: देवर्षि शिखर सम्मान से सम्मानित होगें डॉ राघवाचार्य
Sun, Jul 17, 2022
मणिराम दास छावनी के पूर्वाचार्य आचार्य कृपाशंकर जी महाराज रामायणी के जन्मोत्सव पर विद्वान आचार्य मनीषियों को देवर्षि शिखर सम्मान से सम्मानित किया जाता है। इस बार का सम्मान 4 अगस्त को जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी डॉ राघवाचार्य जी महाराज को सम्मानित किया जाएगा।
: भगवान श्रीराम, सीता, भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न एवं हनुमान जी का होगा निष्क्रमण संस्कार
Sun, Jul 17, 2022
दक्षिण भारत के 21 वैदिक विद्वानों करेंगे हवन पूजन होगा 1 हजार घड़े से भगवान का दिव्य अभिषेक
प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के 48 दिन पूरे होने पर होगा तीन दिवसीय निष्क्रमण संस्कार
अयोध्या। भगवान राम समेत तीनों भाईयों का नामकरण संस्कार जहां गुरु वशिष्ठ ने कराया था उस श्री राम लला सदन देवस्थानम जो रामजन्मभूमि मंदिर मे निकट स्थित है। उस श्री राम लला सदन देवस्थानम के पीठाधीश्वर जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी डॉ राघवाचार्य जी महाराज के संयोजन में एक जून को पंच दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव मनाया गया था जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सम्मिलित हुए थे। प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के 48 दिन पूरे होने पर भगवान श्रीराम, सीता, भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न एवं हनुमान जी महाराज का 19,20, 21 जुलाई को तीन दिवसीय निष्क्रमण संस्कार मनाया जाएगा। इसमें दक्षिण भारत के 21 वैदिक विद्वानों द्वारा हवन पूजन के साथ 1000 घड़े जल से भगवान का अभिषेक किया जाएगा। जिसमें देश के कोने कोने से प्रतिष्ठित विद्वान सम्मिलित होंगे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वृंदावन धाम के श्रीरंग मंदिर के पीठाधीश्वर महंत श्री गोवर्धन रंगाचार्य जी महाराज भगवान के निष्क्रमण संस्कार में उपस्थित रहेंगे। इस मंदिर की ऐसी मान्यता है कि यहां चक्रवर्ती सम्राट दशरथ जी महाराज ने अपने चारों बालकों का नामकरण संस्कार करवाया था। जो वर्तमान समय में भी इस मंदिर में बालकों का नामकरण संस्कार किया जाता है।
श्री राम लला सदन देवस्थानम के पीठाधीश्वर प्रख्यात कथा व्यास एवं रामानुज संप्रदाय के शीर्ष आचार्य जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी डॉ राघवाचार्य जी महाराज ने बताया भगवान का तीन दिवसीय निष्क्रमण महोत्सव जिसमें 19 जुलाई को मृदा हरण एवं अंकुरापर्ण, 20 जुलाई को सुदर्शन होम एवं घट स्थापना और 21 जुलाई को 1000 घड़े जल से भगवान का अभिषेक किया जाएगा। शाम को भगवान का कल्याण महोत्सव "विवाह महोत्सव" मनाया जाएगा और 22 जुलाई को भंडारे का आयोजन किया जाएगा। जगद्गुरु जी महाराज ने बताया निष्क्रमण संस्कार का अभिप्राय है बाहर निकलना। इस संस्कार में भगवान को सूर्य तथा चन्द्रमा की ज्योति दिखाने का विधान है। भगवान् भास्कर के तेज तथा चन्द्रमा की शीतलता से शिशु रूपी भगवान को अवगत कराना ही इसका उद्देश्य है।
: जगतगुरु परमहंस आचार्य राष्ट्र गुरू सम्मान से हुए सम्मानित
Thu, Jul 14, 2022
हिंदू राष्ट्र का मेरा अभियान आज एक राष्ट्रव्यापी आंदाेलन बन चुका है:जगतगुरु परमहंस
अयाेध्या। तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य काे राष्ट्र गुरू सम्मान से सम्मानित किया गया। बुधवार काे श्रीशंकराचार्य सनातन दशनाम गाेस्वामी अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नानक चंद महाराज दिल्ली, महाराष्ट्र षडदर्शन साधु समाज अध्यक्ष श्रीमहंत मनाेहर पुरी और वृंदावन धाम से आचार्य महामंडलेश्वर महंत धर्मेंद्र गिरि आधा दर्शन संताें के साथ अयोध्या पहुंचे। जहां उन्होंने तपस्वी जी की छावनी, रामघाट जाकर जगतगुरु परमहंस आचार्य काे तिरंगा ओढ़ाकर राष्ट्र गुरू सम्मान से सम्मानित किया। सम्मान पाकर परमहंसाचार्य बहुत ही अभिभूत दिखे। उन्होंने कहा कि इसके लिए मैं सभी सनातनियों का आभारी हूं। भारत काे हिंदू राष्ट्र घोषित कराने के लिए सबसे पहले मेरे द्वारा मुहिम व अभियान की शुरुआत की गई। जाे आज एक राष्ट्रव्यापी आंदाेलन बन चुका है और राष्ट्र की आवश्यकता भी है। राष्ट्र की एकता, अखंडता, मानवता, संविधान, संस्कृति एवं अदालतों की रक्षा के लिए आवश्यक है कि भारत हिंदू राष्ट्र बने। परमहंस आचार्य ने कहा कि हिंदू राष्ट्र के मांग की शुरूवात मेरे द्वारा की गई है। इसलिए साधु-संताें ने मुझे तिरंगा झंडा ओढ़ाकर राष्ट्र गुरू सम्मान से सम्मानित किया है। चूंकि आज गुरू पूर्णिमा का पावन पर्व है। गुरू पूर्णिमा गुरू-शिष्य का एक जाे हमारी अनादिकालीन वैदिक परंपरा है। जिस तरह से माता-पिता का जीवन में स्थान है। उसी तरह गुरू का स्थान सर्वाेपरि बताया गया है। गुरू पूर्णिमा के अवसर पर मुझे राष्ट्र गुरू सम्मान मिला है। भारत काे हिंदू राष्ट्र घोषित कराने के लिए मैं तन, मन और धन से प्रयास करूंगा। 2024 तक संभावना है भारत हिंदू राष्ट्र बन जायेगा। श्रीशंकराचार्य सनातन दशनाम गाेस्वामी अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नानक चंद महाराज ने कहा कि जगतगुरु परमहंस आचार्य काे हम संताें ने तिरंगा झंडा ओढ़ाकर राष्ट्र गुरू सम्मान से सम्मानित किया है। साथ ही भारत काे हिंदू राष्ट्र घोषित कराने के लिए हम सभी संत-धर्माचार्य उनके साथ हैं और कदम से कदम मिलाकर चलेंगे। भारत जरूर हिंदू राष्ट्र बनेगा।