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: मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम प्रभु के सभी जीवन चरित्र प्रेरणास्पद:महंत सुदर्शन दास

बमबम यादव

Fri, Nov 29, 2024
मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम प्रभु के सभी जीवन चरित्र प्रेरणास्पद:महंत सुदर्शन दास सिद्धपीठ श्रीकरूणानिधान भवन में श्रीसीताराम विवाहोत्सव का हुआ शुभारंभ अयोध्या। भगवान श्रीसीताराम विवाहोत्सव के पावन अवसर पर गुरुवार को सिद्धपीठ श्रीकरूणानिधान भवन रामकोट में नव दिवसीय श्रीरामकथा का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा महोत्सव को श्रीकरूणानिधान भवन के वर्तमान पीठाधीश्वर श्रीमहंत रामजी दास महाराज सानिध्यता प्रदान कर रहे हैं। व्यासपीठ पर विराजमान वृंदावन धाम से पधारे प्रख्यात कथाव्यास महंत सुदर्शन दास महाराज ने श्रीरामकथा के प्रथम दिवस भक्तजनों को रसास्वादन कराते हुए कहा कि हम सभी जीव प्रभु के अंश एवं प्रभु ही हमारे अंशी हैं। जीवन में बिना प्रभु भक्ति कुछ भी संभव नहीं है। अतः हमें निरंतर प्रभु के स्मरण चिंतन भजन में लगे रहना चाहिए। महाराज श्री ने कहा कि 5 सौ वर्षों बाद प्रभु श्रीरामलला अपने निज मंदिर में विराजमान हो गए हैं। यह बड़ा ही सौभाग्य है। हम प्रभु श्रीराम का दर्शन उनके निज मंदिर में कर रहे हैं। सभी मनुष्यों को मानवता की शिक्षा देने के लिए प्रभु मनुष्य रूप में सप्त पुरियो में प्रतिष्ठित श्रीअवधपुरी में पधारते हैं। भगवान श्रीराम के जीवन चरित्रों में से एक चरित्र भी हम अपने अंदर उतार लें। तो निश्चित ही हमारे मानव जीवन में कली का प्रभाव व्याप्त नहीं होगा। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम प्रभु के सभी जीवन चरित्र प्रेरणास्पद हैं। श्री अवधपुरी में एक क्षण निवास कर लेने से करोड़ों जन्मों के हमारे पाप नष्ट होते और पुण्य उदित हो जाते हैं। इससे पहले कथा के यजमान द्वारा व्यासपीठ की भव्य आरती उतारी गई। अंत में कथा के विश्राम पर प्रसाद वितरित हुआ। इस पर करूणानिधान भवन के अधिकारी महंत रामनारायण दास महाराज समेत बड़ी संख्या में साधु-संत एवं भक्तजन अमृतमयी श्रीरामकथा का रसपान कर अपना जीवन कृतार्थ कर रहे थे।

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