: सवा लाख हनुमान चालीसा पाठ का हुआ समापन,संतों का हुआ अभिनन्दन
Mon, Feb 5, 2024
धर्म सम्राट श्रीमहंत ज्ञान दास महाराज के पावन सानिध्य में हनुमानगढ़ी में चल रहें सवा लाख हनुमान चालीसा पाठ के साथ हुआ भंडारा
संकटमोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास महाराज के साथ संतों का हुआ अभिनन्दन
अयोध्या। भव्य, दिव्य, नूतन मंदिर में श्रीरामलला सरकार के विराजमान हाेने की खुशी में इस समय देश ही नही अपितु पूरे विश्व में उत्सव मनाया जा रहा है। रामभक्त अपने-अपने तरीके से उत्सव-महाेत्सव मना रहे हैं। इसी कड़ी में धर्म सम्राट श्रीमहंत ज्ञान दास महाराज के पावन सानिध्य में हनुमानगढ़ी में चल रहें सवा लाख हनुमान चालीसा पाठ का समापन रविवार को वृहद भंडारे के साथ हुआ। साथ ही हनुमानगढ़ी मंदिर में विराजमान बजरंगबली का पूजन-अर्चन, भाेग, आरती भी हुई। कार्यक्रम के समापन में गुरुकुल के वेदपाठी समेत सौकड़ों बटुकों व संतों का वृहद भंडारा हुआ।इस धार्मिक कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहें संकटमोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय दास महाराज ने कहा कि रामलला के प्राण प्रतिष्ठा पर यह आयोजन हुआ है। जिसका समापन आज हुआ। इस दाैरान कुल सवा लाख हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। 101 ब्राह्मण हनुमानगढ़ी की इमली बगिया में हनुमान चालीसा का पाठ किये है। इस धार्मिक अनुष्ठान के आयोजक महंत रामदास महाराज ने कहा कि यह अनुष्ठान 25 जनवरी से शुरू हुआ था जिसका समापन आज 4 फरवरी को हुआ।अनुष्ठान में सवा लाख से अधिक हनुमान चालीसा का पाठ हुआ, जिसके मुख्य यजमान हरियाणा के बलवान जी रहे। कार्यक्रम के आयोजक महंत रामदास व यजमान बलवान जी कार्यक्रम के समापन पर धर्म सम्राट श्रीमहंत ज्ञान दास महाराज का आशीर्वाद लिये। संकटमोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय दास महाराज का अभिनन्दन हुआ। इस माैके हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन महंत प्रेमदास महाराज के शिष्य व हनुमत संस्कृत विद्यालय प्राचार्य डॉ. महेश दास, महंत रामशंकर दास, पहलवान राजेश दास, हनुमानगढ़ी के वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास, फ्रांस से तुलसी देवी दास, वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास, पहलवान मनीराम दास, विराट दास, शिवम श्रीवास्तव आदि नागातीत माैजूद रहे।
: बीके मुकेश ने रामलला को भेंट किया 11 लाख रुपये
Sat, Feb 3, 2024
ब्रह्माकुमारी आश्रम साई का पुरवा दर्शन नगर के बीके मुकेश ने जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य के साथ ट्रस्ट महासचिव चंपत राय को सौपा 11 लाख, 11 हजार,11 सौ रुपयें का चेंक सौपा
रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट महासचिव चंपत राय को चेंक सौपते जगद्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य महाराज व बीके मुकेश जी
अयोध्या। राम जन्मभूमि पर भगवान रामलला का भव्य प्राण प्रतिष्ठा हो गया है। पूरे दुनिया से रामभक्त राम मंदिर में अपना सहयोग अपना समर्पण दे रहें दर्शन करने अयोध्या आ रहें है। जगद्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य जी महाराज ने श्रीरामलला के प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने उपरांत अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि समारोह में सम्मिलित होकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। इससे बहुत ही खुशी की अनुभूति हुई। भावुक पल था, उनके पास ऐसा कोई शब्द नही है। जिससे वह इसको बयां कर सकें। लेकिन जो हुआ, बहुत अच्छा हुआ। खुशी का माहौल था। चारों ओर हर्षोल्लास का वातावरण छाया रहा। यह बहुत ही अविस्मरणीय पल था। जो कभी ना भूलने वाला है। उन्होंने कहा कि 5 सौ वर्षों के लंबे संघर्ष बाद हमारे आराध्य श्रीरामलला सरकार दिव्य, भव्य, नूतन मंदिर में विराजमान हुए। जहां हम सबने उनका आरती-पूजन, दर्शन किया। जो सपना हम सबने सैंकड़ों वर्ष पहले देखा था। वह सपना साकार हुआ। रामलला टेंट से निकलकर अपने भव्य मंदिर में विराजमान हुए।
तो वही 11 लाख रुपये का समर्पण करने के बाद बीके मुकेश जी कहते है कि इससे हम सबको गर्व की अनुभूति हुई। यह पल गौरवांवित करने वाला था। इस ऐतिहासिक पल के हम सभी साक्षी बने। मुकेश ने कहा कि हमारी पीढ़ी सबसे अधिक सौभाग्यशाली है। जो हम सबने श्रीरामलला सरकार को भव्य मंदिर में विराजमान होते देखा। उनका दर्शन- पूजन किया। राममंदिर के लिए ना जानें कितने लोग बलिदान हो गए। लोगों ने अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। आज भव्य राममंदिर निर्माण के साथ उनका सपना साकार हुआ।
: मिथिला परम्परा पद्धति से 251 भार भगवान रामलला को हुआ समर्पित
Sat, Feb 3, 2024
रसिकाचार्य स्वामी श्री युगलानन्य शरण जी के शिष्य परम्परा के भक्तों ने श्री लक्ष्मणकिला के अधिकारी सूर्य प्रकाश शरण के संयोजन में भगवान श्री रामलला को भार अर्पित किया
251 भार "सनेस" के साथ आचार्य पीठ श्री लक्ष्मण किला के अधिकारी सूर्य प्रकाश शरण
पांच सौ वर्षों का सपना हुआ पूरा : सूर्य प्रकाश शरण
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामलला जी के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के उपलक्ष्य में आचार्य पीठ श्रीलक्ष्मणकिला के संस्थापक रसिकोपासना के महान रसिकाचार्य स्वामी श्री युगलानन्य शरण जी महाराज की श्री सीतारामनाम जप की परम्परा को अपने जीवन पर्यंत शिरोधार्य करने वाले श्रीलक्ष्मणकिला धीश आचार्य स्वामी श्री सीताराम शरण जी महाराज के कृपा पात्र परम शिष्य पूज्य श्री जानकी शरण मधुकर जी महाराज के तपोस्थली श्री भजनाश्रम भादों कुटी ग्राम जीवसर जिला मुजफ्फरपुर से वर्तमान श्री लक्ष्मणकिला किलाधीस महंत श्री मैथिली रमन शरण जी महाराज की अध्यक्षता में मिथिला की परम्परा पद्धति से 251 भार सनेस उपहार समर्पित किये। साथ ही यह भार श्री रामजन्मभूमि मंदिर में भोग लगाने के साथ साथ आचार्य पीठ श्रीलक्ष्मणकिला, सतगुरु सदन, सियाराम किला, हनुमत निवास, मणिराम दास जी की छावनी, बड़ा जानकीघाट, दिगम्बर अखाड़ा, बड़ी छावनी, हनुमानगढ़ी, कनक भवन सहित विभिन्न मंदिरों में भोग लवाया गया। भादों असमा झिटकहिया जीवसर मुजफ्फरपुर जिला के भक्तों द्वारा
श्री लक्ष्मणकिला के अधिकारी सूर्य प्रकाश शरण के कुशल संयोजन में भगवान रामलला को भार समर्पित हुआ।अधिकारी सूर्य प्रकाश शरण ने कहा कि 5 सौ वर्षों के लंबे संघर्ष बाद हमारे आराध्य श्रीरामलला सरकार दिव्य, भव्य, नूतन मंदिर में विराजमान हुए। जहां हम सबने उनका आरती-पूजन, दर्शन किया। जो सपना हम सबने सैंकड़ों वर्ष पहले देखा था। वह सपना साकार हुआ। रामलला टेंट से निकलकर अपने भव्य मंदिर में विराजमान हुए। इससे हम सबको गर्व की अनुभूति हुई। यह पल गौरवांवित करने वाला था। इस ऐतिहासिक पल के हम सभी साक्षी बने। सूर्य प्रकाश शरण ने कहा कि हमारी पीढ़ी सबसे अधिक सौभाग्यशाली है। जो हम सबने श्रीरामलला सरकार को भव्य मंदिर में विराजमान होते देखा। उनका दर्शन- पूजन किया। राममंदिर के लिए ना जानें कितने लोग बलिदान हो गए। लोगों ने अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। आज भव्य राममंदिर निर्माण के साथ उनका सपना साकार हुआ।