: शिद्दत से शिरोधार्य हुए श्रीलालसाहेब दरबार के पूर्वाचार्यों
Sat, Nov 30, 2024
शिद्दत से शिरोधार्य हुए श्रीलालसाहेब दरबार के पूर्वाचार्योंपूर्वाचार्य हम लोगों के बीच नही हैं, लेकिन उनकी यश-कीर्ति हमेशा हम सबके साथ रहेगी: श्रीमहंत रामनरेश दासअयोध्या। रामनगरी के कनक भवन प्रांगण में स्थित सिद्धपीठ श्रीलालसाहेब दरबार के पूर्वाचार्यों महंत जानकी जीवन शरण की 26वीं, महंत रामकृपाल शरण की 22वीं एवं महंत जानकी शरण महाराज की 5वीं पुण्यतिथि पर संतों ने नमन किया। मंगलवार को मठ में पूर्व आचार्यों की पुण्यतिथि निष्ठापूर्वक मनाई गई। श्रद्धांजलि सभा में रामनगरी समेत अन्य प्रांतों से पधारे हुए संत-महंतों ने साकेतवासी महंतों की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित कर शिद्दत से याद किया। संतों ने उनके कृतित्व- व्यक्तित्व का बखान भी किया। श्रीलालसाहेब दरबार के वर्तमान पीठाधीश्वर श्रीमहंत रामनरेश दास महाराज ने कहा कि मठ में पूर्वाचार्यों की पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। पूर्वाचार्यों ने आश्रम का सर्वांगीण विकास किया। जीवन भर मंदिर की उत्तरोत्तर समृद्धि में लगे रहे। उन्हीं की देन है कि आज आश्रम की गणना अयोध्यानगरी के प्रमुखतम पीठों में होती है। जहां भगवान की सेवा संग गौ, संत, विद्यार्थी, अतिथि सेवा सुचार रूप से चल रही है। सभी उत्सव, समैया और त्योहार परंपरागत रूप से मनाया जा रहा है। पूर्वाचार्य हम लोगों के बीच नही हैं। लेकिन उनकी यश-कीर्ति हमेशा हम सबके साथ रहेगी। भिवानी से पधारे महंत रामाश्रय शरण, लालसाहेब दरबार पीठाधिपति महंत रामनरेश शरण व तपोवन मंदिर रांची झारखंड के महंत ओमप्रकाश शरण द्वारा आए हुए संत महंतों का स्वागत-सत्कार किया गया। काफी संख्या में संत-महंत, भक्तजनों ने प्रसाद ग्रहण किया। पुण्यतिथि पर मणिरामदास दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास, वेदमंदिर के श्रीमहंत रामनरेश दास, महंत रामाश्रय शरण भिवानी, तपोवन मंदिर रांची झारखंड के महंत ओमप्रकाश शरण, श्रीमहंत धर्मदास हनुमानगढ़ी, महंत रामकरन दास, महंत रामलोचन शरण, महंत रामकुमार दास, महंत उद्धव शरण, महंत उत्तम दास, आचार्य लक्ष्मण शास्त्री, महंत अवधकिशोर शरण, महंत रामप्रिया शरण, महंत राजीवलोचन शरण, महंत रामनारायण दास, पूर्व पार्षद पुजारी रमेश दास, महंत रामगोविंद शरण, सुमित शरण, व्यास श्याम दास, संतदास, प्रियेश दास आदि संत- महंत, भक्तजन मौजूद रहे।
: मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम प्रभु के सभी जीवन चरित्र प्रेरणास्पद:महंत सुदर्शन दास
Fri, Nov 29, 2024
मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम प्रभु के सभी जीवन चरित्र प्रेरणास्पद:महंत सुदर्शन दाससिद्धपीठ श्रीकरूणानिधान भवन में श्रीसीताराम विवाहोत्सव का हुआ शुभारंभअयोध्या। भगवान श्रीसीताराम विवाहोत्सव के पावन अवसर पर गुरुवार को सिद्धपीठ श्रीकरूणानिधान भवन रामकोट में नव दिवसीय श्रीरामकथा का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा महोत्सव को श्रीकरूणानिधान भवन के वर्तमान पीठाधीश्वर श्रीमहंत रामजी दास महाराज सानिध्यता प्रदान कर रहे हैं। व्यासपीठ पर विराजमान वृंदावन धाम से पधारे प्रख्यात कथाव्यास महंत सुदर्शन दास महाराज ने श्रीरामकथा के प्रथम दिवस भक्तजनों को रसास्वादन कराते हुए कहा कि हम सभी जीव प्रभु के अंश एवं प्रभु ही हमारे अंशी हैं। जीवन में बिना प्रभु भक्ति कुछ भी संभव नहीं है। अतः हमें निरंतर प्रभु के स्मरण चिंतन भजन में लगे रहना चाहिए। महाराज श्री ने कहा कि 5 सौ वर्षों बाद प्रभु श्रीरामलला अपने निज मंदिर में विराजमान हो गए हैं। यह बड़ा ही सौभाग्य है। हम प्रभु श्रीराम का दर्शन उनके निज मंदिर में कर रहे हैं। सभी मनुष्यों को मानवता की शिक्षा देने के लिए प्रभु मनुष्य रूप में सप्त पुरियो में प्रतिष्ठित श्रीअवधपुरी में पधारते हैं। भगवान श्रीराम के जीवन चरित्रों में से एक चरित्र भी हम अपने अंदर उतार लें। तो निश्चित ही हमारे मानव जीवन में कली का प्रभाव व्याप्त नहीं होगा। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम प्रभु के सभी जीवन चरित्र प्रेरणास्पद हैं। श्री अवधपुरी में एक क्षण निवास कर लेने से करोड़ों जन्मों के हमारे पाप नष्ट होते और पुण्य उदित हो जाते हैं। इससे पहले कथा के यजमान द्वारा व्यासपीठ की भव्य आरती उतारी गई। अंत में कथा के विश्राम पर प्रसाद वितरित हुआ। इस पर करूणानिधान भवन के अधिकारी महंत रामनारायण दास महाराज समेत बड़ी संख्या में साधु-संत एवं भक्तजन अमृतमयी श्रीरामकथा का रसपान कर अपना जीवन कृतार्थ कर रहे थे।
: बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार शर्मनाकः आचार्य राजानंद
Fri, Nov 29, 2024
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार शर्मनाकः आचार्य राजानंदराम हर्षण कुंज में कथा व्यास शोभा राम दास को दी गई श्रीराम कथा मर्मज्ञ की उपाधिरामलला अयोध्या सेवा समिति अध्यक्ष प्रख्यात ज्योतिष शास्त्री आचार्य राजानंद शास्त्री ने कहा, भारत के कई राज्यों में हिंदुत्व कमजोर, इससे उबरना होगाअयोध्या। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठों में शुमार राम हर्षण कुंज के सिद्ध सदन में चल रहे श्रीरामकथा की समापन बेला पर कथाव्यास शोभा राम दास जी को रामलला अयोध्या सेवा समिति अध्यक्ष प्रख्यात ज्योतिष शास्त्री आचार्य राजानंद शास्त्री ने श्रीराम कथा मर्मज्ञ की उपाधि दी। इस सम्मान समारोह को सम्बोधित करते हुए रामलला अयोध्या सेवा समिति अध्यक्ष आचार्य राजानंद शास्त्री ने कहा कि भारत के कई राज्यों में हिंदुत्व कमजोर हुआ है। भारत में सनातन धर्म की रक्षा के लिए हमें इससे उबरना होगा। हम सबका प्रयास है कि बांग्लादेश में संत चिन्मय दास सहित हिंदुओं पर अत्याचार की दुखद तस्वीरें दिख रही हैं। भारत हमेशा के लिए इससे अछूता रहे। इन्हीं बिंदुओं को लेकर बागेश्वर धाम के आचार्य की अगुवाई में हिंदुत्व एकता यात्रा चल रही है। इसमें अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास जी 9 दिन से शामिल हैं। संत सनातन धर्म की रक्षा और विकास को लेकर चिंतित हैं।उन्होंने कहा कि अब भारत के कुछ ही राज्य ऐसे हैं जहां सनातन धर्म सिर उठाकर खड़ा है। हमें वह बोर्ड नहीं चाहिए जहां महिलाओं, धर्म ग्रंथों का सम्मान न हो। हम जातियों में बंट कर साजिश का शिकार हो रहे हैं। इससे सावधान होने का समय आ गया है। नहीं तो इतिहास हमें कभी माफ नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास हिंदुत्व को लेकर हमेशा मुखर रहते हैं। संत देवकीनंदन ठाकुर ने सनातन सम्मेलन में भी उन्होंने सनातन धर्म को लेकर अपना संकल्प दोहराया। हिन्दूराष्ट्र घोषित होना सनातन बोर्ड का गठन होना अति आवश्यक हैं। साथ ही बागेश्वर सरकार धीरेन्द्र शास्त्री एवम् हनुमानगढ़ी महन्त राजूदास जी महाराज के हिन्दुत्व की भावना और सनातन के प्रति समर्पण को नमन कर प्रत्येक सनातनी को साथ देने की जरूरत है। इससे पहले डॉ. आचार्य राजानन्द शास्त्री आज बागेश्वर सरकार की पद यात्रा से अयोध्या श्री रामलला एवम् हनुमानगढ़ी हनुमानजी महाराज के दर्शन करने आए थे। इसी दौरान रामहर्षण कुंज के सिद्धि सदन में चल रही भवानी शंकर यशोदा के द्वारा आयोजित शोभाराम दास महाराज की राम कथा में भी शामिल हुए। इसी दौरान कथा व्यास रामशोभा राम दास श्रीराम कथा मर्मज्ञ की उपाधि भी सन्तजनों की उपस्थिति में प्रदान की गई।