: नवनिर्वाचित सांसदों के साथ असम के सीएम ने किया रामलला का दर्शन
Sun, Jun 9, 2024
एक लाख लोगों को सरकारी खर्च पर राम मंदिर में दर्शन कराएगी असम सरकार : डॉ. हिमंत
संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास व वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया
अयोध्या। लोकसभा चुनाव में जीत के बाद असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिश्व शर्मा भाजपा के कई नवनिर्वाचित सांसदों के साथ शनिवार को रामलला का दर्शन करने के लिए अयोध्या पहुंचे। इस दौरान कई विधायक भी उनके साथ थे। दर्शन के बाद मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिश्व शर्मा ने लोकसभा चुनाव में अयोध्या सीट हार के बाद सोशल मीडिया पर ट्रोल को लेकर कहा यह सही नहीं है। लोग यह ना समझें रामलला और बीजेपी का संबंध वोट से हैं। उन्होंने कहा कि हमें पांच साल नहीं, 50 साल लंबी सरकार चलानी है। जीतने हारने का काम चुनाव से पहले सोचना चाहिए। चुनाव के बाद यह वार्ता ही नहीं करना चाहिए। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर प्रदेश के मंत्री सतीश शर्मा, मेयर गिरीश पति त्रिपाठी ने उनका स्वागत किया। इसके सभी हनुमानगढ़ी पहुंचे। हनुमानगढ़ी में धर्म सम्राट श्रीमहंत ज्ञान दास जी महाराज के उत्तराधिकारी संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास व वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास ने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिश्व शर्मा को स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद रामलला का भी आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शपथ लेंगे और नए युग का निर्माण होगा। उससे पहले हमने हनुमान जी और रामलला से आशीर्वाद मांगा है। पांच साल में भारत का वैभव और बढ़े। हम विश्वगुरु बनें। आज राम मंदिर का प्रभाव पूरे देश में है, लेकिन राम मंदिर चुनाव मुद्दा नहीं बन सकता है। शपथ ग्रहण में रामलला का आशीर्वाद लेकर जाएंगे। उन्होंने कहा कि हम लोकसभा चुनाव हारे नहीं हैं। तीन बार देश में प्रधानमंत्री बनने का बहुत बड़ा सम्मान मोदी को मिला है। इसके पहले नेहरू थे। सीएम के साथ उनके पुत्र नंदिल बिस्वा शर्मा और राज्यसभा सदस्य पवित्र मार्गरिट, नबजित पतगिरी, विधायक मानव डेका, विधायक तरंग गोगोई, विधायक रूपेश ग्वाला, विधायक, पूर्व सांसद पल्लव लोचन दस, सांसद दिलीप शाकिया भी शामिल रहे। सीएम डॉ. हिमंत बिश्व शर्मा ने बताया कि अतिथि भवन बनाए जाने को लेकर वार्ता चल रही है। इस वर्ष असम के एक लाख लोग रामलला का दर्शन करने के लिए सरकारी खर्च पर आएंगे।
: फूलबंग्ले में विराजेंगे बालक भगवान रामलला व हनुमानजी
Sat, Jun 8, 2024
फूलों से महकेगा रामजन्म भूमि, कनक भवन, हनुमानगढ़ी मंदिर व मां सरयू का पावन घाट
दिव्य फूल बंगला झांकी का आयोजन वृन्दावन के जगतगुरु पीपाद्वाराचार्य बलराम देवाचार्य जी महाराज कर रहे
अयोध्या। वैष्णवनगरी के मंदिरों में ज्येष्ठ मास की तपती गर्मी में भगवान को कूल-कूल रखने के लिए संतों ने फूलबंग्ले की झांकी के आयोजन की परंपरा शुरू की थी। उत्सव के रूप में आयोजित प्राचीन काल की यह परंपरा आधुनिक काल में भी कायम है। वह भी तब जब अधिकांश मंदिरों में पंखे व कूलर की व्यवस्था की जा चुकी है। इसी परंपरा को आज भी बड़ी शिद्दत से निभा रहें वृंदावन से उच्चकोटि के संत जगतगुरु पीपाद्वारचार्य बलराम देवाचार्य महाराज के पावन सानिध्य में 10 जून सोमवार को ज्येष्ठ मास पर रामजन्मभूमि में बालक भगवान रामलला सरकार को कनकभवन में बिहारी सरकार हनुमानगढ़ी में हनुमानजी व मां सरयू के पावन तट को भव्य फूलबंग्ला झांकी सजायी जायेगी।
जगतगुरु पीपाद्वाराचार्य बलराम देवाचार्य महाराज बताते है कि मंदिरों में विराजमान भगवान के विग्रह संत-साधकों के लिए वस्तुतः अर्चावतार की भांति हैं। मंदिरों में प्राण प्रतिष्ठित देव प्रतिमा को सजीव माना जाता है। यही कारण है कि साधक संतों ने उपासना के क्रम में विराजमान भगवान के अष्टयाम सेवा पद्घति अपनाई। इस सेवा पद्घित में भगवान की भी सेवा जीव स्वरूप में ही की जाती है। जिस प्रकार जीव जैसे सोता, जागता है उसी प्रकार भगवान के उत्थापन व दैनिक क्रिया कर्म के बाद उनका श्रृंगार पूजन, आरती भोग-राग का प्रबंध किया जाता है। इसी क्रम में भगवान को गर्मी से बचाने के लिए पुरातन काल में संतों ने फूलबंग्ला झांकी की परंपरा का भी शुभारंभ किया था, जिसका अनुपालन आज भी हम कर रहे है। जगतगुरु पीपाद्वाराचार्य बलराम देवाचार्य जी महाराज ने बताया कि धर्मनगरी वृंदावन व अयोध्या में प्रतिवर्ष दिव्य भव्य फूल बंग्ला झांकी का आयोजन होता है। इस बार यह दिव्य आयोजन 10 जून सोमवार को होगा। उन्होंने बताया कि झांकी कोलकाता के कुशल कारीगरों द्वारा तैयार की जाती है, जिसमें उपयोग किए जाने वाले फूल बनारस, लखनऊ, वृन्दावन, कलकत्ता आदि जगहों से मंगवाए गए जाते है। इसके आलावा कुछ पुष्प विदेशों से भी आयातित किए जाते है। यह आयोजन जगतगुरु पीपाद्वाराचार्य बलराम देवाचार्य महाराज वृंदावन और सभी भक्तो द्वारा किया जाता है।
: विश्व कल्याण हेतु श्रीराम यज्ञ का हुआ भव्य शुभारंभ: जगदीश दास
Fri, May 31, 2024
51 कुण्डीय विराट यज्ञ में सौकड़ों वैदिक आचार्य डालेगे आहुतियां
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या में भगवान रामलला के प्राण प्रतिष्ठा होते ही भौगोलिक धरातल राममय हो गई।चारों तरफ भगवान के नाम कीर्तन व भक्तों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। आसमान से इन दिनों आग बरस रहा है उसके बावजूद अयोध्या में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है। रामराज्य और विश्व कल्याण हेतु प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग के राम बाग हाते में विशाल 51 कुण्डीय राम महायज्ञ का दिव्य आयोजन कलश यात्रा के साथ आज से शुभारंभ हो गया। हनुमान बाग पीठाधीश्वर श्रीमहंत जगदीश दास जी महाराज ने कहा कि इस श्री राम महायज्ञ का मुख्य उद्देश्य राम राज्य व विश्व कल्याण है। हवन कुंड में प्रतिदिन सौकड़ों वैदिक आचार्य आहुतियां डालेंगे। यज्ञ के दौरान प्रथम सत्र में श्रीरामकथा तो दूसरे सत्र में रामलीला का दिव्य आयोजन किया गया है। हनुमान बाग प्रतिदिन भंडारा भी चलेगा। महायज्ञ की देखरेख पुजारी योगेंद्र दास, सुनील दास व रोहित शास्त्री कर रहें है।