: हनुमानगढ़ी में सवा लाख हनुमान चालीसा पाठ का हुआ शुभारंभ
Thu, Jan 25, 2024
धर्म सम्राट श्रीमहंत ज्ञान दास महाराज के पावन सानिध्य में हनुमानगढ़ी में सवा लाख हनुमान चालीसा पाठ का हुआ शुभारंभ
51 ब्राह्मणों द्वारा होगा हनुमान चालीसा पाठ, कार्यक्रम की अध्यक्षता संकटमोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास महाराज कर रहें
अयोध्या। भव्य, दिव्य, नूतन मंदिर में श्रीरामलला सरकार के विराजमान हाेने की खुशी में इस समय देश ही नही अपितु पूरे विश्व में उत्सव मनाया जा रहा है। रामभक्त अपने-अपने तरीके से उत्सव-महाेत्सव मना रहे हैं। इसी कड़ी में धर्म सम्राट श्रीमहंत ज्ञान दास महाराज के पावन सानिध्य में भी गुरूवार को हनुमानगढ़ी में सवा लाख हनुमान चालीसा पाठ का शुभारंभ हुआ। सर्वप्रथम हनुमानगढ़ी मंदिर में विराजमान बजरंगबली का पूजन-अर्चन, भाेग, आरती की। उसके बाद 51 ब्राह्मणों द्वारा हनुमान चालीसा पाठ शुरू किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संकटमोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय दास महाराज ने कहा कि रामलला के प्राण प्रतिष्ठा पर यह आयोजन शुरू हुआ है। जाे 2 फरवरी तक चलेगा। इस दाैरान कुल सवा लाख हनुमान चालीसा का पाठ किया जायेगा। कुछ ब्राह्मण हनुमानगढ़ी मंदिर में और कुछ हनुमानगढ़ी इमली बगिया में हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। इस धार्मिक अनुष्ठान के आयोजक महंत रामदास महाराज ने कहा कि 25 जनवरी से शुरू हाेकर 2 फरवरी अर्थात नाै दिनाें तक सवा लाख हनुमान चालीसा का पाठ हाेगा, जिसके मुख्य यजमान हरियाणा के बलवान जी हैं। 51 ब्राह्मण सवा लाख हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। जाे अखंड चलता रहेगा। पाठ का समय प्रतिदिन सुबह 8 बजे से लेकर रात्रि 8 बजे तक है। उसके बाद बजरंगबली की आरती की जायेगी। अगले दिन फिर इसी समय पर हनुमान चालीसा पाठ शुरू हाेगा और आरती हाेगी। ऐसा क्रम 2 फरवरी तक चलता रहेगा। इस माैके हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन महंत प्रेमदास महाराज के शिष्य व हनुमत संस्कृत विद्यालय प्राचार्य डॉ. महेश दास, महंत रामशंकर दास, पहलवान राजेश दास, हनुमानगढ़ी के वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास, फ्रांस से तुलसी देवी दास, वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास, पहलवान मनीराम दास आदि नागातीत माैजूद रहे।
: श्रीरामजन्मभूमि उद्धारक नवरत्नों का रघुवंश अभिराम अमृत महोत्सव में हुआ सम्मान
Thu, Jan 25, 2024
श्रीरामलला के विराजमान हाेने की खुशी में रघुवंश अभिराम अमृत महोत्सव धूमधाम से मनाया गया: महंत दिलीप दास
अयोध्या। श्रीरामलला के प्राण प्रतिष्ठा अवसर पर राजघाट बंधा स्थित बाबा अभिराम दास वेदांत शिक्षण-प्रशिक्षण विद्यापीठम एवं रघुवंश संकल्प सेवा ट्रस्ट संयुक्त तत्वाधान में नव दिवसीय कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम का नाम रघुवंश अभिराम अमृत महोत्सव दिया गया था। जाे 17 जनवरी से 25 जनवरी तक निर्वाणी अनी श्रीमहंत धर्मदास की अध्यक्षता में श्रीराम गाैरव गाथा एवं श्रीरामजन्मभूमि उद्धारक नवरत्न पुरस्कार के रूप में आयाेजित रहा। इस दाैरान सवा लाख पार्थिव शिवलिंग का पूजन और श्रीरामकथा का कार्यक्रम हुआ। महाेत्सव के अंतिम दिन श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन में महती भूमिका निभाने वाले कारसेवक संताेष दूबे व शहीद कारसेवक राजेंद्र धरिकार के भाई रवींद्र धरिकार काे श्रीरामजन्मभूमि उद्धारक नवरत्न पुरस्कार दिया गया। इसके अलावा कार्यक्रम के यजमान जय हनुमान साेनी राजस्थान काे भी यह पुरस्कार मिला। रघुवंश अभिराम अमृत महोत्सव आयाेजक व रघुवंश संकल्प सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष स्वामी दिलीप दास त्यागी महाराज ने बताया कि श्रीरामलला के विराजमान हाेने की खुशी में रघुवंश अभिराम अमृत महोत्सव मनाया गया। श्रीरामजन्मभूमि उद्धारक के रूप में बाबा अभिराम दास, महायाेगी दिग्विजय नाथ, महंत अवैद्यनाथ, परमहंस रामचंद्र दास, स्वामी वामदेव, जगद्गुरु शिवरामाचार्य, अशाेक सिंहल, ठा. गुरुदत्त सिंह, केके नैय्यर यह नवरत्न हैं। इन नवरत्नों के नाम पर कारसेवक संताेष दूबे, शहीद कारसेवक के भाई रवींद्र धरिकार और जय हनुमान साेनी काे पुरस्कार दिया गया है। पुरस्कार में स्मृति चिंह व अंगवस्त्र मिला। शेष अन्य छ: और लाेगाें काे भी यह पुरस्कार दिया जाना है। जाे श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्रीमहंत धर्मदास ने कहा कि श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन में गुरूदेव बाबा अभिराम दास महाराज नींव की पत्थर थे। भव्य राममंदिर निर्माण से उनका सपना पूरा हुआ। ऐसे महापुरूष समय-समय पर इस धराधाम में अवतार लेते हैं। तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरू परमहंसाचार्य ने कहा कि श्रीरामजन्मभूमि महा महाेत्सव में बाबा अभिराम दास महाराज की सर्वाधिक भूमिका रही है। वह श्रीरामजन्मभूमि के उद्धारक रहे। इस अवसर पर रसिकपीठाधीश्वर महंत जन्मेजय शरण, खड़ेश्वरी मंदिर के महंत रामप्रकाश दास, खाकचौक के श्रीमहंत बृजमोहन दास, जगन्नाथ मंदिर महंत राघव दास, सरपंच महंत रामकुमार दास, श्रीमद् भागवत विद्यापीठ के महंत नव्यन्यायाचार्य तुलसीदास, नागा नंदराम दास, नागा रामलखन दास, मामा दास, नागा सूरज दास, संत दास, भरत दास, रामरतन आदि संत-महंत एवं भक्तगण उपस्थित रहे।
: भगवान रामलला को बधाई के स्वरुप श्रीमद् भागवत कथा समर्पित कर रहा: आचार्य पुण्डरीक
Thu, Jan 25, 2024
उदासीन संगत ऋषि आश्रम में वृंदावन से पधारे ख्यातिलब्ध कथाव्यास श्री मन्माधव गौड़ेश्वर वैष्णव आचार्य पुण्डरीक गोस्वामी जी की श्रीमद् भागवत कथा का हुआ भव्य शुभारंभ
व गौड़ेश्वर वैष्णव आचार्य पुण्डरीक गोस्वामी जी का सम्मान करते उदासीन ऋषि आश्रम पीठाधीश्वर श्रीमहंत डा भरत दास जी
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि व उदासीन आश्रम पीठाधीश्वर श्रीमहंत डा भरत दास ने दीप प्रज्वलित कर किया महोत्सव का शुभारंभ
अयोध्या। रामनगरी में भगवान रामलला के विराजमान होने बाद उनका अर्चा करने पहुंचे राधारमण भगवान के परमभक्त ख्यातिलब्ध कथाव्यास श्री मन्माधव गौड़ेश्वर वैष्णव आचार्य पुण्डरीक गोस्वामी जी। भगवान के इस दिव्य उत्सव से उत्तर पक्ष के रुप में मनाया जा रहा है। भगवान रामलला को बधाई स्वरुप आचार्य पुण्डरीक गोस्वामी जी अपनी दिव्य श्रीमद् भागवत कथा समर्पित करते हुए आज कथा का शुभारम्भ किया। कथा का शुभारंभ श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि व उदासीन ऋषि आश्रम रानोपाली पीठाधीश्वर श्रीमहंत डा भरत दास ने दीप प्रज्वलित कर किया। कथा के प्रथम दिवस आचार्य श्री ने कहा कि आज भगवान रामलला बालक रामलला के रुप में विराज गये। काशी में भगवान विश्वनाथ में दिव्य कथा की, आज अयोध्या जी में कथा कहने का सौभाग्य मिला मेरा जीवन धन्य हो गया। जब प्रभु का भूमि पूजन हुआ था तब भी अयोध्या जी में कथा कहने का शुभ अवसर प्राप्त हुआ। आज की कथा उदासीन ऋषि आश्रम में हो रहा है जिसका सानिध्य डा भरत दास जी कर रहे है। पुण्डरीक महाराज ने कहा कि सन्यासी के बिना न राम की अर्चा हो सकती है न ही चर्चा हो सकती है। मै राधारमण का दास हूँ इसलिए गुरु कृपा और भगवान की अर्चा व भगवान की सेवा से परचित हूँ। उन्होंने कहा कि विग्रह की मर्यादा से परिचित हूं। काशी में सेवा किया मथुरा में सेवा किया आज श्री अयोध्या जी में सेवा कर रहें। आचार्य पुण्डरीक महाराज ने देश के राजशी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व प्रदेश के सन्यासी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान का प्राण प्रतिष्ठा किया आज भगवान विराज गये है। अब सिर्फ उत्सव ही उत्सव है। आज कथा के राम ही श्रोता है राम ही यजमान है। श्री भागवत कथा को वेद संहिता कहा गया है। पुण्डरीक महाराज ने कहा कि विश्व में वृंदावन का बड़ा ही महत्व है। पहली बात वहां ब्रज की रज है इसलिए आज मैंने श्री गोविंद देव गिरि जी महाराज के हाथ में वृंदावन की रज भेंट किया। व्यथा से मुक्ति होना है तो भागवत की कथा जरूर सुने। आज ये भागवत कथा भगवान रामलला को बधाई के रुप में सप्रेम भेंट कर रहा हूँ। पुण्डरीक महाराज ने बताया कि भगवान व्यास ने भागवत से आध्यात्म का दीप जलाया है।एक श्लोक में भगवान व्यास ने पूरी रामकथा लिख दी।इस कथा के वक्ता भी भगवान और श्रोता भी भगवान हैं।भागवत कथा श्रवण करने और भगवान की शरण में जाने से जीवन धन्य हो जाता है।कथा के कहने और सुनने वालों को कभी किसी चीज की कमी नहीं होती।
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि का सम्मान करते कथा यजमान डा राम
सुकदेव जी कथा सुन रहे थे इसी समय भगवान अमृत लेकर आ गए और कहा कि अमृत पी लीजिए।सुकदेव जी ने कहा कि हम भगवान की कथा का अमृतपान कर रहे हैं इस समय भगवान के अलावा कुछ भी नही सुनेंगे।कथा जीव को दिव्यजीवी बनाता है।भगवान ने एक तरफ पलड़े पर भागवत कथा और दूसरे पलड़े पर सारी सुविधाएं रखी लेकिन भागवत का पलड़ा भारी हो गया। कथा शुभारंभ से पूर्व व्यासपीठ का पूजन यजमान अमेरिका में रहने वाले डॉ. राम एवं मिनी जी गर्ग ने किया। चैतन्य गोस्वामी ने संस्कृत में जन्मोत्सव गीत गाया। लखनऊ जोन के कथा में मुख्य रुप राजू दास, एमबी दास, पीयूष मोडिया, कमिश्नर गौरव दयाल, आईजी प्रवीण कुमार, जिलाधिकारी नीतीश कुमार, एसएसपी राजकरन नय्यर, रिटायर्ड आईपीएस विजय पाल सिंह, आईपीएस एसएन सिंह, पूज्य श्री पुण्डरीक गोस्वामी जी महाराज की दोनों बेटी सहित बडी संख्या में संत साधक मौजूद है।