: राम मंदिर आन्दोलन का केंद्र रहा जानकी महल ट्रस्ट : योगी आदित्यनाथ
Fri, Dec 6, 2024
राम मंदिर आन्दोलन का केंद्र रहा जानकी महल ट्रस्ट : योगी आदित्यनाथकहा, हमारे गुरु जी व मंदिर आन्दोलन से जुड़े कारसेवकों की आश्रय स्थली के साथ जानकी महल ट्रस्ट ने मंदिर आन्दोलन में बड़ी भूमिका निभाई हैसीताराम विवाह महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री, भगवान को लगाया तिलक, भेंट किया अंग वस्त्र व चांदी के सिक्केसनातन धर्म की रक्षा और भारत को विकास के परम वैभव तक पहुंचाने का होना चाहिए ध्येयअयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सामर्थ्य के अनुसार देश व धर्म के लिए कुछ करने के साथ ही समाज और हर एक को जोड़ने की आवश्यकता है। देश है तो धर्म है, धर्म है तो हम सब हैं। हमारा ध्येय सनातन धर्म की रक्षा और भारत को विकास के परम वैभव तक पहुंचाने का होना चाहिए। सीएम ने जाति के नाम पर बांटने वालों से बचने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आन्दोलन का केंद्र रहा जानकी महल ट्रस्ट,हमारे गुरु जी व मंदिर आन्दोलन से जुड़े कारसेवकों की आश्रय स्थली के साथ जानकी महल ट्रस्ट ने मंदिर आन्दोलन में बड़ी भूमिका निभाई है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को जानकी महल में आयोजित श्रीरामजानकी विवाह उत्सव में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार का भव्य आयोजन आज जनकपुर धाम में भी हो रहा है। छह वर्ष पूर्व भारत व यूपी सरकार के योजनान्तर्गत विवाह पंचमी पर जनकपुर धाम में जाने और मां जानकी के भव्य मंदिर के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। आज जानकी महल में विवाह पंचमी कार्यक्रम में फिर से जुड़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहाकि श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन के दौरान इसे नई ऊंचाई तक पहुंचाने में यह महत्वपूर्ण केंद्र बिंदु था। मेरे पूज्य गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ जी महाराज रामजन्मभूमि आंदोलन से संबंधित किसी महत्वपूर्ण बैठक या आंदोलन के लिए आते थे तो अक्सर वे रात्रि विश्राम जानकी महल में ही करते थे। यह अनेक पूज्य संतों व आयोजनों का केंद्र बिंदु रहा है।
सीएम योगी ने कहा कि यह वर्ष बहुत महत्वपूर्ण रहा। जब 22 जनवरी 2024 को पीएम मोदी के करकमलों से अयोध्या धाम में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम लला के रूप में विराजमान हो चुके हैं। भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया में कोई भी ऐसा सनातन धर्मावलंबी नहीं था, जो उस क्षण से वंचित हुआ हो। कोई यहां उपस्थित हुआ तो किसी ने श्रव्य-दृश्य माध्यम से उस पल को देखा-सुना। 500 वर्ष तक चले संघर्षों का सामना करते-करते कई पीढ़ियां चली गईं, लेकिन यह सौभाग्य हमारे भाग्य में था कि फिर से भव्य मंदिर में रामलला को विराजमान होते हमने देखा है। 22 जनवरी को हर सनातन धर्मावलंबी उत्साहित और पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित कर रहा था।
सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले की अयोध्या में बमुश्किल चार से पांच घंटे बिजली मिलती थी। यहां साफ-सफाई की उचित व्यवस्था नहीं थी। राम की पैड़ी में सरयू जी का जल सड़ता था। लोग उसी में स्नान कर पाते थे। एयर, रेल, सड़क कनेक्टिविटी अच्छी नहीं थी। अब तो न केवल सड़क, बल्कि रेल व वायुमार्ग से अयोध्या का अच्छा जुड़ाव हो चुका है। जल मार्ग पर भी हमारा सर्वे का कार्य चल रहा है। व्यवसाय और प्रोडक्ट को दुनिया के मार्केट तक पहुंचाने के लिए जल मार्ग आसान हो सकता है। संकरी गलियां चौड़ी हो रही हैं। अब राम की पैड़ी स्वच्छ हो गई है। हर स्तर पर विकास कार्य निरंतर बढ़ते दिख रहे हैं। श्रीराम ने महाराजा दशरथ से कहा कि आपका वचन मेरी प्रतिज्ञा है। अपने लिए नहीं, बल्कि सनातन धर्म व देश के लिए जो अच्छा है, वह करुंगा। श्रीराम ने14 वर्ष का वनवास स्वीकार किया। उन्होंने निषादराज को गले से लगाया, चित्रकूट में कोल, वनवासी, गिरवासी से जुड़े। 12 वर्ष चित्रकूट में रहे, भारत के ज्ञान और विरासत के प्रतिनिधि होने के कारण ऋषि-मुनियों को अभय प्रदान किया। उस समय दंडकारण्य को राक्षस विहीन किया। उन्होंने रामेश्वर में ज्योतिर्लिंग की स्थापना की। आज भी हम रामेश्वर में दर्शन करते हैं। उन्होंने सेतुबंध का निर्माण किया और धरती मां को राक्षस विहीन किया। सीएम योगी ने कहा कि 14 वर्ष बाद अयोध्या आने से पहले श्रीराम ने हनुमान जी को भेजा कि जाओ, देखो- ऐसा तो नहीं कि भरत को राज्य का मोह हो गया हो, यदि वह राजा रहना चाहते हों तो मैं अयोध्या वापस नहीं जाऊंगा। हनुमान जी ने देखा कि संन्यासी के रूप में भरत श्रीराम जी का इंतजार कर रहे हैं। यह बातें हनुमान जी ने श्रीराम को बताईं, तब भगवान राम ने आकर प्रजा की भावनाओं का सम्मान करते हुए जिस व्यवस्था को आगे बढ़ाया, वह रामराज्य की आदर्श व्यवस्था थी। कहीं दरिद्रता-अव्यवस्था नहीं थी, हर जगह खुशहाली थी। भारत की परंपरा भी यह कहती है कि हम जिसकी पूजा करते हैं, उसके अनुरूप बनने का प्रयास करना चाहिए, उनके आदर्शों से प्रेरणा प्राप्त करनी चाहिए। सीएम का स्वागत समाजसेवी ट्रस्टी आदित्य सुल्तानिया ने किया। कार्यक्रम में अयोध्या के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, विधायक वेदप्रकाश गुप्त, विधायक रामचंद्र यादव, दिलीप सुल्तानिया, अजीतसरिया, विष्णु अजीत सरिया, चंद्रप्रकाश अग्रवाल, बिहारी लाल सर्राफ, मुरारीलाल अग्रवाल, सुनील कुमार, आशीष भिवानीवाला, प्रदीप लोहारीवाला, मधुर चिरानीवाल, दिनेश अग्रवाल, नीता सुल्तानिया, अरुण सुल्तानिया,नरेश पोद्दार सहित जानकी महल ट्रस्ट परिवार मौजूद रहे।
: ध्वंस की बरसी पर रामनगरी में हो रहा सृजन का महाउत्सव
Fri, Dec 6, 2024
ध्वंस की बरसी पर रामनगरी में हो रहा सृजन का महाउत्सव
आज रामनगरी में चहुंओर छाएगा राम विवाहोत्सव का उल्लास
रामनगरी सहित देश भर में राम विवाहो पर गूंजेगी शहनाई, आज निकलेगी भगवान राम की भव्य बारातअयोध्या। यूं तो प्रत्येक वर्ष अगहन शुक्ल पक्ष की विवाह पंचमी की तिथि पर राम विवाहोत्सव में आस्था फलक पर होती है लेकिन इस वर्ष रामलला के अपने दिव्य व भव्य धाम में विराजित होने के बाद पहला सीताराम विवाहोत्सव भव्यता व उत्सवधर्मिता के नए प्रतिमान गढ़ेगा।
इस वर्ष विवाह पंचमी की तिथि छह दिसंबर यानि आज को है। गत तीन दशक से छह दिसंबर को सुरक्षा की बेड़ियों में जकड़ी रहने वाली रामनगरी में इस बार शहनाई बज रही है। अयोध्यावासी अपने प्रभु के विवाहोत्सव में मग्न होकर आस्था और श्रद्धा निवेदित कर रहें है। धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर फिर से समृद्ध हो रहा है। राम विवाहोत्सव के रंग में रामनगरी सराबोर हो चुकी है। जैसे-जैसे मुख्य पर्व नजदीक आया है, वैसे-वैसे विवाह उत्सव का रंग और भी गाढ़ा हो गया। छह दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा ढहा दिया गया था। इस दिन की यादें पिछले 32 वर्ष से हर किसी के जेहन में ताजा हैं। विध्वंस की बरसी पर पिछले कई दशकों से गम और शौर्य दिवस मनाया जाता रहा है लेकिन यह पहला मौका है जब रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद विध्वंस की स्मृति को विसरा कर हर कोई अयोध्या में नए सृजन की बात कर रहा है। तीन दशक के लंबे सफर के बाद अब तस्वीर पूरी तरह से बदल चुकी है। पुण्य सलिला मां सरयू पूरी रौ में प्रवाहमान हैं तो अयोध्या विकास की नई राह पर निकल पड़ी है। नगरी के कनक भवन, दशरथ राज महल बड़ा स्थान, रंग महल, जानकी महल ट्रस्ट, हनुमान बाग, हनुमत निवास, बड़ा भक्त माल सहित दर्जनों मंदिरों में उत्सव का उल्लास छाया है। दशरथ महल के राममहल में शहनाई बजेगी। जानकी महल ट्रस्ट में बनारस से शहनाई वादकों को बुलाया गया है। तो चाट बनारस का,दूध कानपुर तो कलकत्ता की चाय टोस्ट का आनंद उठा रहें बाराती घराती।राम विवाहोत्सव की रौनक देखकर लगता है कि स्याह स्मृतियां भुला अयोध्या सृजन की राह चुन चुकी है। हनुमानगढ़ी से जुड़े संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास जी कहते हैं कि इससे पहले भी एक बार छह दिसंबर को विवाह पंचमी की तिथि पड़ी थी। यह संयोग है कि रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के बाद भी विवाह पंचमी की तिथि छह दिसंबर को पड़ी है। राम मंदिर निर्माण के बाद एक नए युग का सूत्रपात हुआ है। आनंदमय होकर अयोध्यावासी रामविवाहोत्सव को मना रहें।
: 16 करोड़ 70 लाख की लागत से अयोध्या में बनेगा एक और सर्किट हाउस
Tue, Dec 3, 2024
16 करोड़ 70 लाख की लागत से अयोध्या में बनेगा एक और सर्किट हाउसकौशल्या घाट के पास 25 सौ 20 स्क्वायर मीटर में बनकर तैयार होगा सर्किट हाउसआधुनिक सुविधाओं से युक्त सर्किट हाउस में होंगे 30 कमरेअयोध्या। रामनगरी में एक और सर्किट हाउस बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिये कौशल्या घाट के पास भूमि चिह्नित कर ली गई है। कुल 25 सौ 20 स्क्वायर मीटर में निर्माण प्रस्तावित किया गया है। देश विदेश से आने वाले वीआईपी के रुकने के लिए अभी यहां सिविल लाइन्स में बस अड्डे के निकट एक सर्किट हाउस का संचालन किया जा रहा है। भविष्य में वीआईपी की आमद को देखते हुए एक और सर्किट हाउस को बनाने का निर्णय लिया गया है।
सर्किट हाउस में सिर्फ शासन-प्रशासन के ही लोग रुकते हैं। इसलिए इसे मौजूद सर्किट हाउस से भव्य बनाया जाएगा। राम मंदिर मॉडल की तर्ज से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। जी प्लस 3 की बिल्डिंग होगी। इसमें 30 कमरे होंगे, प्लस में जिसमें दो वीआईपी रूम शामिल रहेगा। मॉड्यूलर किचन, डाइनिग हॉल, वॉल लाइटिंग, पार्किंग सुविधा और लग्जरी बाथरूम बनाये जाएंगे। लोक निर्माण विभाग सीडी-2 के अधिशाषी अभियंता उमेश चंद्र ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का सारा काम लगभग हो गया है। मीजरमेंट करा लिया गया है। 16 करोड़ 70 लाख की लागत से सर्किट हाउस का निर्माण कराया जाएगा। शासन से धन की स्वीकृति अभी बाकी है। आदेश आते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी।