: आराध्य को फूल-बंगला से सज्जित करने की परंपरा सदियों से प्रवहमान
Mon, Jun 10, 2024
फूलों से महका रामजन्म भूमि, कनक भवन, हनुमानगढ़ी मंदिर व मां सरयू का पावन घाट
तपती गर्मी में भगवान को शीतलता प्रदान करने के लिए होता है फूलबंग्ला झांकी: बलराम देवाचार्य
अयाेध्या।फूल-बंगला से सजकर सुरम्यता के वाहक बने मंदिर। भगवान राम की नगरी अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के जन्मभूमि में भगवान रामलला, कनक भवन में बिहारी सरकार, हनुमानगढ़ी में श्री हनुमानजी व मां सरयू के पावन तट पर शुभव्य फूल-बंगला झांकी सजायी गई। झांकी काे वृंदावन से उच्चकोटि के संत जगतगुरु पीपाद्वारचार्य बलराम देवाचार्य महाराज ने अपनी सानिध्यता प्रदान की।
भक्त भगवान के प्रति श्रेष्ठतम समर्पित करने की तैयारी रखता है। मौका कोई भी हो भक्त का यह चरित्र परिभाषित होता है। भीषण गर्मी के भी अवसर पर भक्त का यह स्वभाव-समर्पण फलक पर होता है। गर्मी से आराच्य को बचाने के लिए यदि एगर कंडीशनर लगाए जाने का चलन बढ़ता जा रहा है, तो आराध्य को फूल-बंगला से सज्जित करने की परंपरा भी सदियों से प्रवहमान है। इसके पीछे भाव यह होता है कि आराध्य को चहुंओर से शीतल, सुकोमल और शोभायमान पुष्पों से आच्छादित कर उनके सम्मान और उनकी सुविधा के प्रति कोई कसर न छोड़ी जाय। फूल बंगला से सज्जित किए जाने के प्रयास में भांति-भांति के क्विंटलों फूल की जरूरत होती है और यह जरूरत बनारस, कन्नौज, कानपुर से लेकर कोलकाता तक के। फूलों से पूरी होती है। इसे सज्जित करने के लिए परंपरागत रूप से प्रशिक्षित मालियों का एक खेमा है, जिनकी गर्मी के दिनों में बेहद मांग हो जाती है।
जगद्गुरु पीपाद्वाराचार्य बलराम देवाचार्य महाराज बताते है कि मंदिरों में विराजमान भगवान के विग्रह संत-साधकों के लिए वस्तुतः अर्चावतार की भांति हैं। मंदिरों में प्राण प्रतिष्ठित देव प्रतिमा को सजीव माना जाता है। यही कारण है कि साधक संतों ने उपासना के क्रम में विराजमान भगवान के अष्टयाम सेवा पद्घति अपनाई। इस सेवा पद्घित में भगवान की भी सेवा जीव स्वरूप में ही की जाती है। जिस प्रकार जीव जैसे सोता, जागता है उसी प्रकार भगवान के उत्थापन व दैनिक क्रिया कर्म के बाद उनका श्रृंगार पूजन, आरती भोग-राग का प्रबंध किया जाता है। इसी क्रम में भगवान को गर्मी से बचाने के लिए पुरातन काल में संतों ने फूलबंग्ला झांकी की परंपरा का भी शुभारंभ किया था, जिसका अनुपालन आज भी हम कर रहे है।पीपाद्वाराचार्य बलराम देवाचार्य महाराज कहते है कि हम जिन प्रसंगों एवं प्रयास से स्वयं को सुखी कर सकते हैं, वह सारा कुछ आराध्य के प्रति समर्पित करते हैं। फूल बंगला सजाए जाने की परंपरा मधुरोपासना की परिचायक है। इस उपासना परंपरा के हिसाब से भक्त के लिए भगवान मात्र प्रतीक नहीं, बल्कि चिन्मय चैतन्य विग्रह हैं और भक्त उनकी शान में किसी भी सीमा तक समर्पित होने को तैयार रहता है।आयोजन जगतगुरु पीपाद्वाराचार्य बलराम देवाचार्य महाराज वृंदावन और सभी भक्तो द्वारा किया जाता है।
: गुरू अर्जुन देव के शहीदी दिवस पर हुई छबील की सेवा
Mon, Jun 10, 2024
खालसा फाउंडेशन ट्रस्ट शरबत पिला कर किया लोगों की सेवा
शरबत पिलाते सेवादार नवनीत जी
शहीदी दिवस पर गुरूद्वारे में गुरुवाणी का पाठ, कीर्तन हुआ, उसके बाद लंगर सेवा की गई
अयोध्या। सिख धर्म के पांचवे गुरु अर्जुन देव महाराज की शहीदी दिवस पर साेमवार काे रामनगरी में छबील(ठंडे शरबत) की सेवा का आयोजन खालसा फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा किया गया। रामपथ पर पेट्रोल पंप समीप स्टाल लगाकर ऐतिहासिक गुरूद्वारा नजरबाग के मुख्य प्रबंधक जत्थेदार बाबा महेंद्र सिंह के संयाेजन में श्रद्धालुओं को ठंडा शरबत व चना प्रसाद वितरित किया गया। ठंडा शरबत पीकर श्रद्धालुओं ने भीषण गर्मी से निजात पाई। छबील सेवा का आयोजन सुबह से शुरू हाेकर देरशाम तक चलता रहा। तब तक हजाराें की श्रद्धालुगण शरबत पी चुके थे। सेवादार नवनीत सिंह नीशु ने बताया कि सुबह गुरूद्वारे में गुरुवाणी का पाठ, कीर्तन का कार्यक्रम हुआ। उसके बाद लंगर सेवा की गई। नजरबाग गुरूद्वारा के मुख्य प्रबंधक जत्थेदार बाबा महेंद्र सिंह ने बताया कि गुरु अर्जुन देव महाराज सिख धर्म के पांचवें गुरू थे, जिनका जन्म 1563 में गोइंदवाल या तरनतारन जिले में हुआ था। उनके नाना गुरु अमरदास रहे। जो सिख धर्म के तीसरे गुरु थे। उनके पिता गुरु रामदास सिखों के चौथे गुरु रहे। अर्जुन देव सिखों के पांचवें गुरु व सिख धर्म के पहले शहीद थे। जो कि मुगल सम्राट जहांगीर के समय में शहीद हुए। 16 जून 1606 को उनकी शहादत हुई थी। शहीदाें के सरताज गुरु अर्जुन देव का शहीदी दिवस हर साल जेठ सुदी 4 को मनाया जाता है। उन्हाेंने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी गुरु अर्जुन देव का शहीदी दिवस श्रद्धापूर्वक मनाया गया। यह सिख कैलेंडर अनुसार तीसरे महीने जेठ के 24वें दिन मनाया जाता है। यह दिन छबील दिवस के रूप में भी मनता है। जो पांचवें सिख गुरु के शहीदी दिवस का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। गुरू अर्जुन देव की प्रमुख उपलब्धियों में सिख धर्मग्रंथ आदि ग्रंथ के पहले संस्करण का संकलन शामिल है।
: प्रभु श्रीराम पर भाजपा का पट्टा नहीं है : तेजनारायण पाण्डेय
Sun, Jun 9, 2024
कहा- भाजपा सोशल मीडिया पर फैला रही नफरत
अयोध्या। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व मंत्री तेजनरायन पाण्डेय पवन ने कहा कि अयोध्या के उन्नीस लाख मतदाताओं ने अवधेश प्रसाद को सांसद बना दिया है तो ये प्रभु श्रीराम की कृपा से ही हुआ है। श्री पाण्डेय ने शाने अवध सभागार आयोजित प्रेसवार्ता में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम पर भाजपा का पट्टा नहीं है। वे कहते थे कि प्रभु श्रीराम के बगैर पत्ता नहीं हिलता है, तो प्रभु श्रीराम ने ही एक दलित व सपा प्रत्याशी अवधेश प्रसाद को यहां का सांसद बना दिया है, जिसके लिये अयोध्या की जनता बधाई की पात्र है। उन्होंने कहा कि अयोध्या से अवधेश प्रसाद के सांसद बनन पर जो विभिन्न प्रकार के अराजक तत्व अमर्यादित टिप्पणी कर रहे हैं, उन्होंने अयोध्या की जनता का दर्द नहीं देखा कि लोगों के मकान-दुकान तोड़े जा रहे थे और यहां के लोगों का उत्पीडऩ किया जा रहा था। उनकी जमीनें ली जा रही थीं और बहुत तामझाम के बाद कहीं जाकर मुआवजा दिया जा रहा था। अधिकारी मुआवजे के नाम पर लूट मचाये थे। उन्होंने कहा कि भाजपा के जनप्रतिनिधियों ने यहां के लोगों की किसी प्रकार से कोई मदद नहीं की और स्थानीय सांसद कह रहे थे कि दस-बीस हजार लोग वोट नहीं देंगे तो इस चुनाव में कोई फर्क नहीं पड़ेगा। श्री पाण्डेय ने प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं प्रशासनिक अधिकारियों से मांग किया है कि भाजपा के एजेंट अयोध्या के बारे में अमर्यादित टिप्पणी कर रहे हैं अतः उन पर सख्त से सख्त कार्रवाई करें एवं बुलडोजर चलायें। श्री पाण्डेय ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आगरा एक्सप्रेस वे पर पूर्वांचल वे के निर्माण के पहले सर्किल रेट बढ़ाकर फिर चार गुना सर्किल दर से अधिग्रहण कर लिया था। उसी प्रकार प्रदेश सरकार पहले चौदह कोसी, पांच कोसी एवं एयर सिटी का सर्किल रेट बढ़ाकर किसानों की जमीनों का अधिग्रहण करे। उन्होंने कहा कि वर्ष २०२७ के विधानसभा चुनाव में भाजपा का सूपड़ा साफ हो जायेगा और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे। वर्तमान में अवधेश प्रसाद के अयोध्या से सांसद चुने जाने पर देश-विदेश तक में जोरों पर चर्चायें हो रही हैं, इसलिए श्री पाण्डेय ने भारत सरकार से मांग किया है कि नवनिर्वाचित सपा सांसद अवधेश प्रसाद को उच्च सुरक्षा प्रदान की जाय। इस अवसर पर सपा महानगर अध्यक्ष श्यामकृष्ण श्रीवास्तव, जिला सपा प्रवक्ता बलराम यादव, हामिद जाफर मौसम, रक्षाराम यादव आदि लोग मौजूद थे।