: हनुमान बाग में महालक्ष्मी का हो रहा है कुमकुम अर्चना
Thu, Nov 9, 2023
दीपावली पर मां लक्ष्मी की पूजन करने से मनुष्य के सभी दुख दूर हो जाते है: शक्तिपीठाधीश्वर
अयोध्या। भगवान श्री राम की नगरी में पहली बार दीपावली के अवसर पर महालक्ष्मी का हो रहा है कुमकुम से अर्चना और साथ में महालक्ष्मी मंत्र से प्रतिदिन हवन कुंड में डाली जा रही हैं आहुतियां 15 दिनों में वैदिक आचार्य द्वारा
दक्षिण भारत की सुरम्य पहाड़ियों के बीच बसा हुआ नगर कृष्णगिरी कर्नाटक में स्थित पद्मावती शक्तिपीठ तीर्थधाम के पीठाधीश्वर वसंत विजय महाराज सानिध्य में वैदिक विद्वान कर रहे हैं पूजन।पूर्व जन्मों में शिव उपासक रहे सिद्ध पुरुष वसंत विजय महाराज पूर्व जन्म के साधना बल से शिव उपासना, भैरव उपासना एवं इस जन्म में पद्मावती साधना के साथ-साथ बिलासपुर के शंकराचार्य से दस महाविद्या की सम्पूर्ण दीक्षा लेकर विधिवत पूर्णाभिषेक भी प्राप्त कर शिव शक्ति उपासना के साधक व शिरोमणि बने। आपश्री के कठिन तप और साधना के प्रतिफल स्वरुप अनेकों सिद्धियाँ अनायास ही प्रकट हो गई और इस वर्ष तपस्वी तपोस्थली अयोध्या में महाराज का सानिध्य सभी को प्राप्त हो रहा है।
श्री राज्याभिषेक की कथा कहते हुए व्यास पीठ से बसंत विजय जी महाराज ने कहा कि भगवान श्री राम कण-कण में व्याप्त हैं और उनके नाम से ही कल्याण हो जाता है लेकिन मनुष्य को प्रभु श्री राम के साथ मां भगवती लक्ष्मी स्वरूप सीता की भी उपासना करनी चाहिए क्योंकि शक्ति के बिना यह संसार अधूरा है और बिना शक्ति के कल्पना नहीं की जा सकती इसलिए कलयुग में सीताराम नाम उच्चारण से ही मनुष्य का कल्याण हो जाता है और व्यक्ति को सभी प्रकार की शक्तियां प्राप्त हो जाती हैं। उन्होंने बताया कि दीपावली पर मां लक्ष्मी की पूजन करने से मनुष्य के सभी दुख दूर हो जाते हैं। इस मौके पर हनुमान बाग पीठाधीश्वर महंत जगदीश दास, हनुमानगढ़ी से नन्दराम दास,मामा दास, सुनील दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री आदि लोग मौजूद रहें।
: जगतगुरु परमहंस आचार्य के आमरण-अनशन को संतों का मिल रहा समर्थन
Thu, Nov 9, 2023
हिंदू राष्ट्र की मांग काे लेकर परमहंसाचार्य अन्नजल का परित्याग कर 7 नवंबर से आमरण-अनशन पर
अयाेध्या। विश्व हिंदू सिक्ख महापरिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य का आमरण-अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को प्रतिष्ठित पीठ बड़ाभक्तमाल के वयाेवृद्ध महंत काैशलकिशोर दास महाराज ने अनशन स्थल पर पहुंचकर उनका समर्थन कर हाैसला बढ़ाया। हिंदू राष्ट्र की मांग काे लेकर परमहंसाचार्य अन्नजल का परित्याग कर 7 नवंबर से आमरण-अनशन पर हैं। वह अपने आश्रम के एक कमरे में खुद को अंदर से बंद कर अनशन पर बैठे हैं। अनशन के दूसरे दिन जिला प्रशासन द्वारा उन्हें मनाने की कोशिश की गई। लेकिन अपनी हठधर्मिता के नाते उन्होंने किसी की एक नही सुनी और आमरण-अनशन जारी रखा है। बिना किसी नतीजे के अधिकारियाें काे बैरन वापस लाैटना पड़ा। जगतगुरु परमहंस आचार्य के आमरण-अनशन काे साेशल मीडिया पर भी काफी समर्थन मिल रहा है। उनके समर्थन में अखिल भारत हिंदू महासभा एवं संतसभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि महाराज दिल्ली, राष्ट्र भक्त लाेक गायिका कवि सिंह हरियाणा, राष्ट्रीय बजरंग दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हितेश भारद्वाज उत्तराखंड भी उतर चुके हैं। जिन्हाेंने अपना अलग-अलग वीडियो जारी किया है। जाे साेशल मीडिया पर भी काफी वायरल हो रहा है। वीडियो में सभी परमहंस आचार्य के हिंदू राष्ट्र की मांग का समर्थन कर रहे हैं। उनका कहना है कि इनकी मांग जायज है। भाजपा की केंद्र सरकार को तत्काल इनकी मांगे मान लेना चाहिए और भारत काे जल्द से जल्द हिंदू राष्ट्र घोषित करें। इससे पहले परमहंसाचार्य के हिंदू राष्ट्र की मांग काे श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल, ओजस्वी भारत फाउंडेशन समेत अन्य हिंदूवादी संगठनों का समर्थन मिल चुका है। जिन्हाेंने अनशन स्थल पर पहुंचकर उन्हें अपना समर्थन भी दिया। जगतगुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि हिंदू राष्ट्र साै कराेड़ हिंदुओं की मांग है। वह भारत काे हिंदू राष्ट्र घोषित कराने के लिए लंबे समय से संवैधानिक लड़ाई लड़ रहे हैं। इस मुहिम में उन्हें देश के कई हिंदूवादी संगठनों का भी समर्थन प्राप्त है। हिंदू राष्ट्र की मांग काे लेकर उन्हाेंने सबसे पहले देश में आवाज उठाई एवं आमरण-अनशन किया था। वर्तमान में हिंदू राष्ट्र पूरे देश की आवाज बन चुका है। भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म व मानवता काे बचाने के लिए भारत शीघ्र हिंदू राष्ट्र घोषित हाे। यही हमारी भाजपा की केंद्र सरकार से मांग है। इस अवसर पर ओजस्वी भारत फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत एकनाथ महाराज महाराष्ट्र दूसरे दिन भी अपने पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं संग आमरण-अनशन स्थल पर डटे रहे।
: रामकथा भगवान के लीला, चरित्र, गुणों की गाथा है: बसंत विजय
Wed, Nov 8, 2023
हनुमान बाग में श्रीराम राज्याभिषेक की कथा महोत्सव का उल्लास चरम पर, पड़ रहा प्रतिदिन 50 हजार आहुतियां
देवी पद्मावती की कुमकुम अर्चना महालक्ष्मी मंत्र से हो रहा
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के प्रतिष्ठित पीठ हनुमान बाग में दीपावली के पावन अवसर पर श्रीराम राज्याभिषेक महाकथा के द्धितीय दिवस पर प्रातःकाल देवी पद्मावती की कुमकुम अर्चना महालक्ष्मी मंत्र से होना शुरु हुआ। कर्नाटक के कृष्णा गिरि स्थित श्री पार्श्व पद्मावती शक्ति पीठ तीर्थ धाम के पीठाधीश्वर स्वामी वसंत विजय महाराज के श्रीमुख से श्रीराम राज्याभिषेक महाकथा में द्धितीय दिवस पर स्वामी बसंत विजय जी महाराज ने कहा कि राम कथा तन-मन को पवित्र कर उज्ज्वल करने के साथ-साथ जीवन शैली और आत्मा को नया रूप देती है। श्री रामकथा का महत्व हमेशा से है और आगे भी रहेगा। यह भगवान के लीला चरित्र गुणों की गाथा है। इसके श्रवण और कथन के प्रति हमेशा एक नवीनता का भाव बना रहता है। पूज्य महाराज जी ने कहा कि किसी आम व्यक्ति के जीवन चरित्र को एक दो या चार बार सुनने के बाद उसके प्रति उबन पैदा हो जाता है लेकिन यह भगवान की कथा है सत्य की कथा है इस नाते हमेशा कुछ न कुछ नया लगता है। इसे बार-बार कहने एवं सुनने की इच्छा हमेशा बनी रहती है। श्री पार्श्व पद्मावती शक्ति पीठ तीर्थ धाम के पीठाधीश्वर स्वामी वसंत विजय महाराज ने कहा कि हनुमान जी को रामनाम प्रिय है जहां भी रामकथा होती है वहां वे कथा सुनने आते हैं। हनुमान जी के हृदय में श्रीराम का निवास है। भगवान कभी जन्म नही लेते है हमेशा अवतार होता है। कथा में आज राम राज्याभिषेक की कथा एवं धनतेरस की पूजा विधि को समझाया। महोत्सव की अध्यक्षता करते हुए हनुमान बाग के पीठाधीश्वर महंत जगदीश दास महाराज ने कहा कि भगवान राम लक्ष्मण भरत और शत्रुघन के चरित्र में प्रदर्शित त्याग और तपस्या की बातों को निरंतर श्रवण करते रहने से सुनने वाले के अंदर भी ऐसे ही महान गुणों का समावेश हो जाता है। हमेशा भगवान की कथा सुननी चाहिए हर घर में रामचरित मानस हो तथा नित्यदिन इसको पढ़े व लोगों को श्रवण कराएं। इस मौके पर सुनील दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री सहित सैकड़ों संत महंत एवं राम कथा के रसिक गण उपस्थित रहे।