: श्री करूणानिधान में धूमधाम से मनाया गया तुलसी विवाह
Sat, Nov 25, 2023
श्री करूणानिधान भवन पीठाधीश्वर महंत रामजी दास महाराज ने सानिध्य में हिंदू रीति-रिवाज से वृंदा और शालिग्राम का विवाह संपन्न कराया गया
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या की प्रसिद्ध पीठ श्रीकरूणानिधान भवन, रामकोट में तुलसी विवाहोत्सव धूमधाम से मनाया गया। पूरा मंदिर प्रांगण विवाहोत्सव के उल्लास में डूबा रहा। चारों ओर अनुपम छटा बिखरी हुई थी, जिसके उल्लास में साधु-संत एवं भक्तगण रमे रहे। मंदिर के गर्भगृह से लेकर पूरा परिसर रंग-बिरंगी रोशनियों से नहाया हुआ था। इसकी आभा देखते हुए बन रही थी। जो बरबस ही श्रद्धालुगणों को अपनी ओर आकर्षित करती रही। श्रद्धालुगण अपना जीवन कृतार्थ कर रहे थे। विवाह महोत्सव को श्रीकरूणानिधान भवन पीठाधीश्वर महंत रामजी दास महाराज ने सानिध्य प्रदान किया। देर शाम हिंदू रीति-रिवाज से वृंदा और शालिग्राम का विवाह संपन्न कराया गया, जिसमें विवाह से संबंधित सभी रीतियां पूरी की गई। उसके बाद सभी लोगों ने तुलसी- शालिग्राम के विवाहोत्सव का प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर प्रांगण खचाखच श्रद्धालुओं से भरा रहा। इस अवसर पर आश्रम के अधिकारी युवा संत रामनारायण दास महाराज ने बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी आश्रम में तुलसी-शालिग्राम का विवाह धूमधाम से मनाया गया। जो सायंकाल से शुरू होकर देररात्रि तक चला। विवाह हिंदू रीति-रिवाज से हुआ, जिसमें विवाह से संबंधित सभी रीतियां पूर्ण हुई। काफी संख्या में मंदिर से जुड़े हुए भक्तगण वृंदा-शालिग्राम के विवाह में सम्मिलित हुए। जिन्होंने अपना जीवन धन्य बनाया।
: रघुवंश अभिराम सेवा शिविर ने किया परिक्रमाथियों की सेवा
Sat, Nov 25, 2023
विश्व प्रसिद्ध चौदह कोसी व पंचकोसी परिक्रमा में कैम्प लगाकर चाय पिलाया
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के बाबा अभिराम दास वेद-वेदांग विद्या पीठम् एवं रघुवंश संकल्प सेवा ट्रस्ट के संयुक्त तत्वाधान में पंचकोसी परिक्रमा में कैंप लगाकर परिक्रमार्थियों को निःशुल्क चाय वितरित किया गया। निःशुल्क चाय वितरण शिविर पंचकोसी परिक्रमा मार्ग के चक्रतीर्थ में लगाया गया था, जिसमें लाखों परिक्रमार्थियों को चाय बांटा। इस अवसर पर रघुवंश संकल्प संकल्प सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष स्वामी दिलीप दास त्यागी महाराज ने कहा कि मानव सेवा सबसे बड़ी भक्ति है। नर सेवा से ही नारायण मिलते है। इससे बढ़कर और कुछ नही है। सेवा ही परम धर्म है। सेवा के प्रकल्प बराबर चलते रहने चाहिए। उसी परिप्रेक्ष्य में पंचकोसी परिक्रमा में शिविर लगाकर श्रद्धालुओं को निःशुल्क चाय वितरित किया गया। हजारों की संख्या में परिक्रमार्थियों ने चाय ग्रहण किया। आगे भी यह कार्य चलता रहेगा। चाय वितरण शिविर बुधवार रात्रि से शुरू होकर अगले दिन परिक्रमा की समाप्ति तक चलता रहा। उन्होंने अयोध्यवासियों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक एकादशी को अयोध्या के सभी लोग पंचकोसी परिक्रमा अवश्य करें। वहीं बाबा अभिराम दास वेद वेदांग विद्या पीठम् के संस्थापक श्रीमहंत धर्मदास महाराज हनुमानगढ़ी ने कहा कि प्रभु श्रीराम की नगरी विश्व की सबसे आध्यात्मिक नगरी है। ऐसे में यहां भक्तिपूर्ण माहौल बनाना हम सभी का नैतिक धर्म है। जन कल्याण की भावना ही सबसे बड़ी तपस्या है। संस्था द्वारा सेवा के तमाम कार्य किए जा रहे हैं। उन्हीं में से चाय वितरण शिविर भी एक था, जिसके तहत परिक्रमा कर रहे श्रद्धालुओं को निःशुल्क बांटा गया। इस दौरान सहयोग में अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
: निष्काम भक्ति से परमात्मा की प्राप्ति जरूर होती है: वशिष्ठपीठाधीश्वर
Wed, Nov 22, 2023
पंचकोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित हिंदू धाम में बह रही श्रीमद् भागवत कथा की रसधार
अयोध्या। पंचकोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित हिंदू धाम में श्रीमद् भागवत कथा के द्धितीय दिवस पर वशिष्ठपीठाधीश्वर ब्रह्मर्षि डॉ रामविलास वेदांती महाराज ने कहा कि सत्यं परमं धीमहि इस संसार में एक ईश्वर ही सत्य है जो दिख रहा है वह केवल वह प्रभु की माया है। भागवत की उत्पत्ति के बारे में बताया सुखदेव भगवान को श्री व्यास जी महाराज ने भागवत को प्रदान किया वही भागवत कथा आज हम सब को सुनने को मिल रही है। वेदांती जी ने बताया कि परमात्मा इस संसार में अपने भक्तों की रक्षा के लिए अनेक, अनेक अवतार लेकर आते भागवत में चौबीस अवतारो के माध्यम से बताया। उन्होंने कहा कि भगवान अपने भक्तों के लिए सबकुछ करने के लिए तैयार रहते है। उदाहरण में पांडवो के लिए भगवान सारथी बने। महाभारत की कथा में के बारे में भी महाराज जी ने कहा कि कौरव और पांडवों के युद्ध में विजय सत्य की ही होती है। जिसके रक्षक प्रभु होते हे उसे इस संसार में कोई नहीं हरा सकता। वेदांती जी ने पांडवों की कथा को बताया अपने कल्याण के लिए परमात्मा की भक्ति ही एक उपाय हे भक्ति को दो प्रकार की बताया निष्काम भक्ति और सकाम भक्ति। निष्काम भक्ति से परमात्मा की प्राप्ति जरूर होती है। श्रीमद् भागवत कथा का संयोजन वशिष्ठ पीठाधीश्वर महंत राघवेश दास वेदांती महाराज कर रहें है। कथा के शुभारंभ पर मुख्य यजमान मुख्य यजमान ताराशंकर पाण्डेय सपत्नीक एवं उनके पुत्र द्वय मनोज पाण्डेय एवं श्री मती स्वेता पाण्डेय पुत्र यश वर्धन पाण्डेय रामानुजन पाण्डेय श्रीमती भारती पाण्डेय पुत्र हर्षवर्धन पाण्डेय व परिवार के सभी सदस्य प्रमुख रूप से वेदान्ती जी के प्रिय शिष्य रामकिशोर पाण्डेय,उनके अनुज धीरेंद्र पाण्डेय पुत्री मीनाक्षी पाण्डेय व अभिषेक पाण्डेय ने आरती उतारी और प्रसाद वितरण किया गया।