: राज ठाकरे को अयोध्या घुसने नही दूंगा : बृज भूषण शरण
Sun, May 15, 2022
कहा-कई प्रांतों से लोग विरोध के लिए पहुंच रहे अयोध्या
अयोध्या। राज ठाकरे से मेरी कोई व्यक्तिगत लड़ाई नही है। मैने समाचार पत्र में पढ़ा कि वे अयोध्या आना चाहते हैं। मैने काफी विचार के बाद यह तय कि जब तक राज ठाकरे उत्तर भारतीयों से उनके कार्यकर्ताओं की ओर से किए गए दुर्व्यवहार के लिए माफी नहीं मागते हैं तब तक हम उन्हें अयोध्या तो दूर उत्तर प्रदेश की सीमा में भी नही घुसने देंगे। उक्त विचार सिविल लाइन्स स्थित मातृ छाया निवास में मीडिया से बातचीत करते हुए कैसरगंज सांसद बृज भूषण शरण सिंह ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि राज ठाकरे अयोध्या को तो भूल जाएं कि बिना माफी वे अयोध्या आ पाएंगे। देश में धारा 370 जम्मू कश्मीर में लागू थी। अन्य किसी भी प्रांत में धारा 370 लागू नही थी। किन्तु महाराष्ट्र में अघोषित रूप से आज भी धारा 370 लागू है। देश के किसी भी कोने का रहना वाला आदमी वहां नम्बर दो का नागरिक है। उसे दब कर रहना पड़ता है। उसे भैया जी कह कर पुकारा जाता है। उसे अपमानित किया जाता है। 2008 मे जब से राज ठाकरे यह काम कर रहा था तब से मै सोच रहा था कि वह कही मिल जाए। यदि मुलाकात हो गयी होती तो दो दो हाथ जरूर होता। वैसे मेरी समझ से बाबा साहब को तो शायद यह बात पता भी नही रही होगी। ये मुबई से बाहर नही निकलते। पहली बार ये बाहर आ रहे हैं। पहला आन्दोलन है । यह न तो सत्ता पाने के लिए हैं और न ही सत्ता उखाडने के लिए लिए है। उन्होंने कहा कि मायावती के शासन में गोण्डा का नाम बदला जा रहा था। मैं अकेला मायावती के पास पहुंचा और कहा कि तब तक मेरे शरीर में खून का एक भी कतरा है तो मैं गोण्डा का नाम नही बदलने दूंगा। उस समय मैं अपना अनुरोध लेकर प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के पास पहुंचा तो प्रधानमंत्री अटल बिहारी ने दो मिनट में मायावती को गोण्डा का नाम बदलने से रोक दिया। उन्होंने कहा कि मैं किसी भी प्रकार का जुर्म बरदास्त नही कर सकता। तो उत्तर भारतीयों के साथ जुर्म क्यों होने दूं।किसी को यह गलत फहमी नही होनी चाहिए कि मैं पाच लाख लोगों को एकत्र नही कर सकता हूं। मैने कहा मोदी से माफी मांग लो। फिर आया कि योगी जी से माफी मांग लो। नहीं तो साधु संतों व उलेमाओं से माफी मांग लो । किन्तु राज ठाकरे किसी से भी माफी नही मांगना चाहते। हमने भी ठान लिया है कि उनको अयोध्या तक नही आने देंगे। मैं अलग-अलग प्रांतों का दौरा कर लोगों से समर्थन जुटा रहा हॅूं। इस दौरान संकट मोचन सेना के कार्यवाहक अध्यक्ष पुजारी हेमंत दास, कककू पाण्डेय, अभय सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहें।
: मुंह से दुर्गन्ध सिर्फ दांत से जुड़ी समस्या नही है: डा अनुराग
Sat, May 14, 2022
राशि डेंटल केयर द्धारा आयोजित किया गया डेन्टिस्ट चिकित्सा सेमिनार, जिसमें शहर के मशहूर डेंटल एक्सपर्टों ने अपना-अपना विचार रखा
अयोध्या। मुंह से बदबू आने पर अक्सर लोग एकदूसरे से बात करने में झिझकते है। लोगों का मानना है कि नियमित ब्रश करने के बाद भी मुंह से दुर्गन्ध आती है। दन्त विशेषज्ञों का मानना है कि मुंह से दुर्गन्ध आने का कारण सिर्फ दांत से जुड़ी समस्या नही है इसके पीछे और भी कारण हो सकते है। मुंह से दुर्गन्ध आने की समस्या को मेडिकल भाषा में हेलीटोसेस कहा जाता है। डेंटल एक्सपर्ट डाक्टर अनुराग आनंद का कहना है कि भोजन करने के पश्चात सही से कुल्ला न करना जिससे मुंह में दांतों के बीच खाना बच जाना, जीभ की सही रुप से सफाई न करना मसूड़ों में सूजन के कारण,कम पानी पीना और फेफड़ों व पेट से जुड़ी समस्या बना रहना भी हो सकता है ये बातें मशहूर डेंटल एक्सपर्ट डा अनुराग आनंद दंत रोगों के एक चिकित्सा सेमिनार को सम्बोधित करते हुए कही।उन्होंने बताया कि इन सब के अलावा दुर्गन्ध आने का एक बड़ा कारण मुंह में पायरिया तथा सिगरेट तम्बाकू का सेवन करना होता है। राशि डेंटल केयर द्धारा आयोजित सेमिनार को सम्बोधित करते हुए डा अनुराग कहते है कि मुंह में बदबू आने का और भी कारण हो सकता है। परन्तु दुर्गन्ध दूर करने का सबसे सरल उपाय है जो आप नियमित रुप से अपने घर पर ही कर सकते है। अगर आप सही रुप से प्रतिदिन ब्रश करे सही टूथपेस्ट का प्रयोग करें। प्रत्येक 6 माह में डाक्टर से सलाह के अनुसार दांतों की देखरेख करना। नियमित रुप से प्रतिदिन दिन में 6 से 8 गिलास पानी पीना। उन्होंने बताया कि दांत की सफाई 6 महीने में कराते रहना चाहिए। ताकि आपके दांतों में क्लाइ न जमने पायें। क्योंकि क्लाइ की वजह से मसूड़ों में सूजन व दांतों में दुर्गन्ध व पीलापन हो जाता है।
: अयोध्या में होगा राज ठाकरे का ऐतिहासिक स्वागत: महंत अवधेश दास
Sat, May 14, 2022
मनसे प्रमुख राज ठाकरे के समर्थन में उतरे बड़ा भक्तमाल के महंत अवधेश दास
सांसद बृजभूषण शरण सिंह के विरोध पर जताया एतराज, कहा कोरोना काल में केजरीवाल ने यूपी और बिहार से किया बाहर, फिर अयोध्या में किया दर्शन तो क्यों नहीं हुआ विरोध
अयोध्या में संतों की कई श्रेणी : महंत अवधेश दास
अयोध्या। मनसे प्रमुख राज ठाकरे के समर्थन में अब संत भी खुलकर आ रहे है। अयोध्या के प्रसिद्ध पीठ बड़ा भक्त महल मंदिर के महंत अवधेश दास ने बकायदा प्रेस वार्ता कर खुलकर समर्थन करने का ऐलान कर दिया। महंत अवधेश दास ने कहा की जब राम भक्तों पर गोली चलाने वाले और कोरोना काल में यूपी और बिहार के लोगों को दिल्ली से बाहर करने वाले मुख्यमंत्री केजरीवाल का स्वागत किया गया तो फिर राज ठाकरे का क्यों विरोध किया जा रहा है।
बड़ा भक्तमाल के महंत अवधेश दास ने अयोध्या में भगवान श्री रामलला दर्शन करने आने वाले राज ठाकरे को लेकर सांसद बृजभूषण शरण सिंह के द्वारा किए जा रहे विरोध और संतों के समर्थन को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि भगवान ने कहा है कि मेरे दर्शन का अनंत फल प्राप्त होता है भगवान के दर्शन के लिए बाधा डालना गलत है। अयोध्या आने से किसी को रोकना अयोध्या के गरिमा के अनुरूप नहीं है। इसी अयोध्या के धरती पर सनातन धर्मियों के ऊपर गोली चलवाई गई और जिस व्यक्ति ने गोली चलवाया उसका भी अयोध्या की धरती पर सम्मान किया गया और किसी ने विरोध नहीं किया। तो आज राज ठाकरे का ही विरोध क्यों हो रहा है। मुझे तो ऐसा लगता है दाल में कुछ काला है। अयोध्या में रामलीला हुई इसमें अव्यावहारिक प्रदर्शन हुआ किसी ने भी आवाज नहीं उठाई। अयोध्या में इसी प्रकार के कृत्य हो जाते हैं लेकिन कोई आवाज नहीं उठाता लेकिन राज ठाकरे के लिए अयोध्या के बहुत से लोगों की आवाज मुखर हो रही है। राज ठाकरे अयोध्या आए क्योंकि भगवान राम सबके हैं और अयोध्या आकर भगवान का दर्शन करें सरयू स्नान करें संतों का भी आशीर्वाद प्राप्त करें।
महंत अवधेश दास ने कहा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी जमकर आरोप लगाए कहा कि पूर्व में कोरोना काल के दौरान दिल्ली से उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को बाहर करने वाले मुख्यमंत्री केजरीवाल का विरोध डट कर करना चाहिए था लेकिन किसी ने विरोध नहीं किया। महामारी के दौरान दिल्ली से बिहार उत्तर प्रदेश के लोगों को भूखे और पानी के बिना मार डाला इसके बाद अयोध्या में आकर दर्शन पूजन करता है लेकिन कोई भी व्यक्ति विरोध नहीं करता है। तो वही दो टूक में संतो के समर्थन पर भी आरोप लगा दिया कि अयोध्या में संतों की कई श्रेणी है।