: जीवन शैली और आत्मा को नया रूप देती है श्रीमद् भागवत कथा: आचार्य पुण्डरीक
Sat, Jan 27, 2024
भजन संध्या में राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त सुश्री तेजस्विनी जी ने मीरा भजनों की भाव प्रस्तुति कर पूरे उदासीन आश्रम को भक्ति मय कर दिया
"भये प्रकट कृपाला दीन दयाला" उत्सव में नृत्य प्रस्तुत करती
उदासीन ऋषि आश्रम में बह रही गीत संगीत के साथ भागवत कथा की रसधार, संत साधक कर रहे रसपान
आचार्य श्री के साथ भजन गायक
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में भगवान रामलला के विराजमान होने के बाद से भक्तों में जबरदस्त उत्साह व उमंग के हिलोरें मार रहा है। हर कोई अपने आराध्य के भजन उत्सव में तल्लीन हो गोता लगा रहें है। ऐसा ही एक दिव्य उत्सव उदासीन संगत ऋषि आश्रम रानोपाली में मनाया जा रहा है,जिसमें 'भये प्रकट कृपाला दीन दयाला' पर भगवान का उत्तर उत्सव वृंदावन धाम के भगवान राधारमण सरकार के परमभक्त ख्यातिलब्ध कथाव्यास श्री मन्माधव गौड़ेश्वर वैष्णव आचार्य पुण्डरीक गोस्वामी जी अपने शिष्य परिकरों के साथ मना रहें है। भोर से लोकर देर शाम तक उत्सव की लड़ी लगी हुई है। पूरा उदासीन आश्रम परिसर में गीत संगीत व भागवत के भावों के रसमई वर्षा हो रही है। भजन संध्या के द्बितीय सत्र में राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त सुश्री तेजस्विनी जी ने मीरा जी के भजनों की ऐसी भाव मयी प्रस्तुति की कि सर्द शाम में भजनों की ऐसी गर्माहट पैदा हुई कि हर कोई भजनों के साथ थिरकने लगा। तो वही श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस में आचार्य पुण्डरीक गोस्वामी जी ने कथा की मीमांसा करते हुए कहा कि श्रीराम नाम तन-मन को पवित्र कर उज्ज्वल करने के साथ-साथ जीवन शैली और आत्मा को नया रूप देती है। उन्होंने कहा कि कथा का आनंद तभी है, जब वक्ता और श्रोता दोनों सुर, लय, ताल मिलाकर कथा का रसपान करें। प्रेम प्रकट हो जाए तो परमात्मा खुद प्रकट हो जाएंगे। प्रेम के बिना जीवन का कोई अर्थ नहीं है। आचार्य पुण्डरीक गोस्वामी जी ने कहा कथा का महत्व हमेशा से है और आगे भी रहेगा। यह भगवान की लीला, चरित्र व गुणों की गाथा है। इसके श्रवण और कथन के प्रति हमेशा एक नवीनता का भाव बना रहता है।भगवान राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के चरित्र में प्रदर्शित त्याग और तपस्या की बातों को निरंतर श्रवण करते रहने से सुनने वाले के अंदर भी ऐसे ही महान गुणों का समावेश हो जाता है। आचार्य जी ने कहा कि मानव को अपने जीवन में सरलता लानी चाहिए। यदि मानव के जीवन में सरलता होगी, तभी वह आगे बढ़ सकेगा। गोस्वामी जी ने कहा कि जिस तरह वर्तमान समय में हर व्यक्ति को आधार की जरूरत होती है, ऐसे ही जीवन सफल बनाने के लिए श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करना आवश्यक है। महोत्सव की अध्यक्षता उदासीन आश्रम पीठाधीश्वर श्रीमहंत डा भरत दास जी महाराज कर रहें है। आज की कथा में मणिराम दास छावनी के महंत कमलनयन दास, जानकी घाट बड़ा स्थान के रसिक पीठाधीश्वर श्रीमहंत जन्मेजय शरण, वाराणसी से राम मुनी जी,करतार दास, कृष्णा दास ने भी अपने विचार रखे। आये हुए अतिथियों का स्वागत डा राम गर्ग, मिनी गर्ग ने किया। इस मौके पर रिटायर्ड आईपीएस विजयपाल सिंह, आईपीएस एस एन सिंह,जिले के प्रसिद्ध ठेकेदार समाजसेवी आईपी सिंह, एसपी सिंह, कन्नौज के नेता प्रदीप यादव, आश्रम से जुड़े माधवानन्द, संत धर्मदास सहित बड़ी संख्या में संत साधक व आचार्य पुण्डरीक गोस्वामी जी के शिष्य परिकर मौजूद रहें।
उत्सव का आनंद लेते संत साधक
कार्यक्रम को सम्बोधित करते श्रीमहंत डा भरत दास जी महाराज व संचालन कर रहें आईपीएस एस एन सिंह
: निष्काम भक्ति से परमात्मा की प्राप्ति जरूर होती है: पुण्डरीक गोस्वामी
Fri, Jan 26, 2024
मन्माधव गौड़ेश्वर वैष्णव आचार्य पुण्डरीक गोस्वामी ने कहा - राम इस देश की आत्मा है, 22 जनवरी को पूरी दुनिया इस दृश्य को देख चुकी
कथा को सम्बोधित करते उदासीन संगत ऋषि आश्रम पीठाधीश्वर श्रीमहंत डा भरत दास जी
जब तक आप परमात्मा में विलीन नहीं होंगे तब तक आपकी यात्रा मंगलमय नहीं होगी
कथा में उपस्थित संत महंत
अयोध्या। श्री राम मंदिर में राम लला प्राण प्रतिष्ठा अन्तर्गत श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह "भये प्रकट कृपाला उत्सव" के द्वितीय दिवस उदासीन संगत ऋषि आश्रम में चहुंओर प्रेम की रसधार में संत साधक गोता लगा रहें थे। व्यासपीठ से वृंदावन के राधारमण सरकार के परमभक्त ख्यातिलब्ध कथाव्यास श्री मन्माधव गौड़ेश्वर वैष्णव आचार्य पुण्डरीक गोस्वामी जी के श्रीमुख से भागवत कथा की अमृत वर्षा कर रहें है। आज कथा के द्धितीय दिवस आचार्य श्री ने कथा आरंभ में अयोध्या के महत्व को दर्शाया, कहा 'सिया राम मय सब जग जानी करहू प्रणाम जोड़ी जग पानी' पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि राम इस देश की आत्मा है और इस 22 जनवरी को पूरी दुनिया इस दृश्य को देख चुकी है।
महाराज श्री ने बताया की कई लोग कहते है की हमारे शास्त्रों और ऋषि मुनियों के द्वारा बताये गए मार्ग एवं साधनो का पालन करने के बाद भी हमें ईश्वर की प्राप्ति क्यों नहीं होती ? महाराज श्री ने बहुत ही सुन्दर जवाब देते हुए बताया की हमें ईश्वर की प्राप्ति इसलिए नहीं होती क्यूंकि हम ईश्वर को पाने वाले मार्ग पर अपने आप को पूर्णता समर्पण किये बिना ही छोड़ देते है। इसलिए हमारे हाथ असफलता लगती है,जब तक आप परमात्मा में विलीन नहीं होंगे तब तक आपकी ये यात्रा मंगलमय नहीं होगी।उन्होंने कहा कि सत्यं परमं धीमहि इस संसार में एक ईश्वर ही सत्य है जो दिख रहा है वह केवल वह प्रभु की माया है। भागवत की उत्पत्ति के बारे में बताया सुखदेव भगवान को श्री व्यास जी महाराज ने भागवत को प्रदान किया वही भागवत कथा आज हम सब को सुनने को मिल रही है। महाराज श्री ने बताया कि परमात्मा इस संसार में अपने भक्तों की रक्षा के लिए अनेक, अनेक अवतार लेकर आते भागवत में चौबीस अवतारो के माध्यम से बताया। उन्होंने कहा कि भगवान अपने भक्तों के लिए सबकुछ करने के लिए तैयार रहते है। उदाहरण में पांडवो के लिए भगवान सारथी बने। महाभारत की कथा में के बारे में भी महाराज जी ने कहा कि कौरव और पांडवों के युद्ध में विजय सत्य की ही होती है। जिसके रक्षक प्रभु होते हे उसे इस संसार में कोई नहीं हरा सकता। आचार्य जी ने पांडवों की कथा को बताया अपने कल्याण के लिए परमात्मा की भक्ति ही एक उपाय हे भक्ति को दो प्रकार की बताया निष्काम भक्ति और सकाम भक्ति। निष्काम भक्ति से परमात्मा की प्राप्ति जरूर होती है। आज की कथा में अध्यक्षता कर रहें श्रीमहंत डा भरत दास, जगद्गुरू रंगनाथाचार्य जी रामानुज कोट उज्जैन, बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर श्रीमहंत अवधेश दास, श्रीमहंत डा रामानन्द दास, स्वामी कुरेशाचार्य,स्वामी शशिधराचार्य ने कथा प्रारंभ होने से पूर्व अपने प्रवचनों के द्वारा सभी को आशीष दिया। इस मौके पर सत्यनारायण जी मौर्य, रिटायर्ड आईपीएस विजयपाल सिंह, आईपीएस एस एन सिंह सहित बड़ी संख्या में संत साधक व आचार्य पुण्डरीक गोस्वामी जी के शिष्य परिकर मौजूद रहें।
भगवान रामलला के सम्मुख आचार्य पुण्डरीक गोस्वामी जी व आईपीएस एसएन सिंह गणतंत्र दिवस पर सामुहिक राष्ट्रगान करते हुए
संगीत महोत्सव का आनंद लेते आचार्य श्री
: 25 हजार श्रद्धालुओं के रुकने के लिए तैयार हो रही टेंट सिटी
Thu, Jan 25, 2024
अयोध्या ग्रीनफील्ड टाउनशिप मे तैयार हो रही है वृहद टेंट सिटी
अयोध्या। श्रीरामलला प्राण प्रतिष्ठा बाद दर्शनार्थियों की आने वाली अपार संख्या के लिए योगी सरकार का बड़ा प्लान मूर्त रूप ले रहा है। मण्डलायुक्त गौरव दयाल ने भगवान श्रीरामलला मंदिर के दर्शन के लिए बहुत बड़ी संख्या में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को ठहराने और उनकी मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए ग्रीन फील्ड टाउनशिप क्षेत्र में उप्र राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा बनाए जा रहे टेंट सिटी का निरीक्षण किया। इस टेंट सिटी में लगभग 25 हजार श्रद्धालु एक साथ ठहर सकते हैं। उन्होंने सभी डॉरमेट्री में स्थित बेड्स की नम्बरिंग करने, पर्याप्त मात्रा में मोबाइल चार्जिंग पॉइंट की उपलब्धता के साथ ही सभी व्यवस्थायें समुचित रखने के निर्देश दिए। मण्डलायुक्त ने कहा कि डॉरमेट्री और परिसर में इलेक्ट्रिक और फायर सेफ़्टी के सभी मानकों का अनुसरण किया जाए तथा पर्याप्त वेंटिलेशन भी रहे। उन्होंने पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही शौचालयों की निरंतर साफ सफाई करने और परिसर को साफ सुथरा रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टेंट सिटी के मध्य बनी सड़कें ऊंची-नीची हैं जिसमें बरसात होने पर जल भराव होने की संभावना है, इसलिए इन गड्ढों को भरा जाय तथा सड़कों को रोलर चलाकर मोटरेबुल बनाया जाय। मण्डलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि टेन्ट सिटी की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाय तथा इसे आकर्षक एवं साफ-सुथरा बनाया जाय। सम्पूर्ण टेन्ट सिटी परिसर में नियमित रूप से अच्छी साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय तथा आगन्तुकों के लिए अच्छे शौचालय एवं शुद्ध पेयजल के साथ ही समस्त आधारभूत सुविधाएं सुगमता से एवं अच्छी गुणवत्ता के साथ उपलब्ध करायी जाय।