: भारतीय शिक्षा बोर्ड के गठन का एलान
Sun, Aug 7, 2022
सीबीएसई बोर्ड की तरह नया बोर्ड दे सकेगा मान्यता
अयोध्या। भारतीय शिक्षण मंडल एवं संतो के प्रयास से भारत सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय ने भारतीय शिक्षा बोर्ड के गठन की मंजूरी दे दी बोर्ड के 7 सदस्यो वाली समिति में भारतीय शिक्षण मंडल के राष्ट्रीय संगठन मंत्री मुकुल कानितकर , राष्ट्रीय कथा वाचक मोरारी बापू , योग गुरु बाबा रामदेव, गोविंद देव गिरी, योगचार्य बालकृष्ण , श्री महावीर अग्रवाल , स्वामी मुक्ता नंद , पद्म श्री डा. पूनम सूरी , काशी हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक रहे पंडित मदन मोहन मालवीय के भतीजे गिरधर मालवीय , अवकाश प्राप्त आईएएस डा. नागेंद्र प्रसाद सिंह शामिल है।
इसके अतरिक्त 20 सदस्यी एक्जीकेटिव बोर्ड बनाया गया है। भारतीय शिक्षण मंडल के शैक्षिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सह प्रभारी डा. दिलीप सिंह ने बताया की देश भर में चल रहे करीब 11 हजार से अधिक गुरुकुल प्रबंध समिति के सामने यह संकट बना रहा की उनके यहा से पढ़े हुए विद्यार्थी बिना मान्य प्रमाण पत्र के कहा जायेंगे और उनकी शैक्षिक योग्यता को किस मानक की कसौटी पर तौला जायेगा , 2018 में भारतीय शिक्षण मंडल ने उज्जैन में विराट गुरुकुल सम्मेलन आयोजित किया था जिसमे लगभग 6 देशों के गुरुकुल प्रतिनिधि सहित भारत के अनेक विधा से चलने वाले गुरुकुलों ने भाग लिया था , सम्मेलन में पहुंचे तत्कालीन मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के समक्ष शिक्षण मंडल ने बोर्ड के गठन का प्रस्ताव दिया था। जिसकी घोषणा गत 5 अगस्त 2022 को भारत सरकार द्वारा की गई । इस बोर्ड से गुरुकुल शिक्षा पद्धति में अध्ययनरत विद्यार्थियों को हाई स्कूल व इंटर मीडियट की सीबीएससी के समकक्ष डिग्री को मान्यता मिलेगी, बोर्ड की गठन पर अयोध्या के अनेक गुरुकुलो में आज जश्न का माहौल रहा श्री गुरु वशिष्ठ गुरुकुल के संस्थापक संरक्षक श्री राम बल्लभा कुंज के अधिकारी राजकुमार दास, श्री हनुमत सदन के पीठाधीश्वर शिक्षा विद महंत मिथलेश नंदनी , जगतगुरु राम दिनेशाचार्य, गुरुकुल के कोष प्रमुख प्रो. आर के सिंह प्रधानाचार्य दुखहरण नाथ मिश्र , आचार्य सदाशिव तिवारी , आचार्य शिवेश पांडे सहित अनेक संतो महंतों व प्रबुद्ध जनों ने मानव संसाधन मंत्रालय के इस पहल का स्वागत करते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया एवं गुरुकुल के बच्चो को मिष्ठान खिला के खुशी व्यक्त की।
: वेदांती जी का पूरा जीवन रामलला और हिंदू जनमानस के लिए समर्पित रहा: डिप्टी सीएम
Sat, Aug 6, 2022
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने चांदी का मुकुट पहना कर नवनियुक्त महंत डा राघवेश दास का किया राजतिलक
अयोध्या। हिंदूधाम वशिष्ठपीठाधीश्वर पद पर विराजमान हुए वशिष्ठपीठाधीश्वर ब्रह्मर्षि रामविलास वेदांती के शिष्य डॉ राघवेश दास वेदांती। अयोध्या के संतो महंतों के साथ उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने राघवेश दास को कंठी चद्दर एवं तिलक दे कर के हिंदूधाम का महंत बनाया और उपमुख्यमंत्री ने चांदी का मुकुट पहना कर नवनियुक्त महंत डा राघवेश दास का किए राजतिलक और कहा कि मैं अयोध्या के सभी संतो के चरणों में दंडवत करते हुए यह आश्वासन देता हूं कि मैं अयोध्या के संतो महंतों और जनता के साथ हूं और उनका जो आदेश होगा उसका पालन होगा। उन्होंने कहा कि संतों के आशीर्वाद से ही हमें सरकार बनाने का मौका मिला है इसलिए संतो के आदेश का निरंतर पालन करत रहूंगा। उन्होंने कहा कि डॉ रामविलास वेदांती ने अपना पूरा जीवन रामलला और हिंदू जनमानस के लिए समर्पित कर दिया था जहां भी हिंदू जनमानस है। सभी लोग महाराज जी को आज भी जानते है। मैं आशा करता हूं की राघवेश दास भी उन्हीं के पद चिन्हों पर चलते हुए हिंदू जनमानस के लिए और सनातन धर्म के लिए निरंतर काम करते रहेंगे।
डॉ रामविलास वेदांती ने कहा कि यह वही हिंदूधाम है जिसका शिलान्यास अशोक सिंघल और गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ ने किया था। आज उपमुख्यमंत्री और संतों महंतों के बीच हिंदू धाम वशिष्ठ पीठाधीश्वर डा राघवेश दास को बनाया गया। महंत सत्येंद्र दास वेदांती ने सभी संतो महंतों का स्वागत सत्कार किया। महंताई समारोह में मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास रामवल्लभा कुंज के अधिकारी राजकुमार दास, श्री राम जन्मभूमि के पुजारी सत्येंद्र दास, जानकी घाट बड़ा स्थान के महंत जनमेजय शरण, बड़ा भक्तमाल के महंत अवधेश दास, रघुवंश संकल्प सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष दिलीप दास त्यागी, महंत धर्मदास, परशुराम दास, देवीपाटन के महंत विमलेनन्द नाथ, महंत जनार्दन दास, जगतगुरु रामदिनेशाचार्य, जगतगुरु डॉ राघवाचार्य, मंगल पीठाधीश्वर कृपालु राम भूषण दास, महंत हरिभजन दास, महंत जयराम दास, महंत राम कुमार दास, पूर्व केंद्रीय मंत्री शिव प्रताप शुक्ला, अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय, डिप्टी सीम बृजेश पाठक के करीबी युवा भाजपा नेता विशाल मिश्रा,श्री महंत परमहंस रामचंद्र दास सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष नारायण मिश्रा, महंत धीरेंद्र दास ट्रस्ट के सदस्य डॉ अनिल मिश्रा, आचार्य वरुण दास सहित सैकड़ों संतों महंतों ने हिंदूधाम पहुंचकर महंताई समारोह में सम्मिलित हुए।
: डा राघवाचार्य वाल्मिकी व्यास पुरस्कार से हुए सम्मानित
Thu, Aug 4, 2022
तुलसीदास जयंती पर मोरारी बापू ने रामलला सदन देवस्थान के पीठाधीश्वर जगद्गुरू रामानुजाचार्य डा राघवाचार्य महाराज को वाल्मिकी व्यास पुरस्कार से किया सम्मानित
अयोध्या। रामचरित मानस सहित अनेक ग्रंथों के रचयिता संत तुलसीदास जी के जन्मोत्सव के अवसर पर 1 से 4 अगस्त भावनगर जिले के कैलास गुरुकुल में प्रख्यात कथावाचक मोरारी बापू की उपस्थिति में वाल्मिकी व्यास और तुलसी पुरस्कार समारोह का आयोजिन किया गया। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी तुलसी उत्सव में 1 से 3 अगस्त तक देश भर के विभिन्न प्रांतों के गायकों और कहानियों के पाठकों के व्याख्यान हुआ। हर वर्ष तुलसीदास जी की जन्म तिथि श्रावण शुक्ल सप्तमी पर वाल्मिकी रामायण, महाभारत, गीता, पुराण, रामचरित मानस के साथ-साथ तुलसीदास जी के साहित्य की कथाएँ, गीत, व्याख्यान-अध्ययन और जीवन भर सेवा के उपलक्ष्य में देश- विदेश के प्रतिष्ठित वरिष्ठ व्यक्तियों के शोध-प्रकाशन के साथ इस पुरस्कार से शिक्षाविदों के अलावा अन्य संगठनों को भी सम्मानित किया गया।
गुरुवार को तीनों पुरस्कारों का प्रस्तुतिकरण समारोह हुआ। वरिष्ठ विद्वानों में वाल्मिकी पुरस्कार प्रख्यात कथावाचक रामलला सदन देवस्थान पीठाधीश्वर जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी डा राघवाचार्य जी महाराज को दिया गया साथ ही ये पुरस्कार
विजय शंकर देवशंकर पंड्या अहमदाबाद, स्व.रामानन्द सागर मुंबई और व्यास पुरस्कार प्रा. शरदभाई व्यास, आचार्य गोस्वामी मृदुल कृष्णजी महाराज वृंदावन के साथ-साथ तुलसी पुरस्कार रामबेन हरियानी जयपुर, मुरलीधरजी महाराज ओंकारेश्वर और महंत राम हृदयदासजी चित्रकूट धाम को वंदनापात्र से सम्मानित किया गया। सूत्रमाला, शॉल मोरारी बापू जी नगद राशि मानदेय देकर सम्मानित किये।