: भगवताचार्य की रामलीला में वनगमन और निषाद मिलन का हुआ मंचन
Thu, Oct 19, 2023
भगवान राम ने जैसे ही वन के लिए प्रस्थान किए तो लीलाप्रेमियों की आंखों से आंसू छलक पड़े
अयोध्या। राम को चौदह वर्ष का वनवास और भरत को राज्य का वरदान कैकेयी ने मांगा तो दशरथ के होश उड़ गए। उनकी खुशियों पर मानों वज्रपात हो गया। भगवान राम ने जैसे ही वन के लिए प्रस्थान किए तो लीलाप्रेमियों की आंखों से आंसू छलक पड़े। रामनगरी के भगवताचार्य स्मारक सदन की ऐतिहासिक रामलीला के सातवें दिन वनगमन और निषाद मिलन की लीला का मंचन हुआ।
रामनगरी की धार्मिक व मर्यादित संत तुलसीदास रामलीला समिति के तत्वावधान में आयोजित भगवताचार्य स्मारक सदन की रामलीला में इन दिनों दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। रामलीला के सातवें दिन बुधवार को लीला मंचन के दृश्य में विचारमग्न सीता को देख भगवान राम कहते हैं कि यह समय सोचने का नहीं है। शीघ्र वन चलने की तैयारी करो। सीता अपनी सास कौशल्या का पैर पकड़कर कहती हैं कि मैं बहुत ही अभागन हूं। जब सेवा करने का मौका आया तब वन जाना पड़ रहा है। कौशल्या ने सीता को आशीर्वाद दिया। उधर, राम के वन जाने की खबर सुनकर लक्ष्मण आते हैं और वह भी पिता दशरथ से वन जाने की आज्ञा मांगते हैं। दशरथ जी सीता से कहते हैं कि वन में तुम्हें बहुत कष्ट होगा। तुम वहां कैसे रहोगी। सीता संकोचवश कोई उत्तर नहीं दे पातीं। इतने में कैकेयी तिलमिलाती हुई आती हैं और मुनियों का वस्त्र राम के आगे रख देती हैं। कैकेयी राम से कहती हैं कि तुम राजा के प्राण हो तुम्हारा शील और स्नेह छोड़ने से वो डरते हैं। कैकेयी की यह बात राजा दशरथ को बाण की तरह लगती है। राम वशिष्ठ के पास पहुंचकर सबको विकल देख समझाते हैं। कहते हैं कि सब लोग महाराज की सेवा करते रहिएए हम शीघ्र आएंगे। राम वन की ओर निकल पड़ते हैं। सुमंत रथ लेकर राम को बैठाने के लिए जाते हैं लेकिन सबको वापस होना पड़ता है। राम के बिना अयोध्या सूनी हो जाती है। भगवान की पहली रात तमसा नदी के किनारे कटती है। सुबह होने पर राम, सीता और लक्ष्मण शृंगवेरपुर पहुंच जाते हैं जहां पर निषाद से मिलन होता है। स्वरूपों की आरती समिति के कोषाध्यक्ष बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर महंत अवधेश दास, समिति के महामंत्री संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजयदास, महंत शशिकांत दास,पूर्व मंत्री तेजनारायण पाण्डेय पवन, महंत सत्यदेव दास, महंत कृष्ण कुमार दखस,वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास, पहलवान मनीराम दास, पुजारी राजन दास ने उतारी।
श्री चित्रकूट रामलीला के आठवें दिन भरत जी भगवान राम को मनाने पहुंचे। दोनों भाईयों के मिलन को देखकर सभी की आंखें सजल हो उठीं। राम को देखते ही भरत उनके चरणों में गिर पड़े। भगवान राम ने भरत को उठाकर हृदय से लगाया। पिता की मृत्यु का समाचार सुनकर भगवान राम दुखी होते हैं। महर्षि वाल्मिकी उन्हें शोक ना करने का उपदेश देते हैं। स्वरूपों की आरती पं. मुकुंद उपाध्याय ने उतारी। आये हुए अतिथियों का स्वागत समिति के व्यवस्थापक वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास, मृदंग वादक राजीव रंजन जी व शिवम श्रीवास्तव जी ने किया।
: हनुमानगढ़ी के सौंदरीकरण का काम हुआ शुरु, निकास द्धार का चौड़ीकरण, लिफ्ट सहित होगे तमाम काम
Tue, Oct 17, 2023
अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अनि अखाड़ा करायेगा भव्य सौंदरीकरण : महंत संजयदास
अयोध्या। रामनगरी की प्रधानतम पीठ श्री हनुमानगढ़ी का दिव्य भव्य सौंदरीकरण का काम आज से शुरू हो गया। अयोध्या में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव होने जा रहा है। जिसमें करोड़ों रामभक्त अयोध्या आयेंगे ऐसे में उन भक्तों की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए रामलला के परम भक्त हनुमानजी का मुख्य मंदिर जो अयोध्या के राजा के रुप से साक्षात विराजमान है। श्री हनुमानगढ़ी का भव्य सौंदरीकरण शुरु हो गया। जिसमें निकास द्धार को विधिवत चौड़ीकरण के साद वृद्ध व दिव्यांगों के लिए लिफ्ट सहित तमाम सुविधाओं को लेकर काम शुरु हो गया है। जिसका विधिवत पूजन आज गद्दीनशीन श्रीमहंत प्रेमदास जी महाराज के सानिध्य में हुआ।जिसका पूजन हनुमानगढ़ी के पुरोहित आचार्य संतोष वैदिक जी ने कराया। सौंदरीकरण के रुप में निकास द्धार का चौड़ीकरण, लिफ्ट व किले में कमरों का निर्माण अन्य सौंदरीकरण किया जायेगा। इस सौंदरीकरण में होने वालों खर्च का वहन खुद अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अनि अखाड़ा करेंगे। इस मौके पर महंत रामचरन दास,संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजयदास, महंत रामशंकर दास, महंत नंदराम दास, महंत सत्यदेव दास,महंत बलराम दास, राजेश पहलवान, वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास, राजन दास, मुख्तार अजय श्रीवास्तव, शिवम श्रीवास्तव आदि मौजूद रहें।
: रामविवाह व रामकलेवा की लीला मंचन देख भावविभोर हुए भक्त
Tue, Oct 17, 2023
अंतर्राष्ट्रीय आदर्श रामलीला मंडल, पत्थर मंदिर की लीला निपुण कलाकारों द्वारा श्री राम विवाह, कलेवा की मनोहारी लीला का मंचन हुआ
अयोध्या। रामनगरी के भगवताचार्य स्मारक सदन की श्री संत तुलसी दास रामलीला समिति की ओर से स्मारक सदन पर संचालित सुभव्य रामलीला मंचन लीला प्रेमियों-भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
लीला मंचन दर्शनार्थ भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। लीला मंचन के क्रम में अंतरराष्ट्रीय श्री आदर्श रामलीला मंडल, पत्थर मंदिर अयोध्या के लीला निपुण कलाकारों द्वारा श्री राम विवाह, कलेवा की मनोहारी लीला का मंचन किया गया। स्मारक सदन पर हुई रामलीला मंचन में भगवान राम ने धनुष भंग कर माता सीता के साथ विवाह किया। भगवान राम चारों भाइयों संग बारात लेकर जनकपुर पहुंचे यहां महाराज जनक ने बारातियों का स्वागत किया। रामविवाह के बाद रामकेलवा की लीला आकर्षण का केंद्र रही।
कलेवा महोत्सव के अवसर पर कुअंरि कुअंरि कल भांवरि देहीं। नयन लाभु सब सादर लेही। जाइ न बरनि मनोहर जोरी, जो उपमा कुछ कहां सो धोरी… गुंजायमान होता रहा। समिति के पदाधिकारियों द्वारा भगवान राम सहित चारों भाइयों को कलेवा खिलाया गया तो भक्त अपने आराध्य के विवाहोत्सव की लीला का मंचन देखकर भावविभोर हो उठे। रामलीला का शुभारंभ भगवान के स्वरुप की आरती से हुई। समिति के कोषाध्यक्ष बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर श्रीमहंत अवधेश दास महाराज के सानिध्य में निर्वाणी अनी अखाड़ा के श्रीमहंत मुरली दास,आचार्य पीठ श्री लक्षमणकिला पीठाधीश्वर महंत मैथली रमण शरण, रंग महल पीठाधीश्वर महंत रामशरण दास, महंत सत्यदेव दास, राजेश पहलवान, महंत जनार्दन दास, महंत शशिकांत दास, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रोहित सिंह,आलोक जी, अजीत जी, भाजपा नेता डिप्पुल पाण्डेय का स्वागत समिति के महामंत्री संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजयदास महाराज ने किया। स्वागत समिति से जुड़े वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास, मृदंग वादक राजीव रंजन व शिवम श्रीवास्तव सभी का आभार प्रकट किया।