: सीताराम विवाहोत्सव के रंग में रंगने को तैयार रामनगरी
Tue, Dec 12, 2023
चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ जी के राजमहल में तैयारी जोरों पर, श्रीराम कथा के मध्य होगा अद्वितीय राम विवाहोत्सव, पांच राज्यों का बैंडबाजा रहेगा आकर्षक का केंद्र
प्रभु श्रीराम के स्मरण में हर दिन उत्सव जैसा है : देवेंद्रप्रसादाचार्य
हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा विवाह महोत्सव : महंत कृपालु
अयोध्या। भगवान श्री राम की जन्म स्थली अयोध्या में प्रतिदिन उत्साह और आनंद का माहौल रहता है। लेकिन विशेष पर्व पर यह उल्लास व उत्साह कई गुना बढ़ जाता है और भी क्यो न। प्रभु श्री राम के जन्मोत्सव के बाद उनके विवाहोत्सव का पर्व भी बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह उत्सव अगहन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। रामनगरी के जिन चुनिंदा मंदिरों में राम विवाहोत्सव पूरे भाव-चाव से मनाया जाता है इनमें रामकोट स्थित चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ जी के राज महल बड़ा स्थान जो बाबा राम प्रसादाचार्य जी महाराज की तपोस्थली के रुप में सुविख्यात है। पुण्यसलिला सरयू के तट पर स्थित लक्ष्मणकिला स्वर्गद्वारी स्थित विअहुती भवन, रंग महल, जानकी महल , कनक भवन व हनुमान बाग जैसे प्रमुख रूप से शामिल हैं वैसे तो अयोध्या के सभी मंदिरों में विवाह महोत्सव मनाया जाता है।
इस बार विवाह महोत्सव का रंग और भी चटक हो गया है क्योंकि भगवान रामलला का दिव्य भव्य मंदिर में भगवान रामलला का प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को पीएम मोदी के हाथों होने जा रहा है। इसी को लेकर पूरी अयोध्या नगरी में एक अलग ही उत्साह और उमंग छाया है। चारों तरह मंगल ध्वनि बज रही है।
रामनगरी के सभी मठ मंदिरों में विवाह महोत्सव मनाने की तैयारियां प्रारंभ हो गई है। यह उत्सव 17 दिसंबर को विवाह पंचमी के रूप में मनाया जाएगा। जिसमें अयोध्या के प्रमुख मंदिरों से ठाकुर जी की भव्य बारात निकाली जाएगी। तिलक उत्सव का कार्यक्रम होगा और प्रभु श्री राम और माता जानकी का विवाह भी हर्षोल्लास पूर्वक मनाया जाएगा।
चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ जी के राजमहल बड़ास्थान के बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य जी महाराज ने बताया कि हमारे आराध्य प्रभु श्री राम के स्मरण में हर दिन उत्सव जैसा होता है। विभिन्न उत्सवों का रंग ही अलग हो जाता है। देश-विदेश से लोग अयोध्या में आकर ठाकुर जी के उत्सव में शामिल होते है। प्रभु श्रीराम ने त्रेता युग में जिन मर्यादाओं को स्थापित किया था उनका अनुसरण करते हैं व अपने जीवन में आत्मसात करते का प्रयास करते है। इसलिए भी सकल ब्रह्मांड में मर्यादा को स्थापित करने वाले प्रभु श्रीराम के प्रत्येक उत्सव का रंग अयोध्या में अनंत गुना बढ़ जाता है। उन्होंने बताया की मंदिर में सीताराम विवाह महोत्सव की तैयारी प्रारंभ हो गई है और बड़े ही हर्षोल्लास के साथ प्रभु श्रीराम और माता जानकी का विवाह उत्सव मनाया जाएगा।
चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ जी के राजमहल बड़ास्थान में बिंदुगाद्याचार्य स्वामी श्री देवेंद्रप्रसादाचार्य जी महाराज के कृपापात्र शिष्य मंगल भवन व सुंदर सदन पीठाधीश्वर महंत कृपालु राम भूषण दास जी महाराज ने बताया कि पूज्य गुरुदेव भगवान के आशीर्वाद से मंदिर में विवाह महोत्सव की तैयारी प्रारंभ हो गई है। बड़े ही हर्षोल्लास के साथ इस वर्ष विवाह महोत्सव मनाया जाएगा। विवाह महोत्सव के अवसर पर मंदिर प्रांगण में जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी रत्नेशप्रपन्नाचार्य जी महाराज के श्री मुख से अमृतमयी दिव्य भव्य श्रीरामकथा हो रही है जो 12 दिसंबर से 18 दिसंबर तक चलेगी। भव्य श्री रामबारात निकाली जाएगी और ठाकुर जी का विवाह हर्षोल्लास के साथ संपन्न होगा।
: दुल्हा सरकार के विवाह महोत्सव के लिए सजा जानकी महल
Tue, Dec 12, 2023
सीताराम विवाह महोत्सव में मिथिलांचल से उत्सव में सराबोर होगा श्री जानकी महल ट्रस्ट
सीता-राम विवाहोत्सव हमारे लिए अतीत का घटनाक्रम ही नहीं, बल्कि जीवन में प्रतिपल प्रेरित होने का दिव्य सूत्र है: आदित्य सुल्तानिया
17 दिसंबर मारवाड़ी ठाट बाट से अगहन पंचमी पर निकलेगी दुल्हा सरकार की बारात
अयोध्या। श्रीसीता-राम विवाहोत्सव का मुख्य उत्सव 17 दिसंबर को है। उत्सव की तैयारी चरम की ओर उन्मुख है। रामनगरी के चुनिंदा मंदिरों में राम विवाहोत्सव पूरे भाव-चाव से मनाया जाता है। रामनगरी के श्री जानकी महल ट्रस्ट में मिथिला पद्धति से विवाहोत्सव मनाया जाता है। यहां पर भगवान राम को दुल्हा सरकार और किशोरी जी को बेटी माना जाता है। श्री जानकी महल ट्रस्ट का सीताराम विवाहोत्सव देखने के लिए दूर दूर से लोग आते है। यहां की विवाहोत्सव सुप्रसिद्ध है। जो अपने आप में अद्वितीय है। रामनगरी के कनक भवन, लक्ष्मणकिला, हनुमान बाग, दशरथ राजमहल बड़ा स्थान रसमोद कुंज रंग महल विअहुती भवन आदि का विवाहोत्सव देखने के लिए लोग आतुर रहते है।जानकी महल ट्रस्ट में सीता के बिना श्रीराम की कल्पना तक नहीं की जाती है और ऐसे में श्रीराम एवं सीता के मिलन के महापर्व पर यहां उत्सव का चरम परिलक्षित होता है।
विवाहोत्सव का केंद्र जानकीमहल ट्रस्ट भी तैयारियों के साथ ही उत्सव के आगोश में डूबता जा रहा है। यहां उत्सव का आगाज गुरुवार की प्रथम बेला में रामार्चा महायज्ञ एवं सायं रामलीला की प्रस्तुति तथा गणेश पूजन से शुरु हो गया। शुक्रवार को फुलवारी सायं विवाहगीत एवं रामलीला की प्रस्तुति संयोजित है। जानकीमहल में राम विवाहोत्सव की रस्म किस प्रामाणिकता से मनायी जाती है। इसे हल्दात तिलक मेंहदी बिनौरी नेग न्यौछावरी नेग घुड़चढ़ी बरात प्रस्थान वैवाहिक कार्यक्रम और विवाहोत्सव के अगले दिन छप्पन भोग तथा कुंवर कलेवा के आयोजनों से समझा जा सकता है। उत्सव को लेकर निमंत्रण पत्रिका छापी है जो विशिष्ट लोगों को वितरण की जा रही है। जिसमें स्वागताकांक्षी श्री जानकी महल ट्रस्ट एवं भक्त गण है। जानकीमहल के ट्रस्टी समाजसेवी आदित्य सुल्तानिया के अनुसार सीता-राम विवाह हमारे लिए अतीत का घटनाक्रम ही नहीं बल्कि जीवन में प्रतिपल प्रेरित होने का दिव्य सूत्र है और इस आयोजन में हम कोई कसर नहीं छोड़े रखना चाहते। राम विवाहोत्सव के दौरान जानकीमहल में फुलवारी की प्रस्तुति आकर्षण की सबब होती है। जानकीमहल के मुख्य आगार के सम्मुख स्थापित मनोहारी फुलवारी को जनकपुर की उस फुलवारी के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। जहां त्रेता में श्रीराम और सीता का पहली बार आमना-सामना हुआ था। इस मौके पर रामनगरी के प्रतिनिधि चुनिंदा संत धर्माचार्य भी आमंत्रित होते हैं जो श्रीराम के प्रसंग का आस्वाद ही नहीं लेते बल्कि अपनी वेश-भूषा और ध्यानियों जैसी भाव-भंगिमा से श्रीराम के गुरु तथा संरक्षक-मार्गदर्शक के रूप में ऋषि विश्वामित्र की याद भी दिलाते हैं।जानकी महल के ट्रस्टी आदित्य सुल्तानियां बताते हैं कि यह स्थान किशोरी जी का मायका माना जाता है। राम जी को दूल्हा और किशोरी जी को बेटी मानकर वर्ष में एक बार जानकी महल की दहलीज विग्रह को पार कराया जाता है। बता दें कि गणेश भगवान को न्योता भेजकर विवाह उत्सव शुरू हो गया है।कार्यक्रम को सफल बनाने में ट्रस्टी दिलीप सुल्तानिया, नीता सुल्तानिया, अरुण सुल्तानिया समेत पूरा जानकी महल परिवार लगा हुआ है।
: बासंतिया पट्टी के राम सहारे दास को संतों ने किया नमन
Tue, Dec 12, 2023
निर्वाणी आनि अखाड़ा श्री हनुमानगढ़ी के चारों पट्टी का हुआ विशाल भंडारा, संतों का हुआ अभिनन्दन
अयोध्या। रामनगरी की प्रधानतम पीठ श्री हनुमानगढ़ी के बासंतिया पट्टी से जुड़े राम सहारे दास का विगत दिनों निधन हो जाने पर उनके आसान की जिम्मेदारी पुजारी राजन दास व वशिष्ठ दास को पट्टी के महंत व अखाड़े द्धारा चुना गया। इसके बाद आज निर्वाणी आनि अखाड़ा श्री हनुमानगढ़ी के चारों पट्टी का विशाल भंडारा किया गया। जिसमें सभी नागा साधुओं ने राम सहारे दास को पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। बासंतिया पट्टी से जुड़े अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता महंत गौरीशंकर दास महाराज के संयोजन में आज हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय हनुमानगढ़ी में अखाड़े का श्रद्धांजलि सभा व विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें आये हुए सभी का संतों का अभिनन्दन पुजारी राजन दास ने महंत गौरीशंकर दास महाराज की अध्यक्षता में किया। इस मौके पर महंत मुरली दास, महंत रामचरण दास, महंत माधव दास, संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास, महंत डा महेश दास, महंत नन्द रामदास, महंत सत्यदेव दास, महंत जनार्दन दास, सिद्ध बाबा महंत नरसिंह दास, महंत रामकुमार दास, महंत रामकृष्ण दास, महंत बलराम दास, राजेश पहलवान, संतोष दास, पुजारी हेमंत दास, उपेंद्र दास, मामा दास, मनिराम दास, लवकुश दास, महामंडलेश्वर गणेशानंद सहित बड़ी संख्या में अखाड़े के संत महंत मौजूद रहें।