: भरत जैसा चरित्र व आचरण हमें जीवन में उतारना चाहिए : वसंत विजय
Tue, Nov 14, 2023
हनुमान बाग में राज्याभिषेक कथा का आज समारोह पूर्वक होगा विश्राम, रामनगरी के समस्त संत धर्मचार्यो का होगा विशाल भंडारा
अयोध्या। भगवान श्री राम की नगरी में पहली बार दीपावली के पावन अवसर पर महालक्ष्मी जी का कुमकुम पूजा अर्चना व महामंत्र जाप के साथ यज्ञ का समापन बुधवार को समारोह पूर्वक होगा। इस मौके पर रामनगरी अयोध्या के सभी संतों का विशाल भंडारा भी होगा। 15 दिवसीय इस महोत्सव का का आयोजन पद्मावती शक्तिपीठ तीर्थधाम के पीठाधीश्वर वसंत विजय महाराज ने किया।
दक्षिण भारत की सुरम्य पहाड़ियों के बीच बसा हुआ नगर कृष्णगिरी कर्नाटक में स्थित पद्मावती शक्तिपीठ तीर्थधाम के पीठाधीश्वर वसंत विजय महाराज राम राज्याभिषेक कथा के समापन सत्र में भरत चरित्र व राम राज्याभिषेक की कथा सुनाते हुए स्वामी जी ने बताया कि भरत ने बड़े भाई भगवान श्रीराम की चरणपादुका को चौदह वर्षों तक उनकी पूजा अर्चना उनका दास बनकर अयोध्या की प्रजा की सेवा की। उन्होंने कहा कि यदि हमारे समाज के लोग श्रीराम चरित मानस का अनुकरण करते हुए जीवन निर्वाह करने की कला सीख ले तो समाज की सभी प्रकार की समस्याओं का निस्तारण अपने आप हो जाएगा। स्वामी जी ने कहा कि भगवान की कथा हमारे समाज को अनुशासन और प्रेम तथा सद्भाव का संदेश देती है। जिन घरों में भगवान श्रीराम एवं श्रीकृष्ण सहित हमारे देवी देवताओं एवं महापुरुषों की कथाओं का गुणगान होता है उन परिवारों में हमेशा सुख शांति बरसती है। राम लक्ष्मण भरत शत्रु जैसे भाई से हमे सभी गुण सीखना चाहिए और जिस तरह भरत ने अपने चरित्र आचरण और सादगी के साथ राज्य चलाया और प्रजा को सब कुछ दिया उससे हमे सीख लेने की जरूरत है। कथा के शुभारंभ से लेकर समापन दिवस तक प्रति दिन अयोध्या जी के विशिष्ट संतों का अभिनन्दन भी किया गया।
: गुरूमत समागम में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का उमड़ा संगम
Tue, Nov 14, 2023
ऐतिहासिक गुरुद्वारा नजरबाग में आध्यात्मिक ऊर्जा का बिखरा रहा प्रकाश
समागम काे सफल बनाने के लिए जत्थेदार बाबा महेंदर सिंह, सेवादार नवनीत सिंह व समूह सेवादारों की ओर से सभी श्रद्धालुओं का आभार ज्ञापित किया गया
अयाेध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा नजरबाग में आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रकाश बिखरा रहा। माैका था महान गुरूमत समागम बंदी छोड़ दिवस का। जाे गुरूद्वारे में परंपरागत रूप से मनाया गया, जिसमें श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का संगम उमड़ा रहा। गुरूद्वारा नजरबाग बहुत ही पाैराणिक स्थल है। जहां सिक्ख धर्म के प्रथम गुरु गुरुनानक देव और दसवें गुरु गुरु गोबिंद सिंह की चरण छू प्राप्त है। ब्रह्म ज्ञानी, ब्रह्मलीन अमर शहीद संत बाबा राम सिंह की प्रेरणा व संत बाबा त्रिलोचन सिंह के सहयोग से 17 वर्षों से अनवरत महान गुरुमत समागम जत्थेदार बाबा महेंदर सिंह द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इसमें पूर्वांचल के सभी शहरों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए। कार्यक्रम में विशेष रूप से नानकसर सींगड़ा करनाल से संत बाबा राम सिंह का कीर्तनी जत्था एवं लखनऊ, बस्ती आदि अन्य शहरों से कीर्तनी जत्थे माैजूद रहे। महान गुरुमत समागम फैजाबाद, अयोध्या और इलाका निवासी समूह साध संगत के सहयोग से मनाया गया। इसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु लंगर प्रसाद ग्रहण किए। समागम काे सफल बनाने के लिए जत्थेदार बाबा महेंदर सिंह, सेवादार नवनीत सिंह व समूह सेवादारों की ओर से सभी श्रद्धालुओं का आभार ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह,महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, जगद्गुरू रामदिनेशाचार्य, हनुमानगढ़ी के वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित रहे।
: भगवान श्रीराम का चरित्र दर्पण के समान है जिसमें अपने आपको देखकर सुधार करो :शक्तिपीठाधीश्वर
Tue, Nov 14, 2023
प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग में दीपोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित महालक्ष्मी कुमकुम पूजा अपने शवाब पर, दर्जनों वैदिक आचार्य कर रहे मंत्र जाप
अयोध्या। भगवान श्री राम की नगरी में पहली बार दीपावली के अवसर पर महालक्ष्मी का हो रहा है कुमकुम पूजा अर्चना और साथ में महालक्ष्मी मंत्र से प्रतिदिन हवन कुंड में डाली जा रही हैं आहुतियां जो 15 नवंबर तक चलेगा जिसमें वैदिक आचार्यों द्वारा महामंत्र जाप अनवरत हो रहा है।
दक्षिण भारत की सुरम्य पहाड़ियों के बीच बसा हुआ नगर कृष्णगिरी कर्नाटक में स्थित पद्मावती शक्तिपीठ तीर्थधाम के पीठाधीश्वर वसंत विजय महाराज सानिध्य में वैदिक विद्वान कर रहे हैं पूजन। राम राज्याभिषेक कथा के अष्टम दिवस शक्तिपीठ तीर्थधाम के पीठाधीश्वर वसंत विजय महाराज ने कहा कि ने कहा कि भगवान अनंत हैं, उनका चरित्र अनंत है, उनकी लीला अनंत है। फिर भी भगवान के उन अनंत चरित्रों में जितना चरित्र चिंतन हम कर लें, उससे हमारे चरित्र का निर्माण होता है। भगवान के चरित्र का चिंतन करने का उद्देश्य यही है कि हमारा चरित्र सुधर जाए। भगवान का चरित्र वो दर्पण है, जिस दर्पण में हम अपना सुधार कर लें। दर्पण कभी झूठ नहीं बोलता। दर्पण के सामने खड़े होकर हम गड़बड़ को सुधार करते हैं, उसी प्रकार भगवान श्रीराम का चरित्र ऐसा निर्मल दर्पण है, जिस दर्पण में हम अपने चरित्र को देखें कि हमारी क्या गलतियां हैं, रामजी ने क्या किया वो हम करें, या उन्होंने क्या नहीं किया वो हम ना करें, यह देखकर रामचरित्र के दर्पण में हम अपने जीवन का सुधार कर लें, यही कथा सुनने का फल है। अपने आपको हम पवित्र कर लेंगे। पूज्य स्वामीजी जी ने कहा कि संसार के लोग व्यवहार को देखते हैं, लेकिन भगवान भाव को देखते हैं। आपका भाव बहुत अच्छा हो, लेकिन व्यवहार में आप चूक गए तो संसार में आप सफल नहीं हो सकते और अगर भगवान के साथ व्यवहार में चूक गए तो कोई बात नहीं, यदि भाव आपका ठीक रहा तो काम चल जाएगा।इस महोत्सव में हजारों भक्त व संता साधक मौजूद रहें।