: शिद्दत से शिरोधार्य हुए स्वामी युगलानन्यशरण
Sat, Nov 23, 2024
शिद्दत से शिरोधार्य हुए स्वामी युगलानन्यशरण144वीं पुण्य तिथि पर संतों ने पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमनश्रीरामभक्ति की मधुरशाखा के अनमोल रत्न है स्वामी युगलानन्य शरण: महंत मैथिलीरमण शरणअयोध्या। श्रीराम भक्ति की रसिकधारा की आचार्य पीठ लक्ष्मण किला के संस्थापक स्वामी युगलानन्य शरण को उनकी 144वीं पुण्यतिथि पर समारोहपूर्वक याद किया गया। न केवल साधना बल्कि अपनी विद्वता के चलते श्रीरामभक्ति की मधुरशाखा के अनमोल रत्न बने आचार्य पीठ श्री लक्ष्मणकिला के संस्थापक स्वामी युगलानन्य शरण को उनकी 144वीं पुण्यतिथि पर उनकी तपोस्थली आचार्य पीठ श्रीलक्ष्मण किला में समारोहपूर्वक श्रद्धांजलि दी गई।रामनगरी की प्रधानतम पीठों में शुमार श्री लक्ष्मण किला के संस्थापक व राम भक्ति धारा के संत शिरोमणि आचार्य श्री स्वामी युगलानन्यशरण जी महराज को आज धर्म नगरी अयोध्या के संतो महन्तो व शिष्य गणों ने नमन करते हुये श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
ज्ञातव्य है कि श्रीराम भक्ति की रसिक शाखा के सिद्ध संत स्वामी युगलानन्य शरण की तपस्या से प्रभावित होकर तत्कालीन अंग्रेज सरकार द्वारा उन्हें श्रीअवध के सरयूतट स्थित लक्ष्मणकिला स्नानघाट के पास 52 बीघे भूमि उपहार में दी गई। उन्होंने काशी में अध्ययन कर चित्रकूट में तपस्या की और साधना के लिए श्री अवध को चुना। तत्कालीन सिद्ध संत जीवाराम से बाल्यावस्था में मिली दीक्षा के अनुसार श्रीसीताराम की अनन्य साधना की। लक्ष्मण किला के महंत मैथिलीरमण शरण ने बताया कि अयोध्यापति राजा मानसिंह व वशिष्ठावतार उमापति महाराज स्वामी युगलानन्य के अनन्य रहे। मिथिला की प्राण श्री किशोरी हैं और उनके के प्राण श्रीराम हैं के भाव को ध्यान में रखते हुए स्वामी युगलानन्य शरण ने लक्ष्य की प्राप्ति की। मात्र 59 वर्ष की अवस्था में साकेतवास से पूर्व महाराज श्री ने 95 ग्रंथ रचकर वैष्णव संप्रदाय को जो अमूल्य निधि भेंट किया।
किलाधीश महन्त मैथिली रमण शरण महराज ने बताया कि आचार्य श्री का 144वीं पुण्य तिथि पर आज प्रातः स्वामी जी द्वारा रचित ग्रंथों नामकांति, रूपकांति, लीलाकांति व धामकांति का का सामूहिक पाठ किया गया। किलाधीश महन्त मैथिली रमण शरण ने बताया कि अगहन कृष्ण सप्तमी यानी आज अचार्य श्री को रामनगरी के संतो महन्तो ने नमन किया। आये हुये अतिथियों का स्वागत परम्परागत तरीके से हनुमान निवास मंदिर के महन्त मिथिलेश नन्दनी शरण व किला के युवा संत सूर्य प्रकाश शरण ने किया। इस अवसर पर हनुमत सदन के महन्त अवध किशोर शरण, जगद्गुरु स्वामी रामदिनेशाचार्य, जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी विद्या भास्कर जी, महंत अवध बिहारी दास, महंत गौरीशंकर दास, महंत जनार्दन दास, महंत मनीष दास, महंत रामजी शरण, महंत परशुराम दास, महंत रामकुमार दास, महंत अवधेश दास, महंत सीताराम दास त्यागी, महंत जयरामदास, महामंडलेश्वर आशुतोष दास, महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, महंत छोटू शरण, एमबी दास,रामनन्दन शरण सहित बड़ी संख्या में संत महन्त व भक्तगण मौजूद रहे।
: राम राज्याभिषेक के साथ रामचरित मानस पाठ का हुआ भव्य समापन
Sat, Nov 23, 2024
राम राज्याभिषेक के साथ रामचरित मानस पाठ का हुआ भव्य समापन
हनुमत निवास मंदिर में त्रिदिवसीय संगीतमय रामचरित मानस पाठ का छाया रहा उल्लास, चहुओर मानस की संगीतमय चौपाईयों की रही गूंजअयोध्या। अयोध्या के मां सरयू तट के करीब प्रसिद्ध पीठ हनुमत निवास में राम चरितमानस की संगीतमय चौपाईयों से गूंज रहा हैं। त्रिदिवसीय संगीतमय श्रीराम चरित मानस का मधुर पाठ का भव्य समापन हो गया। इसे राम भक्तों की एक टीम कर रही थी। यह टीम 50 साल से इस क्षेत्र में न केवल सक्रिय है बल्कि अपनी श्रद्धा और समर्पण के चलते बेहद लोकप्रिय भी है। इसे मां अमृता नंद मानस परिवार के नाम से जाना जाता है।रामनगरी अयोध्या का प्रसिद्ध पीठ हनुमत निवास मंदिर में त्रिदिवसीय संगीतमय रामचरित मानस पाठ में भव्य राम राज्याभिषेक के साथ समापन हो गया। मंदिर में मानस की पंक्तियां गूंज रही हैं। त्रिदिवसीय पाठ को लेकर पूरे मंदिर को फूलों से सजाया गया था। चारों तरह संगीतमय पाठ ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर रहा था। हनुमत निवास पीठाधीश्वर महंत मिथिलेश नंदनी शरण की अध्यक्षता में हो रहे मानस पाठ का आयोजन मुरादाबाद के सीएल गुप्ता परिवार कर रहा है। यह भव्य महोत्सव आचार्य पीठ श्रीलक्ष्मणकिला के महंत मैथलीरमण शरण महाराज के पावन सानिध्य में हो रहा है। मां अमृतानंद मानस परिवार की टीम संगीतमय पाठ कर रही है। इस संगीतमय पाठ टीम का नेतृत्व कर रहें योगेश भसीन कहते है कि मानस ऐसा सागर है जिसमें जितना डूबोगे उतना ही आनंद व मधुर होगा। स्वामी विज्ञानानन्द जी महाराज, पं. योगेश शर्मा, मनोज मिश्र और राजेश ठाकुर जी के समूह द्वारा किया जा रहा है। श्रीमती शिखा गुप्ता एवं राघव गुप्ता के संकल्प तथा सीएल गुप्ता परिवार के सद्भाव से यह अनवरत क्रम एक दशक से अधिक समय से प्रचलित है। हनुमत निवास के महंत प्रख्यात साहित्यकार मिथलेश नन्दनी शरण महाराज ने बताया कि आज शुक्रवार को मानस के राम राज्याभिषेक का दिव्य पाठ किया गया।इस मौके पर हनुमत निवास के बड़े महंत सियाकिशोरी शरण, आचार्य पीठ श्री लक्ष्मणकिला के महंत मैथली रमण शरण, महंत रामकुमार दास, हनुमत सदन के महंत अवधकिशोर शरण,महंत राम लोचन शरण,पुजारी रमेश दास सहित बड़ी संख्या में संत साधक व भक्त गण मौजूद रहे।
: सीएम योगी ने श्रीराम मंदिर व हनुमानगढ़ी में की पूजा-अर्चना
Wed, Nov 20, 2024
सीएम योगी ने श्रीराम मंदिर व हनुमानगढ़ी में की पूजा-अर्चनाअयोध्या पहुंचे सीएम योगी ने प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की, पुजारी हेमंत दास ने किया स्वागतअयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को अयोध्या के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे। यहां उन्होंने सबसे पहले हनुमानगढ़ी पहुंचकर हनुमत दरबार में हाजिरी लगाई। इसके उपरांत सीएम योगी श्रीरामलला के मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। सीएम योगी ने दोनों मंदिरों में प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। आज उत्तर प्रदेश में 9 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए हो मतदान के बीच अयोध्या पहुंचे हैं। इससे पहले अयोध्या पहुंचने पर महापौर एवं विधायक समेत जनप्रतिनिधियों व भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री बुधवार दोपहर रामकथा पार्क पहुंचे। यहां से मुख्यमंत्री सीधे हनुमानगढ़ी पहुंचे, जहां संकटमोचन हनुमान के चरणों में हाजिरी लगाई। यहां मुख्यमंत्री ने हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन महंत प्रेम दास से मुलाकात की, जिन्होंने सीएम योगी को अंगवस्त्र पहनाकर आशीर्वाद दिया।पुजारी हेमंत दास ने कराया पूजन। सीएम ने यहां दर्शन-पूजन के उपरांत अयोध्यावासियों व श्रद्धालुओं का अभिवादन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री श्रीराम जन्मभूमि पहुंचे और श्रीरामलला के चरणों में शीश झुकाया। मुख्यमंत्री ने यहां भी विधिवत दर्शन-पूजन किया। इसके पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दीपोत्सव के दौरान अयोध्या पहुंचे थे। सीएम ने उस दौरान भी श्रीराम व संकटमोचन हनुमान जी के चरणों में हाजिरी लगाई थी। दर्शन-पूजन के दौरान महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, विधायक वेदप्रकाश गुप्त, आदि मौजूद रहे।