: बजरंगबली की कृपा सभी पर बनी रहे, समाज में शांति और समृद्धि आए- मिथिलेश यादव ‘सोनू’
Wed, May 21, 2025
बजरंगबली की कृपा सभी पर बनी रहे, समाज में शांति और समृद्धि आए- मिथिलेश यादव ‘सोनू’जेठ के दूसरे मंगलवार पर महोबरा बाजार में भक्ति और सेवा का संगम का समन्वय , हज़ारों भक्तों ने ग्रहण किया प्रसादअयोध्या धाम । जेठ माह के दूसरे मंगलवार को महोबरा बाजार, अयोध्या धाम में आस्था और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। यहां आयोजित भव्य प्रसाद वितरण कार्यक्रम में हज़ारों की संख्या में हनुमान भक्तों ने श्रद्धा भाव से छोला-चावल और बूंदी का प्रसाद ग्रहण किया। इस आयोजन की पहल सरदार पटेल नगर वार्ड की समाजवादी पार्टी की पार्षद इंदरावती यादव द्वारा की गई, जिसका विधिवत शुभारंभ वरिष्ठ सपा नेता व पूर्व मंत्री तेजनारायण पांडेय ‘पवन’ ने बजरंगबली के चित्रपट पर पूजन-अर्चन व आरती के साथ किया पूजन के बाद भक्तों के लिए स्टाल लगाकर प्रसाद वितरण का कार्य आरंभ किया गया, जो देर रात तक चलता रहा श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ प्रसाद ग्रहण कर अपने आराध्य के प्रति आस्था प्रकट की इस मौके पर पार्षद प्रतिनिधि व युवा सपा नेता मिथिलेश यादव ‘सोनू’ ने मुख्य अतिथि समेत अन्य गणमान्य अतिथियों का अंगवस्त्र ओढ़ाकर व माल्यार्पण कर सम्मानपूर्वक स्वागत किया। पूर्व मंत्री तेजनारायण पांडेय ‘पवन’ ने कहा, “हर मंगलवार को होने वाला यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक भावनाओं को बल देता है, बल्कि समाजसेवा का भी सशक्त उदाहरण है। बजरंगबली सभी भक्तों का कल्याण करें।” पार्षद प्रतिनिधि मिथिलेश यादव ‘सोनू’ ने कहा, “हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मंगलवार को प्रसाद वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। बजरंगबली की कृपा सभी पर बनी रहे, समाज में शांति और समृद्धि आए, यही हमारी कामना है।” इस मौके पर सपा नेता पंकज पांडेय, रवि यादव, डॉ. अवधेश यादव, शिवांशु तिवारी, ननकन यादव, ललित यादव, विकास वर्मा, वैभव सिंह, काशी, विद्वान, दीपक यादव, अखिलेश चतुर्वेदी, भानु समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। भक्ति, सेवा और सामूहिक सहभागिता से परिपूर्ण यह आयोजन नगरवासियों के लिए एक यादगार और प्रेरणादायक क्षण बन गया।
: आराध्य को फूल-बंगला से सज्जित करने की परंपरा सदियों से प्रवहमान
Mon, May 19, 2025
आराध्य को फूल-बंगला से सज्जित करने की परंपरा सदियों से प्रवहमानफूलों से महका कनक भवन व हनुमानगढ़ी मंदिरतपती गर्मी में भगवान को शीतलता प्रदान करने के लिए होता है फूलबंग्ला झांकी: बलराम देवाचार्यअयाेध्या।फूल-बंगला से सजकर सुरम्यता के वाहक बने मंदिर। भगवान राम की नगरी अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या में कनक भवन में बिहारी सरकार व हनुमानगढ़ी में श्री हनुमानजी का शुभव्य फूल-बंगला झांकी सजायी गई। झांकी काे वृंदावन से उच्चकोटि के संत जगतगुरु पीपाद्वारचार्य बलराम देवाचार्य महाराज ने अपनी सानिध्यता प्रदान की।
भक्त भगवान के प्रति श्रेष्ठतम समर्पित करने की तैयारी रखता है। मौका कोई भी हो भक्त का यह चरित्र परिभाषित होता है। भीषण गर्मी के भी अवसर पर भक्त का यह स्वभाव-समर्पण फलक पर होता है। गर्मी से आराच्य को बचाने के लिए यदि एगर कंडीशनर लगाए जाने का चलन बढ़ता जा रहा है, तो आराध्य को फूल-बंगला से सज्जित करने की परंपरा भी सदियों से प्रवहमान है। इसके पीछे भाव यह होता है कि आराध्य को चहुंओर से शीतल, सुकोमल और शोभायमान पुष्पों से आच्छादित कर उनके सम्मान और उनकी सुविधा के प्रति कोई कसर न छोड़ी जाय। फूल बंगला से सज्जित किए जाने के प्रयास में भांति-भांति के क्विंटलों फूल की जरूरत होती है और यह जरूरत बनारस, कन्नौज, कानपुर से लेकर कोलकाता तक के, फूलों से पूरी होती है। इसे सज्जित करने के लिए परंपरागत रूप से प्रशिक्षित मालियों का एक खेमा है, जिनकी गर्मी के दिनों में बेहद मांग हो जाती है।
जगद्गुरु पीपाद्वाराचार्य बलराम देवाचार्य महाराज बताते है कि मंदिरों में विराजमान भगवान के विग्रह संत-साधकों के लिए वस्तुतः अर्चावतार की भांति हैं। मंदिरों में प्राण प्रतिष्ठित देव प्रतिमा को सजीव माना जाता है। यही कारण है कि साधक संतों ने उपासना के क्रम में विराजमान भगवान के अष्टयाम सेवा पद्घति अपनाई। इस सेवा पद्घित में भगवान की भी सेवा जीव स्वरूप में ही की जाती है। जिस प्रकार जीव जैसे सोता, जागता है उसी प्रकार भगवान के उत्थापन व दैनिक क्रिया कर्म के बाद उनका श्रृंगार पूजन, आरती भोग-राग का प्रबंध किया जाता है। इसी क्रम में भगवान को गर्मी से बचाने के लिए पुरातन काल में संतों ने फूलबंग्ला झांकी की परंपरा का भी शुभारंभ किया था, जिसका अनुपालन आज भी हम कर रहे है।पीपाद्वाराचार्य बलराम देवाचार्य महाराज कहते है कि हम जिन प्रसंगों एवं प्रयास से स्वयं को सुखी कर सकते हैं, वह सारा कुछ आराध्य के प्रति समर्पित करते हैं। फूल बंगला सजाए जाने की परंपरा मधुरोपासना की परिचायक है। इस उपासना परंपरा के हिसाब से भक्त के लिए भगवान मात्र प्रतीक नहीं, बल्कि चिन्मय चैतन्य विग्रह हैं और भक्त उनकी शान में किसी भी सीमा तक समर्पित होने को तैयार रहता है।आयोजन जगतगुरु पीपाद्वाराचार्य बलराम देवाचार्य महाराज वृंदावन और सभी भक्तो द्वारा किया जाता है। झांकी का दर्शन करने पहुंचे मलूक पीठाधीश्वर रैवासा पीठ श्रीमहंत राजेंद्र दास जी महाराज, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अध्यक्ष मणिराम दास छावनी पीठाधीश्वर श्रीमहंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज, श्री बृज बिहारी रसिक दास जी श्री अक्षयपात्र वृंदावन, महंत गौरीशंकर दास सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।
: फूलबंगले में विराजेंगे कनक बिहारी सरकार व हनुमानजी
Sun, May 18, 2025
फूलबंगले में विराजेंगे कनक बिहारी सरकार व हनुमानजीफूलों से महकेगा कनक भवन व हनुमानगढ़ी मंदिरदिव्य फूल बंगला झांकी का आयोजन वृन्दावन के जगतगुरु पीपाद्वाराचार्य बलराम देवाचार्य जी महाराज कर रहेअयोध्या। वैष्णवनगरी के मंदिरों में ज्येष्ठ मास की तपती गर्मी में भगवान को कूल-कूल रखने के लिए संतों ने फूलबंग्ले की झांकी के आयोजन की परंपरा शुरू की थी। उत्सव के रूप में आयोजित प्राचीन काल की यह परंपरा आधुनिक काल में भी कायम है। वह भी तब जब अधिकांश मंदिरों में पंखे व कूलर की व्यवस्था की जा चुकी है। इसी परंपरा को आज भी बड़ी शिद्दत से निभा रहें वृंदावन से उच्चकोटि के संत जगतगुरु पीपाद्वाराचार्य बलराम देवाचार्य महाराज के पावन सानिध्य में 19 मई सोमवार को ज्येष्ठ मास पर कनकभवन में बिहारी सरकार व हनुमानगढ़ी में हनुमानजी का भव्य फूलबंग्ला झांकी सजायी जायेगी।
जगतगुरु पीपाद्वाराचार्य बलराम देवाचार्य महाराज बताते है कि मंदिरों में विराजमान भगवान के विग्रह संत-साधकों के लिए वस्तुतः अर्चावतार की भांति हैं। मंदिरों में प्राण प्रतिष्ठित देव प्रतिमा को सजीव माना जाता है। यही कारण है कि साधक संतों ने उपासना के क्रम में विराजमान भगवान के अष्टयाम सेवा पद्घति अपनाई। इस सेवा पद्घित में भगवान की भी सेवा जीव स्वरूप में ही की जाती है। जिस प्रकार जीव जैसे सोता, जागता है उसी प्रकार भगवान के उत्थापन व दैनिक क्रिया कर्म के बाद उनका श्रृंगार पूजन, आरती भोग-राग का प्रबंध किया जाता है। इसी क्रम में भगवान को गर्मी से बचाने के लिए पुरातन काल में संतों ने फूलबंग्ला झांकी की परंपरा का भी शुभारंभ किया था, जिसका अनुपालन आज भी हम कर रहे है। जगतगुरु पीपाद्वाराचार्य बलराम देवाचार्य जी महाराज ने बताया कि धर्मनगरी वृंदावन व अयोध्या में प्रतिवर्ष दिव्य भव्य फूल बंग्ला झांकी का आयोजन होता है। इस बार यह दिव्य आयोजन 19 मई सोमवार को होगा। उन्होंने बताया कि झांकी कोलकाता के कुशल कारीगरों द्वारा तैयार की जाती है, जिसमें उपयोग किए जाने वाले फूल बनारस, लखनऊ, वृन्दावन, कलकत्ता आदि जगहों से मंगवाए गए जाते है। इसके आलावा कुछ पुष्प विदेशों से भी आयातित किए जाते है। यह आयोजन जगतगुरु पीपाद्वाराचार्य बलराम देवाचार्य महाराज वृंदावन और उनके सभी भक्तो द्वारा किया जाता है।