: गुरू अर्जुन देव के शहीदी दिवस पर हुई छबील की सेवा
बमबम यादव
Mon, Jun 10, 2024
खालसा फाउंडेशन ट्रस्ट शरबत पिला कर किया लोगों की सेवा

शहीदी दिवस पर गुरूद्वारे में गुरुवाणी का पाठ, कीर्तन हुआ, उसके बाद लंगर सेवा की गई
अयोध्या। सिख धर्म के पांचवे गुरु अर्जुन देव महाराज की शहीदी दिवस पर साेमवार काे रामनगरी में छबील(ठंडे शरबत) की सेवा का आयोजन खालसा फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा किया गया। रामपथ पर पेट्रोल पंप समीप स्टाल लगाकर ऐतिहासिक गुरूद्वारा नजरबाग के मुख्य प्रबंधक जत्थेदार बाबा महेंद्र सिंह के संयाेजन में श्रद्धालुओं को ठंडा शरबत व चना प्रसाद वितरित किया गया। ठंडा शरबत पीकर श्रद्धालुओं ने भीषण गर्मी से निजात पाई। छबील सेवा का आयोजन सुबह से शुरू हाेकर देरशाम तक चलता रहा। तब तक हजाराें की श्रद्धालुगण शरबत पी चुके थे। सेवादार नवनीत सिंह नीशु ने बताया कि सुबह गुरूद्वारे में गुरुवाणी का पाठ, कीर्तन का कार्यक्रम हुआ। उसके बाद लंगर सेवा की गई। नजरबाग गुरूद्वारा के मुख्य प्रबंधक जत्थेदार बाबा महेंद्र सिंह ने बताया कि गुरु अर्जुन देव महाराज सिख धर्म के पांचवें गुरू थे, जिनका जन्म 1563 में गोइंदवाल या तरनतारन जिले में हुआ था। उनके नाना गुरु अमरदास रहे। जो सिख धर्म के तीसरे गुरु थे। उनके पिता गुरु रामदास सिखों के चौथे गुरु रहे। अर्जुन देव सिखों के पांचवें गुरु व सिख धर्म के पहले शहीद थे। जो कि मुगल सम्राट जहांगीर के समय में शहीद हुए। 16 जून 1606 को उनकी शहादत हुई थी। शहीदाें के सरताज गुरु अर्जुन देव का शहीदी दिवस हर साल जेठ सुदी 4 को मनाया जाता है। उन्हाेंने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी गुरु अर्जुन देव का शहीदी दिवस श्रद्धापूर्वक मनाया गया। यह सिख कैलेंडर अनुसार तीसरे महीने जेठ के 24वें दिन मनाया जाता है। यह दिन छबील दिवस के रूप में भी मनता है। जो पांचवें सिख गुरु के शहीदी दिवस का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। गुरू अर्जुन देव की प्रमुख उपलब्धियों में सिख धर्मग्रंथ आदि ग्रंथ के पहले संस्करण का संकलन शामिल है।
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