: निर्वाणी अनी अखाड़ा उतरा विश्वानंद के विरोध में
Mon, Nov 20, 2023
निर्वाणी अनी अखाड़ा के लगभग 2 साै संत अयोध्या से वृंदावन कूच करने का किया आहवान
विश्वगुरु बनाने का अधिकार निर्वाणी अनी अखाड़ा के पूर्व महंत धर्मदास काे किसने दिया, जबकि उनका कार्यकाल समाप्त हाे चुका: श्रीमहंत मुरली दास
अयोध्या। अखिल भारतीय चार संप्रदाय, निर्माेही एवं दिगंबर अखाड़ा के बाद अब निर्वाणी अनी अखाड़ा भी विश्वानंद के विराेध में पूरी तरह उतर चुका है। यह वही विश्वानंद है, जिसे 24 नवंबर को वृंदावन में विश्वगुरु बनाया जा रहा है। इसके विराेध में निर्वाणी अनी अखाड़ा के लगभग 2 साै संताें ने अयोध्या से वृंदावन कूच का आहवान किया है। संताें ने कहा है कि अगर विश्वानंद काे विश्वगुरू बनाया गया। ताे वह 24 नवंबर काे वृंदावन के लिए कूच कर भारी विराेध करेंगे। इस संबंध में रविवार हनुमानगढ़ी परिसर स्थित अपने आश्रम पर प्रेसवार्ता के दाैरान श्रीनिर्वाणी अनी अखाड़ा के श्रीमहंत मुरली दास महाराज ने कहा कि विश्वानंद नामक एक व्यक्ति को निर्वाणी अनी के पूर्व महंत धर्मदास द्वारा वृंदावन में विश्व गुरु बनाया जा रहा है। जाे जमर्नी में रहता है ऐसे व्यक्ति काे विश्व गुरु बनाया जा रहा है, जिसकी जानकारी न ताे निर्वाणी अखाड़ा काे है। न ही चतु संप्रदाय और न ही तीनाें अनी अखाड़ाें काे। जबकि वह इस पद के याेग्य नही है। फिर भी उसे विश्वगुरु बनाने का अधिकार निर्वाणी अनी अखाड़ा के पूर्व महंत धर्मदास काे किसने दिया। जबकि उनका कार्यकाल समाप्त हाे चुका है। वह सिर्फ निर्वाणी अनी अखाड़ा के एक आम सदस्य हैं। वर्तमान में मैं अखिल भारतीय श्रीपंच रामानंदीय निर्वाणी अनी अखाड़ा के श्रीमहंत पद पर स्थापित हूं। इसलिए पूर्व महंत धर्मदास काे विश्वगुरु, जगद्गुरु, द्वाराचार्य एवं श्रीमहंत चुनने का अधिकार नही है। वह सिर्फ पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। धर्म सम्राट श्रीमहंत ज्ञानदास महाराज के कृपापात्र उत्तराधिकारी संकटमोचन सेना राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय दास ने कहा कि निर्वाणी अनी अखाड़ा के पूर्व महंत धर्मदास का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। निर्वाणी अनी अखाड़ा के श्रीमहंत चार कुंभ के लिए हाेते हैं। पूर्व महंत धर्मदास चार कुंभ स्नान कर चुके हैं। उनका कार्यकाल समाप्त है। वर्तमान में मुरली दास महाराज श्रीनिर्वाणी अनी अखाड़ा के श्रीमहंत हैं। हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन महंत प्रेमदास महाराज के शिष्य डॉ. महेश दास ने कहा कि वृंदावन में आयाेजित विश्वगुरु बनाने के कार्यक्रम पर यदि राेक नही लगाया गया। ताे हम अयोध्या के 2 साै संत वृंदावन के लिए कूच करेंगे और वहां पहुंचकर पुरजाेर विरोध दर्ज करायेंगे। प्रेसवार्ता में पहलवान राजेश दास भी माैजूद रहे।
: हनुमानजी के प्रति छलका अनुराग, धूमधाम से मना जयंती उत्सव
Wed, Nov 15, 2023
प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमानगढ़ी में रहा उत्सव का माहौल, चहुंओर बह रही थी बधाईयां
केसरी टीला मधुर माधुरी कुंज में पवन पुत्र हनुमान के जयंती महोत्सव की रही धूम
अयोध्या। कार्तिक कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को रामनगरी में भगवान श्रीराम के अन्नय सेवक बजरंगबली की जयंती धूमधाम से मनाई गई । हनुमान जी के प्रति साधु-संतों और भक्तगणों का अनुराग छलका। सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी में गद्दीनशीन महंत प्रेमदास की सानिध्यता में हनुमान जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर हनुमानगढ़ी के गर्भगृह से पूरे परिसर को भांति-भांति के सुगंधित पुष्पों से सजाया गया था। रंग-बिरंगी रोशनियों से हनुमानगढ़ी प्रांगण जगमगाता रहा। सुबह से लेकर देररात्रि तक भक्तगणों का जमावड़ा लगा रहा। भीड़ का तांता टूटने का नाम नही ले रहा था। रात्रि बजे भोग लगाकर बजरंगबली की भव्य आरती उतारी गई। उसके बाद प्रसाद वितरण हुआ। इस मौके पर निर्वाणी अनी के श्रीमहंत मुरली दास, संकटमोचन सेना राष्ट्रीय अध्यक्ष अध्यक्ष संजय दास, महंत बलराम दास, महंत धर्मदास, डॉ. महेश दास, बाबा माधवदास, हेमंत दास, मामा दास, राजेश दास पहलवान, मनीराम आदि मौजूद रहे। इसी प्रकार नजरबाग स्थित केसरी टीला मधुर माधुरी कुंज में पवन पुत्र हनुमान के जयंती महोत्सव की धूम रही। जहां पीठ के महंत वैदेही शरण महाराज के संयोजन में हनुमान जयंती हर्षोल्लास पूर्वक मनाई गई। रात्रि में पूजन- अर्चन, भोग बाद महाबली की भव्य अर्चन, भोग बाद महाबली की भव्य आरती उतारी। इस अवसर पर पीठ अधिकारी रामप्रिया शरण महाराज ने प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी मंदिर में बजरंगबली का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। साथ ही हनुमान भक्तों को प्रसाद भी वितरित हुआ। हनुमान जी महाराज अयोध्या के राजा हैं। जो अपने भक्तों का कल्याण करते हैं। उनकी कृपा दृष्टि हम सबके ऊपर बनी रहे । यह गदाधारी सरकार से कामना है। सिद्ध पीठ नाका हनुमानगढ़ी, हनुमानकिला रामघाट, प्रियाप्रीतम केलिकुंज, हनुमत निवास, हनुमत सदन, हनुमत भवन, हनुमान टेकरी, पंचमुखी हनुमान मंदिर समेत अन्य मंदिरों में हनुमत जयंती धूमधाम से मनी ।
: रामनगरी में मनाया गया अन्नकूट महोत्सव, भगवान को लगा छप्पन भोग
Tue, Nov 14, 2023
प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग में हुआ भगवान का विशेष श्रृंगार, महंत जगदीश दास महाराज के संयोजन में भव्यता से मनाया गया महोत्सव
भगवान राम के लंका विजय कर लौटने की खुशी में दीपावली के दूसरे दिन उदय तिथि में अमावसा की वजह से मंगलवार को मना पारंपरिक उत्सव के रुप में अन्नकूट का पर्व
पूढ़ी, कचौड़ी, मालपुआ, चूरमा, कढी, दाल, खीर आदि के लगे छप्पन भोग
अयोध्या। लंका विजय कर लौटे भगवान राम की याद में रविवार की सायं दीपोत्सव के बाद सोमवार को उदय तिथि में अमावसा पढ़ने की वजह से अयोध्या के मंदिरों में महोत्सव अगले दिन यानि मंगलवार को धूमधाम से अन्नकूट महोत्सव मनाया गया। भगवान को सभी मठ-मंदिरों में 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। इस दौरान भक्तों की भीड़ और जय-जयकार से रामनगरी का उत्साह चरम पर रहा। मान्यता है कि 14 साल वनवास और लंका विजय दौरान भगवान राजकीय सुख-सुविधा से सर्वथा दूर रहे, इसलिए अयोध्या आने पर उन्हें वैभव प्रदान करने में कोई कसर न छोड़ी जाय। इसी भाव के अनुरूप रामनगरी के हजारों मठ-मंदिरों में भगवान को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। इस बीच न केवल भगवान राम, माता सीता समेत चारों भाइयों को भोग लगाने में पूरा भाव व समर्पण अर्पित किया गया बल्कि भोग के बाद प्रसाद ग्रहण करने में भी उत्सव का माहौल रहा। तकरीबन सभी मंदिर भोज-भंडारे के उत्सव से आप्लावित रहे। उत्सव में दूरदराज से आने वाले भक्तों सहित स्थानीय श्रद्धालुओं ने पूरी शिद्दत से शिरकत की।
जिसमें सुबह से ही मणिराम छावनी, कनक भवन,जानकी महल ट्रस्ट,हनुमान बाग, रामलला सदन, हनुमानगढ़ी, झुनकी घाट, करतलिया बाबा आश्रम सहित सभी मंदिरों में छप्पन प्रकार के व्यंजन बनाये गए ,जिनकी महक से नगरी का वातावरण सुवासित हो उठा। प्रथम आरती के बाद भगवान को व्यंजनों का भोग लगाकर प्रसाद भक्तों में वितरित किया गया।अन्नकूट महोत्सव में प्रसाद पाने के लिए देश-विदेश के क्षेत्रों से आये श्रद्धालु पंक्ति बद्ध देखे गए। प्रसिद्ध पीठ हनुमान बाग में महंत जगदीश दास महाराज के संयोजन में भव्य दिव्य अन्नकूट महोत्सव मनाया गया। महंत जगदीश दास जी कहते है कि यह परिदृश्य स्वाभाविक है, निश्चित रूप से भगवान के वन गमन के दौरान अयोध्या पूरे समय व्यथित रही होगी और भगवान जब पूरी कामयाबी से लौटे तो उनके स्वागत-सत्कार के बाद चैन की वंशी बजनी ही थी। कार्यक्रम में शामिल होने दर्जनों जिलों से हजारों भक्त शामिल हुए।व्यवस्था में सुनील दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री ,गोलू दास लगे रहें। आये हुए अतिथियों का स्वागत हनुमान बाग सेवा संस्थान ने किया।