: अब रामनगरी में दक्षिण भारतीय लजीज भोजन का भी लुप्त उठा सकेंगे रामभक्त
Fri, Mar 29, 2024
हनुमान किला में खुला उडुपी किचन, दक्षिण भारतीय कारीगरों से निर्मित होगा लजीज व्यजंन
अतिथियों का आशीर्वाद लेते उडुपी किचन के संचालक शशिकांत शर्मा
उडुपी किचन का मुख्य उद्देश्य रामभक्तों की सेवा सत्कार: शशिकांत शर्मा
अयोध्या। नवंबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने रामलला के पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया। ट्रस्ट ने मंदिर निर्माण प्रारंभ कर दिया 22 जनवरी 2024 को प्रभु श्री राम लला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हुए जिसमें देश के प्रधानमंत्री के साथ-साथ पूरे विश्व से साधु संत, उद्योगपति फिल्म जगत के लोग प्राण प्रतिष्ठा में शामिल हुए। उसके साथ-साथ निरंतर अयोध्या में उनका आना जारी रहा मंदिर निर्माण के साथ-साथ अयोध्या एक बड़े उद्योग का हब बनता जा रहा है। क्योंकि एक लाख से अधिक लोग प्रतिदिन अयोध्या में आ रहे है। इसी को देखते सेवा और उद्योग के लिए पूरे विश्व के लोग अयोध्या के तरफ आकर्षित हो रहे हैं और आकर के यहां अपने प्रतिष्ठान के साथ सेवा भी कर रहे हैं। इसी क्रम में बाईपास हनुमान गुफा तिराहा पर स्थित श्री संकट मोचन हनुमान किला में सेवा के उद्देश्य से अयोध्या उडुपी किचन का उद्घाटन हनुमानगढ़ी महंत रामकुमार दास और आश्रम के पीठाधीश्वर महंत परशुराम दास व श्री राम कथा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता चंद्रांशु महाराज ने किया। इस दौरान मुख्य अतिथि अयोध्या के सांसद लल्लू सिंह और अयोध्या के मेयर महंत गिरिश पति त्रिपाठी भी मौजूद रहे। अतिथियों का स्वागत अयोध्या उडुपी किचन के संचालक शशिकांत शर्मा , रविकांत कामत नीरज सी जैन ने किया।
इस अवसर पर सांसद लल्लू सिंह ने बताया कि अयोध्या त्रेता युग से सेवा के लिए जानी जाती है। राजा दशरथ प्रभु श्री राम का पूरा वंशज ब्राह्मण संत गौ माता की रक्षा करता थे उनकी सेवा करता थे। 500 वर्षों के संघर्षों के बाद वह मंदिर में विराजमान हो गए हैं तो पूरा भारत के लोग अयोध्या में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उसी में शशिकांत शर्मा भी आज से सम्मिलित हो गए हैं जो दक्षिण भारत के व्यंजन का स्वाद अयोध्या में आने वाले श्रद्धालुओं को कराएंगे। महंत रामकुमार दास ने कहा कि यह बहुत पुनीत कार्य है। महंत परशुराम दास ने बताया कि आश्रम में अन्नक्षेत्र पहले से था, अब श्रद्धालु दक्षिण भारत के व्यंजन का स्वाद लेंगे। शशिकांत शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया और कहां की अयोध्या में इडली डोसा सांभर चावल दाल रसम जैसे दर्जनों प्रकार के व्यंजनों से श्रद्धालुओं की सेवा करूंगा। इस अवसर परश्रीराम जन्म भूमि से जुड़े गोपाल जी, तेरह भाई त्यागी खाक चौक मंदिर मुख्य पुजारी महंत रामचरण दास ,हनुमानगढ़ी के मुख्य पुजारी रमेश दास, महंत विजय राम दास,एमबीदास ने सभी को आशीर्वाद दिया ज्वाला सोनी सहित सैकड़ो लोग मोजूद रहे।
उडुपी किचन के उद्घाटन के बाद,किचन के बारे में जानकारी लेते सांसद लल्लू सिंह
उडुपी किचन का उद्घाटन फीताकर करते महंत रामकुमार दास व सांसद लल्लू सिंह
: बड़ा भक्त माल मंदिर में फूलों की होली, जमकर उड़े फूल गुलाल
Tue, Mar 26, 2024
गायन-वादन के बीच संतों ने एक-दूसरे से होली खेली, भव्य दरबार सजा
रसिक संत जन ठाकुर जी संग फूलों एवं अबीर-गुलाल की होली खेलते हैं और भाव के अनतरंग में आनंदित होते है: महंत अवधेश दास
अयोध्या।रामनगरी में होली का उत्सव दो दिन मनाया जा रहा है। बड़ा भक्त माल मंदिर के दरबार में गायन-वादन के बीच संत एक-दूसरे को गुलाल लगा रहे हैं। होली भगवान श्रीराम की दिव्य होली के रुप में धूमधाम से मनाया गया। साधु संतो की माने तो इस दिन वह किसी और के साथ नहीं बल्कि साक्षात् भगवान् राम के साथ ही होली खेलते है। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठ श्री बड़ा भक्त माल मंदिर में संतों ने फूलो की होली खेली।रंगोत्सव से पूरा मंदिर प्रांगण पुलकित रहा। महोत्सव को पीठ के पीठाधीश्वर महंत अवधेश दास जी महाराज सानिध्य प्रदान कर रहे थे। उसके बाद संतों ने फूलों की होली खेली। यह दृश्य देखकर सभी हर्षोल्लासित हो उठे। मंदिर में मौजूद साधु-संत, भक्तगणों ने एक-दूसरे पर फूल उड़ायें। पूरा माहौल भक्तिमय वातावरण में रंगा रहा। मंदिर परिसर श्रद्धालु और संतों से भरा हुआ था। रामनगरी के नामचीन कलाकारों ने होली खेलें रघुवीरा अवध में....आदि अनेकानेक होली गीत गाकर उत्सव में चार-चांद लगा दिया। उन्होंने उत्सव की महफिल सजा दी। इससे साधुसंत, भक्तगण मंत्रमुग्ध हो गए। गायन-वादन के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर श्रीमहंत अवधेश दास जी ने कलाकारों को न्यौछावर भी भेंट किया। आये हुए अतिथियों का स्वागत भी किया।
श्रीमहंत अवधेश दास जी ने कहा कि मंदिर में फूलों की होली का कार्यक्रम हुआ। जिसमें संत साधकों ने जमकर खेली है। हम सब रसिक संत जन ठाकुर जी संग फूलों एवं अबीर-गुलाल की होली खेलते हैं और भाव के अनतरंग में आनंदित भी होते हैं। हम सबने भगवान युगल सरकार जी के संग अबीर-गुलाल, फूलों की होली खेली। इस अवसर पर जानकी घाट बड़ा स्थान के पीठाधीश्वर महंत जन्येजय शरण, बावन मंदिर पीठाधीश्वर महंत वैदेही बल्लभ शरण, जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य, जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी डा राघवाचार्य जी, तुलसी छावनी के महंत जनार्दन दास, डांडिया मंदिर के महंत गिरीश दास सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।
बड़ा भक्त माल मंदिर में फूलों की होली का आनंद लेते बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर महंत अवधेश दास व संत महंत
: श्री दशरथ जी के राज महल बड़ा स्थान में संतों ने ठाकुरजी संग खेली फूलों की होली
Sat, Mar 23, 2024
हम सब रसिक संत जन ठाकुर जी संग फूलों एवं अबीर-गुलाल की होली खेलते हैं: महंत रामभूषण दास कृपालु
अयोध्या। रामनगरी की होली भगवान श्रीराम की दिव्य होली के रुप में धूमधाम से मनाया जा रहा है। भगवान राम की नगरी अयोध्या में फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को रंगभरी एकादशी से होली के उत्सव का धमाकेदार आगाज हो गया है। अयोध्या में होली के कई रंग दिखते है। साधु संतो की माने तो इस दिन वह किसी और के साथ नहीं बल्कि साक्षात् भगवान् राम के साथ ही होली खेलते है। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठ श्री दशरथ जी के राज महल बड़ा स्थान मंदिर में संतों ने फूलो की होली खेली।रंगोत्सव से पूरा मंदिर प्रांगण पुलकित रहा। महोत्सव को पीठ के पीठाधीश्वर महंत विंदुगद्याचार्य स्वामी देवेंद्र प्रसादाचार्य जी महाराज सानिध्य प्रदान कर रहे थे। उसके बाद संतों ने फूलों की होली खेली। यह दृश्य देखकर सभी हर्षोल्लासित हो उठे। मंदिर में मौजूद साधु-संत, भक्तगणों ने एक-दूसरे पर फूल उड़ायें। पूरा माहौल भक्तिमय वातावरण में रंगा रहा। मंदिर परिसर श्रद्धालु और संतों से भरा हुआ था। रामनगरी के नामचीन कलाकारों ने होली खेलें रघुवीरा अवध में....आदि अनेकानेक होली गीत गाकर उत्सव में चार-चांद लगा दिया। उन्होंने उत्सव की महफिल सजा दी। इससे साधुसंत, भक्तगण मंत्रमुग्ध हो गए। गायन-वादन के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। विंदुगद्याचार्य जी ने कलाकारों को न्यौछावर भी भेंट किया। आये हुए अतिथियों का स्वागत विंदुगद्याचार्य जी के कृपापात्र शिष्य मंगल भवन पीठाधीश्वर महंत रामभूषण दास कृपालु जी ने किया।
फूलों की होली खेलते संत
महंत रामभूषण दास कृपालु जी ने कहा कि मंदिर में फूलों की होली का कार्यक्रम हुआ। जिसमें संत साधकों ने जमकर खेली है। हम सब रसिक संत जन ठाकुर जी संग फूलों एवं अबीर-गुलाल की होली खेलते हैं और भाव के अनतरंग में आनंदित भी होते हैं। हम सबने भगवान घनुषधारी जी के संग अबीर-गुलाल, फूलों की होली खेली। इस अवसर पर लक्ष्मण किला के महंत मैथिली रमण शरण, श्रीरामवल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास, मंगल भवन के महंत रामभूषण दास कृपालु, राम कचेहरी चारो धाम के महंत शशिकांत दास, तुलसी छावनी के महंत जनार्दन दास, जगदगुरू रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य, डांडिया मंदिर के महंत गिरीश दास, दिगंबर अखाड़ा के महंत, भाजपा के वरिष्ठ नेता अभिषेक मिश्र, महंत गंगा दास, पत्थर मंदिर के महंत मनीष दास आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।