: हनुमानगढ़ी ने प्रसाद को लेकर बदलाव, निर्वाणी अनि अखाड़े ने जारी किया सर्कुलर
Tue, Jul 1, 2025
हनुमानगढ़ी ने प्रसाद को लेकर बदलाव, निर्वाणी अनि अखाड़े ने जारी किया सर्कुलरडिब्बे पर लिखना होगा नाम, नंबर; सिर्फ शुद्ध देसी घी के लड्डू ही चढ़ेंगे हनुमानजी कोहनुमंत लला को लगाए जाने वाला लड्डू के भोग की गुणवत्ता और उसकी पवित्रता के बारे में लिया गया अहम निर्णयअयोध्या। सावन मेले से पहले हनुमानगढ़ी ने लड्डू बेचने वाले व्यापारियों के लिए श्री पंच रामानन्दी निर्वाणी अनि अखाड़े ने सर्कुलर जारी किया। अयोध्या में मंगलवार से हनुमानगढ़ी मंदिर में अब सिर्फ शुद्ध देसी घी से निर्मित लड्डू का ही भोग चढ़ाया जाएगा। लड्डू के डिब्बे पर दुकान का नाम और मोबाइल नंबर लिखना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही गुणवत्ता भी बतानी होगी। हनुमानगढ़ी मंदिर प्रशासन और व्यापारियों की एक संयुक्त बैठक अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष श्रीमहंत ज्ञान दास जी महाराज के आवास पर हुई। इस दौरान अखाड़े के सभी वरिष्ठ महंत और व्यापारी नेता मौजूद रहे। इस दौरान हनुमानगढ़ी मंदिर में हनुमंत लला को लगाए जाने वाला लड्डू के भोग की गुणवत्ता और उसकी पवित्रता के बारे में अहम निर्णय लिया गया है। व्यापारियों से हनुमानगढ़ी मंदिर की तरफ से निवेदन किया गया है कि वह केवल शुद्ध देसी घी और शुद्ध चने के बेसन से बने हुए लड्डू को ही भगवान के भोग के लिए उपलब्ध कराएं। इसके साथ ही गुणवत्ता का पूरी तरह से ध्यान रखने का निवेदन हनुमानगढ़ी मंदिर की तरफ से व्यापारियों से किया गया है। व्यापारियों ने भी इस पर सहर्ष स्वीकृति दे दी है। इतना ही नहीं रिफाइंड और वनस्पति घी के प्रयोग पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाते हुए कहा गया है कि देसी घी भी गुणवत्ता वाला होना होना चाहिए जिसमें प्रमुख रूप से पतिराम, ज्ञान, पराग और अमूल देसी घी से ही निर्मित लड्डू का ही प्रसाद हनुमानगढ़ी मंदिर में चढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही व्यापारियों को लड्डू के डब्बे पर अपने नाम दुकान के नाम और मोबाइल नंबर भी साफ-साफ अंकित करने होंगे। अगर हनुमानगढ़ी मंदिर पर चढ़ने वाले प्रसाद के गुणवत्ता से किसी भी तरीके का खिलवाड़ व्यापारियों की ओर से किया जाएगा तो उस पर संयुक्त रूप से कार्रवाई व्यापारी संगठन और हनुमानगढ़ी मंदिर प्रशासन करेगा।श्री हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन श्रीमहंत प्रेमदास जी महाराज के शिष्य हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य महंत डा महेश दास महाराज ने कहा कि अब हनुमानगढ़ी में देसी घी के बेसन के लड्डू ही चढ़ सकेंगे। अखाड़े ने सर्कुलर जारी किया है कि लड्डू बेचने वाले अब डिब्बे पर दुकान का नाम, फोन नंबर लिखेंगे। सिर्फ ऐसा प्रसाद ही मंदिर में चढ़ाया जा सकेगा। यह आदेश 1 जुलाई से लागू हो गया है। बहुत जल्द ही दुकानों की चेकिंग की जायेगी। उन्होंने कहा कि पहले से ही बजरंगबली को सिर्फ देसी घी के लड्डू चढ़ाए जा रहे हैं। इसके बावजूद कुछ प्रसाद में मिलावटी होने की शिकायत मिल रही थी। अब लड्डू बेचने वाले के खिलाफ कार्रवाई होगी। लड्डू विक्रेताओं और हनुमानगढ़ी के संतों के बीच बैठक कर इसके लिए समिति बनाई गई है।संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और धर्म सम्राट श्रीमहंत ज्ञानदास जी महाराज के उत्तराधिकारी महंत संजय दास ने कहा कि प्रसाद में मिलावट की शिकायत कई बार अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं ने महंतो से की थी। जिसको लेकर संत समाज और व्यापारियों की बैठक में ये निर्णय लिया गया है। इसके बाद आज से लड्डू प्रसाद में मिलावट खोरी को बंद करने के लिए सभी दुकानदारों को ये निर्देश दिया गया है। कि वो प्रसाद के डिब्बे पर अपना और अपनी दुकान का नाम और फोन नंबर लिखे यह आदेश आज सुबह से ही लागू किया गया है।अयोध्या में सावन मेला, 10 जुलाई से लग रहा है सावन माह में लाखों कांवरिया और भक्त और झूलनोत्सव पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। 12 दिनों तक यह उत्सव रहता है। अयोध्या के एक हजार मंदिरों में भीड़ होती है जबकि 100 मंदिरों में यह पर्व बेहद भव्यता से मनाया जाता है।हनुमानगढ़ी के इस फरमान के बाद अयोध्या हनुमानगढ़ी के निकट लड्डू का व्यापार करने वाले व्यापारियों ने सराहा है। उन्होंने कहा है कि इससे लड्डू में मिलावट खोरी पर अंकुश लगेगा और दुकानदारों को भी सहूलियत मिलेगी और व्यापार भी बढ़ेगा।
: अयोध्या में गैस्ट्रो और लिवर ओपीडी सेवाएं देगा मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल
Sun, Jun 29, 2025
अयोध्या में गैस्ट्रो और लिवर ओपीडी सेवाएं देगा मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटलहर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को देवकाली रोड स्थित यशलोक हॉस्पिटल में उपलब्ध होंगी विशेषज्ञ सेवाएंपेट और लिवर से जुड़ी बीमारियों को लेकर जागरूकता फैलाने की पहलअयोध्या। मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ ने स्वास्थ्य सम्बंधी जागरूकता से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल के तहत अयोध्या में गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी व हेपेटोलॉजी सम्बंधी विशेष ओपीडी सेवाओं की शुरुआत की है। यह सेवाएं देवकाली रोड स्थित यशलोक हॉस्पिटल में दी जाएंगी। इस ओपीडी की शुरुआत मैक्स हॉस्पिटल, लखनऊ के डॉ. सुहांग वर्मा, सीनियर कंसल्टेंट, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी की उपस्थिति में की गई। डॉ. वर्मा हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक मरीजों को परामर्श देंगे।
इस अवसर पर डॉ. वर्मा ने पेट और लिवर से जुड़ी बीमारियों के बारे में जागरूकता फैलाने पर ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि अक्सर एसिडिटी, पेट दर्द, भूख न लगना, ब्लोटिंग, मल त्याग की आदतों में अचानक बदलाव जैसी समस्याओं को मामूली समझकर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है, जबकि यही लक्षण कई बार अल्सर, लीवर डिज़ीज, कैंसर या अन्य गंभीर बीमारियों के शुरुआती संकेत होते हैं।
डॉ. सुहांग वर्मा, सीनियर कंसल्टेंट – गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ ने कहा, "लिवर संबंधी बीमारियां अक्सर बिना किसी साफ संकेत के विकसित होती हैं। समय पर जांच और इलाज से इनके परिणाम बेहतर हो सकते हैं। हमारी कोशिश यही है कि अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को सही समय पर विशेषज्ञों द्वारा देखभाल और इलाज उपलब्ध हो। चाहे बात आम परेशानियों जैसे गैस, अपच, आईबीएस की हो या जटिल समस्याओं जैसे फैटी लिवर, हेपेटाइटिस, सिरोसिस और इन्फ्लेमेटरी बाउल डिज़ीज़ की, हम हर मरीज़ के लिए पर्सनलाइज़्ड प्लान बनाते हैं। लाइफ़स्टाइल में ज़रूरी बदलाव के परामर्श के साथ-साथ सटीक जांच और एडवांस स्टेज के उपचार की व्यवस्था भी यहां उपलब्ध है। पेट और लिवर से जुड़ी समस्याओं के निदान में देरी जानलेवा जटिलताओं को जन्म दे सकती है। इस तरह की समस्याएं अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं हैं। छोटे शहरों और कस्बों में भी इन मामलों में तेज़ी देखी जा रही है। ऐसे में मैक्स अस्पताल, लखनऊ द्वारा इस ओपीडी की शुरुआत अयोध्या और आस-पास के लोगों को समय पर परामर्श और इलाज दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
: मानवता व अध्यात्म का संदेश दे रहा स्वामी नारायण सम्प्रदाय
Sun, Jun 29, 2025
मानवता व अध्यात्म का संदेश दे रहा स्वामी नारायण सम्प्रदाय
आद्य संस्थापक घनश्याम महाराज को रविवार को लगेगा छप्पन भोग,110 वें वार्षिक पाटोत्सव पर भगवान का होगा विशेष श्रृंगार, पूजा व अभिषेकनर नारायण देव गादीपति आचार्य कौशलेन्द्र प्रसाद महाराज उनकी विरासत को समेटे हुए सम्प्रदाय को बढ़ा रहे आगे: स्वामी अखिलेश्वरअयोध्या। स्वामी नारायण सम्प्रदाय का स्वर्णिम इतिहास बिना नर नारायण देव गादीपति आचार्य मोटा महाराज तेजेन्द्र प्रसाद सम्भव ही नही है। महाराज तेजेन्द्र प्रसाद जी ने स्वामी नारायण सम्प्रदाय का डंका न सिर्फ भारत अपितु पूरी दुनिया में बजाया है। मानवता व अध्यात्म का संदेश देने वाले स्वामी नारायण सम्प्रदाय के बारे में लोगो को रुबरु कराया। आज वर्तमान में उनके बेटे नर नारायण देव गादीपति आचार्य कौशलेन्द्र प्रसाद महाराज उनकी विरासत को समेटे हुए सम्प्रदाय को आगे बढ़ा रहे है।
श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या में स्वामी नारायण जी महाराज का 110 वां वार्षिक पाटोत्सव पर मंदिर में विशेष पूजा हो रही है। रविवार को स्वामी नारायण मंदिर रायगंज में भगवान का भव्य अभिषेक, श्रृंगार व पूजन किया गया तत्पश्चात छप्पन भोग लगाकर आरती होगी। अयोध्या में स्वामी नारायण संप्रदाय के आद्य संस्थापक घनश्याम महाराज की बाल्यावस्था श्री स्वामीनारायण मंदिर मे बीता था। यह वही स्थान है जहां भगवान स्वामीनारायण जी महाराज के माता-पिता रहते थे और 110 वर्ष पहले उसी घर में भगवान को प्रतिष्ठित किया गया आज उसका वार्षिक उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पांच दिवसीय पाटोत्सव का कार्यक्रम अयोध्या स्वामीनारायण मंदिर के महंत स्वामी अखिलेश्वर दास जी महाराज के संयोजन में मनाया जा रहा। श्री महाराज जी ने बताया कि भगवान के पाटोत्सव के अवसर पर 29 जून को भगवान को 56 प्रकार के व्यंजनों से भोग लगाया जायेगा। सुबह 6 बजे भगवान की मंगला आरती की गई 6 बजे अभिषेक उसके बाद श्रृंगार आरती राजभोग और 10 बजे से 56 भोग के दर्शन के लिए भगवान का पाठ दर्शनार्थियों के लिए खोला जायेगा। पाटोसव के अवसर पर आए संतो श्रद्धालुओं और भक्त जनों को संबोधित करते हुए स्वामी अखिलेश्वर दास जी महाराज ने कहा की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और श्री स्वामी नारायण जी महाराज ने यही संदेश हम सबको दिया है जिसे पूरे मन श्रद्धा के साथ उनको करना चाहिए। पाटोत्सव अवसर पर स्वामी अखिलेश्वर दास जी महाराज ने बताया कि स्वामी जी ने समाज को भय मुक्त किया है और सभी को एक साथ रहने का संदेश दिया है। स्वामी जी महाराज समाज से भेदभाव छुआछूत से दूर हट कर स्वामीनारायण भगवान और राधा कृष्ण देव की सेवा को ही सर्वोपरि माना है और बताया कि मनुष्य को सभी की सेवा निरंतर करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आचार्य श्री केशव प्रसाद जी महाराज के हाथों यहां प्राण प्रतिष्ठा हुआ था। आचार्य तेजेन्द्र प्रसाद जी मोटा महाराज के पुत्र वर्तमान गद्दीपति आचार्य कौशलेंद्र प्रसाद जी के पावन आशीर्वाद से यह उत्सव सम्पादित हुआ। शास्त्री अखिलेश्वर दास जी महाराज ने बताया कि अयोध्या सप्तपुरीयों में सबसे महत्वपूर्ण पूरी है और यहां भगवान राम का जन्म हुआ था भगवान राम के जन्म स्थान का विवाद भी समाप्त हो गया। भगवान रामलला अपने दिव्य भव्य मंदिर में विराजमान हो गयें है। अब देश-विदेश से लोग आ रहें है अयोध्या का विकास हो रहा, स्वामी नारायण मंदिर रायगंज मे आचार्य मोटा महाराज तेजेन्द्र प्रसाद व नर नारायण देव गादीपति आचार्य कौशलेन्द्र प्रसाद महाराज के सानिध्य में मंदिर अपने शिखर की ऊचाई को छूएगा। मंदिर में जो सेवाएं यहां चलती हैं वह निरंतर चलती रहेगी। मंदिर में गुजरात से सौकड़ों संत व भक्त मौजूद रहें।मैनेजर राहुल शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत किया।