: भगवान रामलला को बधाई के स्वरुप श्रीमद् भागवत कथा समर्पित कर रहा: आचार्य पुण्डरीक
बमबम यादव
Thu, Jan 25, 2024
उदासीन संगत ऋषि आश्रम में वृंदावन से पधारे ख्यातिलब्ध कथाव्यास श्री मन्माधव गौड़ेश्वर वैष्णव आचार्य पुण्डरीक गोस्वामी जी की श्रीमद् भागवत कथा का हुआ भव्य शुभारंभ

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि व उदासीन आश्रम पीठाधीश्वर श्रीमहंत डा भरत दास ने दीप प्रज्वलित कर किया महोत्सव का शुभारंभ
अयोध्या। रामनगरी में भगवान रामलला के विराजमान होने बाद उनका अर्चा करने पहुंचे राधारमण भगवान के परमभक्त ख्यातिलब्ध कथाव्यास श्री मन्माधव गौड़ेश्वर वैष्णव आचार्य पुण्डरीक गोस्वामी जी। भगवान के इस दिव्य उत्सव से उत्तर पक्ष के रुप में मनाया जा रहा है। भगवान रामलला को बधाई स्वरुप आचार्य पुण्डरीक गोस्वामी जी अपनी दिव्य श्रीमद् भागवत कथा समर्पित करते हुए आज कथा का शुभारम्भ किया। कथा का शुभारंभ श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि व उदासीन ऋषि आश्रम रानोपाली पीठाधीश्वर श्रीमहंत डा भरत दास ने दीप प्रज्वलित कर किया। कथा के प्रथम दिवस आचार्य श्री ने कहा कि आज भगवान रामलला बालक रामलला के रुप में विराज गये। काशी में भगवान विश्वनाथ में दिव्य कथा की, आज अयोध्या जी में कथा कहने का सौभाग्य मिला मेरा जीवन धन्य हो गया। जब प्रभु का भूमि पूजन हुआ था तब भी अयोध्या जी में कथा कहने का शुभ अवसर प्राप्त हुआ। आज की कथा उदासीन ऋषि आश्रम में हो रहा है जिसका सानिध्य डा भरत दास जी कर रहे है। पुण्डरीक महाराज ने कहा कि सन्यासी के बिना न राम की अर्चा हो सकती है न ही चर्चा हो सकती है। मै राधारमण का दास हूँ इसलिए गुरु कृपा और भगवान की अर्चा व भगवान की सेवा से परचित हूँ। उन्होंने कहा कि विग्रह की मर्यादा से परिचित हूं। काशी में सेवा किया मथुरा में सेवा किया आज श्री अयोध्या जी में सेवा कर रहें। आचार्य पुण्डरीक महाराज ने देश के राजशी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व प्रदेश के सन्यासी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान का प्राण प्रतिष्ठा किया आज भगवान विराज गये है। अब सिर्फ उत्सव ही उत्सव है। आज कथा के राम ही श्रोता है राम ही यजमान है। श्री भागवत कथा को वेद संहिता कहा गया है। पुण्डरीक महाराज ने कहा कि विश्व में वृंदावन का बड़ा ही महत्व है। पहली बात वहां ब्रज की रज है इसलिए आज मैंने श्री गोविंद देव गिरि जी महाराज के हाथ में वृंदावन की रज भेंट किया। व्यथा से मुक्ति होना है तो भागवत की कथा जरूर सुने। आज ये भागवत कथा भगवान रामलला को बधाई के रुप में सप्रेम भेंट कर रहा हूँ। पुण्डरीक महाराज ने बताया कि भगवान व्यास ने भागवत से आध्यात्म का दीप जलाया है।एक श्लोक में भगवान व्यास ने पूरी रामकथा लिख दी।इस कथा के वक्ता भी भगवान और श्रोता भी भगवान हैं।भागवत कथा श्रवण करने और भगवान की शरण में जाने से जीवन धन्य हो जाता है।कथा के कहने और सुनने वालों को कभी किसी चीज की कमी नहीं होती।

सुकदेव जी कथा सुन रहे थे इसी समय भगवान अमृत लेकर आ गए और कहा कि अमृत पी लीजिए।सुकदेव जी ने कहा कि हम भगवान की कथा का अमृतपान कर रहे हैं इस समय भगवान के अलावा कुछ भी नही सुनेंगे।कथा जीव को दिव्यजीवी बनाता है।भगवान ने एक तरफ पलड़े पर भागवत कथा और दूसरे पलड़े पर सारी सुविधाएं रखी लेकिन भागवत का पलड़ा भारी हो गया। कथा शुभारंभ से पूर्व व्यासपीठ का पूजन यजमान अमेरिका में रहने वाले डॉ. राम एवं मिनी जी गर्ग ने किया। चैतन्य गोस्वामी ने संस्कृत में जन्मोत्सव गीत गाया। लखनऊ जोन के कथा में मुख्य रुप राजू दास, एमबी दास, पीयूष मोडिया, कमिश्नर गौरव दयाल, आईजी प्रवीण कुमार, जिलाधिकारी नीतीश कुमार, एसएसपी राजकरन नय्यर, रिटायर्ड आईपीएस विजय पाल सिंह, आईपीएस एसएन सिंह, पूज्य श्री पुण्डरीक गोस्वामी जी महाराज की दोनों बेटी सहित बडी संख्या में संत साधक मौजूद है।
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