: शिद्दत से शिरोधार्य हुए बाबा गोमती दास जी महाराज
Sat, Apr 6, 2024
श्री हनुमत निवास के संस्थापक आचार्य सिद्ध संत बाबा गोमती दास जी व रघुनन्दन शरण जी की पुण्यतिथि पर संत धर्माचार्यों ने अर्पित किया श्रद्धा सुमन
अयोध्या। भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या केे सिद्धपीठ श्री हनुमत निवास के संस्थापक अनंत विभूषित बाबा श्री गोमती दास जी महाराज एवं श्रीरघुनन्दन शरण जी की पुण्यतिथि महोत्सव बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ महंत मिथलेशनन्दनी शरण जी महाराज के संयोजन में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। बाबा गोमती दास जी महाराज का जन्म पंजाब में चैत्र कृष्ण पक्ष त्रयोदशी संवत 2076 में ब्राह्मण परिवार के यहां हुआ था और वह 10 वर्ष की उम्र में ही संत हो गए। श्री महाराज जी अमृतसर के दुग्याना मंदिर के महंत सरयू दास जी महाराज से वैराग्य की दीक्षा ली और कुछ दिन बाद काशी विश्वनाथ जी महाराज ने स्वप्न दिखाया और श्री महाराज जी चित्रकूट में बांके सिद्ध गुफा में भजन करने लगे।
चित्रकूट के साथ श्री महाराज जी तीर्थों का भ्रमण करते रहे और एक दिन हनुमान जी की कृपा और आदेश से अवध पधारे और लक्ष्मण किला पर आ गए और श्री सीताराम में लीन हो गए श्री महाराज जी जानकी वरण की करुणामई सत्संग के आनंद में लीन हो प्रभु चरण के अनुराग में खो गए और नित्य प्रति प्रभु की लीला का आनंद लेने लगे कुछ दिन बाद श्री महाराज जी लक्ष्मण किला के पास हनुमत निवास नामक स्थान की स्थापना की और नित्य प्रति भजन करने लगे। श्री हनुमत निवास मंदिर के महंत प्रख्यात साहित्यकार स्वामी मिथलेशनन्दनी जी ने बताया कि श्री महाराज जी के आशीर्वाद से आश्रम में नित्य प्रति सेवा चलती रहती है और श्री बाबा गोमती दास जी महाराज जैसा नियम भजन के लिए सेवा के लिए बना गए थे गुरु जी महाराज की कृपा से निरंतर चल रहा है आज चैत्र कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि को श्री महाराज जी व श्री रघुनन्दन शरण जी का पुण्यतिथि महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया इस अवसर पर हनुमत निवास के बड़े महंत सियाशरण जी महाराज,श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष मणिराम दास छावनी के महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास जी महाराज, आचार्य पीठ श्रीलक्ष्मण किलाधीश महंत मैथिली रमण शरण जी महाराज, बड़ा भक्त माल के महंत अवधेश दास, श्रीरामबल्भाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास, महंत महंत राम कुमार दास, महंत अजुर्न दास, महंत वैदेही बल्लभ शरण, महंत गौरीशंकर दास, महंत बलराम दास, हनुमानगढ़ी के पुजारी पार्षद रमेश दास सहित सैकड़ों संत महंत श्री महाराज जी की पुण्यतिथि महोत्सव पर श्री महाराज जी को श्रद्धांजलि अर्पित की और प्रसाद ग्रहण किए।
: गुरूदेव विलक्षण प्रतिभा के धनी संत थे, संतत्व तो उनमें देखते ही झलकता था: जटाशंकर दास
Sat, Apr 6, 2024
हनुमानगढ़ी के सागरिया पट्टी से जुड़े महंत रामकृपाल दास ठाकुर पहलवान को संतों ने किया नमन
अयोध्या। हनुमानगढ़ी के सागरिया पट्टी से जुड़े महंत रामकृपाल दास ठाकुर पहलवान को संतों ने श्रद्धा से याद किया। चरण पादुका मंदिर में श्रद्धापूर्वक मनाई गई ठाकुर पहलवान की बरखी। इनका साकेतवास 2018 में हो गया था। इस मौके पर शनिवार को आश्रम प्रांगण में एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई। श्रद्धांजलि सभा में अयोध्यानगरी समेत अन्य प्रांतों से पधारे संत-महंत और विशिष्टजनों ने साकेतवासी महंत के कृतित्व-व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। ठाकुर पहलवान के शिष्य नागा जटाशंकर दास ने कहा कि उनके गुरूदेव विलक्षण प्रतिभा के धनी संत थे। संतत्व तो उनमें देखते ही झलकता था। वह भगवान श्री हनुमानजी के अनन्य उपासक थे। उनकी भगवान श्रीसीताराम व हनुमानजी के प्रति अटूट भक्ति रही है। महाराज श्री गौ एवं संत सेवी रहे। जिन्होंने सेवा को ही अपना धर्म माना। आजीवन सेवा प्रकल्प के कार्यों से जुड़े रहे। गुरूदेव हम लोगों के बीच में नही हैं। लेकिन उनके पुण्य-प्रताप का ही फल है कि मठ में गौ, संत, विद्यार्थी, अतिथि सेवा सुचार रूप से चल रही है। सभी उत्सव, समैया, त्यौहार परंपरागत रूप से मनाया जा रहा है। इस अवसर विशाल भंडारा प्रस्तावित रहा, जिसमें काफी संख्या में संत-महंत तथा भक्तगणों ने प्रसाद पाया। साकेतवासी महंत को श्रद्धासुमन अर्पित करने वालों में निर्वाणी अनि अखाड़ा के श्रीमहंत मुरली दास, महंत रायचरण दास, महंत माधव दास, संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजयदास, जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य, महंत जनार्दन दास, महंत रामकरन दास, महंत बलराम दास,महंत रामनरेश दास, महंत रामकुमार दास, हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य महंत डा महेश दास, महंत रामशंकर दास, महंत नंदराम दास, पहलवान राजेश दास, वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास, मामा दास, अभिषेक दास,पहलवान मनिराम दास,विराट दास, कल्लू दास,रिंकू दास,उत्तर प्रदेश कुश्ती संघ के अध्यक्ष करन भूषण सिंह, अखाड़े के मुख्तार अजय श्रीवास्तव, कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह के प्रतिनिधि सोनू सिंह,जेडी सिंह, अयोध्या प्रभारी महेंद्र त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।
: रामलला को भेंट की एम्बुलेंस
Fri, Apr 5, 2024
एम एस रमैया फाउंडेशन ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को प्रदान की सर्वसुविधायुक्त एंबुलेंस
अयोध्या। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अयोध्या मे प्रतिदिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आ रहे हैं। ऐसे में में मंदिर परिसर मे किसी भी समय आवश्यकता पड़ने पर किसी भी श्रद्धालु को यदि स्वास्थ्य सेवा देने के लिए यदि अस्पताल पहुंचा हो तो एम्बुलेंस की जरूरत रहती हैं। वहीं अब रामनवमी नजदीक आते ही एक फाउंडेशन ने रामलला को एम्बुलेंस भेंट किया गया की है। श्रीराम लला के भक्तों को परेशानियों से बचाने के लिए कर्नाटक के एम एस रमैया फाउंडेशन की ओर से श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को श्री राम लला को सर्वसुविधायुक्त एंबुलेंस प्रदान की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या को विश्व के मानचित्र में अनोखा स्थान दिलाने में जुटे हुए हैं। रामलला के भव्य मंदिर में विराजमान होते ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। सरकार अयोध्या पहुंचने वाले हर एक श्रद्धालुओ के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंतित रहती है। जिले का स्वास्थ्य महकमा भी प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अलर्ट पर है। फाउंडेशन के एम.आर.पट्टाभिराम और उनकी पत्नी अनिता की ओर से ट्रस्ट के महामंत्री चम्पत राय, कोषाध्यक्ष गोविंद गिरि,डा.अनिल मिश्र, स्वामी प्रसन्न तीर्थ, निर्माण प्रभारी गोपाल राव ने एंबुलेंस स्वीकार की। अनिल मिश्र ने बताया कि श्रीराम लला के भक्तों को आवश्यकता पड़ने पर शीघ्र स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के निमित्त गिफ्ट के रूप में यह एंबुलेंस दी गई है।
प्राण प्रतिष्ठा से ही रामलला पर उपहारों की बौछार हो रही है। सोने चांदी के आभूषण से लेकर अन्न धन तक लोग यथाशक्ति न्यौछावर कर रहे हैं। बड़े-बड़े औद्योगिक घराने के लोगों ने स्वर्ण मालाओं से लेकर हीरे जड़ित मुकुट तक भेंट किया है। बड़े-बड़े कारोबारियों ने रामलला के दर्शन करने पहुंचे भक्तों के लिए भी अपना खजाना खोल दिया था। रामलला के भक्तों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा यहां आने वाले हर श्रद्धाल का ख्याल भी रखा जा रहा है। ताकि किसी तरह की परेशानी न हो। खास तौर से स्वास्थ्य विभाग की टीम भी अक्सर तैयार रहती। श्रद्धालुओं को सुगम यातायात व्यवस्था भी बनाई गई दर्शन करने के लिए।