: भगवान ऋषभदेव की जन्मजयन्ती पर निकली रथ यात्रा, हुआ मस्तिकाभिषेक
Wed, Apr 3, 2024
श्री दिगम्बर जैन मन्दिर में भगवान ऋषभदेव का पंचामृत अभिषेक
भगवान ऋषभदेव ने करोड़ो वर्ष पूर्व पुण्य धरा पर जन्म लिया एवं सम्पूर्ण विश्व को जीवन जीने की कला सिखाई: स्वामी रविन्द्र कीर्ति
अयोध्या। धर्मनगरी अयोध्या भूमि ऐसी है, जहां पर सभी धर्मों के बहुरंगी फूल खिले। हिंदू, जैन, बौद्ध, सिख, इस्लाम सब के सब इसके आंगन में पले-बसे और बड़े हुए। यह ऐसी पवित्र भूमि है जिसने सबको रिझाया। अयोध्या में जैन धर्म की भी जड़ें गहरी हैं।
पांच तीर्थंकरों की जन्मभूमि अयोध्या है। पहले तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव जी की जयंती धूमधाम से मनाई गई।जिसमें महामस्तकाभिषेक किया गया। भगवान के मस्तक पर जल, दूध, घी, दही, सर्वोपधि, पुष्पवृष्टि, हरिद्रा, केशर आदि का अभिषेक किया गया सारे विश्व में मंगल की कामना को लेकर भगवान के मस्तक पर की शांतिधारा इस अवसर पर सर्वप्रथम झण्डारोहण पूर्वक कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। बुधवार को रायगंज स्थित श्री ऋषभदेव बड़ी मूर्ति दिगम्बर जैन में भगवान आदिनाथ का जन्मोत्सव गणनी आर्यिका ज्ञानमती माता जी व गाणिनी आर्यिका प्रज्ञामती माताजी एवम् गणिनी आर्यिका सुप्रकाश मति माताजी व आर्यिका चंदनामती माता जी के सानिध्य में बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया। प्रातः मन्दिर में भगवान आदिनाथ के जयकारों के साथ प्रभात फेरी निकाली गयी।ततपश्चात भगवान आदिनाथ स्वामी को रथ पर विराजमान कर गाजे-बाजे के साथ एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई।रायगंज जैनमन्दिर से रथ भगवान के जन्मस्थान टोंक मन्दिर तक गया वहाँ पर भगवान का पंचामृत अभिषेक सम्पन्न किया गया।यात्रा बैंड बाजे के साथ संगीत मंडली एवं ध्वज लेकर के भक्तगण जय-जयकार के नारे लगाते हुए चल रहे थे। पीठाधीश स्वस्तिश्री रवीन्द्रकीर्ति स्वामी जी ने सबको बताया कि भगवान ऋषभदेव ने करोड़ो वर्ष पूर्व पुण्य धरा पर जन्म लिया एवं सम्पूर्ण विश्व को जीवन जीने की कला सिखाई। पक्रियाओं के द्वारा जीवन यापन करना बतलाया उनके प्रथम पुत्र भगवान भरत चक्रवर्ती के नाम पर इस देश का नाम भारत पड़ा। भगवान आदिनाथ का पंचामृत अभिषेक शांतिधारा पंडित विजय कुमार ने विधिविधान से सम्पन्न कराया।दोपहर में बड़ी मूर्ति का महा मस्तकाभिषेक अभिषेक,पंचामृत अभिषेक शांतिधारा किया गया। इस मौके पर अध्यक्ष पीठाधीश स्वामी रविन्द्र कीर्ति ,महामंत्री अमर चन्द्र जैन,ऋषभ जैन,लल्ला जैन,पंकज जैन,निदेश जैन,चन्दर जैन,घल्लन जैन,सिद्धार्थ जैन,रितेश जैन,मनोज जैन आदि मौजूद रहे।
: भक्तों को दर्शन में हो रही समस्याओं को लेकर हनुमानगढ़ी के संत चिंतित
Fri, Mar 29, 2024
कारपेट,पानी,टीन शेड की होगी व्यवस्था, डाक्टर के साथ एम्बुलेंस इमरजेंसी के लिए भक्तों की सेवा में रहेगी तैनात
प्रेसवार्ता करते महंत संजयदास व महापौर गिरीशपति त्रिपाठी
अधिकारियों के साथ बैठक करते संत
संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजयदास व गद्दीनशीनजी के शिष्य महंत डा महेश दास ने अधिकारी के साथ की बैठक
श्रृंगार हॉट बैरियर से हनुमानगढ़ी तक श्रद्धालुओं के लिए बिछाई जायेगी कारपेट, धूप से बचने के लिए लगेगा टीन सेट, पानी की होगी व्यवस्था साथ ही एक एम्बुलेंस इमरजेंसी डाक्टर साथ हमेशा रहेगी तैयार
अयोध्या। प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में उमड़ा जनसैलाब प्रतिदिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु अयोध्या आ रहे हैं। श्री राम जन्मभूमि में रामलला के दर्शन पूजन के साथ हनुमानगढ़ी पहुंचकर हनुमान जी महाराज दर्शन कर रहे हैं। यह संख्या कम होने के बजाय दिनों दिन बढ़ती जा रही है जिसको देखते हुए हनुमानगढ़ी मंदिर प्रबंधन ने प्रशासन से बात करके हनुमानगढ़ी में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्था की जाए नहीं तो कोई अप्रिय घटना घट सकती है। अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष धर्म सम्राट हनुमानगढ़ी के श्रीमहंत ज्ञान दास जी महाराज के शिष्य संकटमोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास ने प्रेस को बताया कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में दर्शनार्थियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है और अयोध्या में आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु हनुमान जी महाराज को प्रसाद चढ़ना चाहता और यह संख्या चैत्र रामनवमी में कई गुना बढ़ जाएगी इसलिए श्रृंगार हॉट बैरियर से हनुमानगढ़ी तक श्रद्धालुओं के लिए रोड पर कारपेट बिछाई जाए, धूप से बचने के लिए टीन सेट लगाया जाए पानी की व्यवस्था की जाए और एक एम्बुलेंस इमरजेंसी के लिए हनुमानगढ़ी पर खड़ी रहे जिसमें डॉक्टर प्राथमिक उपचार हो।
उन्होंने यह भी बताया यात्रियों के सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन भी व्यवस्था कर रहा है जल्द से जल्द निकासी द्वार चौड़ा हो जाएगा जिसमें सुगमता से आम श्रद्धालु दर्शन पूजन कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि डीएम व एसपी से बात हुई महापौर जी से बात हुई कुछ अधिकारी यहां बैठक में आए हुए हैं जिनके साथ वार्ता चल रही है और सब लोग आश्वासन दिए हैं सभी व्यवस्थाएं जल्द ही दुरुस्त कर ली जाएगी।हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन श्री महंत प्रेमदास महाराज के शिष्य महंत डॉ महेश दास महाराज ने बताया जबसे गर्मी बढ़ी है भीड़ के कारण कई श्रद्धालु मूर्छित हो गए हैं जिनको आश्रम में ले जाकर के पानी पिलाया गया हवा की व्यवस्था की गई तब जाकर के वह कुछ स्वस्थ्य हुए और अपने स्थान पर गए यह क्रम निरंतर जारी है ऐसे में प्रशासन से हम लोग मांग करते हैं की बुनियादी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाये जिससे श्रद्धालुओं को कोई परेशानी ना हो पानी, डॉक्टर यह सब उपलब्ध हूं और महिलाओं के लिए शौचालय की व्यवस्था कराई जाए। क्योंकि दर्शन में समय लगता है और सबसे बड़ी परेशानी माता बहनों को होती है। इस दौरान हनुमानगढ़ी के महंत बलराम दास,राजेश पहलवान,वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास, अभिषेक दास, पहलवान मनीराम दास,मुख्तार अजय श्रीवास्तव, शिवम श्रीवास्तव, भी उपस्थित रहे।
: गलत कामों से बचने की प्रेरणा देता है रमजान: सुल्तान
Fri, Mar 29, 2024
अभिराम वार्ड के लोकप्रिय पार्षद सुल्तान अंसारी ने कहा, लोगों की सेवा करना है उद्देश्य
कहा, रोजा झूठ हिंसा, बुराई, रिश्वत तथा अन्य तमाम गलत कामों से बचने की प्रेरणा देता
अयोध्या। कोई भी धर्म चाहे वह हिंदुमुस्लिम या ईसाई हो, सभी इंसान को इंसान बने रहना सिखाते हैं। इंसान चाहे कितना भी अमीर या गरीब हो धर्म के परचम तले अनुशासन ही सीखता है। मुल्क के संविधान के साथ अपने मजहबी कानून के अनुसार चलने वाला ही सच्चा मुसलमान है। रोजा ईश्वर की मुकम्मल आराधना है, जो हर मुसलमान का दायित्व है। रमजान बड़ी बरकतों का महीना है, अल्लाह की रहमतों का महीना है। उक्त बातें अभिराम वार्ड के लोकप्रिय पार्षद सुल्तान अंसारी ने कही। पार्षद सुल्तान अंसारी आज अपने क्षेत्र की जन समस्याओं को लेकर घरों में जाकर लोगों से उनकी समस्याओं के बारें में जानकारी कर रहें थे,और उन समस्याओं को दूर करने में पूरी तल्लीनता से लगे थे। उन्होंने कहा कि इस्लाम धर्म की पांच बुनियादी चीजों में एक रमजान भी है, इसकी खास अहमियत है। यह महीना इस्लाम के सबसे पाक महीने में शुमार किया जाता है। इसमें पूरे महीने अल्लाह की इबादत कर हम नेकी और सवाब की राह पर चलते हैं। साथ ही जिंदगी भी भर अच्छे काम करतें रहने का संकल्प लेते हैं। सुल्तान अंसारी ने कहा कि कुरान शरीफ में अल्लाह का हुक्म है कि रमजान का रोजा हर बालिग स्त्री और पुरुष पर फर्ज है। रोजा यानी तमाम बुराइयों से परहेज करना। सनातन और अन्य धर्मों में भी जैसे उपवास का महत्व है, वैसे ही इस्लाम में रोजा का। इसी तरह यदि किसी जगह लोग किसी की बुराई कर रहे हैं तो रोजेदार के लिए ऐसे स्थान पर खड़ा होना मना है। मुसलमान रोजा रखता है, ताकि उसके हृदय में भूखे व्यक्ति के प्रति हमदर्दी हमेशा बनी रहे। रमजान शरीफ में हर नेकी के बदले सवाब 70 गुना अधिक मिलने की बात कही गई है। रोजा झूठ हिंसा, बुराई, रिश्वत तथा अन्य तमाम गलत कामों से बचने की प्रेरणा देता। सुल्तान गंगा जमुनी तहजीब की मिशाल मोहम्मद इरफान अंसारी नन्हे मिंया के पुत्र है। नन्हे मिंया को मुसलमान ही नही हिंदू भी बहुत मानता है। क्योंकि हर किसी के सुख दुख में खड़े रहना और लोगों की बढ़चढ़ कर मदद करना नन्हे मिंया में कूटकूट कर भरा है। अपने पिता की इस विरासत को आगे बढ़ाने का जिम्मा उनके पुत्र मोहम्मद इमरान अंसारी व सुल्तान अंसारी ने उठा रखा है।