Thursday 7th of May 2026

ब्रेकिंग

आईएमए की आड़ में बदनाम अस्पताल संचालक ने ओढ़ी ईमानदारी की चादर, सोशल मीडिया से पोस्ट गायब होते ही तेज हुई चर्चाएं

हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर भक्तों की सेवा में जुटे महंत संजय दास ने ORS व जूस का वितरण; श्रद्धा और भक्ति से सराबोर दिखी

बंगाल ने पहली बार खुलकर ली सांस, श्रेय अमित शाह को: बृजभूषण शरण सिंह

पीएम मोदी-गृहमंत्री अमित शाह की रणनीति व सुनील बंसल के क्रियान्वयन से हुई बंगाल विजय: ऋषिकेश 

श्रद्धालुओं के साथ हर किसी आमजन को हनुमानजी महाराज का दिव्य प्रसाद भोजन के रुप मे उपलब्ध करा रहें महंत बलराम दास

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

: भगवान श्रीराम का चरित्र दर्पण के समान है जिसमें अपने आपको देखकर सुधार करो :शक्तिपीठाधीश्वर

बमबम यादव

Tue, Nov 14, 2023

प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग में दीपोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित महालक्ष्मी कुमकुम पूजा अपने शवाब पर, दर्जनों वैदिक आचार्य कर रहे मंत्र जाप

अयोध्या। भगवान श्री राम की नगरी में पहली बार दीपावली के अवसर पर महालक्ष्मी का हो रहा है कुमकुम पूजा अर्चना और साथ में महालक्ष्मी मंत्र से प्रतिदिन हवन कुंड में डाली जा रही हैं आहुतियां जो 15 नवंबर तक चलेगा जिसमें वैदिक आचार्यों द्वारा महामंत्र जाप अनवरत हो रहा है।
दक्षिण भारत की सुरम्य पहाड़ियों के बीच बसा हुआ नगर कृष्णगिरी कर्नाटक में स्थित पद्मावती शक्तिपीठ तीर्थधाम के पीठाधीश्वर वसंत विजय महाराज सानिध्य में वैदिक विद्वान कर रहे हैं पूजन। राम राज्याभिषेक कथा के अष्टम दिवस शक्तिपीठ तीर्थधाम के पीठाधीश्वर वसंत विजय महाराज ने कहा कि ने कहा कि भगवान अनंत हैं, उनका चरित्र अनंत है, उनकी लीला अनंत है। फिर भी भगवान के उन अनंत चरित्रों में जितना चरित्र चिंतन हम कर लें, उससे हमारे चरित्र का निर्माण होता है। भगवान के चरित्र का चिंतन करने का उद्देश्य यही है कि हमारा चरित्र सुधर जाए। भगवान का चरित्र वो दर्पण है, जिस दर्पण में हम अपना सुधार कर लें। दर्पण कभी झूठ नहीं बोलता। दर्पण के सामने खड़े होकर हम गड़बड़ को सुधार करते हैं, उसी प्रकार भगवान श्रीराम का चरित्र ऐसा निर्मल दर्पण है, जिस दर्पण में हम अपने चरित्र को देखें कि हमारी क्या गलतियां हैं, रामजी ने क्या किया वो हम करें, या उन्होंने क्या नहीं किया वो हम ना करें, यह देखकर रामचरित्र के दर्पण में हम अपने जीवन का सुधार कर लें, यही कथा सुनने का फल है। अपने आपको हम पवित्र कर लेंगे। पूज्य स्वामीजी जी ने कहा कि संसार के लोग व्यवहार को देखते हैं, लेकिन भगवान भाव को देखते हैं। आपका भाव बहुत अच्छा हो, लेकिन व्यवहार में आप चूक गए तो संसार में आप सफल नहीं हो सकते और अगर भगवान के साथ व्यवहार में चूक गए तो कोई बात नहीं, यदि भाव आपका ठीक रहा तो काम चल जाएगा।इस महोत्सव में हजारों भक्त व संता साधक मौजूद रहें।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें