों के कार्यकर्ता आज पास के जिलों का हिसाब लगाकर उसमें अक्षत मिला करे तैयार करेंगें। दिसम्बर के तीसरे सप्ताह में ये पूजित अक्षत गांव गांव तक पहुंच जाएंगे। 1 जनवरी से 15 जनवरी तक गांव-गांव, मोहल्ले-मोहल्ले व घर-घर जाकर श्रृद्धापूर्वक भेंट करेंगे। उन्होने कहा कि देश के पांच लाख धार्मिक स्थानों के आस-पास धर्मिक व सात्विक वातावरण बनाएं। 22 जनवरी को सूर्यास्त के पश्चात् 5 दीपक अवश्य प्रज्जवलित करें। देश के करोड़ो चौखट, आंगन प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर दीप प्रज्जवलित करके दीपोत्सव मनाएं। इसके बाद आकर श्री राम लला का दर्शन पूजन करें। कार्यक्रम में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टीगण महंत दिनेंद्र दास, डॉ. अनिल मिश्रा जगदगुरु मधवाचार्य, महंत रामकुमार दास, पुजारी रमेश दास, महंत जयराम दास, विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महामंत्री कोटेश्वर राव, केंद्रीय उपाध्यक्ष मीनाक्षी पिसवे, बजरंग दल के पूर्व संयोजक क्षेत्रीय संगठन मंत्री मनोज वर्मा, सोहन सोलंकी, गोरक्ष प्रांत के क्षेत्रीय धर्म प्रसार प्रमुख प्रदीप पांडे, प्रांत संयोजक राकेश वर्मा, क्षेत्रीय संगठन मंत्री गजेंद्र सिंह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह क्षेत्र संपर्क प्रमुख मनोज, प्रांत प्राधिकारी पुणनेंद्र, राजेश सिंह 84 कोसी परिक्रमा के प्रमुख सुरेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।