गुरुदेव भजनानंदी संत होने के साथ-साथ अप्रतिम प्रतिभा के धनी संत थे:महंत रामलोचन शरणमहंत हरिराम शरण महाराज की 25वीं पुण्यतिथि पर संतों ने किया नमनअयोध्या। श्रीहनुमत हरिराम सदन, स्वर्गद्वार के पूर्वाचार्य महंत हरिराम शरण महाराज की 25वीं पुण्यतिथि निष्ठापूर्वक मनाई गई। पुण्यतिथि पर मंदिर परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। अयोध्या धाम के संत-महंत व धर्माचार्यों ने मठ के साकेतवासी महंत की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। संतों ने उनके कृतित्व-व्यक्तित्व पर प्रकाश भी डाला। श्रीहनुमत हरिराम सदन के संस्थापक महंत रामलोचन शरण महाराज ने बताया कि मंदिर में गुरुदेव महंत हरिराम शरण महाराज का 25वां पुण्यतिथि महोत्सव मनाया गया। पुण्यतिथि महोत्सव पर अयोध्यानगरी के सभी संत-महंत एवं धर्माचार्य सम्मिलित हुए। जिन्होंने पूर्वाचार्य महंत को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए शिद्दत से याद किया और भावभीनी श्रद्धांजलि दी। गुरुदेव भजनानंदी संत होने के साथ-साथ अप्रतिम प्रतिभा के धनी संत थे। उनका व्यक्तित्व बड़ा ही उदार था। सरलता तो उनमें देखते ही झलकती थी। उनके अंदर संतत्व के सारे गुण रहे। वह गौ और संत सेवी थे। उन्होंने सेवा धर्म को अंगीकार किया। आजीवन सेवा ही परमोधर्मा के मार्ग पर चलते रहे। अपने शिष्य-अनुयायियों को भी सेवा का पाठ पढ़ाया। सेवा धर्म के लिए प्रेरित भी किया। गुरुदेव द्वारा मठ का सर्वांगीण विकास किया गया। जहां गौ, संत, विद्यार्थी व अतिथि सेवा सुचार रूप से चल रही है। मंदिर में सभी उत्सव, समैया, त्योहार आदि परंपरागत रूप से मनाया जा रहा है। काफी संख्या में संत-महंत, भक्तजनों ने प्रसाद ग्रहण किया। अंत में संस्थापक महंत रामलोचन शरण महाराज द्वारा पधारे हुए संत-महंत, धर्माचार्यों का स्वागत-सम्मान कर भेंट, विदाई दिया गया। पुण्यतिथि पर बावन मंदिर के महंत वैदेहीवल्लभ शरण, हनुमत सदन के महंत अवधकिशोर शरण, हनुमत निवास महंत मिथिलेश नंदनी शरण, महंत रामलखन शरण, महंत अशोक दास, महंत राजन बाबा, महंत किशोरी शरण, महंत सीताराम दास, महंत उत्तम दास, महंत राकेश शरण, महंत रामप्रवेश दास, महंत प्रियाप्रीतम शरण, महंत प्रियाशरण, महंत रामभद्र शरण, आचार्य सत्येंद्र दास वेदांती, महंत भूषण दास, महंत राममिलन दास, महंत रामदास, महंत जयराम दास, महंत राममिलन शरण, महंत रामानुज शरण, महंत रामनारायण दास, महंत महेश दास, महंत रामप्रिया शरण, महंत छोटू शरण, महंत निर्मल शरण, महंत संत शरण, महंत गयादास, महंत रामप्रकाश शरण, महंत रविशंकर शरण, महंत वीरेंद्र दास, महंत श्रीधर दास, डॉ. प्रभाकर शरण, संजय शुक्ला, प्रकाश मिश्रा आदि उपस्थित रहे।