: करतलिया बाबा आश्रम में नव निर्वाचित सांसद का हुआ जोरदार स्वागत
Wed, Jun 19, 2024
राम की मर्यादा को तोड़ने का कार्य भाजपा ने किया,यही कारण है असली राम भक्त जीत गए: अवधेश प्रसाद
अयोध्या के नागरिकों ने न्याय किया है और योगी और मोदी हराया है: तेजनारायण
अयोध्या। भगवान श्री राम की जन्मस्थली अयोध्या धाम के मां सरयू के पावन तट पर स्थित सिद्धपीठ करतलिया बाबा आश्रम में, आश्रम के पीठाधीश्वर महंत बालयोगी रामदास महाराज के संयोजन में अयोध्या की धरती से फैजाबाद लोकसभा से नवनिर्वाचित समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद और पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे पवन का संतो महंतों ने किया भव्य स्वागत। बाल योगी महंत रामदास के नेतृत्व में महंत अंगद दास के साथ सौकड़ों संत महंतो ने 101 किलो के पुष्प की माला पहनाया और रामनामा ओढ़ाकर स्वागत सम्मान किया।
सम्मान समारोह की अध्यक्षता करते हुए महंत रामदास महाराज ने कहा कि आज से लगभग 6 महीने पहले जब अवधेश प्रसाद जी विधायक थे उसे समय भी संतों की समस्या मेरी एक सूचना पर हल कर देते थे अब सांसद हो गए हैं तो हम अयोध्या के संतों की यही इच्छा है कि अयोध्या के संतो व्यापारियों और यहां के वासियों की जो भी समस्या हो उसको तत्काल दूर करें और अब वह उसे संसद के सदस्य हैं जहां से नियम कानून बनते हैं तो निश्चित ही हम लोगों की यही आशा है कि वह अयोध्या की समस्या संसद में रखेंगे और इसको विश्व पटल पर स्थापित करेंगे। पूर्व मंत्री तेज नारायण पाण्डेय पवन ने कहा कि अयोध्या ना हारी है न कभी हारेगी यहां के नागरिकों ने न्याय किया है और योगी और मोदी हराया है। उन्होंने कहा कि जिसके दिमाग कचरा भरा है उन्हें अयोध्या आने की जरूरत नहीं है। प्रभुश्री राम श्री भाव के भूखे हैं, जिसका भाव अच्छा था उसे अपना आशीर्वाद दिए। उन्होंने कहा की 27 में हमारी सरकार बनी तो व्यापारियों को पूरा मुआवजा दिया जाएगा।
मुख्य अतिथि सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि श्री राम की मर्यादा को तोड़ने का कार्य भाजपा ने किया था, यही कारण है की असली राम भक्त जीत गए। उन्होंने कहा कि जिन्होंने राम की अयोध्या को उजाड़ा राम जी ने अयोध्या से उन्हें उजाड़ दिया। उन्होंने कहा कि आप लोगों के मतदान का असर है कि आज विश्व में लोग अयोध्या की चर्चा कर रहे हैं मैं विश्वास दिलाता हूं कि अयोध्या को विश्व पटल पर स्थापित करने का कार्य करूंगा और जो लोग अयोध्या के लोगों को गलत साबित कर रहे हैं उनसे कहना चाहता हूं की अयोध्या के लोगों ने भाजपा की विचारधारा को हराया है। उन्होंने कहा कि मैं सभी संतो महंतों अयोध्या के नागरिकों का आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने मुझे प्रभु श्री राम की जन्मस्थली के सेवा का अवसर दिया। कार्यक्रम का संचालन प्रवक्ता बलराम यादव ने किया। इस अवसर पर महंत अनिल मिश्रा,महंत अंगद दास, महंत कन्हैया दास, महंत मनोज दास, महंत किशोरी दास, महंत हरीश दास, महंत रामचरण दास, महंत राधेश्याम दास, शिवम शास्त्री, संजय कुमार कपूर, सांसद अवधेश प्रसाद के पुत्र अमित प्रसाद,पार्षद प्रतिनिधि मिथिलेश यादव सोनू, पार्षद प्रतिनिधि एवं पूर्व पार्षद महेंद्र शुक्ला, शशांक शुक्ल, अखिलेश पांडे, जगदीश यादव ननकू यादव आशू यादव, अजय मिश्रा, बाबू चंद्रशेरा सहित सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।
: बजरंगबली संकट हरने वाले देवता, वह अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं: तेजनारायण
Wed, Jun 19, 2024
सरदार बल्लभ भाई पटेल नगर वार्ड में हुआ विशाल भंडारा, अतिथियों का स्वागत पार्षद प्रतिनिधि मिथलेश यादव साेनू ने किया
नव निर्वाचित सांसद अवधेश प्रसाद, पूर्व मंत्री तेजनारायण पाण्डेय व सपा जिलाध्यक्ष ने भक्तों को खिलाया प्रसाद
अयाेध्या। नगर निगम अयोध्या के सरदार पटेल नगर वार्ड की सपा पार्षद इंद्रावती यादव ने ज्येष्ठ माह के आखिरी मंगलवार पर भंडारा किया। यह विशाल भंडारा महाेबरा बाजार में आयाेजित रहा। जहां स्टाल लगाकर श्रद्धालुओं को चावल-छाेला बांटा गया। भंडारा सायंकाल से शुरू हाेकर देररात्रि तक चलता रहा। सर्वप्रथम संताें, पूर्व मंत्री तेजनारायण पांडेय पवन एवं पार्षद प्रतिनिधि मिथलेश यादव साेनू ने बजरंगबली के चित्रपट पर माल्यार्पण, पूजन-अर्चन, आरती कर भंडारे का शुभारंभ किया। उसके बाद पार्षद प्रतिनिधि साेनू यादव ने अंगवस्त्र ओढ़ाकर अतिथियाें का स्वागत किया। पूर्व मंत्री तेजनारायण पांडेय ने कहा कि बजरंगबली संकट हरने वाले देवता हैं। वह अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं। जेठ के अंतिम मंगलवार पर सरदार पटेल नगर वार्ड की सपा पार्षद इंद्रावती यादव द्वारा विशाल भंडारा किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद पाया। यह बहुत ही पुनीत कार्य है। इस धार्मिक कार्य में सबकाे हिस्सा लेना चाहिए। वहीं सरदार पटेल नगर वार्ड की पार्षद के प्रतिनिधि मिथलेश यादव साेनू ने कहा कि गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी ज्येष्ठ माह के आखिरी मंगलवार पर विशाल भंडारा हुआ। भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण सम्मिलित हुए। जिन्हाेंने भंडारे का प्रसाद ग्रहण कर अपना जीवन सार्थक किया। आये हुए अतिथियों का स्वागत पार्षद प्रतिनिधि युवा सपा नेता मिथलेश यादव सोनू ने किया।इस अवसर पर नव निर्वाचित सांसद अवधेश प्रसाद, सपा जिलाध्यक्ष पारसनाथ यादव, महंत रामदास करतलिया, महंत अंगद दास, महंत अनिल मिश्रा, सपा शिक्षक सभा जिलाध्यक्ष दान बहादुर सिंह,धनश्याम यादव, ननकन यादव, अखिलेश पांडेय, रवि यादव, पूर्व पार्षद रामअजाेर यादव, रामभवन यादव, अंसार अहमद बब्बन, अवधेश यादव, अंकित यादव, नागा बाबा समेत बड़ी संख्या लाेग माैजूद रहे।
: ईद-उल-अजहा बकरीद का त्यौहार गरीबों की सेवा करके मनायेंगे: सुल्तान
Sun, Jun 16, 2024
इस्लाम धर्म में कुर्बानी का बहुत बड़ा महत्व है, कुर्बानी अल्लाह को राज़ी और खुश करने के लिए की जाती: नन्हे मिंया
बकरीद को लेकर मोहम्मद इमरान ने कर रही है व्यापक तैयारी
अयोध्या। ईद के बाद बकरीद का त्योहार मुस्लिम समुदाय के लोगों का दूसरा सबसे बड़ा त्योहार होता है। बकरीद को ईद-उल-अजहा भी कहते हैं। ये त्योहार रमज़ान का पाक महीने खत्म होने के 70 दिन बाद मनाया जाता है। रामनगरी अयोध्या में गंगा जमुनी तहजीब के झंडाबरदार सर्वधर्म समभाव के अध्यक्ष समाजसेवी मोहम्मद इरफान अंसारी नन्हे मिंया के अनुसार, बकरीद का त्योहार 12वें महीने की 10 तारीख को मनाया जाता है। इस बार ईद-उल-अजहा का प्रमुख त्योहार 17 जून दिन सोमवार को मनाया जाएगा। इस्लाम धर्म को मानने वाले लोग बकरीद के दिन सुबह जल्दी उठकर नहा धोकर नए कपड़े पहने हैं और ईदगाह में ईद की नमाज़ अदा करते हैं। नमाज़ के बाद एक दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद देते हैं और इसके बाद जानवरों की कुर्बानी का सिलसिला शुरू हो जाता है। नमाज ईदगाह व घरों में अदा की जायेगी।
रामनगरी के समाजसेवी मोहम्मद इमरान कहते है कि इस्लाम धर्म में कुर्बानी का बहुत बड़ा महत्व है। कुर्बानी अल्लाह को राज़ी और खुश करने के लिए की जाती है। उन्होंने कहा कि इस्लाम धर्म की मान्यताओं के अनुसार, एक बार अल्लाह ने हज़रत इब्राहिम का इम्तिहान लेना चाहा। माना जाता है कि अल्लाह ने हज़रत इब्राहिम को अपनी राह में उनकी सबसे प्यारी चीज़ को कुर्बान करने का हुक्म दिया था। हज़रत इब्राहिम को सबसे ज्यादा अज़ीज़ अपने बेटे हज़रत इस्माइल ही थे। अल्लाह के इस खास हुक्म के बारे में जब हज़रत इब्राहिम ने अपने बेटे को यह बात बताई, तो वह कुर्बान होने के लिए राज़ी हो गए। वहीं, दूसरी ओर हज़रत इब्राहिम ने भी अपने बेटे की मोहब्बत से बढ़कर अल्लाह के हुक्म को अहमियत दी और वे अल्लाह की राह में अपने दिल के टुकड़े बेटे को कुर्बान करने के लिए राज़ी हो गए। इसके बाद हज़रत इब्राहिम ने जैसे ही आंखें बंद करके अपने बेटे की गर्दन पर छुरी चलाई, तो अल्लाह ने उनके बेटे की जगह भेड़ एक जानवर को भेज दिया और उनके बेटे की जगह जानवर कट गया और बेटा बच गया। उसी समय से अल्लाह के लिए कुर्बानी करने का सिलसिला शुरू हो गया और तब से हर साल मुस्लिम समुदाय के लोग अल्लाह के नाम पर कुर्बानी करते हैं। समाजसेवी मोहम्मद इमरान अंसारी कहते है कि बकरीद मनाने के पीछे हजरत इब्राहिम के जीवन से जुड़ी हुई एक बड़ी घटना है। हजरत इब्राहिम खुदा के बंदे थे, उनका खुदा में पूर्ण विश्वास था। एक बार हजरत इब्राहिम ने एक सपना देखा, जिसमें वे अपने जान से भी ज्यादा प्रिय बेटे की कुर्बानी दे रहे थे।इस सपने को उन्होंने खुदा का संदेश माना। फिर क्या था, उन्होंने खुदा की इच्छा मानकर अपने 10 वर्षीय बेटे को खुदा की राह पर कुर्बान करने का फैसला कर लिया। लेकिन तब खुदा ने उनको अपने बेटे की जगह किसी एक जानवर की कुर्बानी देने का पैगाम दिया। अभिराम दास वार्ड के लोकप्रिय पाषर्द समाजसेवी फिल्म प्रड्यूसर सुल्तान अंसारी कहते हैं कि हम लोग ईद-उल-अजहा बकरीद का त्यौहार गरीबों की सेवा करके मनायेंगे। खुदा के संदेश को मानते हुए अपने सबसे प्रिय मेमने की कुर्बानी दे दी। तब से ही ईद-उल-अजहा के दिन बकरे की कुर्बानी देने की परंपरा शुरु हुई।