: पीडीए के नायक अखिलेश यादव का संतों ने मनाया जन्म दिवस
Tue, Jul 2, 2024
रामनगरी के संतों ने हवन कुंड में आहुतियां डाल सपा मुखिया अखिलेश को दिया दीर्घायु का आशीर्वाद
अपने नेता के जन्मदिन पर महंत बालयोगी रामदास ने प्रसिद्ध पीठ करतलिया बाबा आश्रम में किया यज्ञ हवन,वृक्षारोपण तो कुष्ठ आश्रम में बाटें फल
अयोध्या। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठ करतलिया बाबा आश्रम के महंत बालयोगी रामदास सेवा करके बड़े ही सादगी के साथ पीडीए के नायक सपा मुखिया अखिलेश यादव का 51 वां जन्मदिन मनाया। जिसमें रामनगरी के संतो की सेवा भोजन प्रसाद व वृक्षारोपण भी किया गया। रामनगरी के संत हवन कुंड में आहुतियां डाल अखिलेश को दीर्घायु का आशीर्वाद दिये। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का 51वां जन्मदिन पूरे उत्साह के साथ अयोध्या में मना जिसमें सुबह से लेकर शाम तक विभिन्न कार्यक्रमों हुए। रामनगरी के करतलिया बाबा आश्रम के महंत बालयोगी रामदास ने साधु संत के साथ गरीबों मजलूमों की सेवा की। महंत बालयोगी रामदास कहते है कि हम सभी को अपने नेता पर गर्व है। लोगो की सेवा ही हम समाजवादियों की पहचान है। महंत रामदास ने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाना ही समाजवाद का प्रयास है। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्री सीताराम जी के पूजन अर्चन के साथ शुरु हुई इसके बाद वैदिक आचार्यों ने सपा मुखिया के दीर्घायु के लिए हवन कुंड में आहुतियां डाली। लम्बी उम्र की प्रार्थना करने के बाद पौधरोपण कर किया गया। बालयोगी महंत रामदास जी महाराज ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री होते हुए अखिलेश यादव जितनी सरलता से आम जनमानस से मिलते हैं कोई नेता इतनी सरलता से उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि 1 जुलाई 1973 को अखिलेश यादव का जन्म हुआ 51 वर्ष के पूरे हुए इस अवसर पर संतो ने शतायु आशीर्वाद दिया।श्री दास ने बताया कि जनता में अखिलेश जी के प्रति उत्साह है 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी 37 सीट जीतकर देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी है। आने वाले समय में कार्यकर्ता पूर्ण मनोयोग से जुड़ कर के 2027 में सपा की सरकार बनेगी। क्योंकि योगी पार्ट 2 की सरकार में जनता उब चुकी है और यह जान गई है कि भाजपा वाले किसी के हित में कार्य करने वाले नहीं हैं। बालयोगी रामदास ने कहा कि बहुत जल्दी संतो की एक टोली बनाकर मंदिर मंदिर समाजवादी विचारधारा को पहुंचाया जाएगा। महंत आनंद दास, महंत विनोद दास, महंत कन्हैया दास, कमल दास, रामतीर्थ दास, सपा प्रवक्ता चौधरी बलराम यादव, अखिलेश पाण्डेय मौजूद रहें।
: भगवान श्रीरंगराघव जी का भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव शुरू
Tue, Jul 2, 2024
नवनिर्मित श्रीसंतगोपाल मंडपम में नित्य शालिग्राम भगवान का सवा लाख अर्चन, 111 ब्राह्मण आचार्यों द्वारा श्रीमद्भागवत का मूल पारायण किया जा रहा
व्यासपीठ से कोसलेस सदन पीठाधीश्वर श्रीमज्जगदुरू रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर महाराज कर रहे श्रीमद् भागवत कथा की मीमांसा
मंदिर प्रांगण से गाजे-बाजे, हाथी-घोड़े संग निकली विशाल शोभायात्रा व जलयात्रा
अयोध्या। नवनिर्मित श्रीसंतगोपाल मंडपम ऋणमोचन घाट में विशाल शोभायात्रा और जलयात्रा संग श्रीरंगराघव भगवान के प्राण प्रतिष्ठा महा महोत्सव का शुभारंभ हो चुका है। नित्य शालिग्राम भगवान का सवा लाख अर्चन, 111 ब्राह्मण आचार्यों द्वारा श्रीमद्भागवत का मूल पारायण किया जा रहा है। सायंकाल कोसलेस सदन पीठाधीश्वर श्रीमज्जगदुरू रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर महाराज भक्तजनों को श्रीमद्भागवत कथा का रसास्वादन करा रहे हैं। रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम हो रहा है। महोत्सव की पूर्व पर मंदिर प्रांगण से गाजे-बाजे, हाथी-घोड़े संग विशाल शोभायात्रा व जलयात्रा निकाली गई। जो अयोध्याधाम के मुख्य मार्गों से होते हुए पावन सरयू तट पहुंची। सरयू जल लेकर पुन यह शोभायात्रा एवं जलयात्रा अपने गंतव्य मंदिर को वापस लौटी। वहां मंदिर प्रांगण में जल से भरे सभी कलशों को स्थापित किया गया। श्रीसंतगोपाल मंडपम पीठाधिपति श्रीमज्जगदुरू रामानुजाचार्य स्वामी कूरेशाचार्य महाराज ने बताया कि अयोध्या के एक महान संत हुए स्वामी संतगोपालाचार्य, जिनका 2011 में परम पद हो गया। उन्हीं की स्मृति में श्रीसंतगोपाल मंडपम का निर्माण हुआ। उसी संतगोपाल मंडपम में श्रीरंगराघव भगवान की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है। भगवान श्रीरंगनाथ अयोध्या के कुलदेवता हैं। जो श्रीरंगनाथ भगवान अयोध्या से श्रीरंगम दक्षिण भारत चले गए। उन श्रीरंगनाथ भगवान को पुन : अयोध्या लाया गया है। वह रंगनाथ भगवान 9 फिट लंबे व 7 फिट ऊंचे हैं। उनका वजन सौ किलो का है। प्रभु श्रीसीताराम रंगनाथ भगवान की गोद में विराजमान हैं। विग्रह को निर्माण होने में एक वर्ष का समय लगा है। एक वर्ष बाद यह विग्रह अवध की धरा पर पहुंची है। अब उस विग्रह का प्राणप्रतिष्ठा महोत्सव दाक्षिणात्य विद्वानों द्वारा किया जा रहा है। जिसमें कांची प्रतिवाद भयंकर मूल मठ के स्वामी श्रीनिवासाचार्य महाराज सपरिवार पधार रहे हैं। उन्हीं की अध्यक्षता में प्राणप्रतिष्ठा महा महोत्सव का कार्यक्रम होगा। 7 जुलाई को भगवान की प्राण प्रतिष्ठा पूर्ण होगी। उसके बाद सायंकाल उनका दिव्य कल्याणोत्सव विवाहोत्सव मनाया जायेगा। 8 जुलाई को सरयू मैया का पूजन-अर्चन, दुग्धाभिषेक, चुनरी मनोरथ का कार्यक्रम है। उसके बाद पूर्णाहुति, भंडारे संग महोत्सव का समापन हो जायेगा। कार्यक्रम के मुख्य यजमान अयोध्या के प्रसिद्ध उघोगपति समाजसेवी आईपी सिंह जी है।
: भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक है श्री राम जन्मभूमि मंदिर: मृदुल कांत शास्त्री
Fri, Jun 28, 2024
बड़ा भक्त माल मंदिर में श्रीराम कथा के तृतीय दिवस पर मनाया गया श्री रामजन्मोत्सव, चारों तरह छाया उल्लास
गौ राष्ट्र रक्षा एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि व काशी विश्वनाथ मुक्ति हेतु नव दिवसीय श्री हनुमान चालीसा, श्री सुंदर कांड पाठ व अखंड श्री हरिनाम संकीर्तन के साथ हो रही श्रीराम कथा की अमृत वर्षा
अयोध्या। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठ श्री बड़ा भक्त माल मंदिर में गो सेवा मिशन के तत्वावधान में गौ राष्ट्र रक्षा एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि व काशी विश्वनाथ मुक्ति हेतु नव दिवसीय श्री हनुमान चालीसा, श्री सुंदर कांड पाठ व अखंड श्री हरिनाम संकीर्तन के साथ विशाल श्रीराम कथा की अमृत वर्षा हो रही है।व्यासपीठ से कथा की रसधार आचार्य मृदुल कांत शास्त्री श्रीधाम वृंदावन कर रहें है। कथा के तृतीय दिवस शास्त्री जी ने आज राम जन्म महोत्सव मनाया गया। आचार्य मृदुल कांत जी ने कहा कि लोक कल्याण के लिए होता है भगवान श्रीराम का जन्म। जहां सभी वेद वेदांत के परे परमात्मा कौशल्या पुत्र बनकर आते हैं निश्चित रूप से यह सनातन परंपरा के गौरव है। उन्होंने कहा कि अयोध्या की पावन भूमि है।कथाव्यास ने कहा कि जब धारा पर दुष्टों का अत्याचार बढ़ जाता है परमात्मा को प्राप्त करने के लिए भक्त अपने सारे संबंधों की रस्सी बनाकर भगवान के चरणाविंद से बांध देता है बांध कर खींच लेता है तो भगवान अपने आप को रोक नहीं पाते और अवतार ग्रहण कर लेते हैं। जगत कल्याण जगत का उद्धार और जगत में के ऊपर कृपा करने के लिए अयोध्या के इस पावन भूमि को और गौरव प्रदान करने के लिए साक्षात परमात्मा भगवान श्री राम के रूप में अवतरित हुए और सारा समाज परमात्मा के अवतरित होने से आनंदित उल्लासित अपने आप को सौभाग्यशाली मानने लगा। वह ब्रह्म जो बड़े-बड़े ज्ञानी महानी ध्यानी के ज्ञान गम में से परे होता है लेकिन जब कोई भक्ति मयी कौशल्या और बैराग्य रूपी दशरथ उस परमात्मा को प्राप्त करना चाहते हैं तब वह अवतार धारण करके पुत्र बनकर आ जाता है। कथा की अध्यक्षता बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर महंत अवधेश दास व पावन सानिध्य स्वामी श्रीकृष्णानन्द जी महाराज भूरी वाले अध्यक्ष गोसेवा मिशन कर रहें है। कथा के संयोजक भगवती प्रसाद जी केड़िया कोलकाता के है। गो सेवा मिशन पूरे भारत में हजारों गौशाला संचालित करता है। इस मौके पर बड़ा भक्त माल मंदिर के शिष्य परिकर सहित सैकड़ों संत महंत एवं राम कथा के रसिक गण उपस्थित रहे।